जिले के अन्तरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में अवस्थित गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों पर सघन निगरानी रखी जा रही है सुपौल जिले के अन्तरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में अवस्थित गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों पर सघन निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती देश से पेट्रोल-डीजल के मूल्य में सापेक्षिक असमानता एवं वहीं ईंधन की कमी को लेकर सीमावर्ती क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर जिला प्रशासन पुरी तरह सतर्क है। सुपौल जिले के कुल 51 गैस एजेंसियों के पास लगभग 11494 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है, और आज 8174 अतिरिक्त LPG गैस सिलेंडर प्राप्त होने की संभावना है। कल दिनांक 16.04.2026 को लगभग 2921 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। अभी तक 24568 उपभोक्ता को बुकिंग की गैस आपूर्ति की जानी है। जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 44 गैस एजेंसियों पर अभी LPG गैस सिलेंडर उपलब्ध है, शेष सात कोशी इण्डेन ग्रामीण वितरक, मुरली इण्डेन ग्रामीण वितरक, सिमरी इण्डेन ग्रामीण वितरक, रॉय भारत गैस ग्रामीण वितरक, उषा जगरनाथ एच०पी० गैस ग्रामीण वितरक, सुमित्रा एच०पी० गैस ग्रामीण वितरक एवं इंजिनियर एच०पी० गैस ग्रामीण वितरक पर शीघ्र ही गैस की आपूर्ति किये जाने की संभावना है। आज अभी तक कुल 51 LPG एजेन्सी में से 23 की जाँच की गई है। 28 अन्य होटलों/प्रतिष्ठानों पर LPG गैस सिलेण्डरों के प्रयोग की जाँच हेतु छापेमारी की गई है। जिले में LPG की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है। वैवाहिक कार्यक्रमों एवं वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के नियमित उपभोक्ताओं को उपलब्धता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। गैस कम्पनियों द्वारा अस्पताल एवं सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन LPG गैस सिलेंडरों की ससमय उपलब्धता हेतु गैस वितरक कम्पनियों से लगातार सपर्क में है। उपभोक्तागण अपनी समस्या के समाधान हेतु गैस कंपनी के Common Emergency Helpline Toll Free Number (24X7)-1906, IOCL के Toll Free Number-1800-2333-555, BPCL के Toll Free Number-1800-22 4344 एवं HPCL के Toll Free Number-1800-2333-555 पर सम्पर्क कर सकते हैं। पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण हो रहा है। 6 पेट्रोल पम्पों की जाँच की गई है। तेल कम्पनियों से समन्यय स्थापित करके लगातार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय, सुपौल में घरेलु LPG गैस सिलेंडरों के उठाव-वितरण के निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। आज दिनांक 17.04.2026 को जिला नियंत्रण कक्ष में 3 शिकायतें / जानकारी प्राप्त करने हेतु कॉल प्राप्त हुआ है। सभी संबंधितों के शिकायतों का निष्पादन करा दिया गया है। अभी तक घरेलु गैस के याणिज्यिक प्रयोग/ कालाबाजारी के आरोप में जिला अन्तर्गत तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चूकी है। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का निर्वाध उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और निर्वाध ईंधन एवं LPG गैस की आपूर्ति को सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए, कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने एवं वैवाहिक कार्य हेतु वाणिज्यिक LPG की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन, सुपौल पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन सभी लोगों से अनुरोध करता है कि आवश्यक वस्तुओं, LPG गैस, पेट्रोल की कोई कमी नहीं है।
