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उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। इस प्रदर्शन के दौरान जब ग्राम प्रधान जुलूस की शक्ल में सचिवालय की ओर बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने सचिवालय से पहले ही सुभाष रोड (पुलिस मुख्यालय के पास) पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान आक्रोशित प्रधानों और पुलिस के बीच तीखी बहस और जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर और फांदकर आगे बढ़ गए, जिससे मौके पर काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें: संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रधानों ने सरकार पर उनके साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया और निम्नलिखित मांगें उठाईं: मानदेय में वृद्धि: ग्राम प्रधानों के लिए 20,000 रुपये मासिक वेतन/मानदेय तय किया जाए। मनरेगा मजदूरी और उपस्थिति: मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी को महंगाई के अनुपात में बढ़ाया जाए और ऑनलाइन उपस्थिति (NMMS) में नेटवर्क की समस्या के कारण आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए। अधिकारों का हस्तांतरण: पंचायती राज विभाग के 29 विषयों को पूरी तरह पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए और ₹10 लाख तक के कार्यों के लिए पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए। टैक्स बाध्यता का विरोध: 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायतों में परिवारों से जबरन ₹100 प्रतिमाह टैक्स वसूलने के नियम का विरोध किया गया, क्योंकि ऐसा न करने पर बजट में 20% कटौती का प्रावधान है। अन्य मांगें: सांसदों और विधायकों की तरह प्रधान निधि का गठन हो और जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित किया जाए। प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

59 min ago
user_Uma shankar Kukreti
Uma shankar Kukreti
Newspaper publisher ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
59 min ago

उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। इस प्रदर्शन के दौरान जब ग्राम प्रधान जुलूस की शक्ल में सचिवालय की ओर बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने सचिवालय से पहले ही सुभाष रोड (पुलिस मुख्यालय के पास) पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान आक्रोशित प्रधानों और पुलिस के बीच तीखी बहस

और जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर और फांदकर आगे बढ़ गए, जिससे मौके पर काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें: संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रधानों ने सरकार पर उनके साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया और निम्नलिखित मांगें उठाईं: मानदेय में वृद्धि: ग्राम प्रधानों के लिए 20,000 रुपये मासिक वेतन/मानदेय तय किया जाए। मनरेगा मजदूरी और उपस्थिति: मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी को महंगाई के अनुपात में बढ़ाया जाए और ऑनलाइन उपस्थिति (NMMS) में नेटवर्क की समस्या के कारण आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए। अधिकारों का हस्तांतरण: पंचायती राज विभाग के 29 विषयों को पूरी तरह पंचायतों

को हस्तांतरित किया जाए और ₹10 लाख तक के कार्यों के लिए पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए। टैक्स बाध्यता का विरोध: 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायतों में परिवारों से जबरन ₹100 प्रतिमाह टैक्स वसूलने के नियम का विरोध किया गया, क्योंकि ऐसा न करने पर बजट में 20% कटौती का प्रावधान है। अन्य मांगें: सांसदों और विधायकों की तरह प्रधान निधि का गठन हो और जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित किया जाए। प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

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  • उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। इस प्रदर्शन के दौरान जब ग्राम प्रधान जुलूस की शक्ल में सचिवालय की ओर बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने सचिवालय से पहले ही सुभाष रोड (पुलिस मुख्यालय के पास) पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान आक्रोशित प्रधानों और पुलिस के बीच तीखी बहस और जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर और फांदकर आगे बढ़ गए, जिससे मौके पर काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें: संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रधानों ने सरकार पर उनके साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया और निम्नलिखित मांगें उठाईं: मानदेय में वृद्धि: ग्राम प्रधानों के लिए 20,000 रुपये मासिक वेतन/मानदेय तय किया जाए। मनरेगा मजदूरी और उपस्थिति: मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी को महंगाई के अनुपात में बढ़ाया जाए और ऑनलाइन उपस्थिति (NMMS) में नेटवर्क की समस्या के कारण आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए। अधिकारों का हस्तांतरण: पंचायती राज विभाग के 29 विषयों को पूरी तरह पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए और ₹10 लाख तक के कार्यों के लिए पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए। टैक्स बाध्यता का विरोध: 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायतों में परिवारों से जबरन ₹100 प्रतिमाह टैक्स वसूलने के नियम का विरोध किया गया, क्योंकि ऐसा न करने पर बजट में 20% कटौती का प्रावधान है। अन्य मांगें: सांसदों और विधायकों की तरह प्रधान निधि का गठन हो और जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित किया जाए। प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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    उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। 
उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। 
इस प्रदर्शन के दौरान जब ग्राम प्रधान जुलूस की शक्ल में सचिवालय की ओर बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने सचिवालय से पहले ही सुभाष रोड (पुलिस मुख्यालय के पास) पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान आक्रोशित प्रधानों और पुलिस के बीच तीखी बहस और जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर और फांदकर आगे बढ़ गए, जिससे मौके पर काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। 
ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें:
संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रधानों ने सरकार पर उनके साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया और निम्नलिखित मांगें उठाईं: 
मानदेय में वृद्धि: ग्राम प्रधानों के लिए 20,000 रुपये मासिक वेतन/मानदेय तय किया जाए। 
मनरेगा मजदूरी और उपस्थिति: मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी को महंगाई के अनुपात में बढ़ाया जाए और ऑनलाइन उपस्थिति (NMMS) में नेटवर्क की समस्या के कारण आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए। 
अधिकारों का हस्तांतरण: पंचायती राज विभाग के 29 विषयों को पूरी तरह पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए और ₹10 लाख तक के कार्यों के लिए पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए। 
टैक्स बाध्यता का विरोध: 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायतों में परिवारों से जबरन ₹100 प्रतिमाह टैक्स वसूलने के नियम का विरोध किया गया, क्योंकि ऐसा न करने पर बजट में 20% कटौती का प्रावधान है। 
अन्य मांगें: सांसदों और विधायकों की तरह प्रधान निधि का गठन हो और जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित किया जाए। 
प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
    user_Uma shankar Kukreti
    Uma shankar Kukreti
    Newspaper publisher ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    59 min ago
  • राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद जंतर-मंतर से पहले हिरासत में नई दिल्ली। ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसदों ने बुधवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च किया। पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोककर हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से निर्धारित प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर अपनी बात रखना चाहता था। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर मौके से हटाया। राहुल गांधी और अन्य नेताओं को बाद में हिरासत से रिहा कर दिया गया। विपक्ष का आरोप: मतदाता सूची में बदलाव के जरिए ‘वोट चोरी’ की जा रही है। चुनाव आयोग/भाजपा का पक्ष: मतदाता सूची में संशोधन का उद्देश्य अपात्र और डुप्लीकेट नाम हटाना है और इसमें कोई राजनीतिक पक्षपात नहीं है।
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    राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद जंतर-मंतर से पहले हिरासत में
नई दिल्ली। ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसदों ने बुधवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च किया। पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोककर हिरासत में ले लिया। 
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से निर्धारित प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर अपनी बात रखना चाहता था। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। 
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर मौके से हटाया। राहुल गांधी और अन्य नेताओं को बाद में हिरासत से रिहा कर दिया गया। 
विपक्ष का आरोप: मतदाता सूची में बदलाव के जरिए ‘वोट चोरी’ की जा रही है।
चुनाव आयोग/भाजपा का पक्ष: मतदाता सूची में संशोधन का उद्देश्य अपात्र और डुप्लीकेट नाम हटाना है और इसमें कोई राजनीतिक पक्षपात नहीं है।
    user_Arunabh Raturi
    Arunabh Raturi
