जालौन तहसील में शिक्षा को लेकर एक अभूतपूर्व और प्रेरणादायक बदलाव देखा जा रहा है, जहाँ कभी अशिक्षा एक मजबूरी थी, वहीं अब गांव-गांव में पढ़ने-लिखने की एक नई लहर दौड़ पड़ी है। यह पहल केवल बच्चों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण भी पूरे उत्साह के साथ शिक्षा से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की पहल पर शुरू हुआ यह साक्षरता अभियान अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। इसकी सबसे बड़ी प्रेरणा ग्राम छानी के प्राथमिक विद्यालय से मिली, जहाँ पाँच बुजुर्गों ने स्कूल में प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई शुरू की, जिसने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है। इस घटना के बाद, कई गांवों में लोग स्वयं आगे बढ़कर साक्षरता कार्यक्रमों से जुड़ रहे हैं। इस अभियान की एक प्रमुख सफलता महिलाओं की बढ़ती भागीदारी है। वर्षों तक शिक्षा से दूर रहीं महिलाएँ अब स्वयं पढ़ना-लिखना सीखने के लिए सक्रिय रूप से आगे आ रही हैं। इसके साथ ही, अभिभावकों में भी अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रशासन का मानना है कि शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान प्रदान करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम भी है। इसी उद्देश्य के साथ, तहसील क्षेत्र में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिस जालौन क्षेत्र को कभी शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, वहीं आज गांवों की चौपालों से लेकर स्कूलों तक ज्ञान की एक नई मशाल प्रज्वलित हो रही है। यदि शिक्षा के प्रति यह उत्साह और लगन इसी प्रकार बनी रही, तो यह उम्मीद की जा रही है कि जालौन जल्द ही पूरे प्रदेश के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर सकता है।
जालौन तहसील में शिक्षा को लेकर एक अभूतपूर्व और प्रेरणादायक बदलाव देखा जा रहा है, जहाँ कभी अशिक्षा एक मजबूरी थी, वहीं अब गांव-गांव में पढ़ने-लिखने की एक नई लहर दौड़ पड़ी है। यह पहल केवल बच्चों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण भी पूरे उत्साह के साथ शिक्षा से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की पहल पर शुरू हुआ यह साक्षरता अभियान अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। इसकी सबसे बड़ी प्रेरणा ग्राम छानी के प्राथमिक विद्यालय से मिली, जहाँ पाँच बुजुर्गों ने स्कूल में प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई शुरू की, जिसने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है। इस घटना के बाद, कई गांवों में लोग स्वयं आगे बढ़कर साक्षरता कार्यक्रमों से जुड़ रहे हैं। इस अभियान की एक प्रमुख सफलता महिलाओं की बढ़ती भागीदारी है। वर्षों तक शिक्षा से दूर रहीं महिलाएँ अब स्वयं पढ़ना-लिखना सीखने के लिए सक्रिय रूप से आगे आ रही हैं। इसके साथ ही, अभिभावकों में भी अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रशासन का मानना है कि शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान प्रदान करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम भी है। इसी उद्देश्य के साथ, तहसील क्षेत्र में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिस जालौन क्षेत्र को कभी शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, वहीं आज गांवों की चौपालों से लेकर स्कूलों तक ज्ञान की एक नई मशाल प्रज्वलित हो रही है। यदि शिक्षा के प्रति यह उत्साह और लगन इसी प्रकार बनी रही, तो यह उम्मीद की जा रही है कि जालौन जल्द ही पूरे प्रदेश के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर सकता है।
- जालौन जिले के कालपी कोतवाली क्षेत्र में ऐप के ज़रिए लोगों के नग्न वीडियो बनाकर उनसे रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के अनुसार, अपराधी 'वाला' नामक एक ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसके ज़रिए वे पहले लोगों से दोस्ती करते थे। दोस्ती के बाद वे पीड़ितों को किसी अज्ञात जगह पर बुलाते थे, जहाँ उन्हें नग्न अवस्था में कर उनका वीडियो बनाते थे। इन वीडियो को वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर वे लोगों से रंगदारी वसूलते थे। कालपी पुलिस ने इन तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से ₹9200 नकद, एक मोबाइल फोन, एक 315 बोर का तमंचा तथा दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।1
- कानपुर देहात के माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जनसामान्य की विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। प्राप्त प्रार्थना पत्रों के संबंध में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का संतोषजनक निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब से बचा जाए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति और स्थिति से समय-समय पर अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए।1
