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।.✍️.रीवा संभाग ब्यरो रिप्पू पाण्डेय ✍️.....................चिकित्सालय में अनाधिकृत वीडियोग्राफी निषेध के बारे में सोशल मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों के संबंध में संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक द्वारा जारी वीडियो संदेश. ।.✍️.रीवा संभाग ब्यरो रिप्पू पाण्डेय ✍️.....................चिकित्सालय में अनाधिकृत वीडियोग्राफी निषेध के बारे में सोशल मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों के संबंध में संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक द्वारा जारी वीडियो संदेश.
JOURNALIST RIPPU PANDEY
।.✍️.रीवा संभाग ब्यरो रिप्पू पाण्डेय ✍️.....................चिकित्सालय में अनाधिकृत वीडियोग्राफी निषेध के बारे में सोशल मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों के संबंध में संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक द्वारा जारी वीडियो संदेश. ।.✍️.रीवा संभाग ब्यरो रिप्पू पाण्डेय ✍️.....................चिकित्सालय में अनाधिकृत वीडियोग्राफी निषेध के बारे में सोशल मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों के संबंध में संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक द्वारा जारी वीडियो संदेश.
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- *अस्पताल में मोबाइल पर रोक नहीं,अनधिकृत वीडियो पर सख्ती; सोशल मीडिया के दावों पर प्रबंधन का पलटवार* *संयुक्त संचालक-अधीक्षक ने वीडियो संदेश जारी कर किया स्थिति स्पष्ट,बोले—मरीजों की निजता से खिलवाड़ की इजाजत नहीं* *अस्पताल प्रबंधन का दावा भ्रामक और अधूरी जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर न फैलाएं खबरें,पहले अधिकृत स्रोत से करें पुष्टि* रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच अस्पताल प्रबंधन ने अब सीधे वीडियो संदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल परिसर में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन बिना अनुमति वीडियो या फोटो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना प्रतिबंधित है। अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन खबरों को भ्रामक और अधूरी जानकारी पर आधारित बताया, जिनमें अस्पताल परिसर में मोबाइल या वीडियोग्राफी को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियम का उद्देश्य किसी की आवाज दबाना नहीं,बल्कि अस्पताल की संवेदनशील व्यवस्था में मरीजों,परिजनों, चिकित्सकों और कर्मचारियों की निजता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है। *मोबाइल ले जाने की मनाही नहीं,कैमरे के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक* वीडियो संदेश में अस्पताल अधिकारियों ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन अस्पताल में ले जाना प्रतिबंधित नहीं है। कार्रवाई या रोक का विषय केवल अनधिकृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी है। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की बीमारी, उपचार, ऑपरेशन, मेडिकल रिकॉर्ड और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी अत्यंत संवेदनशील होती है। ऐसे में बिना अनुमति कैमरे से रिकॉर्डिंग कर उसे सार्वजनिक करना मरीज की निजता को प्रभावित कर सकता है। *अधूरी जानकारी से बन रही सोशल मीडिया की ‘खबर’!* अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने वाली सूचनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। अधिकारियों का कहना है कि कई बार किसी घटना का एक पक्ष या अधूरी जानकारी वीडियो के साथ प्रसारित कर दी जाती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है और वास्तविक तथ्यों से अलग संदेश लोगों तक पहुंचता है। प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर वीडियो या खबर को अंतिम सत्य न मानें। अस्पताल से संबंधित किसी भी संवेदनशील जानकारी की पुष्टि अधिकृत स्रोतों से करने के बाद ही उसे आगे प्रसारित किया जाए। *मरीजों की निजता के साथ समझौता नहीं* अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि चिकित्सालय एक सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान है, जहां गंभीर अवस्था में मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में किसी मरीज या उसके परिजन की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर या वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाए रखने, निर्धारित नियमों का पालन करने और मरीजों के हित में सहयोग करने की अपील की है। अस्पताल प्रबंधन के वीडियो संदेश के बाद अब सोशल मीडिया पर मोबाइल प्रतिबंध और अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर चल रहे दावों पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।1