    Photographer ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • डोईवाला नगर🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित।। The Aman Times | डोईवाला 🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट समेत 16 मुख्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 7 नए वाहन, हाईमास्ट/सेमी हाईमास्ट लाइट, जीआईएस सर्वे, सफाई उपकरण, स्ट्रीट लाइट सामग्री और दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इसके अलावा भानियावाला व डोईवाला में पार्क निर्माण, वार्ड-6 में 27.79 लाख रुपये से मिनी ट्यूबवेल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपविधि-2026 और बंदरों की समस्या से निजात के लिए कार्रवाई सहित कई प्रस्ताव पारित किए गए।
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    डोईवाला नगर🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित।।
The Aman Times | डोईवाला
🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित
नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट समेत 16 मुख्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 7 नए वाहन, हाईमास्ट/सेमी हाईमास्ट लाइट, जीआईएस सर्वे, सफाई उपकरण, स्ट्रीट लाइट सामग्री और दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति मिली।
इसके अलावा भानियावाला व डोईवाला में पार्क निर्माण, वार्ड-6 में 27.79 लाख रुपये से मिनी ट्यूबवेल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपविधि-2026 और बंदरों की समस्या से निजात के लिए कार्रवाई सहित कई प्रस्ताव पारित किए गए।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    44 min ago
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार दौरे के दौरान कांग्रेसियों ने दिखाने चाहे काले झंडे कांग्रेसी नेता मनोज धनकर और साथियों को हरिद्वार पुलिस ने घर से गिरफ्तार कर ले गई कोतवाली सिडकुल।
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    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार दौरे के दौरान कांग्रेसियों ने दिखाने चाहे काले झंडे कांग्रेसी नेता मनोज धनकर और साथियों को हरिद्वार पुलिस ने घर से गिरफ्तार कर ले गई कोतवाली सिडकुल।
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट द्वारा आज छठे दिन का महायज्ञ
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    राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट द्वारा आज छठे दिन का महायज्ञ
    user_S k saini आचार्य प्राणनाथ
    S k saini आचार्य प्राणनाथ
    Social club हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पहुंचे क्रिकेटर मोहम्मद शमी, दोनों ने साथ खेला क्रिकेट शमी बोले- “मैं और उमेश कुमार भाई हैं”, पूर्व पत्नी से जुड़े सवाल पर टिप्पणी से किया इनकार उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पहुंचे क्रिकेटर मोहम्मद शमी, दोनों ने साथ खेला क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी बुधवार को खानपुर विधायक उमेश कुमार के नहर किनारा स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे। इस दौरान दोनों ने साथ में क्रिकेट खेला। शमी ने उमेश कुमार को गेंदबाजी कराई और दोनों ने कुछ देर तक क्रिकेट का आनंद लिया। मौके पर मौजूद लोगों में शमी को देखने और उनके साथ तस्वीरें लेने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान मोहम्मद शमी ने उमेश कुमार को अपना भाई बताते हुए कहा— “मैं और उमेश कुमार भाई हैं।” वहीं, जब शमी से उनकी पूर्व पत्नी से जुड़े सवाल पूछे गए तो उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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    उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पहुंचे क्रिकेटर मोहम्मद शमी, दोनों ने साथ खेला क्रिकेट
शमी बोले- “मैं और उमेश कुमार भाई हैं”, पूर्व पत्नी से जुड़े सवाल पर टिप्पणी से किया इनकार
उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पहुंचे क्रिकेटर मोहम्मद शमी, दोनों ने साथ खेला क्रिकेट
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी बुधवार को खानपुर विधायक उमेश कुमार के नहर किनारा स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे। इस दौरान दोनों ने साथ में क्रिकेट खेला। शमी ने उमेश कुमार को गेंदबाजी कराई और दोनों ने कुछ देर तक क्रिकेट का आनंद लिया।
मौके पर मौजूद लोगों में शमी को देखने और उनके साथ तस्वीरें लेने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।
इस दौरान मोहम्मद शमी ने उमेश कुमार को अपना भाई बताते हुए कहा— “मैं और उमेश कुमार भाई हैं।”
वहीं, जब शमी से उनकी पूर्व पत्नी से जुड़े सवाल पूछे गए तो उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
    user_सुमित सैनी पत्रकार
    सुमित सैनी पत्रकार
    Newspaper publisher हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    13 hrs ago
