"डुबोने में जो मज़ा है, पकड़ने में कहाँ..." ट्रंप का विवादित बयान, ईरानी युद्धपोत पर हमले में 87 मारे गए 10 मार्च 2026 – अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बीच ईरानी नौसेना को भारी नुकसान पहुँचा है। हाल ही में भारतीय महासागर में श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमला किया, जिसमें कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए और 32 को बचाया गया। यह हमला द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी दुश्मन जहाज पर पनडुब्बी से टॉरपीडो हमले का पहला बड़ा मामला माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने रिपब्लिकन लॉमेकर्स से बातचीत में कहा कि जब उन्होंने अमेरिकी सेना से पूछा कि जहाज को क्यों डुबोया गया, न कि पकड़ा गया (जिसे इस्तेमाल किया जा सकता था), तो जवाब मिला – "It's more fun to sink them" (डुबोने में ज़्यादा मज़ा है)। ट्रंप ने कहा, "वे डुबोने को ज़्यादा पसंद करते हैं। वे कहते हैं कि यह सुरक्षित भी है। मुझे लगता है कि यह सच है। डुबोने में जो मज़ा है, पकड़ने में कहाँ..." ट्रंप ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में अमेरिका ने 46 ईरानी जहाज डुबो दिए हैं, और ईरानी नौसेना को लगभग पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है। उन्होंने इसे युद्ध की सफलता बताया, लेकिन उनका यह हल्का-फुल्का अंदाज़ दुनिया भर में आलोचना का विषय बन गया है। कई लोग इसे मानवता के खिलाफ बता रहे हैं, खासकर जब 87 निर्दोष नाविकों की मौत हुई हो। ईरान ने इस हमले को "समुद्र में अत्याचार" करार दिया है और अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह इसकी "कड़ी कीमत" चुकाएगा। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि अमेरिका इस पूर्व उदाहरण पर "कड़वाहट से पछताएगा"। ट्रंप का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहाँ लोग इसे क्रूरता और असंवेदनशीलता का प्रतीक बता रहे हैं। क्या यह बयान युद्ध की गंभीरता को कमज़ोर करता है या ट्रंप की "स्ट्रॉन्गमैन" इमेज को मज़बूत? दुनिया की नज़रें अब आगे के घटनाक्रम पर टिकी हैं। स्वतंत्र न्यूज़ शॉर्ट – मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ! (स्रोत: विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स, ट्रंप के हालिया बयान) #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
"डुबोने में जो मज़ा है, पकड़ने में कहाँ..." ट्रंप का विवादित बयान, ईरानी युद्धपोत पर हमले में 87 मारे गए 10 मार्च 2026 – अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बीच ईरानी नौसेना को भारी नुकसान पहुँचा है। हाल ही में भारतीय महासागर में श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमला किया, जिसमें कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए और 32 को बचाया गया। यह हमला द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी दुश्मन जहाज पर पनडुब्बी से टॉरपीडो हमले का पहला बड़ा मामला माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने रिपब्लिकन लॉमेकर्स से बातचीत में कहा कि जब उन्होंने अमेरिकी सेना से पूछा कि जहाज को क्यों डुबोया गया, न कि पकड़ा गया (जिसे इस्तेमाल किया जा सकता था), तो जवाब मिला – "It's more fun to sink them" (डुबोने में ज़्यादा मज़ा है)। ट्रंप ने कहा, "वे डुबोने को ज़्यादा पसंद करते हैं। वे कहते हैं कि यह सुरक्षित भी है। मुझे लगता है कि यह सच है। डुबोने में जो मज़ा है, पकड़ने में कहाँ..." ट्रंप ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में अमेरिका ने 46 ईरानी जहाज डुबो दिए हैं, और ईरानी नौसेना को लगभग पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है। उन्होंने इसे युद्ध की सफलता बताया, लेकिन उनका यह हल्का-फुल्का अंदाज़ दुनिया भर में आलोचना का विषय बन गया है। कई लोग इसे मानवता के खिलाफ बता रहे हैं, खासकर जब 87 निर्दोष नाविकों की मौत हुई हो। ईरान ने इस हमले को "समुद्र में अत्याचार" करार दिया है और अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह इसकी "कड़ी कीमत" चुकाएगा। