बगुमरा में 'सेवा' के नाम पर 'मेवा' खाने का बड़ा नेटवर्क? *मंदिर की ज़मीन, जनता का पानी और नेताओं की कमाई; जोलवा पुलिस पोस्ट के सामने 'पानी का प्याउ' के नाम पर चल रहा एडमिनिस्ट्रेशन झोल* बगुमरा राजगीर जनता की पसीने की कमाई और टैक्स के लाखों रुपये कैसे बर्बाद हो जाते हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण जोलवा पाटिया के पास देखने को मिल रहा है। प्यासे लोगों की प्यास बुझाने के लिए बनाया गया 'पानी प्याऊ आज भ्रष्टाचार का अड्डा बनता दिख रहा है। *बंद प्याऊ के पीछे का 'सीक्रेट' मिशन* सालों से जनता के लिए बंद इस पानी प्याऊ पर ताले लटके हैं, लेकिन अंदर का बोरिंग 24 घंटे चलता रहता है। आरोप है कि इस सरकारी बोरिंग से जनता को मुफ़्त में पानी मिलने के बजाय, आस-पास की लॉरियों और व्यापारियों को 'प्राइवेट सप्लाई' किया जा रहा है। क्या यह सरपंच की मेहरबानी है या एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम की अंधी आंखें? पवित्र ज़मीन पर किराए में कटौती* यह ज़मीन पाँच गाँवों के बीच एक मंदिर के लिए दी गई है। लेकिन आज इस धार्मिक और पब्लिक इंटरेस्ट वाली ज़मीन पर: गैर-कानूनी दुकानों और पान की दुकानों का साम्राज्य ढह गया है। सूत्रों के मुताबिक, इन दुकानों से मोटा किराया वसूला जा रहा है। सवाल यह है कि क्या ये किराए की रसीदें फाड़ी जा रही हैं? अगर नहीं, तो ये लाखों रुपये किसकी जेब में जा रहे हैं? तलाटी या सरपंच चुप क्यों हैं? GEB और लाइट बिल का रहस्य सबसे गंभीर मुद्दा बिजली कनेक्शन का है। जनता पूछ रही है: मिलकत बंद होने पर GEB ने किसके नाम पर परमिशन दी? इस बोरिंग का बिजली मीटर किस कोने में छिपा है? क्या इसका बिल पंचायत देती है? अगर पंचायत बिल दे रही है और प्राइवेट लोग कमा रहे हैं, तो यह जनता की खजाने पर सीधा हमला है। *जांच की मांग: क्या बड़े लोगों के नाम सामने आएंगे?* जोलवा के लोग अब इस घोर लापरवाही की निंदा कर रहे हैं अगर इस 'पानी प्याऊ' कांड की निष्पक्ष जांच हो, दबदबा हटाया जाए और बिजली कनेक्शन के कागज़ात चेक किए जाएं, तो पंचायत के कई 'सफ़ेद कॉलर' नेताओं के असली चेहरे सामने आ सकते हैं। *क्या सिस्टम जागेगा या 'जनता को ठगने ' का खेल चलता रहेगा?* सूरत के पलसाना बिस्तर से नरेंद्र पटेल की रिपोर्ट
बगुमरा में 'सेवा' के नाम पर 'मेवा' खाने का बड़ा नेटवर्क? *मंदिर की ज़मीन, जनता का पानी और नेताओं की कमाई; जोलवा पुलिस पोस्ट के सामने 'पानी का प्याउ' के नाम पर चल रहा एडमिनिस्ट्रेशन झोल* बगुमरा राजगीर जनता की पसीने की कमाई और टैक्स के लाखों रुपये कैसे बर्बाद हो जाते हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण जोलवा पाटिया के पास देखने को मिल रहा है। प्यासे लोगों की प्यास बुझाने के लिए बनाया गया 'पानी प्याऊ आज भ्रष्टाचार का अड्डा बनता दिख रहा है। *बंद प्याऊ के पीछे का 'सीक्रेट' मिशन* सालों से जनता के लिए बंद इस पानी प्याऊ पर ताले लटके हैं, लेकिन अंदर का बोरिंग 24 घंटे चलता