कुंडल कस्बे में 8.25 करोड़ के‘स्वास्थ्य भवन’ में घटिया निर्माण सामग्री का आरोप भड़के ग्रामीण, उग्र प्रदर्शन,जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर उच्च अधिकारियों से जॉच कराने की की मांग 8.25 करोड़ का ‘स्वास्थ्य भवन’ घटिया निर्माण पर भड़के ग्रामीण, उग्र प्रदर्शन,जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर उच्च अधिकारियों से जॉच कराने की मांग की। कुंडल मुख्यालय में बन रहा 30 बैड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) 20 से ज्यादा गांवों और 50 हजार आबादी को मिलेगा फायदा। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रदेश वार रूम कोऑर्डिनेटर जितेंद्र शर्मा नीम का पाडा ने बताया कि 0.70 हैक्टयर में बन रही सीएचसी अब लोगों के इलाज से ज्यादा भ्रष्टाचार की मिसाल बनता नजर आ रहा है। 8.28 करोड़ों की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में खुलेआम घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। कुंडल सहित बडोली,निमाली कालोता,खड़का,सिडोली भांवता,भांवती,खानभंकरी, कोलवा दुडकी बगडेडा,कालीपहाड़ी तलवाड़ा,चौबड़ीवाला मांगाभाटा,कोलवा,धर्मपुरा कालीपहाडी,तलावाड़ा,चौबड़ीवाला खुदा खुर्द के गांवों को मिलेगा फायदा। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष वार रूम कोऑर्डिनेटर प्रदेश कांग्रेस कमेटी जितेंद्र शर्मा नीमकापाडा ने बताया कि इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बनाने में जो सामग्री का उपयोग किया जा रहा है वह बिल्कुल बजरी कम व मिट्टी का उपयोग ज्यादा किया जा रहा है। जो ईट का इस्तेमाल किया जा रहा है। और भवन को आधा बनाया है बिल्कुल घटिया क्वॉलिटी की ईटो का उपयोग में ली गई है। जो लोहे का सरिया है वह जंग लगा उपयोग में लिया जा रहा हैं। जिम्मेदार अधिकारी इनको देखने तक नहीं आ रहे हैं। इतनी बड़ी लागत से सीएचसी भवन बन रहा हैं। इतनी घटिया सामग्री निर्माण में उपयोग ली जा रही है। ये तो आने वाले समय में मरीजो और चिकित्सा अधिकारी इसमें बैठेंगे उनकी जान को जोखिम होगा। सीएचसी भवन के पीछे पहाड़ी है उसका पानी पीछे से आयेगा तो घटिया सामग्री के कारण भवन को गिरने की बहुत ज्यादा संभावना होगी। इतनी बड़ी लागत से जब सीएचसी भवन बना रहे हैं तो कम से कम अच्छी क्वालिटी अच्छी गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हम कलेक्टर साहब से मिलेंगे इस सीएचसी भवन को हम मुद्दा बनाएंगे। यह तो बहुत गलत कर रहे है इतनी बड़ी लागत से बना रहे हैं। मुख्यालय के ग्रामीण गिर्राज प्रसाद सैनी ने बताया कि सीएचसी भवन के निर्माण में जो सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है वह बिल्कुल घटिया क्वालिटी का उपयोग में लिया जा रहा है। लोहे के सरिया के अंदर जो जंग लग रही है। सीएचसी भवन निर्माण में उपयोग लिया जा रहा है। भवन बन गया है उसकी बिल्कुल भी तराई नहीं हो रही है ना तराई कर रहे हैं। बजरी नहीं मिट्टी लगाई जा रही है भवन के निर्माण में। घटिया सामग्री को लेकर कार्यवाही होनी चाहिए। राजस्थान सरकार व उच्च अधिकारियों से निवेदन है कि अच्छी सामग्री का उपयोग करवाने का कार्य करवाए। जिससे मुख्यालय के मरीजो और चिकित्सा अधिकारियों को अच्छा भवन मिल सके। मुख्यालय के ग्रामीण राजेश कुमार मीणा ने बताया कि सीएचसी भवन में 53 ग्रेड की सीमेंट का उपयोग होना चाहिए था। लेकिन 42 ग्रेड की ही सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। सीएससी में उपयोग