logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

डोईवाला नगर🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित।। The Aman Times | डोईवाला 🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट समेत 16 मुख्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 7 नए वाहन, हाईमास्ट/सेमी हाईमास्ट लाइट, जीआईएस सर्वे, सफाई उपकरण, स्ट्रीट लाइट सामग्री और दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इसके अलावा भानियावाला व डोईवाला में पार्क निर्माण, वार्ड-6 में 27.79 लाख रुपये से मिनी ट्यूबवेल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपविधि-2026 और बंदरों की समस्या से निजात के लिए कार्रवाई सहित कई प्रस्ताव पारित किए गए।

1 hr ago
user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
1 hr ago

डोईवाला नगर🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित।। The Aman Times | डोईवाला 🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट समेत 16 मुख्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 7 नए वाहन, हाईमास्ट/सेमी हाईमास्ट लाइट, जीआईएस सर्वे, सफाई उपकरण, स्ट्रीट लाइट सामग्री और दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इसके अलावा भानियावाला व डोईवाला में पार्क निर्माण, वार्ड-6 में 27.79 लाख रुपये से मिनी ट्यूबवेल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपविधि-2026 और बंदरों की समस्या से निजात के लिए कार्रवाई सहित कई प्रस्ताव पारित किए गए।

More news from उत्तराखंड and nearby areas
  • देहरादून में प्रदेश के ग्राम प्रधानों का उग्र प्रदेश, तोड़े बैरिकेड।। The Aman Times देहरादून में प्रदेश के ग्राम प्रधानों का उग्र प्रदेश, तोड़े बैरिकेड। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंडभर के ग्राम प्रधानों ने परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और आगे बढ़ गए। प्रधानों की प्रमुख मांगों में ₹20 हजार मासिक मानदेय, अलग प्रधान फंड, ₹10 लाख तक के विकास कार्यों का अधिकार और पंचायती राज के 29 विषय ग्राम पंचायतों को सौंपना शामिल है। प्रधानों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
    1
    देहरादून में प्रदेश के ग्राम प्रधानों  का उग्र प्रदेश, तोड़े बैरिकेड।।
The Aman Times 
देहरादून में प्रदेश के ग्राम प्रधानों  का उग्र प्रदेश, तोड़े बैरिकेड।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंडभर के ग्राम प्रधानों ने परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और आगे बढ़ गए।
प्रधानों की प्रमुख मांगों में ₹20 हजार मासिक मानदेय, अलग प्रधान फंड, ₹10 लाख तक के विकास कार्यों का अधिकार और पंचायती राज के 29 विषय ग्राम पंचायतों को सौंपना शामिल है।
प्रधानों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    40 min ago
  • उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। इस प्रदर्शन के दौरान जब ग्राम प्रधान जुलूस की शक्ल में सचिवालय की ओर बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने सचिवालय से पहले ही सुभाष रोड (पुलिस मुख्यालय के पास) पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान आक्रोशित प्रधानों और पुलिस के बीच तीखी बहस और जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर और फांदकर आगे बढ़ गए, जिससे मौके पर काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें: संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रधानों ने सरकार पर उनके साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया और निम्नलिखित मांगें उठाईं: मानदेय में वृद्धि: ग्राम प्रधानों के लिए 20,000 रुपये मासिक वेतन/मानदेय तय किया जाए। मनरेगा मजदूरी और उपस्थिति: मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी को महंगाई के अनुपात में बढ़ाया जाए और ऑनलाइन उपस्थिति (NMMS) में नेटवर्क की समस्या के कारण आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए। अधिकारों का हस्तांतरण: पंचायती राज विभाग के 29 विषयों को पूरी तरह पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए और ₹10 लाख तक के कार्यों के लिए पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए। टैक्स बाध्यता का विरोध: 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायतों में परिवारों से जबरन ₹100 प्रतिमाह टैक्स वसूलने के नियम का विरोध किया गया, क्योंकि ऐसा न करने पर बजट में 20% कटौती का प्रावधान है। अन्य मांगें: सांसदों और विधायकों की तरह प्रधान निधि का गठन हो और जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित किया जाए। प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
