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चित्रकूट जिले के अर्की गांव में एक अनियंत्रित ट्रैक्टर 11,000 वोल्ट के बिजली खंभे से टकरा गया, जिससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर चालक खेत से वापस लौट रहा था और तेज रफ्तार के कारण संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि बिजली का खंभा और उस पर लगा ट्रांसफार्मर दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं बिजली के तार ट्रैक्टर पर गिर गए। इस हादसे में ट्रैक्टर चालक बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन इस टक्कर के कारण सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
Umesh Chandra
चित्रकूट जिले के अर्की गांव में एक अनियंत्रित ट्रैक्टर 11,000 वोल्ट के बिजली खंभे से टकरा गया, जिससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर चालक खेत से वापस लौट रहा था और तेज रफ्तार के कारण संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि बिजली का खंभा और उस पर लगा ट्रांसफार्मर दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं बिजली के तार ट्रैक्टर पर गिर गए। इस हादसे में ट्रैक्टर चालक बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन इस टक्कर के कारण सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
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- प्रयागराज में एसीपी धूमनगंज के नेतृत्व में हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, पुरामुफ्ती पुलिस अपराधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, एसीपी धूमनगंज और थानाध्यक्ष पुरामुफ्ती ने अपनी टीम के साथ पैदल मार्च भी किया।1
- कौशांबी के मंझनपुर चौराहे पर पुलिस कर्मियों ने लड़कियों और उनकी माँ की बेरहमी से पिटाई की है। जानकारी के अनुसार, मंझनपुर कौशांबी पुलिस ने आशी सिंह और आयशा सिंह नामक लड़कियों को चौराहे पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस दौरान, उनकी माँ रन्नो देवी को भी पुलिस वालों ने मारा-पीटा और उनका मोबाइल नंबर भी अपने कब्ज़े में ले लिया।1
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- कौशांबी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र में ओवरलोड और बिना किसी सुरक्षा मानकों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर बेखौफ दौड़ रही हैं। इन वाहनों के कारण राहगीरों और स्कूली बच्चों की जान लगातार जोखिम में बनी हुई है, क्योंकि ये खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। इस चिंताजनक स्थिति का मुख्य कारण परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता को बताया गया है। उनकी तरफ से कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से यह समस्या गंभीर रूप धारण कर चुकी है। क्षेत्रीय लोगों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन ओवरलोड वाहनों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो कभी भी कोई बड़ा और गंभीर हादसा हो सकता है। इसी के मद्देनजर, स्थानीय जनता ने जिम्मेदार विभागों से तत्काल अभियान चलाकर ऐसे लापरवाही भरे वाहनों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।1
- सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने एक नया बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अब देश कोर्ट ही चलाएगा।1
- आज चित्रकूट जिलाधिकारी ने कामदगिरि महाआरती स्थल पर चल रहे पर्यटन विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें कार्य की गुणवत्ता और प्रगति में कई गंभीर कमियाँ मिलीं। इन अनियमितताओं पर उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। यह परियोजना राज्य सेक्टर के तहत पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत है और इसका निर्माण यू०पी० प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, परियोजना को 20 फरवरी 2025 को शासनादेश संख्या 65/2025/आई०एफ०-887225/001-41-2002-002-4-2025-सीजन-1890451 के माध्यम से प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिली है, जिसकी कुल स्वीकृत लागत ₹260.68 लाख है। कार्य जुलाई 2025 में शुरू हुआ था और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना में मल्टीपरपज हॉल, महाआरती स्थल प्लेटफार्म, सजावटी स्तम्भ, कोबल स्टोन पाथवे, प्लम्बिंग, म्यूरल वॉल निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण, तथा बाह्य विद्युतीकरण जैसे विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि स्थल पर लगाई जा रही वॉल पेंटिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, जिसके लिए उन्होंने इसे व्यवस्थित ढंग से स्थापित करने के निर्देश दिए। रेड स्टोन और अन्य पत्थरों की बिछाई में भी कोई निर्धारित पैटर्न विकसित नहीं किया गया था, जिस पर जिलाधिकारी ने गलत लगे पत्थरों को हटाकर स्वीकृत डिज़ाइन के अनुरूप आकर्षक पैटर्न विकसित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, ग्रेनाइट कार्य के निरीक्षण में पता चला कि नीचे का बेस ठीक से तैयार नहीं था, जिससे कई जगहों पर ग्रेनाइट में दरारें आ रही थीं। जिलाधिकारी ने इसे 'अत्यंत गंभीर लापरवाही' बताते हुए संबंधित संस्था और ठेकेदार पर नियमानुसार पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने म्यूरल वॉल सहित अन्य निर्माण कार्यों में पाई गई कमियों को दूर करने तथा परियोजना को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के लिए संबंधित संस्था को 15 दिवस का अंतिम अवसर प्रदान किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कमियों का निस्तारण कर कार्य को अगले 10 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि जून 2026 की निर्धारित समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए, साथ ही लगाए जा रहे पौधों के चारों ओर उचित घेराबंदी की जाए ताकि उन्हें बंदरों एवं अन्य जानवरों से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी दोहराया कि निर्धारित अवधि के बाद पुनः निरीक्षण किया जाएगा और संतोषजनक प्रगति न पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि कामदगिरि महाआरती स्थल जनपद का एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है और इसके विकास कार्यों में गुणवत्ता, सौन्दर्य एवं समयबद्धता से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।1
- कौशांबी के थाना मंझनपुर में आशी सिंह, आयशा सिंह और रन्नो देवी, जयसिंह यादव, रुद्र यादव और उनकी पत्नी नीता देवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पहुंचीं। हालांकि, पुलिस वालों पर आरोप है कि उन्होंने 'आरोपी के पीड़ित' यानी शिकायतकर्ता महिलाओं के साथ 'गोंडई' की, जिससे मंझनपुर कौशांबी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।1
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