गदर पंचायत के मणिमाहोड्डर क्रिकेट मैदान में शनिवार, 5 जून 2026 को बिग बॉस लीग सीजन-1 क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ हुआ। इस टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि इमरान अंसारी और युवा समाजसेवी सह भावी मुखिया उम्मीदवार मनोहर लाल यादव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल को युवाओं के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया, साथ ही कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है और युवाओं में खेल भावना व आपसी भाईचारा मजबूत होता है। टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में मणिमाहोड्डर सुपर किंग्स और डाबर टाइटन के बीच एक रोमांचक मुकाबला खेला गया। टॉस जीतकर मणिमाहोड्डर सुपर किंग्स ने पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए डाबर टाइटन की टीम ने 8.5 ओवर में सभी 10 विकेट गंवाकर 68 रन बनाए। 69 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मणिमाहोड्डर सुपर किंग्स की टीम डाबर टाइटन के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती रही और 7.3 ओवर में 56 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। इस प्रकार डाबर टाइटन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यह मुकाबला 13 रन से अपने नाम कर लिया। इस अवसर पर बाबूलाल राय, शब्दर अली, विकास कुमार, कृष्णा कुमार, मो. इरसाद, मो. शमशाद, मो. शहाब, मो. अजहर उद्दीन, बबलू राय सहित क्षेत्र के सैकड़ों खेलप्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। आयोजन को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया और दर्शकों ने पूरे मैच का भरपूर आनंद लिया।
गदर पंचायत के मणिमाहोड्डर क्रिकेट मैदान में शनिवार, 5 जून 2026 को बिग बॉस लीग सीजन-1 क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ हुआ। इस टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि इमरान अंसारी और युवा समाजसेवी सह भावी मुखिया उम्मीदवार मनोहर लाल यादव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल को युवाओं के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया, साथ ही कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों की
प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है और युवाओं में खेल भावना व आपसी भाईचारा मजबूत होता है। टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में मणिमाहोड्डर सुपर किंग्स और डाबर टाइटन के बीच एक रोमांचक मुकाबला खेला गया। टॉस जीतकर मणिमाहोड्डर सुपर किंग्स ने पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए डाबर टाइटन की टीम ने 8.5 ओवर में सभी 10 विकेट गंवाकर 68 रन बनाए। 69 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मणिमाहोड्डर सुपर किंग्स की टीम डाबर टाइटन के गेंदबाजों
के सामने संघर्ष करती रही और 7.3 ओवर में 56 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। इस प्रकार डाबर टाइटन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यह मुकाबला 13 रन से अपने नाम कर लिया। इस अवसर पर बाबूलाल राय, शब्दर अली, विकास कुमार, कृष्णा कुमार, मो. इरसाद, मो. शमशाद, मो. शहाब, मो. अजहर उद्दीन, बबलू राय सहित क्षेत्र के सैकड़ों खेलप्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। आयोजन को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया और दर्शकों ने पूरे मैच का भरपूर आनंद लिया।
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार दोपहर 1 बजे मंगोलपुरी विधानसभा क्षेत्र में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व निगम पार्षद राकेश जाटव धर्मरक्षक ने किया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रवासियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और उन्हें अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश देना था। इस अवसर पर पार्षद राकेश जाटव धर्मरक्षक ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी उचित देखभाल करें। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों और कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा प्रकृति को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- शकरपुर के G ब्लॉक के निवासी आवारा कुत्तों की समस्या से बेहद परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर मुद्दे पर कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, MCD केशवपुरम ज़ोन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। निवासियों ने प्रशासन से इस समस्या का तत्काल समाधान निकालने की मांग की है, ताकि उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- जगत न्यूज़ 24 अपने दर्शकों के लिए देश और दुनिया भर की 10 बड़ी खबरें लेकर आया है। दर्शक इन प्रमुख समाचारों को जगत न्यूज़ 24 पर देख सकते हैं।1
- विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में की गई थी और पहला आयोजन 1973 में किया गया था। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। साथ ही, इसका लक्ष्य बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए वैश्विक स्तर पर कदम उठाना भी है।1
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित किया। अपने संबोधन में, उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और BSF के सभी जवानों द्वारा बड़े मनोयोग से पेड़ों का जतन करने पर खुशी व्यक्त की। शाह ने कहा कि जवान एक वृक्ष को अपना भाई, बहन या बच्चा मानकर उसकी देखभाल कर रहे हैं। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी आदेशों से प्रेरित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह सभी की स्वाभाविक आदत बननी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यही स्वाभाविक आदत हम सभी को बचा सकती है। शाह ने पुनरावृति करते हुए कहा कि पेड़ लगाने की आदत स्वाभाविक होनी चाहिए, न कि किसी सरकारी आदेश का पालन।1
- नागरिकों के लिए अब अपनी शिकायतें, सुझाव या महत्वपूर्ण विचार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाना आसान हो गया है। इसके लिए NaMo App, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक वेबसाइट, डाक सेवा और एक विशेष हेल्पलाइन जैसे कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। NaMo App के ज़रिए नागरिक सीधे अपना संदेश भेज सकते हैं, जबकि CPGRAMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजने और हेल्पलाइन नंबर 011-23012312 पर संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है। सरकार का दावा है कि आम जनता की आवाज़ को सीधे शीर्ष स्तर तक पहुंचाने के लिए ये सभी माध्यम सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।1
- ballamgarh thoda majbut1
- केंद्र सरकार ने उन मेधावी छात्रों की सहायता के लिए पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना शुरू की है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपनी पढ़ाई जारी रखने में मुश्किलों का सामना करते हैं। यह योजना बढ़ते पढ़ाई के खर्चों के बीच छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित यह छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) और डीएनटी (DNT) वर्ग के छात्रों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को फीस, किताबें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि हजारों परिवारों पर शिक्षा का बोझ कम हो और बच्चे अपने सपनों को पूरा कर सकें। योजना के तहत, 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को हर साल अधिकतम ₹75,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों को पढ़ाई का बढ़ता खर्च देखते हुए हर साल ₹1.25 लाख तक की सहायता मिलती है, जिससे वे अपनी उच्च शिक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें। सरकार का मानना है कि इस पहल से देश के हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर मिलेंगे।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक गाड़ियों के शोरूम में भीषण आग लग गई। इस भयंकर अग्निकांड के कारण, शोरूम के भीतर खड़ी कई गाड़ियाँ पूरी तरह से जलकर खाक हो गईं।1