- ।.✍️.रीवा संभाग ब्यरो रिप्पू पाण्डेय ✍️.....................चिकित्सालय में अनाधिकृत वीडियोग्राफी निषेध के बारे में सोशल मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों के संबंध में संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक द्वारा जारी वीडियो संदेश. ।.✍️.रीवा संभाग ब्यरो रिप्पू पाण्डेय ✍️.....................चिकित्सालय में अनाधिकृत वीडियोग्राफी निषेध के बारे में सोशल मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों के संबंध में संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक द्वारा जारी वीडियो संदेश.1
- चिकित्सालय में अनाधिकृत वीडियोग्राफी निषेध के बारे में सोशल मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों के संबंध में संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक द्वारा जारी वीडियो संदेश चिकित्सालय में अनाधिकृत वीडियोग्राफी निषेध के बारे में सोशल मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों के संबंध में संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक द्वारा जारी वीडियो संदेश1
- कल्पना मिश्रा की मौत पर राजनीति बर्दाश्त नहीं: भाजपा रीवा जिलाध्यक्ष -वीरेंद्र गुप्ता* *सेमरिया विधायक अभय मिश्रा के अमर्यादित बयान की कड़ी निंदा, कहा - मातृशक्ति और वाल्मीकि समाज से मांगें सार्वजनिक रूप से माफी, *कल्पना मिश्रा की मौत पर राजनीति बर्दाश्त नहीं: भाजपा रीवा जिलाध्यक्ष -वीरेंद्र गुप्ता* *सेमरिया विधायक अभय मिश्रा के अमर्यादित बयान की कड़ी निंदा, कहा - मातृशक्ति और वाल्मीकि समाज से मांगें सार्वजनिक रूप से माफी,* *रीवा।* संजय गांधी अस्पताल में हुई कल्पना मिश्रा की मौत के मामले को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी पर *भारतीय जनता पार्टी के रीवा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता* ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सेमरिया विधायक *अभय मिश्रा* द्वारा दिए गए बयान को *अत्यंत अशोभनीय, घृणित और निंदनीय* बताया है। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने अपने वीडियो बयान में कहा कि हम सभी की संवेदनाएं कल्पना मिश्रा के परिवार के प्रति हैं, लेकिन जिस प्रकार उनकी मौत का राजनीतिकरण किया जा रहा है और मंच के माध्यम से जनप्रतिनिधियों द्वारा अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने अस्पताल के संदर्भ में कहा कि जब सुंदर महिलाओं की मृत्यु होती है तो उनके मृत शरीर के साथ वह कृत्य किया जाता है, जिसे शब्दों में कहना भी अच्छा नहीं लगता। गुप्ता ने कहा कि ऐसा बयान देने वाले विधायक को *तत्काल मातृशक्ति से माफी मांगनी चाहिए।* जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार के घृणित शब्द उनके मुंह से निकल रहे थे, उस समय उनकी जीभ कट कर क्यों नहीं गिर गई। उन्होंने एक विशेष वर्ग पर सीधा आरोप लगाया है, जो बर्दाश्त योग्य नहीं है। वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि मैं तो उन *सफाई कर्मियों को प्रणाम करता हूं, नमन करता हूं* जो पूरे समाज को, पूरे अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा रखने में अपनी आहुति देते हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके चरण पखार कर यह संदेश दिया था कि अगर समाज को सुंदर बना सकता है तो वह हमारा *वाल्मीकि समाज* है। उन्होंने मांग की कि *अभय मिश्रा को मातृशक्ति और वाल्मीकि समाज दोनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए*, क्योंकि उनका बयान घोर अपराध और पाप के समान है। भाजपा इस मामले में वाल्मीकि समाज के साथ खड़ी है।1
- मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें 🗓️ 12 सितम्बर 2026 ➡️1