जिले के अन्तरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में अवस्थित गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों पर सघन निगरानी रखी जा रही है सुपौल जिले के अन्तरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में अवस्थित गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों पर सघन निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती देश से पेट्रोल-डीजल के मूल्य में सापेक्षिक असमानता एवं वहीं ईंधन की कमी को लेकर सीमावर्ती क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर जिला प्रशासन पुरी तरह सतर्क है। सुपौल जिले के कुल 51 गैस एजेंसियों के पास लगभग 11494 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है, और आज 8174 अतिरिक्त LPG गैस सिलेंडर प्राप्त होने की संभावना है। कल दिनांक 16.04.2026 को लगभग 2921 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। अभी तक 24568 उपभोक्ता को बुकिंग की गैस आपूर्ति की जानी है। जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 44 गैस एजेंसियों पर अभी LPG गैस सिलेंडर उपलब्ध है, शेष सात कोशी इण्डेन ग्रामीण वितरक, मुरली इण्डेन ग्रामीण वितरक, सिमरी इण्डेन ग्रामीण वितरक, रॉय भारत गैस ग्रामीण वितरक, उषा जगरनाथ एच०पी० गैस ग्रामीण वितरक, सुमित्रा एच०पी० गैस ग्रामीण वितरक एवं इंजिनियर एच०पी० गैस ग्रामीण वितरक पर शीघ्र ही गैस की आपूर्ति किये जाने की संभावना है। आज अभी तक कुल 51 LPG एजेन्सी में से 23 की जाँच की गई है। 28 अन्य होटलों/प्रतिष्ठानों पर LPG गैस सिलेण्डरों के प्रयोग की जाँच हेतु छापेमारी की गई है। जिले में LPG की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है। वैवाहिक कार्यक्रमों एवं वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के नियमित उपभोक्ताओं को उपलब्धता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। गैस कम्पनियों
द्वारा अस्पताल एवं सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन LPG गैस सिलेंडरों की ससमय उपलब्धता हेतु गैस वितरक कम्पनियों से लगातार सपर्क में है। उपभोक्तागण अपनी समस्या के समाधान हेतु गैस कंपनी के Common Emergency Helpline Toll Free Number (24X7)-1906, IOCL के Toll Free Number-1800-2333-555, BPCL के Toll Free Number-1800-22 4344 एवं HPCL के Toll Free Number-1800-2333-555 पर सम्पर्क कर सकते हैं। पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण हो रहा है। 6 पेट्रोल पम्पों की जाँच की गई है। तेल कम्पनियों से समन्यय स्थापित करके लगातार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय, सुपौल में घरेलु LPG गैस सिलेंडरों के उठाव-वितरण के निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। आज दिनांक 17.04.2026 को जिला नियंत्रण कक्ष में 3 शिकायतें / जानकारी प्राप्त करने हेतु कॉल प्राप्त हुआ है। सभी संबंधितों के शिकायतों का निष्पादन करा दिया गया है। अभी तक घरेलु गैस के याणिज्यिक प्रयोग/ कालाबाजारी के आरोप में जिला अन्तर्गत तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चूकी है। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का निर्वाध उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और निर्वाध ईंधन एवं LPG गैस की आपूर्ति को सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए, कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने एवं वैवाहिक कार्य हेतु वाणिज्यिक LPG की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन, सुपौल पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन सभी लोगों से अनुरोध करता है कि आवश्यक वस्तुओं, LPG गैस, पेट्रोल की कोई कमी नहीं है।
- नौहट्टा महिषी विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. गौतम कृष्णा ने आज नौहट्टा का दौरा कर राजद के कार्यकारी प्रखंड अध्यक्ष मो. मकसूद खान के आवास पर पहुंचे। विधायक ने मो. मकसूद खान के पूज्य पिताजी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। भावपूर्ण श्रद्धांजलि: विधायक ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि पिता का साया उठना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।शोक संतप्त परिवार के बीच बैठकर विधायक ने काफी समय बिताया और इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की हिम्मत दी। विधायक डॉ. गौतम कृष्णा ने कहा, "कार्यकर्ता और उनके परिवार का दुःख मेरा अपना दुःख है। मो. मकसूद खान जी के परिवार के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।" इस मौके पर विधायक के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और राजद के कई सक्रिय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- Post by PP News Koshi1
- Post by Mankhush kumar1