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि अमेरिका इस पूर्व उदाहरण पर "कड़वाहट से पछताएगा"। ट्रंप का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहाँ लोग इसे क्रूरता और असंवेदनशीलता का प्रतीक बता रहे हैं। क्या यह बयान युद्ध की गंभीरता को कमज़ोर करता है या ट्रंप की "स्ट्रॉन्गमैन" इमेज को मज़बूत? दुनिया की नज़रें अब आगे के घटनाक्रम पर टिकी हैं। स्वतंत्र न्यूज़ शॉर्ट – मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ! (स्रोत: विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स, ट्रंप के हालिया बयान) #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
- Post by पी.एन.पाठक1
- बहराइच | पुलिस अधीक्षक बहराइच द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के सम्बन्ध में चलाये जा रहे सघन चेकिंग अभियान के सम्बन्ध में दिये गये निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी व क्षेत्राधिकारी मिहीपुरवा प्रद्युमन सिंह के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियो की रोकथाम जुर्म जरायम को रोकने हेतु थानाध्यक्ष आनन्द कुमार चौरसिया के कुशल नेतृत्व में गठित टीम द्वारा दिनांक 09.03.2026 को थाना क्षेत्र भारत नेपाल बार्डर पर पिलर सं0 पिलर सं0 663/01 वहद ग्राम बलईगांव के पास चेकिंग के दौरान 02 अभियुक्त 1. अमन सिंह उर्फ मानू पुत्र दीपू सिंह निवासी मो0 काजीपुरा उत्तरी थाना को0 नगर जनपद बहराइच उम्र 26 वर्ष 2. अर्श खान उर्फ अयान पुत्र मोहम्मद वसीम निवासी मो0 नाजिरपुरा थाना को0 नगर जनपद बहराइच उम्र 21 वर्ष को 14 ग्राम स्मैक, 16 ग्राम स्मैक (कुल 30 ग्राम स्मैक) व एक अदद पैशन प्रो0 मोटर साईकिल UP 40 AB 0279 के साथ गिरफ्तार कर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 83/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट पंजीकृत कर अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। उल्लेखनीय है कि उ0नि0 अनिल यादव मय हमराह हे0का0 विक्रान्त बालियान व एसएसबी बल के साथ देखभाल क्षेत्र, चेकिंग वाहन /संदिग्ध व्यक्ति रोकथाम जुर्म जरायम रोकथाम तस्करी हेतु क्षेत्र मे मामूर था दौरान चेकिंग अभियुक्त 1. अमन सिंह उर्फ मानू पुत्र दीपू सिंह निवासी मो0 काजीपुरा उत्तरी थाना को0 नगर जनपद बहराइच उम्र 26 वर्ष 2. अर्श खान उर्फ अयान पुत्र मोहम्मद वसीम निवासी मो0 नाजिरपुरा थाना को0 नगर जनपद बहराइच उम्र 21 वर्ष को 14 ग्राम स्मैक, 16 ग्राम स्मैक (कुल 30 ग्राम स्मैक) व व एक अदद पैशन प्रो0 मोटर साईकिल UP 40 AB 0279 के के साथ गिरफ्तार किया गया गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर थाना स्थानीय पर मुकदमा पंजीकृत कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा गया । गिरफ्तारी टीमः- 1. थानाध्यक्ष श्री आनन्द कुमार चौरसिया 2. उ0नि0 श्री अनिल यादव 3. हे0का0 विक्रान्त बालियान एवं एसएसबी बल2
- विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कारण निर्माण करने पर 14 लोगों को नोटिस जारी अवैध प्लेटों के खिलाफ कार्यवाही की तैयारी बहराइच। शहर के विनियमित क्षेत्र में अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अब कार्यवाही की तैयारी शुरू कर दी है। नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि अवैध प्लाटिंग करने वाले अवैध प्लटरों के खिलाफ विधि कार्यवाही अमल में लाई जाएगी साथ ही उन्होंने बताया कि विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कारण अवैध रूप से निर्माण कार्य कर रहे 14 लोगों को नोटिस जारी की गई है और यह कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी।1
