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भारत के संविधान, लोकतंत्र और उसकी आवाज़ की रक्षा हर भारतीय की ज़िम्मेदारी है - और ये Process शुरू हो चुका है। हिंदुस्तान की जनता को न्याय दिलाने का Process लोकतंत्र में भरोसा वापस लाने का Process देशद्रोहियों को सज़ा दिलाने का Process और अब ये रुकने वाला नहीं है।
Rajkumar mehra press reporter
भारत के संविधान, लोकतंत्र और उसकी आवाज़ की रक्षा हर भारतीय की ज़िम्मेदारी है - और ये Process शुरू हो चुका है। हिंदुस्तान की जनता को न्याय दिलाने का Process लोकतंत्र में भरोसा वापस लाने का Process देशद्रोहियों को सज़ा दिलाने का Process और अब ये रुकने वाला नहीं है।
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- भारत के संविधान, लोकतंत्र और उसकी आवाज़ की रक्षा हर भारतीय की ज़िम्मेदारी है - और ये Process शुरू हो चुका है। हिंदुस्तान की जनता को न्याय दिलाने का Process लोकतंत्र में भरोसा वापस लाने का Process देशद्रोहियों को सज़ा दिलाने का Process और अब ये रुकने वाला नहीं है।1
- राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला स्थान - देहरादून रिपोर्ट - दीपक पंवार देहरादून। कांग्रेस नेता ने दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस द्वारा किया गया व्यवहार निंदनीय है। कांग्रेस ने कल के दिन को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष का दिन बताते हुए इसे ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने की बात कही। कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरा इंडिया गठबंधन सड़कों पर इसलिए उतरा है क्योंकि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता के वोट से जुड़े फैसले केंद्रीकृत तरीके से नहीं होने चाहिए और स्थानीय स्तर पर मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। Byte - प्रतिमा सिंह3
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- देहरादून में प्रदेश के ग्राम प्रधानों का उग्र प्रदेश, तोड़े बैरिकेड।। The Aman Times देहरादून में प्रदेश के ग्राम प्रधानों का उग्र प्रदेश, तोड़े बैरिकेड। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंडभर के ग्राम प्रधानों ने परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और आगे बढ़ गए। प्रधानों की प्रमुख मांगों में ₹20 हजार मासिक मानदेय, अलग प्रधान फंड, ₹10 लाख तक के विकास कार्यों का अधिकार और पंचायती राज के 29 विषय ग्राम पंचायतों को सौंपना शामिल है। प्रधानों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।1
- माया कुंड में जनता मिलन कार्यक्रम, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने विकास कार्यों के लिए 10 लाख की घोषणा की. ऋषिकेश। ऋषिकेश विधानसभा के माया कुंड वार्ड संख्या-9 में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल पहुंचे। क्षेत्रीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उनका फूलमालाओं और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में भाजपा नेता एवं वरिष्ठ समाजसेवी रूपेश गुप्ता ने क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों के लिए विधायक का आभार जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अग्रवाल के प्रयासों से ऋषिकेश में सड़क कनेक्टिविटी, बिजली की लाइनों को भूमिगत करने और सीवर लाइन बिछाने सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति मिली है। इस दौरान डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। जनता की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में विकास कार्यों और कैमरे आदि लगाने के लिए विधायक निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनका प्रयास है कि विधानसभा के प्रत्येक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो और जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। जनता से सीधे संवाद के माध्यम से क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलती है, जिसके आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम में पार्षद माधवी गुप्ता, अजय दास, आशु अरोड़ा, सुमित पवार, दिनेश, साक्षी तिवारी, शशि मिश्रा, ज्योति पांडे, पत्रकार संजय शर्मा, एम.एन. ढोंडियाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।2
- बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, 75 साल की उम्र में हार्ट अटैक ने ली जान, फिल्म जगत में दौड़ी शोक की लहर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर उनकी तबीयत बिगड़ी और वे बेहोश पाए गए। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। अस्पताल के अनुसार उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में करीब पांच दशक तक यादगार अभिनय किया। क्रांतिवीर, परिंदा, नटसम्राट और सलाम बॉम्बे! जैसी फिल्मों में उनके दमदार अभिनय को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है।1
- उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। इस प्रदर्शन के दौरान जब ग्राम प्रधान जुलूस की शक्ल में सचिवालय की ओर बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने सचिवालय से पहले ही सुभाष रोड (पुलिस मुख्यालय के पास) पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान आक्रोशित प्रधानों और पुलिस के बीच तीखी बहस और जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर और फांदकर आगे बढ़ गए, जिससे मौके पर काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें: संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रधानों ने सरकार पर उनके साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया और निम्नलिखित मांगें उठाईं: मानदेय में वृद्धि: ग्राम प्रधानों के लिए 20,000 रुपये मासिक वेतन/मानदेय तय किया जाए। मनरेगा मजदूरी और उपस्थिति: मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी को महंगाई के अनुपात में बढ़ाया जाए और ऑनलाइन उपस्थिति (NMMS) में नेटवर्क की समस्या के कारण आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए। अधिकारों का हस्तांतरण: पंचायती राज विभाग के 29 विषयों को पूरी तरह पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए और ₹10 लाख तक के कार्यों के लिए पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए। टैक्स बाध्यता का विरोध: 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायतों में परिवारों से जबरन ₹100 प्रतिमाह टैक्स वसूलने के नियम का विरोध किया गया, क्योंकि ऐसा न करने पर बजट में 20% कटौती का प्रावधान है। अन्य मांगें: सांसदों और विधायकों की तरह प्रधान निधि का गठन हो और जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित किया जाए। प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।3
- देश हमारा है और शांतिपूर्ण विरोध हमारा संवैधानिक हक है। (राहुल गांधी) दिल्ली पुलिस और उसके मालिक जो करना चाहें कर लें - हम देश, संविधान और हर नागरिक के हक़ के लिए लड़ते रहेंगे।1