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पतरघट पुलिस ने छिनतई के एक मामले में शानदार कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस कार्रवाई में ₹5 लाख नकद बरामद किए हैं।
Mankhush kumar
पतरघट पुलिस ने छिनतई के एक मामले में शानदार कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस कार्रवाई में ₹5 लाख नकद बरामद किए हैं।
More news from बिहार and nearby areas
- झंझारपुर के निवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। एसबीआई एटीएम के निकट डॉ. मोहम्मद रिजवान अहमद (MBBS, MD) के नए क्लिनिक का शुभारंभ किया गया है, जिससे क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ गई है। डॉ. रिजवान अहमद डायबिटीज, छाती (श्वास) रोग, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड और गठिया जैसी विभिन्न सामान्य एवं जटिल बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। उनके क्लिनिक में ओपीडी की सेवाएं सोमवार और गुरुवार को सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। यह क्लिनिक झंझारपुर, मधुबनी (बिहार) में एसबीआई एटीएम के ठीक पास स्थित है।1
- बिहार के गोपालगंज जिले में एक ऑटो के भीतर एक गुप्त तहखाना बनाया गया था। जब इस तहखाने से कुछ ऐसा निकला, तो उसे देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।1
- दर्शकों को सब्सक्राइब करने और स्टेज प्रोग्राम के लिए संपर्क करने का आग्रह किया गया है। श्रूलॉकल ऐप पर 2 मिलियन व्यूज़ हो चुके हैं, जिसके साथ यह बताया गया है कि इससे पैसों की बरसात होती है।1
- बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार पासवान ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया है कि रैयाम और सकरी चीनी मिलों को बहुत जल्द ही चालू किया जाएगा। यह घोषणा उन्होंने राजा सल्हेश जी की मूर्ति और मंदिर के उद्घाटन समारोह के अवसर पर की। मंत्री पासवान के अनुसार, इन चीनी मिलों के पुनः संचालन से क्षेत्र के किसानों और युवाओं को व्यापक स्तर पर लाभ प्राप्त होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।1
- बच्चों का यह कर्तव्य है कि वे अपने बुजुर्ग माता-पिता का ध्यान रखें। यदि कोई बच्चा इस कर्तव्य का पालन नहीं करता है, तो उसके लिए कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।1
- मधुबनी जिला प्रशासन ने 30 जून, 2026 को सुशासन, पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभिनव पहल की है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की सतत निगरानी और निर्देशन में, 1700 से अधिक कर्मियों, जिनमें कार्यपालक सहायक, आई.टी. सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं, का ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से स्थानांतरण और पदस्थापन किया गया। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) के ई-एप्लीकेशन द्वारा पूरी तरह से डिजिटल, निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हुई यह प्रक्रिया संभवतः बिहार का पहला ऐसा उदाहरण है, जहाँ इतने बड़े पैमाने पर मानवीय हस्तक्षेप के बिना डिजिटल ऑनलाइन रैंडमाइजेशन प्रणाली का उपयोग किया गया है। पूरी प्रक्रिया का मधुबनी जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर सीधा प्रसारण किया गया, जिससे संबंधित कर्मियों और आम नागरिकों को वास्तविक समय में इसे देखने का अवसर मिला, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनविश्वास को नई मजबूती दी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की और प्रत्येक चरण का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग समय की आवश्यकता है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, जवाबदेह और प्रभावी बनती हैं, और मानवीय हस्तक्षेप की संभावनाएं समाप्त होती हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक प्रशासनिक प्रक्रिया को तकनीक आधारित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, और यह पहल सुशासन की भावना को और अधिक सशक्त करेगी। ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से सभी कर्मियों के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित हुआ है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ई-गवर्नेंस और डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग जारी रखने का संकल्प लिया है। इस स्थानांतरण में जिला मुख्यालय एवं सभी प्रखंड कार्यालयों के कुल 20 आई.टी. सहायक, आरटीपीएस के 92 कार्यपालक सहायक, जिला लोक शिकायत निवारण तथा अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण के 24 कार्यपालक सहायक, वीबी-जी राम जी के 18 लेखपाल और 20 कार्यपालक सहायक, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के 21 कार्यपालक सहायक, 22 आवास पर्यवेक्षक सहित अन्य विभागों जैसे आवास सहायक, जिला आपूर्ति शाखा के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला सहकारिता कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला पशुपालन कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, जिला कृषि कार्यालय के कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक तकनीक प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, जिला पंचायत के प्रखंड/पंचायत कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर/आई.टी.सहायक-सह-लेखपाल/तकनीकी सहायक/पंचायत सचिव, स्वास्थ्य विभाग के बी.एम./प्रखंड लेखपाल/बी.सी.एम./बी.एच.एम./एच.एम. तथा जिला स्थापना शाखा एवं आई.सी.डी.एस. के लिपिक/राजस्व कर्मचारी/महिला पर्यवेक्षिका/कार्यपालक सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। मधुबनी जिला प्रशासन ने 1700 से अधिक कर्मियों का पूर्णतः डिजिटल माध्यम से स्थानांतरण कर प्रशासनिक सुधार और तकनीकी नवाचार का एक नया मानक स्थापित किया है, जिसे पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। स्थानांतरण एवं पदस्थापन संबंधी आदेश जिला प्रशासन, मधुबनी की आधिकारिक वेबसाइट तथा जिला प्रशासन के फेसबुक पेज पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।3
- सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र की सहूरिया पूर्वी पंचायत के मोर्चा गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 45 वर्षीय बबलू यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। मृतक बबलू यादव सौर बाजार स्थित एल.जी. चिमनी पर कई महीनों से मजदूरी कर रहे थे, और सोमवार की सुबह उनकी मौत चिमनी पर ही हो गई। घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, चिमनी पर कार्यरत कर्मियों ने बबलू यादव के निधन की सूचना परिजनों को दिए बिना ही उनके शव को सीएचसी सौर बाजार पहुंचा दिया, जिससे कई आशंकाएं पैदा हो रही हैं। परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत सीएचसी सौर बाजार पहुँचे, जहाँ शव को देखते ही चीख-पुकार मच गई। मृतक के परिजनों ने चिमनी मालिक पर साजिश रचकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुछ लोगों ने बिजली के शॉर्ट सर्किट को मौत का कारण बताया है, जबकि अन्य सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही सौर बाजार थाना पुलिस अपने दल-बल के साथ सीएचसी सौर बाजार पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा भेज दिया। पुलिस फिलहाल घटना के हर बिंदु पर जांच कर रही है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिसके आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतक बबलू यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिनकी एक शादीशुदा बेटी और दो अविवाहित बेटे हैं। उनकी मौत से परिवार पर दुख का कहर टूट पड़ा है।1