ली जा रही बजरी को हमने देखा है वह बिल्कुल खराब क्वालिटी की बजरी है। हम एक अच्छा मकान बनाते है तो 20 से 25 लाख में अच्छी क्वालिटी से तैयार कर लेते है। लेकिन सरकार ने तो 8.25 करोड़ दिए हैं। सीएचसी भवन का निर्माण करवाने के लिए तो जब भी इतनी घटिया सामग्री का निर्माण में उपयोग किया जा रहा हैं। और यहां बजरी में मिट्टी का मिलाव कर रखा है। ईट भी तीन नंबर बिल्कुल घटिया लगा रहे हैं। लोहा हमने देखा है उसके ऊपर जंग लग रही हैं। हमारे मुख्यालय का विकास घटिया सामग्री लगाकर हो रहा है। उच्च अधिकारियों से निवेदन है कि सीएचसी भवन का आकर खुद निरीक्षण करें जिम्मेदार कर्मचारियों और ठेकेदार के ऊपर नियम अनुसार कार्यवाही की जाए। मुख्यालय के ग्रामीणों ने बताया कि सीएचसी “भवन नहीं, खतरा खड़ा किया जा रहा है” ग्रामीणों का साफ आरोप है कि यहां अस्पताल नहीं, बल्कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाला ढांचा खड़ा किया जा रहा है। निर्माण कार्य में नियम-कायदे पूरी तरह ताक पर रख दिए गए हैं। जंग लगे सरिए से खड़ा किया जा रहा ढांचा,घटिया और धूलभरी बजरी, मानकों से कोसों दूर बिना तराई,कमजोर सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि खोखली और घटिया ईंटें, जो हाथ लगाने से टूट जाएं ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि यह निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सरकारी पैसों की खुली लूट है। जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार मिलकर गुणवत्ता से समझौता कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यह भवन खतरनाक साबित हो सकता है। हाथ लगाते ही गिर रहा हैं चुना कैसे चलेगा भवन मुख्यालय के ग्रामीणों की दो टूक चेतावनी। ग्रामीणों ने साफ कह दिया है कि यदि जल्द उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व प्रदेश वार रूम कोर्डिनेटर जितेन्द्र शर्मा नीम का पाड़ा,राजेश मीना,अशोक योगी, नरेंद्र मीना गिर्राज सैनी, लोकेश बैरवा,खेमराज मीणा,रितिकराज, कमलेश मीणा ,दीपक सेनी महेश सेनी रोहित बैरवा,खुशीराम,आदि ग्रामीण मौजूद रहे। वर्जन शिवराम जाटव अधिशासी अभियंता एनएचएम निर्माण विंग अलवर ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट को मैं और एएएन हमारे देख रहे हैं। इस पूरे कि हम जांच करवाते हैं फिर आपको बताते हैं। कुंडल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ लोकेश कुमार मीणा ने बताया कि मेरे को इस मामले की कोई जानकारी नहीं है मुझे तीन दिन के कुंडल स्वास्थ्य केंद्र पर लगाया है
कुंडल कस्बे में 8.25 करोड़ के‘स्वास्थ्य भवन’ में घटिया निर्माण सामग्री का आरोप भड़के ग्रामीण, उग्र प्रदर्शन,जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर उच्च अधिकारियों से जॉच कराने की की मांग 8.25 करोड़ का ‘स्वास्थ्य भवन’ घटिया निर्माण पर भड़के ग्रामीण, उग्र प्रदर्शन,जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर उच्च अधिकारियों से जॉच कराने की मांग की। कुंडल मुख्यालय में बन रहा 30 बैड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) 20 से ज्यादा गांवों और 50 हजार आबादी को मिलेगा फायदा। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रदेश वार रूम कोऑर्डिनेटर जितेंद्र शर्मा नीम का पाडा ने बताया कि 0.70 हैक्टयर में बन रही सीएचसी अब लोगों के इलाज से ज्यादा भ्रष्टाचार की मिसाल बनता नजर आ रहा है। 8.28