  • कांग्रेस द्वारा आज निकाली गई ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में कुछ कांग्रेसियों को सिर बचाने भारी पड़ गये। रैली में दो कांग्रेसी नेता आपस में उलझ गए।इस दौरान खूब गाली-गलौज हुई और कपड़े भी फटे, मारपीट तो घटना के वायरल हो रहे वीडियो में होती दिखाई दे ही रही है। दोनों नेताओं के समर्थकों के भी आमने-सामने आ जाने से मामला व्यापक रूप लेने वाला था लेकिन बड़े बुजुर्गो ने बीच में आकर मामला संभाल लिया। बताया जा रहा है कि यात्रा शुरु होते ही दो नेताओं गुरजीत लहरी और जितेंद्र पंवार आपस में भिड़ गए। जानकारी ये मिली है कि मंगलौर के कांग्रेसी नेता जितेन्द्र पंवार ने पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत को लेकर कोई टिप्पणी कर दी, हरीश रावत समर्थक गुरजीत लहरी को ये बुरा लगा जिसके बाद पहले दोनों और फिर उनके समर्थक भी आपस में गुत्थमगुत्था हो गये।इस दौरान 'इसकी मां का...इसकी बाहण का' जैसे शब्द भी सुने गए। जबकि रैली में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी सैलजा प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित बड़े नेता भी मौजूद थे। सरेराह हुए इस विवाद से पार्टी के भीतर की गुटबाजी भी सामने आ गई है। कांग्रेस के बड़े नेता जहां घटना पर अपने होंठ बंद किए हुए हैं वहीं विपक्ष इसपर चटखारे ले रहा है। हरिद्वार भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा जनसंवाद यात्रा निकाल रहे कांग्रेस के टाईगर हरीश रावत को हाईकमान आंखें दिखा रहा है तो कहीं सड़कों पर कांग्रेसी आपस में उलझ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस को 2027 के दिवास्वप्न देखने की बजाय पहले कुनबे को समेटने पर ध्यान देना चाहिए। (_कुमार दुष्यंत_)
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    कांग्रेस द्वारा आज निकाली गई ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में कुछ कांग्रेसियों को सिर बचाने भारी पड़ गये। रैली में दो कांग्रेसी नेता आपस में उलझ गए।इस दौरान खूब गाली-गलौज हुई और कपड़े भी फटे, मारपीट तो घटना के वायरल हो रहे वीडियो में होती दिखाई दे ही रही है। दोनों नेताओं के समर्थकों के भी आमने-सामने आ जाने से मामला व्यापक रूप लेने वाला था लेकिन बड़े बुजुर्गो ने बीच में आकर मामला संभाल लिया।
बताया जा रहा है कि यात्रा  शुरु होते ही दो नेताओं गुरजीत लहरी और जितेंद्र पंवार  आपस में भिड़ गए। जानकारी ये मिली है कि मंगलौर के कांग्रेसी नेता जितेन्द्र पंवार ने पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत को लेकर कोई टिप्पणी कर दी, हरीश रावत समर्थक गुरजीत लहरी को ये बुरा लगा जिसके बाद पहले दोनों और फिर उनके समर्थक भी आपस में गुत्थमगुत्था हो गये।इस दौरान 'इसकी मां का...इसकी बाहण का' जैसे शब्द भी सुने गए।
जबकि रैली में 
कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी सैलजा प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित बड़े नेता भी मौजूद थे।
सरेराह हुए 
इस विवाद से पार्टी के भीतर की गुटबाजी भी सामने आ गई है।
कांग्रेस के बड़े नेता जहां घटना पर अपने होंठ बंद किए हुए हैं वहीं विपक्ष इसपर चटखारे ले रहा है। हरिद्वार भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा जनसंवाद यात्रा निकाल रहे कांग्रेस के टाईगर हरीश रावत को हाईकमान आंखें दिखा रहा है तो कहीं सड़कों पर कांग्रेसी आपस में उलझ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस को 2027 के दिवास्वप्न देखने की बजाय पहले कुनबे को समेटने पर ध्यान देना चाहिए।
(_कुमार दुष्यंत_)
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    22 hrs ago
  • हरिद्वार में सातवें इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो में शामिल हुए सीएम धामी सीएम धामी के नेतृत्व में प्रदेश में धरातल पर उतरे हैं ₹1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश खुरपिया फार्म में 1002 एकड़ भूमि पर स्वीकृत किया गया है एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर उद्यमों के लिए डेस्टिनेशन बन कर उभरा है उत्तराखंड निवेश की नई उड़ान, उत्तराखण्ड बना उद्योगों की पहली पसंद सीएम धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड बना निवेश और उद्यमों का नया डेस्टिनेशन
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    हरिद्वार में सातवें इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो में शामिल हुए सीएम धामी
सीएम धामी के नेतृत्व में प्रदेश में धरातल पर उतरे हैं ₹1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश 
खुरपिया फार्म में 1002 एकड़ भूमि पर स्वीकृत किया गया है एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर 
उद्यमों के लिए डेस्टिनेशन बन कर उभरा है उत्तराखंड 
निवेश की नई उड़ान, उत्तराखण्ड बना उद्योगों की पहली पसंद
सीएम धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड बना निवेश और उद्यमों का नया डेस्टिनेशन
    user_Uma shankar Kukreti
    Uma shankar Kukreti
    Newspaper publisher ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    1 hr ago
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