- बिहार में पेंशन की राशि में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, अब पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है। यह सूचना मोहम्मद अनीश कुरैशी द्वारा दी गई है, जो फतेहपुर मुशनगर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल चोरी का मामला सामने आया है। ठकुरान गडेवा, रूरा निवासी अनस मंसूरी पुत्र यूनुस मंसूरी ने 21 जून 2026 को अपनी 2014 मॉडल बजाज CT 100 (UP 77 X 4567) मोटरसाइकिल सिकंदरा रोड संदलपुर रोड स्थित दीपू एजेंसी के सामने एस कॉम मोबाइल की दुकान के पास खड़ी की थी। पीड़ित के अनुसार, वह अपनी मोटरसाइकिल बाहर खड़ा कर किसी काम से दुकान के अंदर गए थे, लेकिन कुछ समय बाद वापस लौटने पर उन्हें अपनी मोटरसाइकिल वहां नहीं मिली। अनस मंसूरी ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन मोटरसाइकिल का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने थाना सिकंदरा में लिखित तहरीर देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर उनकी चोरी हुई मोटरसाइकिल बरामद करने का अनुरोध किया है। वहीं, पुलिस ने तहरीर प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।4
- डेरापुर तहसील परिसर में ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ता बुधवार सुबह 10 बजे से ही तहसील परिसर में एकजुट होना शुरू हो गए, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ बुलंद की और ई-पंजीयन व्यवस्था को वापस लेने की अपनी मांग को दोहराया। तहसील परिसर में आयोजित एक बैठक के दौरान, अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस व्यवस्था से न केवल अधिवक्ताओं बल्कि आम नागरिकों को भी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग हैं और उनकी उपेक्षा कर लागू की गई किसी भी व्यवस्था का उनका विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने दृढ़ता से कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे इसी तरह के आंदोलन को भी अपना समर्थन देने का संकल्प लिया। अधिवक्ताओं ने सरकार से इस समस्या का समाधान वार्ता के माध्यम से निकालने और अधिवक्ता तथा आमजन दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की अपील की।1
- कानपुर देहात में जिला प्रशासन द्वारा सिकंदरा-रसूलाबाद मार्ग पर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ओवरलोड एवं भारी वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए सिकंदरा के बिरहाना ओवरब्रिज के पास ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है। इसके बावजूद, बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे इसी मार्ग पर गिट्टी और बालू से लदे कई ओवरलोड डंपर गुजरते हुए दिखाई दिए, जिससे प्रशासनिक आदेशों की प्रभावी ढंग से अनदेखी उजागर हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित समय में भी भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही से सड़क हादसों का खतरा लगातार बना रहता है, साथ ही सड़कें भी तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस कर्मियों की तैनाती के बावजूद ऐसे वाहन बिना किसी रुकावट के गुजर रहे हैं, जिससे संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रीय निवासियों ने प्रशासन से ‘नो एंट्री’ व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन के आदेशों का कड़ाई से पालन कब सुनिश्चित हो पाता है और ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी अंकुश कब लगाया जाता है, क्योंकि संदलपुर क्षेत्र में प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं।1
- कानपुर देहात के रुरा थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर लड़ाई-झगड़े की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए शिकायत पत्र दिए। पुलिस ने इन शिकायतों पर जांच पड़ताल की। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि माहौल बिगाड़ने के आरोप में दो लोगों पर शांतिभंग की कार्यवाही की गई है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह सीएचसी हवासपुर के पास एक गड्ढे में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों, नभया (10), अंकुश (8) और अनुराग (6) का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी पत्नी सोनी लगभग दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि भरत मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिस पर परिजनों ने भरत की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव पड़ा देखा। खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, और इसी दौरान पहुंची नभया ने शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने के बाद मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थानाध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव में प्रेम विवाह के महज चार माह बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जानकारी के अनुसार, मृतका मिंकू रानी का प्रेम विवाह 3 फरवरी 2026 को मदनपुर निवासी राजकुमार के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी द्वारा मिंकू रानी पर मायके से नकदी और घरेलू सामान लाने का लगातार दबाव बनाया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि परिवार प्रेम विवाह को लेकर नाराज था, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद होता रहता था। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि विवाहिता ने 19 जून को आत्महत्या की थी, हालांकि मामले की विस्तृत विवेचना अभी जारी है। सिकंदरा क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार को आरोपी पति राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।3