करोड़ों की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में खुलेआम घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। कुंडल सहित बडोली,निमाली कालोता,खड़का,सिडोली भांवता,भांवती,खानभंकरी, कोलवा दुडकी बगडेडा,कालीपहाड़ी तलवाड़ा,चौबड़ीवाला मांगाभाटा,कोलवा,धर्मपुरा कालीपहाडी,तलावाड़ा,चौबड़ीवाला खुदा खुर्द के गांवों को मिलेगा फायदा। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष वार रूम कोऑर्डिनेटर प्रदेश कांग्रेस कमेटी जितेंद्र शर्मा नीमकापाडा ने बताया कि इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बनाने में जो सामग्री का उपयोग किया जा रहा है वह बिल्कुल बजरी कम व मिट्टी का उपयोग ज्यादा किया जा रहा है। जो ईट का इस्तेमाल किया जा रहा है। और भवन को आधा बनाया है बिल्कुल घटिया क्वॉलिटी की ईटो का उपयोग में ली गई है। जो लोहे का सरिया है वह जंग लगा
उपयोग में लिया जा रहा हैं। जिम्मेदार अधिकारी इनको देखने तक नहीं आ रहे हैं। इतनी बड़ी लागत से सीएचसी भवन बन रहा हैं। इतनी घटिया सामग्री निर्माण में उपयोग ली जा रही है। ये तो आने वाले समय में मरीजो और चिकित्सा अधिकारी इसमें बैठेंगे उनकी जान को जोखिम होगा। सीएचसी भवन के पीछे पहाड़ी है उसका पानी पीछे से आयेगा तो घटिया सामग्री के कारण भवन को गिरने की बहुत ज्यादा संभावना होगी। इतनी बड़ी लागत से जब सीएचसी भवन बना रहे हैं तो कम से कम अच्छी क्वालिटी अच्छी गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हम कलेक्टर साहब से मिलेंगे इस सीएचसी भवन को हम मुद्दा बनाएंगे। यह
तो बहुत गलत कर रहे है इतनी बड़ी लागत से बना रहे हैं। मुख्यालय के ग्रामीण गिर्राज प्रसाद सैनी ने बताया कि सीएचसी भवन के निर्माण में जो सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है वह बिल्कुल घटिया क्वालिटी का उपयोग में लिया जा रहा है। लोहे के सरिया के अंदर जो जंग लग रही है। सीएचसी भवन निर्माण में उपयोग लिया जा रहा है। भवन बन गया है उसकी बिल्कुल भी तराई नहीं हो रही है ना तराई कर रहे हैं। बजरी नहीं मिट्टी लगाई जा रही है भवन के निर्माण में। घटिया सामग्री को लेकर कार्यवाही होनी चाहिए। राजस्थान सरकार व उच्च अधिकारियों से निवेदन है कि अच्छी सामग्री का उपयोग
करवाने का कार्य करवाए। जिससे मुख्यालय के मरीजो और चिकित्सा अधिकारियों को अच्छा भवन मिल सके। मुख्यालय के ग्रामीण राजेश कुमार मीणा ने बताया कि सीएचसी भवन में 53 ग्रेड की सीमेंट का उपयोग होना चाहिए था। लेकिन 42 ग्रेड की ही सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। सीएससी में उपयोग ली जा रही बजरी को हमने देखा है वह बिल्कुल खराब क्वालिटी की बजरी है। हम एक अच्छा मकान बनाते है तो 20 से 25 लाख में अच्छी क्वालिटी से तैयार कर लेते है। लेकिन सरकार ने तो 8.25 करोड़ दिए हैं। सीएचसी भवन का निर्माण करवाने के लिए तो जब भी इतनी घटिया सामग्री का निर्माण में उपयोग किया
जा रहा हैं। और यहां बजरी में मिट्टी का मिलाव कर रखा है। ईट भी तीन नंबर बिल्कुल घटिया लगा रहे हैं। लोहा हमने देखा है उसके ऊपर जंग लग रही हैं। हमारे मुख्यालय का विकास घटिया सामग्री लगाकर हो रहा है। उच्च अधिकारियों से निवेदन है कि सीएचसी भवन का आकर खुद निरीक्षण करें जिम्मेदार कर्मचारियों और ठेकेदार के ऊपर नियम अनुसार कार्यवाही की जाए। मुख्यालय के ग्रामीणों ने बताया कि सीएचसी “भवन नहीं, खतरा खड़ा किया जा रहा है” ग्रामीणों का साफ आरोप है कि यहां अस्पताल नहीं, बल्कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाला ढांचा खड़ा किया जा रहा है। निर्माण कार्य में नियम-कायदे पूरी तरह ताक पर रख