रहता है। आरोप है कि इस सरकारी बोरिंग से जनता को मुफ़्त में पानी मिलने के बजाय, आस-पास की लॉरियों और व्यापारियों को 'प्राइवेट सप्लाई' किया जा रहा है। क्या यह सरपंच की मेहरबानी है या एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम की अंधी आंखें? पवित्र ज़मीन पर किराए में कटौती* यह ज़मीन पाँच गाँवों के बीच एक मंदिर के लिए दी गई है। लेकिन आज इस धार्मिक और पब्लिक इंटरेस्ट वाली ज़मीन पर: गैर-कानूनी दुकानों और पान की दुकानों का साम्राज्य ढह गया है। सूत्रों के मुताबिक, इन दुकानों से मोटा किराया वसूला जा रहा है। सवाल यह है कि क्या ये किराए की रसीदें फाड़ी जा रही हैं? अगर नहीं, तो ये लाखों रुपये किसकी जेब में जा रहे हैं? तलाटी या सरपंच चुप क्यों हैं? GEB और लाइट बिल का रहस्य सबसे गंभीर मुद्दा बिजली कनेक्शन का है। जनता पूछ रही है: मिलकत बंद होने पर GEB ने किसके नाम पर परमिशन दी? इस बोरिंग का बिजली मीटर किस कोने में छिपा है? क्या इसका बिल पंचायत देती है? अगर पंचायत बिल दे रही है और प्राइवेट लोग कमा रहे हैं, तो यह जनता की खजाने पर सीधा हमला है। *जांच की मांग: क्या बड़े लोगों के नाम सामने आएंगे?* जोलवा के लोग अब इस घोर लापरवाही की निंदा कर रहे हैं अगर इस 'पानी प्याऊ' कांड की निष्पक्ष जांच हो, दबदबा हटाया जाए और बिजली कनेक्शन के कागज़ात चेक किए जाएं, तो पंचायत के कई 'सफ़ेद कॉलर' नेताओं के असली चेहरे सामने आ सकते हैं। *क्या सिस्टम जागेगा या 'जनता को ठगने ' का खेल चलता रहेगा?* सूरत के पलसाना बिस्तर से नरेंद्र पटेल की रिपोर्ट
- सूरत में डंपर का तांडव: तड़केश्वर गांव में दो घरों को रौंदा, मलबे में दबे सोते हुए लोग; 3 घायल! #viralrbharatexpressnews #suratgujarat1
- .પોલીસ કમિશ્નરશ્રી અનુપમસિંહ ગેહલોત સાહેબશ્રી સુરત શહેર તથા અધિક પોલીસ કમિશ્નરશ્રી સેકટર-૧ બલરામ મીણા સાહેબ નાઓની સુચના મુજબ તથા I/C ના.પો.કમિ.શ્રી,ઝોન-૧ એ.એમ.પરમાર સાહેબ તથા મ.પો.કમિ.શ્રી "એ" ડીવીઝન વી.આર.પટેલ સાહેબ સાહેબ નાઓએ ચાલુ તપાસના નાસતા ફરતા આરોપીઓ શોધી કાઢવા સારૂ સુચનાઓ આપેલ. જે અન્વયે પોલીસ ઇન્સ્પેકટર શ્રી એમ.બી.ઝાલા નાઓની સુચના અને માર્ગદર્શન હેઠળ સર્વેલન્સ સ્ટાફના I/C પો.સ.ઇ.કે.એલ.રાદડીયા નાઓને ગઈ તા.૧૦/૦૪/૨૦૨૬ ના રોજ લસકાણા પોલીસ સ્ટેશન ખાતે નોંધાયેલ લસકાણા1
- સાયબર ક્રાઇમે બાતમીના આધારે રેડ કરી નીરજ સિંગ અને અજય સિંગ ને ઝડપી પાડ્યા સુરત બ્રેકીંગ સુરત માં રોકડ આપી અને અમેરીકન ડોલર માં રોકાણ કરવાના નામે છેતરપીંડી કરનાર બે ઝડપાયા લોકો ને 300 થી 1000 અમેરિકન ડોલર રોકશે તો 54 દિવસ માં ડબલ કરવાની આપતા હતા લાલચ સોસિયો સર્કલ ખાતે શોપ ઓપન કરી રોકડ નાણાં લઈ લિંક આપી તેમાં રોકાણ કરાવતા સાયબર ક્રાઇમે બાતમીના આધારે રેડ કરી નીરજ સિંગ અને અજય સિંગ ને ઝડપી પાડ્યા ઝડપાયેલા બંને આરોપી ને રોકાણ ની રકમ ના 1.3 ટકા કમીશન મળતું પોલીસે રેડ કરી તે દરમિયાન 25 જેટલા લોકો રોકાણકાર આવ્યા હતા સાયબર ક્રાઇમ પોલીસે તપાસ કરતા અલાઉદ્દીન અને ઇમરાન નામના માણસો એ આ લોકો ને કામ આપ્યું હતું સાયબર ક્રાઈમ પોલીસે અલાઈદ્દીન અને ઇમરાન ને શોધવાની તજવીજ હાથ ધરી છેતરપીંડી આચરનાર માસ્ટર માઈન્ડ શોપારસ શેઠિયા પણ ફરાર સાયબર ક્રાઇમ પોલીસે આરોપીઓ ને પકડવા ચક્રો ગતિમાન કર્યા1
