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दुर्गापुर के रहने वाले अभिनंदन अभिराज हिंदी डायलॉग बोलने की वजह से वायरल हो गए हैं।
अभिनंदन कुमार
दुर्गापुर के रहने वाले अभिनंदन अभिराज हिंदी डायलॉग बोलने की वजह से वायरल हो गए हैं।
More news from Jamālpur and nearby areas
- भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित एनटीपीसी कॉलोनी में दो कथित ठगों को लोगों ने पकड़ लिया। ये दोनों कथित ठग दोबारा कॉलोनी में पहुँचे थे, तभी वहाँ के लोगों ने उन्हें पहचान लिया और धर-दबोचा।1
- मधेपुरा जिले में मुहर्रम का पर्व शुक्रवार को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया, जिसने गम, शहादत और इंसानियत का संदेश दिया। शहर के विभिन्न हिस्सों से पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले गए, जो सदर प्रखंड कार्यालय के समीप उत्तरी राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित कर्बला मैदान पहुंचे। यहाँ बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति में धार्मिक रस्में पूरी की गईं। मुहर्रम मेले में बच्चों, महिलाओं और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ लोगों ने लगे विभिन्न स्टॉलों और पारंपरिक आयोजनों का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के उस्तादों और प्रतिभागियों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया। उनके हैरतअंगेज करतबों पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा, जिसमें कर्बला मैदान और मेला परिसर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। एसडीएम संतोष कुमार, एएसपी प्रवेंद्र भारती, बीडीओ अखिलेश्वर कुमार और सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने लगातार पूरे आयोजन की निगरानी की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। समाजसेवी शौकत अली ने बताया कि मधेपुरा में यह पर्व वर्षों से आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि सभी समुदायों के लोगों के सहयोग और सहभागिता से यह आयोजन हर साल शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न होता है, जिससे जिले की सामाजिक एकता मजबूत होती है। कार्यक्रम का संचालन पृथ्वीराज यदुवंशी ने किया। पूरे आयोजन के दौरान स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिसके परिणामस्वरूप सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सहयोग से कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। मुहर्रम के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मधेपुरा की पहचान केवल धार्मिक आयोजनों से नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की मजबूत परंपरा से भी है।4
- खगड़िया जिले के मड़ैया में ताजिया जुलूस के दौरान जमकर बवाल हुआ, जिसमें पुलिस के वाहन पर पथराव भी किया गया। प्रशासन ने इस घटना को डीजे से जुड़ा विवाद बताया है, यह स्पष्ट करते हुए कि इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।4
- सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के चंदौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत मुख्य सड़क मार्ग स्थित बीडीओ चौक पर वेपर लाइट न होने के कारण रात के समय वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मुख्य सड़क मार्ग से दो टोलों के लिए सड़कें निकलती हैं, जहां देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है। अंधेरे के कारण मुख्य सड़क मार्ग से इन अंदरूनी सड़कों पर प्रवेश करते समय लोगों को रास्ता ठीक से दिखाई नहीं देता, जिससे कई बार वे दुर्घटनाओं का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य सड़क मार्ग से पूर्व दिशा की ओर दर्जनों किसानों के खेत हैं। किसान अपनी खेतीबाड़ी के काम से इस रास्ते से आते-जाते रहते हैं और कभी-कभी उन्हें देर रात तक भी खेतों में काम करना पड़ता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए, लोगों ने इस सड़क मार्ग के किनारे वेपर लाइट लगाने की पुरजोर मांग की है, ताकि सभी को आवागमन में काफी सुविधा मिल सके और दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो।1
- एक दोस्त ने स्टेज पर ऐसा शानदार डांस प्रदर्शन किया कि उसे देखकर सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए और उन्हें खूब मजा आया। बताया गया है कि इस 'वायरल डांस' को देखने से दर्शकों को भी काफी आनंद मिलेगा, इसलिए इसे एक बार जरूर देखने की अपील की गई है। साथ ही, यह जानकारी भी साझा की गई है कि डांस करने वाले इस दोस्त को काम की तलाश है। पोस्ट के माध्यम से लोगों से आग्रह किया गया है कि यदि किसी के पास उसके लिए कोई काम हो तो वे उसकी मदद करें।1
- बिहार में एक सिपाही ने भरत तिवारी को इंसाफ दिलाने के लिए बिहार पुलिस की अपनी नौकरी छोड़ने का ऐलान किया है। इस संबंध में सिपाही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।1
- कहलगांव अनुमंडल के रसूलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धनौरा और कुर्मा पंचायतों में मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक जुलूस बड़े ही श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों, ग्रामीणों और युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जुलूस के दौरान, युवाओं ने अपनी पारंपरिक लाठी, तलवार और अन्य सांस्कृतिक करतबों का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। पूरे आयोजन में जहाँ एक ओर भारी उत्साह देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर अनुशासन भी पूरी तरह कायम रहा। इस दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रसूलपुर थाना पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे जुलूस की बारीकी से निगरानी की, जिसके कारण पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली। इस अवसर पर सभी समुदायों के लोगों ने आपसी सद्भाव, भाईचारे और एकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की जमकर सराहना की और कहा कि प्रशासन की सतर्कता तथा लोगों के सक्रिय सहयोग से मोहर्रम का यह जुलूस सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हो सका, जिसमें दोनों पंचायतें मिलकर भाईचारा निभाते हुए दिखीं।1
- शुक्रवार को मुहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर कहलगांव शहर, ग्रामीण क्षेत्रों और आसपास की विभिन्न पंचायतों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। सभी अखाड़ों के खलीफाओं के नेतृत्व में ताजिया अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचा, जिसमें महेशामुंडा पंचायत का अखाड़ा निर्धारित समय पर सबसे पहले निकला। जुलूस में शामिल युवाओं ने लाठी, फरसा, भाला, ढाल और तलवार जैसे पारंपरिक हथियारों का उपयोग करते हुए हैरतअंगेज करतब दिखाए। नौहा और मरसिया पढ़ते हुए मातमी जुलूस कर्बला की ओर बढ़ा। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें अनुमंडल प्रशासन ने ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी, जबकि पुलिस बल, दंडाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाली। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लोगों ने शरबत और पानी पिलाकर जुलूस का स्वागत किया। नगर पंचायत ने कर्बला में साफ-सफाई और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की थी। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस प्रशासन की निगरानी में देर शाम तक पहलाम की रस्म शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। हालांकि, भीषण गर्मी के बीच कई घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इन सबके बावजूद, सभी वरीय अधिकारी गांगुली पार्क में कैंप कर पल-पल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे।1