दिए गए हैं। जंग लगे सरिए से खड़ा किया जा रहा ढांचा,घटिया और धूलभरी बजरी, मानकों से कोसों दूर बिना तराई,कमजोर सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि खोखली और घटिया ईंटें, जो हाथ लगाने से टूट जाएं ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि यह निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सरकारी पैसों की खुली लूट है। जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार मिलकर गुणवत्ता से समझौता कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यह भवन खतरनाक साबित हो सकता है। हाथ लगाते ही गिर रहा हैं चुना कैसे चलेगा भवन मुख्यालय के ग्रामीणों की दो टूक चेतावनी। ग्रामीणों ने साफ कह दिया है कि यदि जल्द उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं
हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व प्रदेश वार रूम कोर्डिनेटर जितेन्द्र शर्मा नीम का पाड़ा,राजेश मीना,अशोक योगी, नरेंद्र मीना गिर्राज सैनी, लोकेश बैरवा,खेमराज मीणा,रितिकराज, कमलेश मीणा ,दीपक सेनी महेश सेनी रोहित बैरवा,खुशीराम,आदि ग्रामीण मौजूद रहे। वर्जन शिवराम जाटव अधिशासी अभियंता एनएचएम निर्माण विंग अलवर ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट को मैं और एएएन हमारे देख रहे हैं। इस पूरे कि हम जांच करवाते हैं फिर आपको बताते हैं। कुंडल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ लोकेश कुमार मीणा ने बताया कि मेरे को इस मामले की कोई जानकारी नहीं है मुझे तीन दिन के कुंडल स्वास्थ्य केंद्र पर लगाया है
- कुण्डल तहसील मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन में कथित घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। करोड़ों की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रोजेक्ट में गुणवत्ता से समझौते के आरोपों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।2
- बालेटा की बेटियों का कमाल: प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के कुशल नेतृत्व में विद्यालय ने रचा इतिहास अलवर। जुनून, जज्बा और कड़ी मेहनत जब एक साथ मिलते हैं, तो सफलता कदम चूमती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बालेटा की छात्राओं और स्टाफ ने। प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के कुशल मार्गदर्शन और शिक्षकों के समर्पण ने विद्यालय को सफलता के शिखर पर पहुँचा दिया है। कक्षा 12 के प्रथम बैच ने गाड़े सफलता के झंडे बालेटा विद्यालय के लिए यह वर्ष ऐतिहासिक रहा, क्योंकि यह कक्षा 12 का प्रथम बोर्ड बैच था। छात्राओं ने अपने पहले ही प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत (100%) परिणाम दिया है। कुल छात्राएं: 13 प्रथम श्रेणी: 12 छात्राएं (92% छात्राएं फर्स्ट डिवीजन) टॉपर्स: शालू और चंचल ने 85% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। गार्गी पुरस्कार: विद्यालय की 8 छात्राओं का चयन प्रतिष्ठित गार्गी पुरस्कार के लिए हुआ है। कक्षा 5, 8 और 10 में भी रहा 'क्लीन स्वीप' सफलता का यह सिलसिला केवल 12वीं तक सीमित नहीं रहा। विद्यालय का कक्षा 5, 8 और 10 का परीक्षा परिणाम भी शत-प्रतिशत रहा है। कक्षा 10 में छात्रा पायल ने 90% अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कक्षा 10 में कुल तीन छात्राओं ने 