- प्रेस विज्ञप्ति----आज दिनांक 16.04.2026 को भारतीय एकलव्य सेना बिहार के माननीय प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री अविनाश कुमार उर्फ अशोक सहनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भारतीय एकलव्य सेना के मधुबनी जिला के लौकही प्रखंड के बगेबा ग्राम निवासी एवं प्रसिध्द समाजसेवी श्री राम चन्द्र मुखिया जी को भारतीय एकलव्य सेना के मधुबनी जिला का जिला महामंत्री मनोनीत किया है I उनके मनोनयन से मधुबनी जिला के मल्लाह समाज में काफी प्रसन्नता का माहौल है I उनके मनोनयन पर उनको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देने वालों में संगठन के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनय कुमार निषाद जी, भारतीय एकलव्य सेना के मधुबनी जिला अध्यक्ष श्री सज्जन मुखिया जी, सुरेश मुखिया जी, प्रदीप कुमार सहनी जी आदि पदाधिकारी शामिल हैं I1
- मधेपुरा शहर के समाहरणालय, व्यवहार न्यायालय, निबंधन कार्यालय और नगर परिषद जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम और बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। यातायात विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी बाइक और अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नगर परिषद द्वारा इन इलाकों में न्यूनतम शुल्क पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है, इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे न सिर्फ जाम की समस्या बढ़ती है, बल्कि बाइक चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा ने बताया कि पहले ऐसे मामलों में केवल चालान काटा जा रहा था, लेकिन अब सख्ती बढ़ा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्किंग व्यवस्था होने के बावजूद सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वालों के वाहनों को अब टोइंग वैन के जरिए सीधे डंपिंग यार्ड ले जाया जाएगा और उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। जिला प्रशासन ने शहर के सभी वाहन चालकों से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने से जाम और चोरी जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। जिम्मेदार नागरिक बनें, नियमों का पालन करें और प्रशासन के अभियान में सहयोग करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बाइट - चेतनानंद झा, ट्रैफिक डीएसपी, मधेपुरा4
- Post by Avinash Kumar1
- shamshad Ansa1
- नौहट्टा सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं ज़मीनी हकीकत इसके ठीक उलट है।नौहट्टा में मरीजों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। डॉक्टर नदारद, तड़प रहे मरीज अस्पताल परिसर से वायरल हुए एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ओपीडी और वार्डों से डॉक्टर गायब हैं। अस्पताल में भारी संख्या में मरीज अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं, जिनमें बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं। घंटों इंतज़ार करने के बाद भी जब कोई डॉक्टर नहीं पहुँचा, तो मरीजों और उनके परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। गार्ड की बदतमीजी ने बढ़ाया गुस्सा हैरानी की बात यह है कि जब एक जागरूक नागरिक ने इस अव्यवस्था पर सवाल उठाया और वीडियो बनाना शुरू किया, तो ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड (J.S.I.S. Security) ने अपनी गलती मानने के बजाय बदतमीजी शुरू कर दी। वीडियो में गार्ड को फ़ोन पर किसी को बुलाने की धमकी देते और रौब झाड़ते देखा जा सकता है। गार्ड का यह रवैया साफ़ दर्शाता है कि उसे प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड खुद मरीजों के लिए सिरदर्द बन गया है। मुख्य बिंदु:डॉक्टरों की अनुपस्थिति: ड्यूटी के समय भी डॉक्टर अपनी कुर्सियों से गायब। मरीजों की बेबसी: दूर-दराज से आए मरीज बिना इलाज के घंटों बैठने को मजबूर। सुरक्षाकर्मी का दुर्व्यवहार: जे.एस.आई.एस. (J.S.I.S.) सिक्योरिटी के गार्ड द्वारा मरीजों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग। प्रशासनिक ढुलमुल रवैया: अस्पताल में कोई भी ज़िम्मेदार अधिकारी शिकायतों को सुनने के लिए मौजूद नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इस अस्पताल की रोज़ की कहानी है। यहाँ आने वाले मरीजों को इलाज मिले न मिले, लेकिन कर्मचारियों की बदतमीजी ज़रूर झेलनी पड़ती है। क्या अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस गुंडागर्दी और लापरवाही पर कोई ठोस कदम उठाएगा? या फिर इसी तरह गरीब मरीज व्यवस्था के आगे दम तोड़ते रहेंगे?1