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बारां जिले के आखाखेड़ी स्थित बालाजी योग केंद्र में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।
Jagdish Chandra Sharma
बारां जिले के आखाखेड़ी स्थित बालाजी योग केंद्र में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।
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- जयस के संस्थापक विक्रम दादा ने चेतर भाई वसवा जी के समर्थन में मंच पर मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर, विक्रम दादा ने यह उम्मीद जताई कि यदि विलेश भाई खराड़ी या कोई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता जेल जाता है, तो सभी को मिलकर एक साथ आवाज़ उठानी चाहिए।1
- गुना जिले के कुंभराज, मृगवास थाना क्षेत्र में सड़क किनारे मिले एक युवक के शव के मामले का गुना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस अंधे कत्ल का खुलासा हुआ। मृतक की पहचान ग्राम खजूरिया निवासी आजाद सिंह उर्फ नैना (28) पिता रंगलाल गुर्जर के रूप में हुई थी, जिसका शव 2 जुलाई को ग्राम बांसाहेड़ा स्थित फीडर के समीप सड़क किनारे मिला था। शव के गले में तौलिया लिपटा होने के कारण पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका व्यक्त की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी विश्लेषण और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ी। पूछताछ के दौरान पता चला कि मृतक एक स्थानीय कलारी पर काम करता था और घटना वाली रात उसका दो युवकों से विवाद हुआ था। पुलिस ने कलारी के बाहर हुए डिजिटल फोन-पे पेमेंट के आधार पर दोनों संदिग्ध युवकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि मृतक के पिता रंगलाल गुर्जर, जो गांव के चौकीदार हैं, ने उनकी रेंज भूमि पर अवैध खेती किए जाने की सूचना वन विभाग को दी थी, जिससे वे उस भूमि पर खेती और मक्के की बोवनी नहीं कर पाए। इसी रंजिश के चलते घटना वाले दिन कलारी के बाहर कहासुनी हुई और बाद में दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से तौलिये से गला घोंटकर आजाद सिंह की हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गले पर दबाव डालने से श्वासावरोध के कारण मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मृगवास थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 76/2026 में धारा 103(1) एवं 3(5) बीएनएस के तहत ग्राम बांसाहेड़ा कला निवासी रामप्रसाद लोधा (34) एवं वीरम लोधा (32) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है और आरोपियों से घटनास्थल पर वारदात का पुनर्निर्माण भी कराया गया है। इस कार्रवाई में मृगवास थाना पुलिस, कुम्भराज, चांचौड़ा, बीनागंज, सानई और बांसाहेड़ा चौकी के पुलिस अधिकारियों के साथ साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हमीरपुर में पिछले दो से तीन वर्षों से लगातार हो रही भैंस चोरी की घटनाओं से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। सोमवार को गांव के करीब 90 से 100 ग्रामीण फतेहगढ़ थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन सौंपकर भैंस चोरों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई और विशेष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में एक अज्ञात व्यक्ति सुनियोजित तरीके से इन चोरियों को अंजाम दे रहा है, जिससे उनकी नींद हराम हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो से तीन वर्षों में गांव और आसपास के इलाकों से लगभग 70 से 80 भैंसें चोरी हो चुकी हैं। पशुपालकों का दावा है कि चोरी की गई इन भैंसों को राजस्थान में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने कई बार संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका यह भी आरोप है कि जिस व्यक्ति पर उन्हें संदेह है, वह हथियार लेकर चलता है, जिससे ग्रामीण अपनी सुरक्षा के डर से उसका सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। लगातार हो रही इन चोरी की घटनाओं के कारण पूरे गांव में दहशत का माहौल है। पशुपालकों को अब रातभर जागकर अपने पशुओं की रखवाली करनी पड़ रही है, फिर भी उन्हें हर रात चोरी का डर सताता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो पशुपालन करना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने थाना प्रभारी से मामले की गंभीरता से जांच करने, चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने और गांव व आसपास के क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लगाई जा सके। पुलिस ने ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। अब हमीरपुर के ग्रामीण पुलिस कार्रवाई पर टकटकी लगाए बैठे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो पशुपालकों को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा और गांव में असुरक्षा का माहौल और भी गहरा जाएगा, जिससे उनकी रोजी-रोटी उजड़ जाएगी।2
- शनिवार सुबह शाहाबाद उपखण्ड के समरानियां कस्बे में रातई रोड पर स्थित एक पानी की टंकी पर एक महिला घंटों तक बैठी रही। शुरुआत में महिला ऊपर से कूदने की बात कहती रही, जिससे लोगों का ध्यान गया और धीरे-धीरे ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद चौकी प्रभारी लाल बहादुर, कांस्टेबल मुकेश और नायब तहसीलदार मोहन लाल पंकज मौके पर पहुंचे। कांस्टेबल मुकेश और ग्रामीण अशोक हिम्मत दिखाकर टंकी पर चढ़े। उन्होंने महिला से पूछताछ की और उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। समय रहते पुलिस और ग्रामीणों के इस प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि महिला ऊपर से कूद भी सकती थी।4
- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) झालावाड़ ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी विक्रम रैगर और विभागीय वाहन चालक फिरोज को ₹15 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। एसीबी झालावाड़ के पुलिस निरीक्षक साजिद खान ने बताया कि दोनों आरोपियों पर वन विभाग से संबंधित गाड़ियों को अनुमति और पास दिलाने के बदले परिवहन कर्ताओं से मासिक बंधी के रूप में रिश्वत मांगने का आरोप था। रायपुर के एक व्यापारी ने इस संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से शिकायत की थी, जिसके सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। झालावाड़ के मामा भांजा स्थित वन विभाग के रेंजर कार्यालय में शिकायतकर्ता ने आरोपियों को ₹15 हजार की रिश्वत दी, जिसके तुरंत बाद पहले से मौके पर मौजूद एसीबी टीम ने दोनों को दबोच लिया। एसीबी झालावाड़ की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत ने इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई है। एसीबी अब इस मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संभावित भूमिका के साथ-साथ आरोपियों की आय से अधिक संपत्ति और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि रिश्वतखोरी के मामलों में किसी भी स्तर पर लिप्त पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। एसीबी जल्द ही आरोपियों को न्यायालय में पेश करेगी।4
- बारां जिले के आखाखेड़ी स्थित बालाजी योग केंद्र में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- छतरपुर के सिविल लाइन थाने में पदस्थ एसआई मथुरा प्रसाद जी के सुपुत्र की बीते दिनों हुए एक दुखद सड़क हादसे में मृत्यु हो गई। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आज सिविल लाइन थाना छतरपुर पहुंचे पीड़ित परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, थाना प्रभारी द्वारा पिछले दो-तीन घंटों से लगातार एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए, "जयस टीम" से जल्द से जल्द सिविल लाइन थाने में उपस्थित होने का कष्ट करने की अपील की गई है, क्योंकि "आपका सहयोग ही हमारी ताकत है।" इस स्थिति को लेकर "उलगुलान जिंदाबाद" का नारा भी बुलंद किया गया है।1
- सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुना यातायात पुलिस ने शनिवार को बजरंगगढ़ बायपास पर एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान शहर में प्रवेश करने वाले भारी मालवाहक वाहनों के चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से गहन जांच की गई, ताकि कोई भी चालक शराब या अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाकर शहर में प्रवेश न कर सके। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन तथा डीएसपी यातायात मुकेश कुमार दीक्षित के पर्यवेक्षण में यातायात प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया गया। दरअसल, कुछ माह पूर्व इसी बायपास मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों से कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने इस मार्ग पर सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। बाद में व्यापारियों और परिवहन व्यवसायियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, व्यवस्था में संशोधन कर प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक भारी वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति दी गई। शनिवार को इसी निर्धारित समय के दौरान लगभग 15 से 20 ट्रकों और अन्य भारी मालवाहक वाहनों के चालकों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच की गई। राहत की बात यह रही कि जांच में सभी चालक सामान्य पाए गए और कोई भी चालक शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाते हुए नहीं मिला। अभियान के दौरान, यातायात पुलिस ने शहर की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जगत तिराहा क्षेत्र में सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े चार पहिया वाहनों पर भी कार्रवाई की। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों में व्हील लॉक लगाए गए और मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए वाहन चालकों को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की सख्त समझाइश दी गई। गुना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वाहन चलाते समय किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन न करें, यातायात नियमों का पालन करें तथा अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े करें। पुलिस ने जोर देकर कहा कि नागरिकों की जिम्मेदारी और सतर्कता ही सुरक्षित, सुगम एवं दुर्घटना-मुक्त यातायात व्यवस्था की सबसे मजबूत आधारशिला है।1
- झालावाड़ शहर में आरटीओ कार्यालय के पास स्थित खंडिया कॉलोनी और अंबेडकर कॉलोनी की सड़कें लंबे समय से बेहद खराब स्थिति में हैं। सड़कें जगह-जगह से खुदी हुई हैं और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आमजन को रोजमर्रा में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भरने से सड़क की वास्तविक स्थिति अदृश्य हो जाती है, जिससे लगातार दुर्घटनाओं का जोखिम बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य कई महीनों से अधूरा पड़ा है। कई स्थानों पर सड़क को खोदने के बाद उसकी मरम्मत नहीं की गई है, जबकि अंबेडकर कॉलोनी में कई जगह केवल एक तरफ की सड़क बनाकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है। इससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को अत्यधिक परेशानी हो रही है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से कई वाहन चालक अपना संतुलन खोकर गिर चुके हैं। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा नहीं कराया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने कई बार संबंधित विभाग को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इन कॉलोनियों के निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत कर निर्माण कार्य पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और बारिश के मौसम में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।1