    3
    उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। 
उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। 
इस प्रदर्शन के दौरान जब ग्राम प्रधान जुलूस की शक्ल में सचिवालय की ओर बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने सचिवालय से पहले ही सुभाष रोड (पुलिस मुख्यालय के पास) पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान आक्रोशित प्रधानों और पुलिस के बीच तीखी बहस और जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर और फांदकर आगे बढ़ गए, जिससे मौके पर काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। 
ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें:
संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रधानों ने सरकार पर उनके साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया और निम्नलिखित मांगें उठाईं: 
मानदेय में वृद्धि: ग्राम प्रधानों के लिए 20,000 रुपये मासिक वेतन/मानदेय तय किया जाए। 
मनरेगा मजदूरी और उपस्थिति: मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी को महंगाई के अनुपात में बढ़ाया जाए और ऑनलाइन उपस्थिति (NMMS) में नेटवर्क की समस्या के कारण आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए। 
अधिकारों का हस्तांतरण: पंचायती राज विभाग के 29 विषयों को पूरी तरह पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए और ₹10 लाख तक के कार्यों के लिए पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए। 
टैक्स बाध्यता का विरोध: 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायतों में परिवारों से जबरन ₹100 प्रतिमाह टैक्स वसूलने के नियम का विरोध किया गया, क्योंकि ऐसा न करने पर बजट में 20% कटौती का प्रावधान है। 
अन्य मांगें: सांसदों और विधायकों की तरह प्रधान निधि का गठन हो और जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित किया जाए। 
प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
    user_Uma shankar Kukreti
    Uma shankar Kukreti
    Newspaper publisher ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद जंतर-मंतर से पहले हिरासत में नई दिल्ली। ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसदों ने बुधवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च किया। पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोककर हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से निर्धारित प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर अपनी बात रखना चाहता था। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर मौके से हटाया। राहुल गांधी और अन्य नेताओं को बाद में हिरासत से रिहा कर दिया गया। विपक्ष का आरोप: मतदाता सूची में बदलाव के जरिए ‘वोट चोरी’ की जा रही है। चुनाव आयोग/भाजपा का पक्ष: मतदाता सूची में संशोधन का उद्देश्य अपात्र और डुप्लीकेट नाम हटाना है और इसमें कोई राजनीतिक पक्षपात नहीं है।
    1
    राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद जंतर-मंतर से पहले हिरासत में
नई दिल्ली। ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसदों ने बुधवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च किया। पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोककर हिरासत में ले लिया। 
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से निर्धारित प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर अपनी बात रखना चाहता था। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। 
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर मौके से हटाया। राहुल गांधी और अन्य नेताओं को बाद में हिरासत से रिहा कर दिया गया। 
विपक्ष का आरोप: मतदाता सूची में बदलाव के जरिए ‘वोट चोरी’ की जा रही है।
चुनाव आयोग/भाजपा का पक्ष: मतदाता सूची में संशोधन का उद्देश्य अपात्र और डुप्लीकेट नाम हटाना है और इसमें कोई राजनीतिक पक्षपात नहीं है।
    user_Arunabh Raturi
    Arunabh Raturi
    Photographer ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • 🚫 नशा छोड़ो, जीवन बचाओ! 🌿 अगर आप या आपके परिवार में कोई नशे की आदत से परेशान है, तो GLC Health Care का G-UMANG एक आयुर्वेदिक प्रोडक्ट है, जिसे नशा मुक्ति के सपोर्ट के लिए उपयोग किया जाता है। 🌿 सही जानकारी और नियमित उपयोग के साथ नशे से दूरी बनाने की कोशिश शुरू करें। 🏠 घर बैठे ऑर्डर की सुविधा उपलब्ध। 📲 अधिक जानकारी और उपयोग की सही जानकारी के लिए संपर्क करें। नशे को ना कहें, स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएँ। 🙏 इस संदेश को जरूरतमंद व्यक्ति तक जरूर शेयर करें। 7568628143
    1
    🚫 नशा छोड़ो, जीवन बचाओ! 🌿