- बेटी के जन्म व अन्नप्राशन संस्कार पर पटेहरा नाथ स्वामी हनुमान मंदिर तेंदुन बैकुण्ठपुर में भक्ति भजन कीर्तन एवं विशाल भण्डारे का हुआ आयोजन बेटी के जन्म व अन्नप्रासन संस्कार पर हनुमान दरबार में बरसी खुशियां, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे का हुआ आयोजन माखन पटेल की रिपोर्ट बैकुण्ठपुर के निकट स्थित पटेहरा नाथ स्वामी हनुमान मंदिर में बेटी के जन्म की खुशी में भजन-कीर्तन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया। मनमोहक भजनों की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते दिखाई दिए। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित हजारों की संख्या में भक्त कार्यक्रम में शामिल हुए और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन बैकुण्ठपुर निवासी ओमप्रकाश गुप्ता के पुत्र मुकेश गुप्ता मुक्कू को पुत्री रत्न की प्राप्ति एवं नवजात बालिका के अन्नप्राशन संस्कार के उपलक्ष्य में किया गया। परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी इस खुशी में शामिल हुए। बेटी के जन्म को उत्सव बनाकर परिवार ने समाज को बेटियों के सम्मान, शिक्षा और उन्हें आगे बढ़ाने का प्रेरक संदेश दिया। बेटी बोझ नहीं, खुशियों की सौगात है। बेटी को शिक्षा और अवसर दीजिए, वह आसमान छू सकती है।1
- खबर अमरपाटन/रामनगर में चरागाह की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर बवाल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। खबर अमरपाटन/रामनगर में चरागाह की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर बवाल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। मैहर जिले के रामनगर मे जहां ग्राम पंचायत नादो में शासकीय जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का दावा है कि जिस जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है, वह गांव की चरागाह भूमि है, जहां वर्षों से गांव के मवेशी चरते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध और बिरोध करना शुरू कर दिया। जैसा कि ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन गांव के मवेशियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर चरागाह की जमीन इसी तरह धीरे-धीरे कब्जे में जाती रही, तो आने वाले समय में गांव के मवेशियों के सामने चरने की समस्या खड़ी हो जाएगी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर प्रशासन की निगरानी में शासकीय जमीन पर कब्जे कैसे हो रहे हैं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों में इस पूरे मामले को लेकर खासा आक्रोश दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने कथित कब्जे की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने नादो सरपंच पति गणेश द्विवेदी के प्रति भी नाराजगी जाहिर की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि शासकीय जमीन पर कब्जे के पीछे लेन-देन का खेल हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके की जांच कराए, जमीन के राजस्व रिकॉर्ड की जांच की जाए और अगर शासकीय चरागाह भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि गांव और ग्रामीणों के सामूहिक हित से जुड़ी संपत्ति है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो गांव के लोग एकजुट होकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी। फिलहाल पूरा मामला ग्रामीणों के आरोपों और प्रशासन से की गई शिकायत के इर्द-गिर्द है। अब सवाल यही है कि क्या प्रशासन मौके की जांच कर चरागाह भूमि की स्थिति स्पष्ट करेगा। क्या कथित कब्जे को हटाने की कार्रवाई होगी। और ग्रामीणों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों पर संबंधित पक्ष क्या जवाब देता है। इन सवालों के जवाब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।2
- रीवा के संजय गांधी हॉस्पिटल की खुली पोल! अव्यवस्था और लापरवाही पर उठे बड़े सवाल ⚠️ कलेक्टर के निरीक्षण में सामने आई हकीकत! आखिर अस्पताल की व्यवस्था कब सुधरेगी? हालिया रिपोर्टों में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और अव्यवस्था को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।न्यूज़ थंबनेल बनाना रीवा के संजय गांधी हॉस्पिटल की खुली पोल! अव्यवस्था और लापरवाही पर उठे बड़े सवाल ⚠️ कलेक्टर के निरीक्षण में सामने आई हकीकत! आखिर अस्पताल की व्यवस्था कब सुधरेगी? हालिया रिपोर्टों में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और अव्यवस्था को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।न्यूज़ थंबनेल बनाना1