टोंक जिले के उनियारा क्षेत्र में शिक्षकों के तबादले और स्टाफ की कमी से नाराज छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शिवराजपुरा में तालाबंदी कर दी और स्कूल के बाहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 116 (NH-116) पर अवरोधक लगाकर चक्काजाम कर दिया। इस जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल, शिक्षा विभाग की हालिया ट्रांसफर प्रक्रिया के तहत शिवराजपुरा स्कूल के प्रधानाचार्य सहित 3 वरिष्ठ अध्यापकों का अन्य जगहों पर तबादला कर दिया गया था। इसके बाद से ही स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी हो गई और शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अध्यापकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई बाधित होने के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों में लंबे समय से गहरा असंतोष व्याप्त था, जो उग्र प्रदर्शन के रूप में सामने आया। हाईवे जाम होने की सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीओ) सीताराम मीणा और उनियारा थाने से सहायक उपनिरीक्षक (ASI) हेमराज पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच करीब आधे घंटे तक तीखी बहस और समझाइश का दौर चला। आखिरकार, सीबीओ सीताराम मीणा द्वारा स्कूल में जल्द से जल्द शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था करने का लिखित आश्वासन देने के बाद विद्यार्थी शांत हुए। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे से जाम हटाया जा सका, जिसके बाद यातायात सुचारू रूप से बहाल हुआ।
टोंक जिले के उनियारा क्षेत्र में शिक्षकों के तबादले और स्टाफ की कमी से नाराज छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शिवराजपुरा में तालाबंदी कर दी और स्कूल के बाहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 116 (NH-116) पर अवरोधक लगाकर चक्काजाम कर दिया। इस जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल, शिक्षा विभाग की हालिया ट्रांसफर प्रक्रिया के तहत शिवराजपुरा स्कूल के प्रधानाचार्य सहित 3 वरिष्ठ अध्यापकों का अन्य जगहों पर तबादला कर दिया गया था। इसके बाद से ही स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी हो गई और शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अध्यापकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई बाधित होने के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों में लंबे समय से गहरा असंतोष व्याप्त था, जो उग्र प्रदर्शन के रूप में सामने आया। हाईवे जाम होने की सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीओ) सीताराम मीणा और उनियारा थाने से सहायक उपनिरीक्षक (ASI) हेमराज पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच करीब आधे घंटे तक तीखी बहस और समझाइश का दौर चला। आखिरकार, सीबीओ सीताराम मीणा द्वारा स्कूल में जल्द से जल्द शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था करने का लिखित आश्वासन देने के बाद विद्यार्थी शांत हुए। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे से जाम हटाया जा सका, जिसके बाद यातायात सुचारू रूप से बहाल हुआ।
- टोंक जिले के उनियारा क्षेत्र में शिक्षकों के तबादले और स्टाफ की कमी से नाराज छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शिवराजपुरा में तालाबंदी कर दी और स्कूल के बाहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 116 (NH-116) पर अवरोधक लगाकर चक्काजाम कर दिया। इस जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल, शिक्षा विभाग की हालिया ट्रांसफर प्रक्रिया के तहत शिवराजपुरा स्कूल के प्रधानाचार्य सहित 3 वरिष्ठ अध्यापकों का अन्य जगहों पर तबादला कर दिया गया था। इसके बाद से ही स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी हो गई और शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अध्यापकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई बाधित होने के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों में लंबे समय से गहरा असंतोष व्याप्त था, जो उग्र प्रदर्शन के रूप में सामने आया। हाईवे जाम होने की सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीओ) सीताराम मीणा और उनियारा थाने से सहायक उपनिरीक्षक (ASI) हेमराज पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच करीब आधे घंटे तक तीखी बहस और समझाइश का दौर चला। आखिरकार, सीबीओ सीताराम मीणा द्वारा स्कूल में जल्द से जल्द शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था करने का लिखित आश्वासन देने के बाद विद्यार्थी शांत हुए। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे से जाम हटाया जा सका, जिसके बाद यातायात सुचारू रूप से बहाल हुआ।1
- Post by Ravishankar2
- राजस्थान के बूंदी जिले के नैनवा स्थित बाल निकेतन स्कूल में भामाशाहों के सहयोग से आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ किया गया है।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में ग्राम पंचायतों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले सुरक्षा गार्ड खुद गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पंचायत समिति क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में तैनात इन सुरक्षा गार्डों को पिछले 9 से 15 महीनों से मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनके सामने परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। इस समस्या को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्ड पंचायत समिति कार्यालय पहुंचे और विकास अधिकारी इंद्राज मीणा को ज्ञापन सौंपकर बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराने की मांग की। सुरक्षा गार्डों का आरोप है कि कई पंचायतों में बजट उपलब्ध होने के बावजूद उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है और अधिकारियों को बार-बार समस्या बताने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सुरक्षा गार्डों ने मांग की है कि उनके लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए और भविष्य में हर महीने नियमित रूप से वेतन जारी किया जाए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकला, तो वे जिला कलेक्टर से मिलकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे।1
- सवाईमाधोपुर के बामनवास अंतर्गत लिवाली गांव में एक अध्यापिका ने मात्र 500 रुपये के शक में समस्त छात्राओं को निर्वस्त्र कर दिया। यह घटना बामनवास क्षेत्र के लिवाली गांव की है, जहां अध्यापिका द्वारा इस कृत्य को अंजाम दिया गया।1
- सवाई माधोपुर में बनास नदी पर पुलिया का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। पुलिया का काम शुरू होने के साथ ही सवाई माधोपुर जाने वाला रास्ता भी पूरी तरह से चालू है। बनास नदी में पुलिया निर्माण का कार्य आरंभ होने के बाद भी इस मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप से जारी है।1
- एक ओर जहां टोंक में राज्य सरकार द्वारा जनता की समस्याओं के समाधान के लिए शहरी सेवा शिविर चलाकर बेहतर कार्य और अच्छी मॉनिटरिंग की जा रही है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्ट और अयोग्य ठेकेदारों के चलते सरकार की छवि धूमिल हो रही है। टोंक के बत्ती बरकती रोड पर ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा करीब 10 दिन पहले नाले की सफाई करवाई गई थी, लेकिन उसका मलबा अभी तक सड़क से नहीं उठाया गया है। सड़क पर मलबा पड़े रहने के कारण टोंक की जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और लोगों को कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे वे बेहद दुखी हैं। इन निरंकुश ठेकेदारों की इसी 'हिटलर नीति' और मनमानी के चलते जनता अत्यंत परेशान है। ऐसे में राज्य सरकार को इस मामले में उचित संज्ञान लेकर इन भ्रष्ट व अयोग्य ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।2
- धौलपुर में साइबर थाना अब नए पते पर स्थानांतरित हो गया है, जिससे ऑनलाइन ठगी के शिकार पीड़ितों को बड़ी राहत मिलेगी।1