सुल्तानपुर जिले की लंभुआ तहसील क्षेत्र में लखनऊ-वाराणसी फोरलेन किनारे झाड़ियों में मतदाता सूची से संबंधित फार्म-6 और राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण अभिलेख मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह दियारा रोड स्थित फोरलेन किनारे झाड़ियों में तहसील लंभुआ के दस्तावेजों का बंडल मिलने से हड़कंप मच गया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच बैठाकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी थी। जिलाधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर, प्रभारी रजिस्टर कानूनगो शैलेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस प्रकरण की जांच एडीएम (ई), सीओ लंभुआ और एसडीएम लंभुआ की संयुक्त टीम द्वारा की गई थी। जांच में पाया गया कि सड़क किनारे खेत में फेंके गए सभी दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से वापस तहसील लाया गया है। जांच टीम को जानकारी मिली कि बरामद दस्तावेजों में कुछ आरसी प्रपत्र एवं वर्ष 2018 के फार्म-6 शामिल हैं। ये अभिलेख पुरानी तहसील परिसर के एक कमरे में ताला लगाकर सुरक्षित रखे गए थे, लेकिन जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कमरे का ताला तोड़कर इन दस्तावेजों को बाहर निकाला गया और बाद में खेत में फेंक दिया गया। प्रशासन ने ताला तोड़कर सरकारी अभिलेख बाहर फेंकने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुछ शरारती तत्व इस मामले को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से जोड़कर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि बरामद दस्तावेज वर्ष 2018 के हैं और उनका वर्तमान पुनरीक्षण अभियान से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रामक प्रचार करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सुल्तानपुर जिले की लंभुआ तहसील क्षेत्र में लखनऊ-वाराणसी फोरलेन किनारे झाड़ियों में मतदाता सूची से संबंधित फार्म-6 और राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण अभिलेख मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह दियारा रोड स्थित फोरलेन किनारे झाड़ियों में तहसील लंभुआ के दस्तावेजों का बंडल मिलने से हड़कंप मच गया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच बैठाकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी थी। जिलाधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर, प्रभारी रजिस्टर कानूनगो शैलेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस प्रकरण की जांच एडीएम (ई), सीओ लंभुआ और एसडीएम लंभुआ की संयुक्त टीम द्वारा की गई थी। जांच में पाया गया कि सड़क किनारे खेत में फेंके गए सभी दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से वापस तहसील लाया गया है। जांच टीम को जानकारी मिली कि बरामद दस्तावेजों में कुछ आरसी प्रपत्र एवं वर्ष 2018 के फार्म-6 शामिल हैं। ये अभिलेख पुरानी तहसील परिसर के एक कमरे में ताला लगाकर सुरक्षित रखे गए थे, लेकिन जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कमरे का ताला तोड़कर इन दस्तावेजों को बाहर निकाला गया और बाद में खेत में फेंक दिया गया। प्रशासन ने ताला तोड़कर सरकारी अभिलेख बाहर फेंकने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुछ शरारती तत्व इस मामले को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से जोड़कर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि बरामद दस्तावेज वर्ष 2018 के हैं और उनका वर्तमान पुनरीक्षण अभियान से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रामक प्रचार करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- आज दिनांक 22.06.2026 को बल्दीराय थाना क्षेत्र के ग्राम बरासिन में गोमती नदी के किनारे एक व्यक्ति के फांसी लगाने की सूचना प्राप्त हुई, जिसके तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों से पूछताछ और अन्य माध्यमों से उस व्यक्ति की पहचान कोतवाली नगर निवासी अय्यूब अली के रूप में हुई। मृतक के भाई ने मौके पर पहुँचकर बताया कि उनके भाई, जो मृतक हैं, वह मानसिक रूप से परेशान थे। पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है। इस मामले के संबंध में क्षेत्राधिकारी बल्दीराय श्री आशुतोष कुमार ने भी एक बयान दिया है।1
- सुल्तानपुर जिले की लंभुआ तहसील क्षेत्र में लखनऊ-वाराणसी फोरलेन किनारे झाड़ियों में मतदाता सूची से संबंधित फार्म-6 और राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण अभिलेख मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह दियारा रोड स्थित फोरलेन किनारे झाड़ियों में तहसील लंभुआ के दस्तावेजों का बंडल मिलने से हड़कंप मच गया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच बैठाकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी थी। जिलाधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर, प्रभारी रजिस्टर कानूनगो शैलेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस प्रकरण की जांच एडीएम (ई), सीओ लंभुआ और एसडीएम लंभुआ की संयुक्त टीम द्वारा की गई थी। जांच में पाया गया कि सड़क किनारे खेत में फेंके गए सभी दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से वापस तहसील लाया गया है। जांच टीम को जानकारी मिली कि बरामद दस्तावेजों में कुछ आरसी प्रपत्र एवं वर्ष 2018 के फार्म-6 शामिल हैं। ये अभिलेख पुरानी तहसील परिसर के एक कमरे में ताला लगाकर सुरक्षित रखे गए थे, लेकिन जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कमरे का ताला तोड़कर इन दस्तावेजों को बाहर निकाला गया और बाद में खेत में फेंक दिया गया। प्रशासन ने ताला तोड़कर सरकारी अभिलेख बाहर फेंकने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुछ शरारती तत्व इस मामले को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से जोड़कर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि बरामद दस्तावेज वर्ष 2018 के हैं और उनका वर्तमान पुनरीक्षण अभियान से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रामक प्रचार करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- दिए गए पाठ में बार-बार 'राम राम' के पवित्र नाम का उच्चारण किया गया है। यह उद्घोष 'जय श्री सीता राम' के भक्तिपूर्ण जयकारे के साथ समाप्त होता है, जो अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव को व्यक्त करता है।1
