बहराइच जिले में चोरी की घटनाओं के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत शनिवार-रविवार की रात क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम और रामगांव पुलिस की संयुक्त टीम की एक 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में बौंडी थाना के मुड़कटी निवासी हिस्ट्रीशीटर फिरोज पुत्र फौजदार के बाएं पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी मुल्कराज अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 25 जून को बौंडी थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ से फरार हुए दो आरोपी चोरी का माल और अवैध हथियार लेकर अकिलापुर चौराहे से भकला गोपालपुर मार्ग की ओर आने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर बाइक सवार संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में फिरोज को पैर में गोली लगी। तलाशी के दौरान आरोपी फिरोज के कब्जे से ₹2,040 नकद, दो सोने के झाले, दो मोबाइल फोन, एक 315 बोर का देशी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, फिरोज बौंडी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में दर्जनों चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। वह कई मामलों में वांछित चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि फरार आरोपी मुल्कराज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बहराइच जिले में चोरी की घटनाओं के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत शनिवार-रविवार की रात क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम और रामगांव पुलिस की संयुक्त टीम की एक 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में बौंडी थाना के मुड़कटी निवासी हिस्ट्रीशीटर फिरोज पुत्र फौजदार के बाएं पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया और उसे मौके से गिरफ्तार कर
लिया गया, जबकि उसका साथी मुल्कराज अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 25 जून को बौंडी थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ से फरार हुए दो आरोपी चोरी का माल और अवैध हथियार लेकर अकिलापुर चौराहे से भकला गोपालपुर मार्ग की ओर आने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर बाइक सवार संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने पुलिस टीम पर
फायरिंग कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में फिरोज को पैर में गोली लगी। तलाशी के दौरान आरोपी फिरोज के कब्जे से ₹2,040 नकद, दो सोने के झाले, दो मोबाइल फोन, एक 315 बोर का देशी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, फिरोज बौंडी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में दर्जनों चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। वह
कई मामलों में वांछित चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि फरार आरोपी मुल्कराज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- जनपद बहराइच के नानपारा नगर में इस्लामी नववर्ष के पहले महीने मोहर्रम की दसवीं तारीख, यौमे आशूरा, को हजरत इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम) और कर्बला के 72 शहीदों की याद में यह पर्व पूरी अकीदत, परंपरा और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस दौरान पूरा नगर गम, इबादत, इंसानियत और भाईचारे की भावना से सराबोर रहा, जहां जगह-जगह 'या हुसैन' और 'या अली' की सदाएं गूंजती रहीं और लोगों ने नम आँखों से कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। मोहर्रम के अवसर पर नगर के विभिन्न इमामबाड़ों और मस्जिदों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शिया समुदाय ने मजलिसों का आयोजन किया, जिसमें उलेमा-ए-किराम ने कर्बला की घटना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि हजरत इमाम हुसैन ने अत्याचार, अन्याय और झूठ के आगे झुकने के बजाय सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए अपने परिवार और 72 साथियों के साथ सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी यह कुर्बानी आज भी दुनिया को इंसाफ, सब्र, त्याग और इंसानियत का संदेश देती है। यौमे आशूरा पर नगर से पारंपरिक ताजिया और अलम के जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से निकाले गए, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। मातम, नौहाख्वानी और सोजख्वानी के बीच लोगों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया। जुलूस अपने तय मार्गों से गुजरता हुआ कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान नानपारा नगर में हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की एक सुंदर मिसाल भी देखने को मिली, जहाँ विभिन्न समुदायों के लोगों ने जुलूसों में सहयोग कर शांति और सौहार्द बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे आयोजन को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। प्रशासन की सतर्कता और आमजन के सहयोग से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मोहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी पहुम सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ लगातार पूरे नगर में भ्रमण करते रहे। अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और सीमा सुरक्षा के जवानों को भी विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया था। चौकी इंचार्ज राजा बाजार राम गोविंद वर्मा के साथ कांस्टेबल अमित सिंह, संजय सिंह, श्रीकांत अनिल, ज़ुहेब और कस्बा चौकी इंचार्ज संदीप प्रमोद भी मौजूद रहे। भारत न्यूज़ चैनल की पूरी टीम, जिसमें एडिटर अब्दुल नासिर और जॉइंट एडिटर फराज खान सहित अन्य साथी रिपोर्टर शामिल थे, कार्यक्रम को कवर करने के लिए मौजूद रही। यह मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, त्याग, धैर्य और मानवता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की अमर याद है, जो आज भी अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने और इंसानियत की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।1