- बगुमरा में 'सेवा' के नाम पर 'मेवा' खाने का बड़ा नेटवर्क? *मंदिर की ज़मीन, जनता का पानी और नेताओं की कमाई; जोलवा पुलिस पोस्ट के सामने 'पानी का प्याउ' के नाम पर चल रहा एडमिनिस्ट्रेशन झोल* बगुमरा राजगीर जनता की पसीने की कमाई और टैक्स के लाखों रुपये कैसे बर्बाद हो जाते हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण जोलवा पाटिया के पास देखने को मिल रहा है। प्यासे लोगों की प्यास बुझाने के लिए बनाया गया 'पानी प्याऊ आज भ्रष्टाचार का अड्डा बनता दिख रहा है। *बंद प्याऊ के पीछे का 'सीक्रेट' मिशन* सालों से जनता के लिए बंद इस पानी प्याऊ पर ताले लटके हैं, लेकिन अंदर का बोरिंग 24 घंटे चलता रहता है। आरोप है कि इस सरकारी बोरिंग से जनता को मुफ़्त में पानी मिलने के बजाय, आस-पास की लॉरियों और व्यापारियों को 'प्राइवेट सप्लाई' किया जा रहा है। क्या यह सरपंच की मेहरबानी है या एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम की अंधी आंखें? पवित्र ज़मीन पर किराए में कटौती* यह ज़मीन पाँच गाँवों के बीच एक मंदिर के लिए दी गई है। लेकिन आज इस धार्मिक और पब्लिक इंटरेस्ट वाली ज़मीन पर: गैर-कानूनी दुकानों और पान की दुकानों का साम्राज्य ढह गया है। सूत्रों के मुताबिक, इन दुकानों से मोटा किराया वसूला जा रहा है। सवाल यह है कि क्या ये किराए की रसीदें फाड़ी जा रही हैं? अगर नहीं, तो ये लाखों रुपये किसकी जेब में जा रहे हैं? तलाटी या सरपंच चुप क्यों हैं? GEB और लाइट बिल का रहस्य सबसे गंभीर मुद्दा बिजली कनेक्शन का है। जनता पूछ रही है: मिलकत बंद होने पर GEB ने किसके नाम पर परमिशन दी? इस बोरिंग का बिजली मीटर किस कोने में छिपा है? क्या इसका बिल पंचायत देती है? अगर पंचायत बिल दे रही है और प्राइवेट लोग कमा रहे हैं, तो यह जनता की खजाने पर सीधा हमला है। *जांच की मांग: क्या बड़े लोगों के नाम सामने आएंगे?* जोलवा के लोग अब इस घोर लापरवाही की निंदा कर रहे हैं अगर इस 'पानी प्याऊ' कांड की निष्पक्ष जांच हो, दबदबा हटाया जाए और बिजली कनेक्शन के कागज़ात चेक किए जाएं, तो पंचायत के कई 'सफ़ेद कॉलर' नेताओं के असली चेहरे सामने आ सकते हैं। *क्या सिस्टम जागेगा या 'जनता को ठगने ' का खेल चलता रहेगा?* सूरत के पलसाना बिस्तर से नरेंद्र पटेल की रिपोर्ट1
- સુરત શહેર ઉધના ઝોન ટ્રાફિક પોઇન્ટ ર ભરોસે જવાબદાર અધિકારી કોઈ હાજર નહી ટ્રાફિક પોઇન્ટ પર બેદરકારી1
- સુરત SOG🚨 પોલીસે માથાભારે શિવા ઝાલાનું રહેણાક વિસ્તારમાં રિકન્સ્ટ્રક્શન કરી કાયદા નું ભાન કરાવ્યું.. સલાબતપુરામાં વેપારી પાસે ખંડણી માંગવાના ગુનામાં પોલીસે ડ્રગ્સ માફિયા શિવા ઝાલાને સાથે રાખી રિકન્સ્ટ્રક્શન કર્યું1
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