90% से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विपरीत परिस्थितियों में मिली 'स्वर्ण' सफलता प्रधानाचार्य संगीता गौड़ ने बताया कि विद्यालय की वर्तमान स्थिति और सीमित संसाधनों को देखते हुए ऐसा परिणाम लाना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन स्टाफ की मेहनत और छात्राओं की लगन ने इस "मुश्किल" को "मुमकिन" कर दिखाया। सफलता की खुशी में प्रधानाचार्य ने समस्त स्टाफ का मुँह मीठा कराकर उनका आभार व्यक्त किया और उत्तीर्ण छात्राओं को फोन पर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। "यह सब प्रधानाचार्य जी के अथक प्रयास, कुशल नेतृत्व और बच्चों की मेहनत का ही परिणाम है।" > — समस्त ग्रामवासी, बालेटा गांव में जश्न का माहौल विद्यालय की इस अभूतपूर्व उपलब्धि के बाद बालेटा गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने इस सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के 'एजुकेशन विजन' और शिक्षकों की टीम वर्क को दिया है। छात्राओं के घरों पर उत्सव जैसा माहौल है और हर तरफ इन "बेटियों" की चर्चा हो रही है।1
- रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता एलपीजी भरवाने के लिए ऑटो की लंबी कतार कानोता. आगरा रोड स्थित कानोता में पेट्रोल पंप पर बुधवार को एलपीजी भरवाने के लिए ऑटो चालकों की भारी भीड़ उमड़ी। ऑटो चालक अपने वाहनों में एलपीजी भरवाने पहुंचे, जिससे पंप पर एक किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग गई। भीड़ अधिक होने से कई चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण कुछ समय के लिए अव्यवस्था भी बनी। स्थानीय ऑटो चालकों ने बताया कि आसपास सीमित पंप होने के कारण इसी एक पंप पर भारी दबाव रहता है।1
- जब हम ख़ुर्रा ग्राम के बीजासणी माता मेले के इतिहास की बात करते हैं, तो यह केवल सुनी-सुनाई बातें नहीं हैं। आज के 'कॉन्ट्रैक्ट' और 'तलाक' वाले दौर में, माता के मेले में तय हुए रिश्ते आज भी चट्टान की तरह मजबूत खड़े हैं। मैं, खेमराज जोशी, खुद इस परंपरा का एक जीता-जागता उदाहरण हूँ—मेरा अपना रिश्ता इसी पावन मेले में तय हुआ था, जो बिना किसी बिखराव के आज भी पूरी मजबूती के साथ चल रहा है। रिश्तों की वह 'अदृश्य' डोर आज से ४० साल पहले, जब समाज बीजासणी माता के आँगन में इकट्ठा होता था, तो वहां केवल व्यापार नहीं होता था, बल्कि परिवारों का मिलन होता था। शब्द की कीमत: उस समय न कोई लिखित एग्रीमेंट था, न कोई कानूनी कागज़। माता की चौखट पर दी गई 'जुबान' ही सबसे बड़ा कानून थी। अटूट बंधन: मेरा स्वयं का उदाहरण गवाह है कि उस समय के रिश्तों में जो 'ठहराव' था, वह माता के प्रति अटूट श्रद्धा और आपसी विश्वास का परिणाम था। आज की चकाचौंध वाले वैवाहिक आयोजनों के मुकाबले, मेले की उस सादगी में बंधे रिश्ते कहीं ज्यादा टिकाऊ साबित हुए हैं। संस्कृति का गिरता स्तर और हमारी जिम्मेदारी पहले मेहमानों के लिए दरवाजे चौबीस घंटे खुले रहते थे। गाँवों में उत्साह ऐसा होता था कि लोग अपने घर आए मेहमान को भगवान का रूप मानते थे। आज इंतजाम सरकारी हैं, व्यवस्थाएं आधुनिक हैं, लेकिन वह 'अपनापन' गायब है बीजासणी माता के मेले की वह ४० साल पुरानी विरासत आज भी उन लोगों की यादों में और उनके सफल वैवाहिक जीवन में जीवित है, जिन्होंने उस दौर को जिया है। मेरा रिश्ता मात्र एक संयोग नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर की एक कड़ी है, जिसे आज की युवा पीढ़ी को समझने और सहेजने की जरूरत है ग्राऊंड रिपोर्ट :खेमराज जोशी, शुरू न्यूज़,2