- सुल्तानपुर में लखनऊ-वाराणसी फोरलेन के किनारे दियरा रोड पर झाड़ियों में तहसील लम्भुआ के अहम सरकारी दस्तावेज़ों का एक बंडल मिलने के मामले में जिलाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना के बाद प्रभारी रजिस्ट्रार कानून-गो, लम्भुआ शैलेन्द्र सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया है, साथ ही अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। ये दस्तावेज़ आज सुबह ही फोरलेन किनारे एक खेत में डंप किए हुए पाए गए थे, जिन्हें जाँच टीम ने सुरक्षित वापस तहसील लाकर रखा है। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि इनमें कुछ 2018 के आरसी प्रपत्र और कुछ 2018 के ही फार्म-6 शामिल हैं। ये सभी प्रपत्र पुरानी तहसील के एक कमरे में ताला लगाकर सुरक्षित रखे गए थे। जिन अज्ञात व्यक्तियों ने इन दस्तावेज़ों को वहां से निकालकर खेत में डंप किया है, उन्होंने कमरे का ताला तोड़ा था, जिसके लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की जाँच एडीएम E, सीओ लम्भुआ और एसडीएम लम्भुआ की एक टीम द्वारा की जा रही थी, जिन्होंने अपनी जाँच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई हुई है। प्रशासन ने कुछ शरारती तत्वों द्वारा इन प्रपत्रों को 'SIR' से जोड़े जाने की कोशिशों को सिरे से खारिज किया है, इसे बिल्कुल गलत बताया है। जिलाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे शरारती तत्वों की पहचान कर उन पर गलत सूचना फैलाने के आरोप में भी कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जहाँ तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच चुका है। इस असहनीय गर्मी से इंसान के साथ-साथ पक्षी और अन्य जीव-जंतु भी बेहाल हैं। इसी बीच, सुल्तानपुर जिले के एक गाँव से एक सुंदर वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। इस वीडियो में खेतों में भरे पानी में कई पक्षी गर्मी से राहत पाने के लिए डुबकियाँ लगाते, नहाते और पंख फैलाकर पानी उछालते दिख रहे हैं। यह दृश्य इतना मनमोहक है कि देखने वाले कुछ पल के लिए गर्मी की परेशानी भूल जाते हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में गर्मी के और बढ़ने की संभावना जताई है। ऐसे में पर्यावरण प्रेमियों ने यह संदेश दिया है कि पेड़ लगाना, जल संरक्षण करना और जीव-जंतुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह छोटा-सा वीडियो गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी संवेदनशीलता और आस-पास के जीवों की मदद करने के महत्व को रेखांकित करता है, जिससे सुल्तानपुर का यह सुंदर नज़ारा गर्मी की थकान मिटाने वाला अनुभव बन गया है।1
- सुलतानपुर जिले के लम्भुआ कस्बे में भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। दियरा रोड के पास हाइवे किनारे झाड़ियों में सैकड़ों भरे हुए फॉर्म-6 फेंके हुए पाए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इन बरामद फॉर्म में लम्भुआ कस्बे के गोसाईं का पूरा (गांधी नगर) क्षेत्र के मतदाताओं के आवेदन शामिल हैं। इन फॉर्म के साथ आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी संलग्न मिली हैं। मतदाता फॉर्म में नाम, पता, उम्र और मोबाइल नंबर जैसे संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा मौजूद होता है। इस तरह खुले में संवेदनशील जानकारी वाले दस्तावेजों को फेंके जाने से डेटा चोरी और उसके दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया है। निर्वाचन आयोग के सख्त प्रोटोकॉल के तहत होने वाले मतदाता सूची के कार्य के दौरान फॉर्म को खुले में फेंकना आयोग के नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। खबर लिखे जाने तक तहसील और निर्वाचन कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल पाया था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है, साथ ही दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही गई है।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और शिक्षक श्यामलाल निषाद ने लंभुआ के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) से मुलाकात कर यह गंभीर सवाल उठाया है कि महत्वपूर्ण फॉर्म 6 समेत अन्य अभिलेख सड़क किनारे कैसे मिले। उन्होंने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान और दोषियों को कब तक जेल भेजा जाएगा, इस पर प्रशासन से जवाब मांगा है। निषाद ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि लंभुआ की जनता को इस मामले में जल्द ही संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। शिक्षक श्यामलाल निषाद, जो लंभुआ से भावी विधानसभा प्रत्याशी भी हैं, ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कही।1
- दिनांक 22/06/2026 की रात्रि लगभग 2:00 बजे, जनपद सुलतानपुर के थाना कोतवाली देहात पुलिस की रात्रि गश्त पार्टी को यह सूचना मिली कि ग्राम विनोवापुरी स्थित सहारा ढाबा के पीछे कुछ व्यक्ति एक घर में चोरी के मकसद से घुस आए हैं। सूचना मिलते ही गश्त पार्टी तत्काल घटना स्थल पर पहुंची और चोरों को घेर लिया। पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य चोरों की तलाश अभी भी जारी है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी लम्भुआ श्री ऋतिक कपूर ने भी अपनी बाइट दी है, जो सुल्तानपुर में चोरों के आतंक के बीच पुलिस की सजगता और उनकी गिरफ्तारियों के प्रयासों को रेखांकित करती है।1