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अयोध्या नदी सरयू में डूबने से एक लड़के की दुखद मौत हो गई है। इस हृदय विदारक घटना की खबर सुनकर पूरे गांव में हाहाकार मच गया है, और इससे एक बार फिर दिल दहला देने वाली बात सामने आई है।
Sachin agrahari
अयोध्या नदी सरयू में डूबने से एक लड़के की दुखद मौत हो गई है। इस हृदय विदारक घटना की खबर सुनकर पूरे गांव में हाहाकार मच गया है, और इससे एक बार फिर दिल दहला देने वाली बात सामने आई है।
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- संसद में संजय सिंह ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपनी बात रखी। इस दौरान उनके द्वारा दिया गया भाषण सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र के खेसरहा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम भलुहा में एक 71 वर्षीय विधवा महिला की जमीन कथित रूप से धोखे से बैनामा कराने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने गांव के ही कुछ लोगों पर विश्वास में लेकर फर्जी तरीके से जमीन अपने नाम कराने का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्होंने कोतवाली बांसी में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम भलुहा निवासी सुखना देवी, जो स्वर्गीय दशरथ की पत्नी हैं, ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति का निधन 10 फरवरी 2025 को हो गया था। उनके तीनों पुत्र विनोद कुमार, राजकुमार और विजय कुमार रोजगार के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं, जिस कारण पति की मृत्यु के बाद वह अकेले ही खेती-बाड़ी और राजस्व संबंधी कार्य देख रही थीं। पीड़िता के अनुसार, उनके पति के नाम गाटा संख्या 80 (रकबा 0.093 हेक्टेयर), गाटा संख्या 191क (रकबा 0.089 हेक्टेयर) और गाटा संख्या 81 (रकबा 0.902 हेक्टेयर) भूमि दर्ज थी। पति की मृत्यु के बाद राजस्व अभिलेखों में अपना और अपने पुत्रों का नाम दर्ज कराने के लिए उन्होंने गांव के परिचित लोगों पर भरोसा किया। महिला का आरोप है कि गांव के दो लोगों ने उन्हें भरोसे में लेकर कहा कि तहसील में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करानी है। आरोप है कि वे दोनों उन्हें मोटरसाइकिल से बांसी ले गए और लगातार यह बताते रहे कि जमीन पर उनका और उनके पुत्रों का नाम चढ़ाया जा रहा है, लेकिन षड्यंत्र के तहत 14 मई 2026 को उनकी पूरी हिस्सेदारी का बैनामा कमलावती पत्नी रामचंद्र के नाम करा दिया गया। सुखना देवी ने बताया कि वह पूरी तरह अनपढ़ हैं और उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगी कि नामांतरण के बजाय जमीन का विक्रय पत्र तैयार कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विक्रय पत्र में उनके मोबाइल नंबर के स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति का नंबर दर्ज कराया गया, ताकि उन्हें किसी प्रकार की सूचना न मिल सके। महिला के अनुसार, गांव में चर्चा होने के बाद उन्हें शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने अपने पुत्रों को जानकारी दी। जब परिवार के लोगों ने दस्तावेजों की जानकारी जुटाई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़िता का स्पष्ट कहना है कि जमीन के एवज में उन्हें कोई धनराशि नहीं दी गई और पूरी प्रक्रिया धोखे से कराई गई है। इस मामले में जब उप निबंधक बांसी राकेश राम से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि 14 मई को वह किसी कार्य से जिला मुख्यालय गए हुए थे और उस दिन का बैनामा निबंधन लिपिक अमित कुमार पांडे द्वारा कराया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पंजीकरण नियमों के अनुसार पूरी की गई है। उधर, बांसी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पाठक ने बताया कि पीड़िता की तहरीर प्राप्त हो गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर में स्वास्थ्य विभाग के एक नोडल अफसर का अवैध वसूली करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नोडल अफसर डॉक्टर प्रमोद देशवाल एक झोलाछाप डॉक्टर से ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। आरोपी डॉक्टर प्रमोद देशवाल नजीबाबाद तहसील के समीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात हैं। वायरल वीडियो में आरोपी डॉक्टर रिश्वत लेते हुए यह कहते हुए सुना जा रहा है कि उसे रिश्वत देने वाले व्यक्ति के पास 'तीन-तीन चक्कर लगाने पड़ते हैं'I मामले का संज्ञान लेते हुए, बिजनौर की डीएम जसजीत कौर ने वायरल वीडियो की जांच के आदेश दे दिए हैं।1