- स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़ा बिजली बिल, शिकायतों के बाद भी नही हुआ निस्तारण इकौना/श्रावस्ती।क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि पहले की तुलना में अब बिजली बिल काफी अधिक आ रहा है, जिससे आम उपभोक्ता आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं।कस्बा इकौना के मोहल्ला तिलक नगर निवासी सलमान पुत्र मोहम्मद उमर ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके घर का बिजली बिल अचानक काफी बढ़ गया है। उन्होंने इस संबंध में विभाग के विभिन्न कार्यालयों में कई बार शिकायत भी की, लेकिन अब तक समस्या का कोई संतोषजनक समाधान नहीं हो सका है।पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है, जिससे वे इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। वहीं अन्य उपभोक्ताओं का भी कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल में बढ़ोतरी की समस्या कई घरों में देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं की समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
- Post by Mohd Aamir1
- Post by सकील अहमद1
- सड़क किनारे लघुशंका करते समय करंट की चपेट में आया युवक बहराइच के नानपारा इलाके में एक युवक करंट की चपेट में आकर झुलस गया। 22 वर्षीय छुट्टन कुरैशी सड़क किनारे लघुशंका कर रहे थे, तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बहराइच मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल युवक बकरा के कारोबार से जुड़े हैं और नानपारा नई बस्ती देहाती के निवासी हैं। उनके भाई सद्दाम कुरैशी ने बताया कि अचानक हुए हादसे से परिवार में हड़कंप मच गया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायल युवक के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।3
- मिहींपुरवा CHC विवाद: महिला कर्मचारियों के आरोप, वीडियो वायरल और राजनीति की एंट्री मिहींपुरवा बहराइच। मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। महिला कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, अधीक्षक पर लगे गंभीर आरोप और जांच पर उठते सवालों के बीच अब इस पूरे विवाद में राजनीति की भी एंट्री होती दिख रही है। महिला कर्मचारियों का धरना, अधीक्षक पर गंभीर आरोप कुछ दिन पहले एएनएम, आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में उग्र धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अधीक्षक डॉ. थानेदार ने एक महिला एएनएम के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया। आरोप यह भी है कि कथित तौर पर आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए और बाद में दबाव बनाकर उनसे सिग्नेचर कराने की कोशिश की गई। धरने में शामिल महिलाओं का कहना था कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में कहा गया —“सिग्नेचर कर दो, नहीं भी करोगी तो मेरा कुछ नहीं होगा।” वीडियो भी चर्चा में इस पूरे विवाद के बीच एक वीडियो भी सामने आने की चर्चा है, जिसमें बताया जा रहा है कि डॉ. थानेदार महिला कर्मचारियों से आक्रोशित और तीखे शब्दों में बात करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। जांच पर सवाल मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच पूरी तरह निष्पक्ष हुई। कुछ सूत्रों का दावा है कि जांच एकतरफा रही और मामले को ठंडा करने की कोशिश की गई। राजनीति: संरक्षण के आरोपों से गरमाया मामला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इतने गंभीर आरोपों और विवाद के बावजूद डॉ. थानेदार को फिर से चार्ज मिल गया है। स्थानीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें कथित रूप से सरोज सोनकर (बलहा विधायक) और अक्षयवर लाल गोंड (बहराइच सांसद) के संरक्षण में दोबारा जिम्मेदारी दी गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह सवाल जरूर उठ रहा है कि गंभीर आरोपों के बाद भी उन्हें वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार कैसे सौंप दिए गए। जनता के सवाल महिला कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन तय करेगा? अगर आरोप सही हैं तो एफआईआर क्यों नहीं हुई? जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? क्या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? स्वास्थ्य केंद्र, जो जनता के भरोसे का प्रतीक होना चाहिए, वहां अगर महिला कर्मचारियों को ही सम्मान और सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम के लिए चिंताजनक संकेत है। अब निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं— क्या सच्चाई सामने आएगी या फिर सत्ता और सिस्टम के दबाव में यह मामला भी दब जाएगा?1