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संसद के भीतर, संजय सिंह ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कार्रवाई की है। इस घटना से संबंधित संजय सिंह का यह भाषण अब वायरल हो रहा है।
समय व्यूज राष्ट्रीय समाचार
संसद के भीतर, संजय सिंह ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कार्रवाई की है। इस घटना से संबंधित संजय सिंह का यह भाषण अब वायरल हो रहा है।
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- कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शिवलाल कोरी ने बयान जारी कर कहा है कि उनकी पार्टी जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।1
- अयोध्या नदी सरयू में डूबने से एक लड़के की दुखद मौत हो गई है। इस हृदय विदारक घटना की खबर सुनकर पूरे गांव में हाहाकार मच गया है, और इससे एक बार फिर दिल दहला देने वाली बात सामने आई है।1
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर में स्वास्थ्य विभाग के एक नोडल अफसर का अवैध वसूली करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नोडल अफसर डॉक्टर प्रमोद देशवाल एक झोलाछाप डॉक्टर से ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। आरोपी डॉक्टर प्रमोद देशवाल नजीबाबाद तहसील के समीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात हैं। वायरल वीडियो में आरोपी डॉक्टर रिश्वत लेते हुए यह कहते हुए सुना जा रहा है कि उसे रिश्वत देने वाले व्यक्ति के पास 'तीन-तीन चक्कर लगाने पड़ते हैं'I मामले का संज्ञान लेते हुए, बिजनौर की डीएम जसजीत कौर ने वायरल वीडियो की जांच के आदेश दे दिए हैं।1
- जनपद गोंडा के सदर तहसील अंतर्गत थाना कोतवाली नगर की मिश्रौलिया चौकी क्षेत्र में जियो पेट्रोल पंप के सामने राम करन मिश्रा के प्लॉट में रात के अंधेरे में अवैध मिट्टी खनन और बिक्री का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। आरोप है कि यह सब बिना किसी रोक-टोक के हो रहा है, जबकि पूरे जनपद में मिट्टी खनन कर बिक्री के लिए एक भी ईसी परमिशन (पर्यावरण मंजूरी) नहीं है। सरकार द्वारा अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए ईसी परमिशन अनिवार्य की गई है, फिर भी खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। यह अवैध कार्य जनपद मुख्यालय से मात्र दो किलोमीटर के अंदर हो रहा है, जहाँ खनन अधिकारी समेत सभी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय और आवास मौजूद हैं। रात भर मिट्टी लदे डंपर मिश्रौलिया चौकी के सामने से गुजरते हैं, लेकिन किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पड़ती। आरोप है कि यह जिम्मेदार अधिकारियों की 'मिलीभगत' या 'मेहरबानी' का नतीजा है, जिससे खनन माफिया ईंट-भट्ठे की आड़ में बेखौफ होकर मिट्टी बेच रहे हैं। थाना कोतवाली देहात के ग्राम बेसियाचैन स्थित पवन ईंट उद्योग सोनापार के भट्ठे में गाटा जुड़वाकर मिट्टी खनन कर बिक्री का धंधा भी खुलेआम चल रहा है। शिकायतकर्ताओं को धमका कर दहशत फैलाई जा रही है और वायरल हो रहे वीडियो के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे अधिकारियों पर रिश्वत लेने और मूक सहमति देने के आरोप सही प्रतीत होते हैं। स्थानीय लोगों के विरोध करने पर माफिया मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। एक तरफ जहाँ योगी सरकार ने अवैध खनन और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की है, वहीं गोंडा में इस खनन माफिया पर जिलाधिकारी, आईजी देवीपाटन मंडल और पुलिस अधीक्षक का खौफ नजर नहीं आ रहा है। अवैध रूप से खनन की गई मिट्टी को कोतवाली देहात के ग्राम बेसियाचैन के रामराज पुत्र ब्रहमादीन के खेत से निकालकर गोंडा शहर में बेचा जा रहा है। डंपर चालक ने स्वयं बताया कि उनके पास कोई रॉयल्टी नहीं है और वे रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक मिट्टी गिराते हैं क्योंकि मालिक लेखपाल, खनन अधिकारी और पुलिस सबको 'खर्चा पानी' दे रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद, इस अवैध धंधे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जब खनन अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया, जिससे उनकी भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगता है। उप जिलाधिकारी गोंडा ने 'दिखवाने' की बात कही, जबकि अपर जिलाधिकारी का फोन नहीं उठा। सवाल उठता है कि जानकारी और जांच से आगे बढ़कर आखिर इन खनन माफियाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है और इस पूरे मामले का क्या राज है, जिससे सरकार और राजस्व को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।3
- श्रावस्ती जिले के गौतम नगर में, बस स्टॉप के पास की सड़क पिछले करीब 15 सालों से बदहाल स्थिति में पड़ी है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस लंबी अवधि से सड़क की हालत खराब बनी हुई है और इसके साथ ही क्षेत्र की नालियों की स्थिति भी ठीक नहीं है। लोगों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर लगातार शिकायतें करके थक चुके हैं, लेकिन उनकी परेशानियों का कोई समाधान नहीं हुआ है। वीडियो में भी सड़क की खराब हालत साफ तौर पर देखी जा सकती है, जिससे क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं।1
- बस्ती के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में एक युवती द्वारा मोबाइल टावर पर चढ़कर हंगामा करने का मामला सामने आया। युवती के टावर पर चढ़ने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और काफी मशक्कत के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतारा गया। क्षेत्राधिकारी सदर बस्ती ने जानकारी दी कि युवती के खिलाफ पब्लिक न्यूसेन्स फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा, टावर की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- संसद के भीतर, संजय सिंह ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कार्रवाई की है। इस घटना से संबंधित संजय सिंह का यह भाषण अब वायरल हो रहा है।1
- प्रदेश सचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह ने महोबा की एक दलित छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म मामले का जिक्र करते हुए सरकार पर संवेदनहीनता का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को रोकने का प्रयास किया गया। हालाँकि, इन प्रयासों के बावजूद, अजय राय ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।1
- सिद्धार्थनगर जिले मुख्यालय के बांसी स्टैंड के पास लोक निर्माण विभाग (PWD) की बेशकीमती सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और पक्के निर्माण का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ भू-माफिया और रसूखदार लोग जबरन इस भूमि पर निर्माण कार्य करा रहे हैं, जिसके उजागर होने के बाद PWD विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, बांसी स्टैंड के पास स्थित गाटा संख्या 144 और 152 की यह जमीन लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की बताई जा रही है, लेकिन कुछ लोग इसे अपनी बताकर खुलेआम निर्माण कार्य में जुटे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लंबे समय से चल रही थीं, मगर अब निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता कमल किशोर ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने तत्काल अवैध निर्माण रुकवाने और सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। विभागीय पत्र के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। PWD अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। अब लोगों की नजरें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। चर्चा है कि यदि कब्जा अवैध पाया जाता है, तो प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर कार्रवाई भी की जा सकती है।1