- सिद्धार्थनगर जनपद के सनई स्थित शुभम पैराडाइज में 30 मई 2026 को एकल अभियान के तत्वावधान में “समिति प्रेरणा वर्ग” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में अंचल सिद्धार्थनगर और भाग गोरखपुर के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य “शिक्षित भारत, स्वस्थ भारत और समर्थ भारत” के संकल्प को ग्रामीण क्षेत्रों की अंतिम कड़ी तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शिक्षा, अच्छे संस्कार और विकास के लाभ सुनिश्चित रूप से पहुंचें।3
- सिद्धार्थनगर जिले में पिछले कई दिनों से डीज़ल और पेट्रोल की भारी समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन ईंधन की आपूर्ति किए जाने के बावजूद भी भीड़ और माँग को नियंत्रित नहीं किया जा पा रहा है, जिसके चलते आम जनता को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस किल्लत का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें खेती-बाड़ी के लिए पर्याप्त मात्रा में ईंधन नहीं मिल पा रहा है। स्थिति को देखते हुए, अधिकारियों से किसानों को पर्याप्त डीज़ल-पेट्रोल उपलब्ध कराने की कृपा करने का आग्रह किया गया है, ताकि वे अपना बहुमूल्य समय बचा सकें और अपने अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को भी सुचारू रूप से पूरा कर सकें। यह माँग 'जय जवान जय किसान' के नारे के साथ उठाई गई है।1
- बिजनौर जिले में स्वास्थ्य विभाग के एक जिम्मेदार पद पर तैनात अधिकारी का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसके सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉक्टर प्रमोद देशवाल एक झोलाछाप डॉक्टर से कथित तौर पर ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, "तुम्हारे पास तीन-तीन चक्कर लगाने पड़ते हैं।" प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी डॉक्टर प्रमोद देशवाल नजीबाबाद तहसील के समीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने इसकी गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर प्रकाशित की गई है, और वंदे भारत लाइव इस वीडियो या घटना की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।1
- संसद के भीतर, संजय सिंह ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कार्रवाई की है। इस घटना से संबंधित संजय सिंह का यह भाषण अब वायरल हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में लालगंज थाना क्षेत्र के बैजीपुरवा गाँव में खनन माफियाओं का आतंक चरम पर है, जहाँ दिन-रात जेसीबी मशीनें चलाकर धरती का सीना छलनी किया जा रहा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सख्त नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन आरोप है कि प्रशासनिक अमला और लालगंज पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। क्षेत्र में इस बात की आम चर्चा है कि यह 'काला खेल' एक 'नापाक गठजोड़' के तहत चल रहा है, जिसकी 'मलाई' कथित तौर पर ऊपर तक पहुँच रही है, जिसके चलते थानों से लेकर दफ्तरों तक सन्नाटा पसरा हुआ है और अधिकारी मोटी 'सुविधा शुल्क' की पट्टी से अपनी आँखें ढँके हुए हैं। इस अवैध खनन के कारण बैजीपुरवा के उपजाऊ खेत गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं, जिससे किसानों की आजीविका प्रभावित हुई है। जो ग्रामीण इस धंधे के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत दिखाते हैं, उन्हें खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं। गाँव के लोग अपने ही खेत बचाने के लिए प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल कोरे आश्वासन मिल रहे हैं। यह स्थिति सरकार के 'भ्रष्टाचार मुक्त' और 'कानून का राज' होने के दावों की पोल खोलती है, क्योंकि बैजीपुरवा में खाकी और खनन माफिया की जुगलबंदी सिस्टम को मुंह चिढ़ा रही है। सवाल उठाया गया है कि क्या जिला प्रशासन तब जागेगा जब पूरा गाँव गड्ढों में बदल जाएगा और बैजीपुरवा का अस्तित्व ही मिट जाएगा। बस्ती मंडल के उच्च अधिकारियों से इस 'नापाक गठजोड़' का तत्काल संज्ञान लेने और माफियाओं पर नकेल कसने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि यदि मिलीभगत करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामीणों का आक्रोश कभी भी एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।2
- बलरामपुर पुलिस ने थाना पचपेड़वा क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस कार्रवाई में, पुलिस ने दो अंतरजनपदीय शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी की छह मोटरसाइकिलें, 22 प्लास्टिक की कुर्सियां, एक गैस सिलेंडर और 4400 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।1