- नानपारा में 11 मोहर्रम के मौके पर यौमे जैनब का एक विशेष जुलूस निकाला गया। शिया समुदाय द्वारा आयोजित यह मातम का जुलूस हसीब कंडेक्टर के घर से शुरू होकर कटी तिराहा और इमाम गंज चौराहा से गुजरा, जिसके बाद यह कब्रिस्तान के लिए रवाना हुआ। इस दौरान, समुदाय के सदस्यों ने 'आग का मातम' करते हुए अपनी संवेदनाएं और शोक व्यक्त किया।1
- बहराइच जिले की यास्मीन बानो ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में 33वीं रैंक हासिल कर इतिहास रचा है, जिसके बाद उनका चयन बिहार प्रशासनिक सेवा में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के समकक्ष पद पर हुआ है। अपनी इस शानदार सफलता से यास्मीन ने जिले का नाम रोशन करते हुए एक नई मिसाल कायम की है। यास्मीन बहराइच जिले के बड़ाहरा गांव की मूल निवासी हैं। उनके पिता, नादिर अली, फैजाबाद (अयोध्या) स्थित एक मदरसे में सहायक अध्यापक हैं। वर्ष 1987 से ही उनका परिवार अयोध्या में रहकर बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है। परिवार में तीन बेटों और एक बेटी में यास्मीन सबसे छोटी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अयोध्या से पूरी की और उसके बाद वारंगल से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। यह यास्मीन का दूसरा प्रयास था; पहले प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंची थीं, लेकिन अंतिम चयन से चूक गई थीं। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते हुए दूसरे प्रयास में यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। उनके बड़े भाई प्रवक्ता बनने की तैयारी कर रहे हैं, दूसरे भाई आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद दिल्ली में कार्यरत हैं, जबकि सबसे छोटे भाई एसएससी परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं।1
- बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान थाना खैरीघाट के ग्राम करीमबक्श पुरवा निवासी 32 वर्षीय समीर पुत्र जाहिद खां के रूप में हुई है। समीर शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे नानपारा से दवा लेने के लिए बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान नानपारा-शिवपुर मार्ग पर बंजारन टांडा के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने ईंट लदी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि समीर ट्रॉली की चपेट में आ गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली बहुत तेज गति से कोटवा की ओर जा रही थी। हादसे के बाद चालक अपना वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। इस घटना से मृतक समीर के परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है। समीर अपने चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे, उनकी शादी करीब ढाई साल पहले हुई थी और उनका एक साल का बेटा भी है।3
- बहराइच जिले के नानपारा में शिया समुदाय द्वारा 10 मोहर्रम के अवसर पर एक विशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस इमाम गंज चौराहे पर पहुँचा, जहाँ ताज़िया मिलान की पारंपरिक रस्म अदा की गई। मोहर्रम, जिसे वर्ष 2026 (1447 हिजरी) में मनाया जा रहा है, शिया समुदाय के लिए शोक और मातम का महीना है। इस दौरान कर्बला के शहीदों, विशेषकर इमाम हुसैन की याद में, अजादारी की जाती है। आशूरा और अशरा के पवित्र दिनों में, अकीदतमंद 'आग का मातम' सहित विभिन्न अनुष्ठानों के साथ अपनी गहरी श्रद्धा और मातम व्यक्त करते हैं।1
- बहराइच जिले में चोरी की घटनाओं के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत शनिवार-रविवार की रात क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम और रामगांव पुलिस की संयुक्त टीम की एक 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में बौंडी थाना के मुड़कटी निवासी हिस्ट्रीशीटर फिरोज पुत्र फौजदार के बाएं पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी मुल्कराज अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 25 जून को बौंडी थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ से फरार हुए दो आरोपी चोरी का माल और अवैध हथियार लेकर अकिलापुर चौराहे से भकला गोपालपुर मार्ग की ओर आने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर बाइक सवार संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में फिरोज को पैर में गोली लगी। तलाशी के दौरान आरोपी फिरोज के कब्जे से ₹2,040 नकद, दो सोने के झाले, दो मोबाइल फोन, एक 315 बोर का देशी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, फिरोज बौंडी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में दर्जनों चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। वह कई मामलों में वांछित चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि फरार आरोपी मुल्कराज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।4