अगर आप या आपके परिवार में कोई नशे की आदत से परेशान है, तो GLC Health Care का G-UMANG एक आयुर्वेदिक प्रोडक्ट है, जिसे नशा मुक्ति के सपोर्ट के लिए उपयोग किया जाता है।

🌿 सही जानकारी और नियमित उपयोग के साथ नशे से दूरी बनाने की कोशिश शुरू करें।
🏠 घर बैठे ऑर्डर की सुविधा उपलब्ध।

📲 अधिक जानकारी और उपयोग की सही जानकारी के लिए संपर्क करें।

नशे को ना कहें, स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएँ।
🙏 इस संदेश को जरूरतमंद व्यक्ति तक जरूर शेयर करें।
7568628143
    user_Dr.Sharwan
    Dr.Sharwan
    Local News Reporter Dehradun, Uttarakhand•
    7 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश का विकास! मुस्कुराइए कि बाढ़ यहां है प्रोटोकॉल कहां है!
    1
    उत्तर प्रदेश का विकास! 

मुस्कुराइए कि बाढ़ यहां है प्रोटोकॉल कहां है!
    user_Rajkumar mehra press reporter
    Rajkumar mehra press reporter
    Real Estate Agent देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    19 hrs ago
  • तेज हवा और बारिश का कहर: तिब्बती मार्केट के पास दुकानों पर गिरा पेड़, टला बड़ा हादसा स्थान - देहरादून रिपोर्ट - दीपक पंवार देहरादून। राजधानी देहरादून में तेज हवा और बारिश के चलते तिब्बती मार्केट के पास एक बड़ा पेड़ अचानक दुकानों के ऊपर जा गिरा। पेड़ का एक हिस्सा सड़क पर भी गिरने से मार्ग प्रभावित हो गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। पेड़ पूरी तरह से दुकानों के ऊपर गिरा, जिससे दुकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं आधा पेड़ सड़क पर गिरने से आवाजाही भी प्रभावित हुई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पेड़ को हटाने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि सड़क पर यातायात सुचारू हो सके।
    1
    तेज हवा और बारिश का कहर: तिब्बती मार्केट के पास दुकानों पर गिरा पेड़, टला बड़ा हादसा
स्थान - देहरादून 
रिपोर्ट - दीपक पंवार 
देहरादून। राजधानी देहरादून में तेज हवा और बारिश के चलते तिब्बती मार्केट के पास एक बड़ा पेड़ अचानक दुकानों के ऊपर जा गिरा। पेड़ का एक हिस्सा सड़क पर भी गिरने से मार्ग प्रभावित हो गया।
गनीमत रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। पेड़ पूरी तरह से दुकानों के ऊपर गिरा, जिससे दुकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं आधा पेड़ सड़क पर गिरने से आवाजाही भी प्रभावित हुई।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पेड़ को हटाने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि सड़क पर यातायात सुचारू हो सके।
    user_दीपक पंवार
    दीपक पंवार
    विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    22 hrs ago
  • जय जवान जय किसान माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को सचिव के पद से हटा दिया गया, हालांकि उन्हें जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के पद से नहीं हटाया गया। इसके पश्चात बरकत अली को सचिव के पद पर नियुक्त किया गया। लेकिन बरकत अली की नियुक्ति को लेकर भी यह प्रश्न उठता है कि क्या वे सचिव पद के लिए निर्धारित योग्यता, अनुभव एवं कार्यक्षेत्र के अनुरूप हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनका मूल कार्य फार्मेसी एवं दवाइयों से संबंधित है, जबकि सचिव का पद प्रशासनिक एवं विभागीय दायित्वों से जुड़ा हुआ है। इसलिए यह आवश्यक है कि उनकी नियुक्ति में निर्धारित नियमों, योग्यता एवं पद की पात्रता का पालन हुआ है या नहीं, इसकी निष्पक्ष रूप से जांच की जाए। जय जवान जय किसान माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को सचिव के पद से हटा दिया गया, हालांकि उन्हें जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के पद से नहीं हटाया गया। इसके पश्चात बरकत अली को सचिव के पद पर नियुक्त किया गया। लेकिन बरकत अली की नियुक्ति को लेकर भी यह प्रश्न उठता है कि क्या वे सचिव पद के लिए निर्धारित योग्यता, अनुभव एवं कार्यक्षेत्र के अनुरूप हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनका मूल कार्य फार्मेसी एवं दवाइयों से संबंधित है, जबकि सचिव का पद प्रशासनिक एवं विभागीय दायित्वों से जुड़ा हुआ है। इसलिए यह आवश्यक है कि उनकी नियुक्ति में निर्धारित नियमों, योग्यता एवं पद की पात्रता का पालन हुआ है या नहीं, इसकी निष्पक्ष रूप से जांच की जाए।
    1
    जय जवान जय किसान
माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को सचिव के पद से हटा दिया गया, हालांकि उन्हें जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के पद से नहीं हटाया गया। इसके पश्चात बरकत अली को सचिव के पद पर नियुक्त किया गया।