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं मूलचंद सैनी नायन सरपंच 🙏🚩 बजरंगबली की कृपा आप सभी पर बनी रहे, सुख-शांति और समृद्धि आपके जीवन में हमेशा बनी रहे। जय श्री राम! जय हनुमान! 🔥 #oppophoto #photolife1
- जंग और तबाही के मंजर के बीच भी हौसले कैसे ज़िंदा रहते हैं, इसकी मिसाल फिलिस्तीन से सामने आई है। जहां एक ओर स्कूल और इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर छात्र दरिया के किनारे बैठकर अपने भविष्य की परीक्षा दे रहे हैं। किताबें हाथ में और चारों तरफ बर्बादी का मंजर—इन सबके बीच भी इन छात्रों का हौसला टूटने का नाम नहीं ले रहा। सीमित संसाधनों और मुश्किल हालात के बावजूद शिक्षा के प्रति उनकी लगन साफ दिखाई देती है। यह तस्वीर बताती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सपनों की उड़ान रुकती नहीं। फिलिस्तीन के इन छात्रों का जज़्बा पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है।1
- दौसा। कुण्डल में बन रहा 30 बेड सीएचसी भवन बना विवादों केन्द्र,घटिया निर्माण पर ग्रामीणों का उबाल देखने को मिला कुण्डल तहसील मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन में कथित घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। करोड़ों की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रोजेक्ट में गुणवत्ता से समझौते के आरोपों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 8.25 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह सीएचसी भवन क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों और लगभग 50 हजार की आबादी के लिए जीवनरेखा साबित होने वाला है। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने इस उम्मीद पर चिंता की परत चढ़ा दी है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं वार रूम कोऑर्डिनेटर जितेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में खुलेआम मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बजरी की जगह मिट्टी का इस्तेमाल, कमजोर गुणवत्ता की ईंटें और जंग लगे लोहे के सरिए इस भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं करवाई गई, तो भविष्य में यह भवन मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए खतरे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह सीएचसी बनने के बाद कुंडल, बडोली, निमाली, कालोता, खड़का, सिडोली, भांवता, खानभंकरी, कोलवा, दुडकी, बगडेडा, कालीपहाड़ी, तलवाड़ा, चौबड़ीवाला, मांगाभाटा और धर्मपुरा सहित कई गांवों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी हैं। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल पूरे क्षेत्र की चिंता का विषय बन गए हैं। प्रदर्शन में उमड़ा जनसैलाब: विरोध प्रदर्शन में राजेश मीना, अशोक योगी, नरेंद्र मीना, गिर्राज सैनी, लोकेश बैरवा, खेमराज मीणा, रितिकराज, कमलेश मीणा, दीपक सैनी, महेश सैनी, रोहित बैरवा और खुशीराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जांच का भरोसा, लेकिन सवाल बरकरार: एनएचएम निर्माण विंग अलवर के अधिशासी अभियंता शिवराम जाटव ने बताया कि वे स्वयं और संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं और शिकायतों की जांच कराई जाएगी। वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. लोकेश कुमार मीणा ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।4