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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित दादर पुल की हालत बेहद जर्जर है, लेकिन इसके बावजूद पुल से भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। पुल की खराब स्थिति को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और गार्टर भी लगाए गए थे, ताकि भारी वाहनों को रोका जा सके।
RITIK RAJPUT
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित दादर पुल की हालत बेहद जर्जर है, लेकिन इसके बावजूद पुल से भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। पुल की खराब स्थिति को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और गार्टर भी लगाए गए थे, ताकि भारी वाहनों को रोका जा सके।
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- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित दादर पुल की हालत बेहद जर्जर है, लेकिन इसके बावजूद पुल से भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। पुल की खराब स्थिति को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और गार्टर भी लगाए गए थे, ताकि भारी वाहनों को रोका जा सके।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कटरा में सिस्टम की लापरवाही के कारण जनता को भारी तबाही का सामना करना पड़ रहा है। यूट्यूबर और सोशल मीडिया क्रिएटर रंजीत जलवंशी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में जमीनी हकीकत और सच्चाई की पूरी तस्वीर दिखाई गई है, जो इस समस्या को उजागर करती है।1
- बिहार के भोजपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक ने एक थानेदार पर पिस्टल तान दी। इस घटना के बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने युवक का एनकाउंटर कर दिया। एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल हुए युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है।1
- kya is ladki ko insaf milega apni ray comment box me jarur bataye1
- यह पोस्ट भारत के महान क्रांतिकारियों महात्मा भगत सिंह, महात्मा राम प्रसाद बिस्मिल, महात्मा चंद्रशेखर आजाद और महात्मा सचिंद्र नाथ सान्याल को 'राइट टू रिकॉल' के संदर्भ में उल्लेख करती है। इन सभी हस्तियों को राष्ट्र के लिए उनके योगदान के लिए 'महात्मा' कहकर संबोधित किया गया है।1
- मुजफ्फरपुर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस घटना के बाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एसकेएमसीएच (SKMCH) अस्पताल पहुंचे हैं, जहाँ भर्ती किए गए अपराधियों को देखने के लिए वे वहाँ मौजूद हैं।1
- बिहार के भोजपुर जिले के आरा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस टीम भरत तिवारी नामक एक बदमाश को गिरफ्तार करने पहुंची थी, जिस पर सोशल मीडिया में अवैध हथियार दिखाने और एसडीएम को एनकाउंटर की धमकी देने का आरोप है। हालांकि, गिरफ्तारी के बजाय, आरोपी भरत तिवारी ने थानेदार के सीने पर पिस्टल तान दी और खुलेआम धमकी देने लगा कि अगर कोई आगे बढ़ा तो वह गोली मार देगा। आरोप के अनुसार, यह स्थिति एक या पांच नहीं, बल्कि पूरे 20 मिनट तक बनी रही, जिसमें बदमाश पुलिस के सामने दबंगई दिखाता रहा। हैरानी की बात यह है कि मौके पर दर्जनभर से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद न तो आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका और न ही उसके पास से हथियार बरामद किया गया। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि अगर पुलिस खुद सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा। पुलिस ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है, और किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए पुलिस ने संयम बरता। हालांकि, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर आरोपी मानसिक रूप से बीमार था, तो उसके हाथ में पिस्टल कैसे आई, और यदि वह इतना खतरनाक था कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा। भोजपुर की यह घटना अब पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन चुकी है।1
- मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के मिठन सराय गाँव में एक आंगनबाड़ी सेविका पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर थाने में एक आवेदन दिया गया है।1