लेकिन बरकत अली की नियुक्ति को लेकर भी यह प्रश्न उठता है कि क्या वे सचिव पद के लिए निर्धारित योग्यता, अनुभव एवं कार्यक्षेत्र के अनुरूप हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनका मूल कार्य फार्मेसी एवं दवाइयों से संबंधित है, जबकि सचिव का पद प्रशासनिक एवं विभागीय दायित्वों से जुड़ा हुआ है। इसलिए यह आवश्यक है कि उनकी नियुक्ति में निर्धारित नियमों, योग्यता एवं पद की पात्रता का पालन हुआ है या नहीं, इसकी निष्पक्ष रूप से जांच की जाए।
जय जवान जय किसान
माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को सचिव के पद से हटा दिया गया, हालांकि उन्हें जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के पद से नहीं हटाया गया। इसके पश्चात बरकत अली को सचिव के पद पर नियुक्त किया गया।
लेकिन बरकत अली की नियुक्ति को लेकर भी यह प्रश्न उठता है कि क्या वे सचिव पद के लिए निर्धारित योग्यता, अनुभव एवं कार्यक्षेत्र के अनुरूप हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनका मूल कार्य फार्मेसी एवं दवाइयों से संबंधित है, जबकि सचिव का पद प्रशासनिक एवं विभागीय दायित्वों से जुड़ा हुआ है। इसलिए यह आवश्यक है कि उनकी नियुक्ति में निर्धारित नियमों, योग्यता एवं पद की पात्रता का पालन हुआ है या नहीं, इसकी निष्पक्ष रूप से जांच की जाए।
    user_किसान मजदूर महासंग्राम संगठन
    किसान मजदूर महासंग्राम संगठन
    Farmer देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    23 hrs ago
  • डोईवाला नगर🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित।। The Aman Times | डोईवाला 🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट समेत 16 मुख्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 7 नए वाहन, हाईमास्ट/सेमी हाईमास्ट लाइट, जीआईएस सर्वे, सफाई उपकरण, स्ट्रीट लाइट सामग्री और दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इसके अलावा भानियावाला व डोईवाला में पार्क निर्माण, वार्ड-6 में 27.79 लाख रुपये से मिनी ट्यूबवेल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपविधि-2026 और बंदरों की समस्या से निजात के लिए कार्रवाई सहित कई प्रस्ताव पारित किए गए।
    1
    डोईवाला नगर🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित।।
The Aman Times | डोईवाला
🏛️ पालिका बोर्ड बैठक में 16 प्रस्ताव पारित
नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट समेत 16 मुख्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 7 नए वाहन, हाईमास्ट/सेमी हाईमास्ट लाइट, जीआईएस सर्वे, सफाई उपकरण, स्ट्रीट लाइट सामग्री और दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति मिली।
इसके अलावा भानियावाला व डोईवाला में पार्क निर्माण, वार्ड-6 में 27.79 लाख रुपये से मिनी ट्यूबवेल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपविधि-2026 और बंदरों की समस्या से निजात के लिए कार्रवाई सहित कई प्रस्ताव पारित किए गए।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.