शेखपुरा के करंडे थाना पुलिस ने एक वर्ष से फरार चल रहे आरोपी सुरेश केवट को सियानी गांव से गिरफ्तार कर लिया है। सुरेश केवट, जो श्याम लाल केवट का पुत्र है, पुलिस टीम पर हमले के एक मामले में वांछित था। गिरफ्तारी के डर से वह लंबे समय से मुंबई में छिपा हुआ था और लगभग एक सप्ताह पहले ही अपने गांव लौटा था। गुप्त सूचना के आधार पर, थाना अध्यक्ष राकेश कुमार और पुलिस सब-इंस्पेक्टर ललित कुमार के नेतृत्व में एक छापेमारी की गई। इस दौरान सुरेश केवट को गांव के बघार से पकड़ा गया और बाद में न्यायिक हिरासत में शेखपुरा जेल भेज दिया गया। यह मामला पिछले वर्ष का है, जब उत्पाद विभाग की टीम सियानी गांव में अवैध शराब के अड्डे पर छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान शराब कारोबारियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था, जिसमें उत्पाद दारोगा प्रीति कुमारी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इस मामले में कुल 13 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से पुलिस पहले ही 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। सुरेश केवट इस चर्चित मामले का अंतिम फरार आरोपी था, और उसकी गिरफ्तारी के साथ अब सभी नामजद अभियुक्त पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
शेखपुरा के करंडे थाना पुलिस ने एक वर्ष से फरार चल रहे आरोपी सुरेश केवट को सियानी गांव से गिरफ्तार कर लिया है। सुरेश केवट, जो श्याम लाल केवट का पुत्र है, पुलिस टीम पर हमले के एक मामले में वांछित था। गिरफ्तारी के डर से वह लंबे समय से मुंबई में छिपा हुआ था और लगभग एक सप्ताह पहले ही अपने गांव लौटा था। गुप्त सूचना के आधार पर, थाना अध्यक्ष राकेश कुमार और पुलिस सब-इंस्पेक्टर ललित कुमार के नेतृत्व में एक छापेमारी की गई। इस दौरान सुरेश केवट को गांव के बघार से पकड़ा गया और बाद में न्यायिक हिरासत में शेखपुरा जेल भेज दिया गया। यह मामला पिछले वर्ष का है, जब उत्पाद विभाग की टीम सियानी गांव में अवैध शराब के अड्डे पर छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान शराब कारोबारियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था, जिसमें उत्पाद दारोगा प्रीति कुमारी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इस मामले में कुल 13 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से पुलिस पहले ही 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। सुरेश केवट इस चर्चित मामले का अंतिम फरार आरोपी था, और उसकी गिरफ्तारी के साथ अब सभी नामजद अभियुक्त पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
- बरबीघा नगर क्षेत्र में शनिवार को मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरी श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया, जबकि विभिन्न अखाड़ों ने निर्धारित मार्गों से पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन करते हुए ताजिया का भ्रमण कराया। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा और लोगों ने जगह-जगह जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत किया। मोहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। बरबीघा थाना पुलिस के अधिकारी और पुलिस बल पूरे समय जुलूस के साथ तैनात रहे, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार कड़ी नजर रखी। इसके साथ ही, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहकर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण करते रहे। प्रशासन की इस सतर्कता और स्थानीय लोगों के पूर्ण सहयोग के कारण पूरे आयोजन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली। ताजिया जुलूस का समापन शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि को लगभग 1 बजे शांतिपूर्ण वातावरण में हुआ। इस सफल आयोजन पर प्रशासन ने सभी नागरिकों, आयोजन समितियों और स्वयंसेवकों के सहयोग की भरपूर सराहना की। प्रशासन ने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि आपसी सौहार्द और भाईचारे की मजबूत भावना के कारण ही मोहर्रम का यह पवित्र पर्व पूरी शांति और गरिमा के साथ संपन्न हो पाया।1
- एक कार्यक्रम में डॉ. अरविंद कुमार शाही ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस आयोजन के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।1
- सड़क किनारे एक नाले में पूरे गाँव का गंदा पानी जमा हो रहा है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है।1
- सांसद सुधाकर सिंह ने शिक्षा विभाग में बड़े घोटालों का आरोप लगाते हुए नौ आईएएस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इस बयान को रिशु श्री मामले पर एक बड़े हमले के रूप में देखा जा रहा है। इन अधिकारियों में आनंद किशोर और मुख्य सचिव दीपक कुमार शामिल हैं। सुधाकर सिंह ने पिछले दस वर्षों की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का दावा किया है, जिससे शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सांसद ने मांग की है कि इस पूरे मामले की न्यायालय की निगरानी में गहन जांच होनी चाहिए। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये आरोप सांसद सुधाकर सिंह के सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं और संबंधित अधिकारियों या बिहार सरकार की ओर से इन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।1
- बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत ढीवर पंचायत के वार्ड संख्या-2 में चल रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में अनियमितता और लापरवाही बरती जा रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाला निर्माण का काम लगभग डेढ़ साल से चल रहा है, लेकिन अब तक निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित एस्टिमेट बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसके अभाव में ग्रामीणों को योजना की लागत, कार्य अवधि और निर्माण एजेंसी से जुड़ी कोई भी जानकारी नहीं मिल पा रही है। उनका यह भी आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन नाले के कई हिस्सों में अभी से दरारें दिखाई देने लगी हैं, जो कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनकी आशंका है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो बरसात के मौसम में नाले के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे जल निकासी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों ने नाले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि नाले को अभी तक ढका नहीं गया है। इस वजह से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और आसपास खेलते बच्चे अक्सर नाले में गिर जाते हैं, जो बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति में और भी खतरनाक हो सकता है। इन समस्याओं के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे निर्माण कार्य की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने, उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की समीक्षा करने तथा नाले को शीघ्र ढकने की मांग की है। उनका उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।1
- एक भावनात्मक संदेश में किसी प्रियजन के प्रति गहरा प्रेम व्यक्त किया गया है। इस अभिव्यक्ति में कहा गया है कि उस खास व्यक्ति के बिना मन नहीं लगता और वही पोस्ट करने वाले की जान है।1
- चेवाड़ा नारी कल्याण जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड चेवाड़ा ने पंचायत विकास दिवस के अवसर पर नशा मुक्ति जागरूकता रैली का आयोजन किया। चेवाड़ा प्रखंड स्थित सीएलएफ परिसर में रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में जीविका दीदियों के नेतृत्व में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पंचायतों के समग्र विकास के साथ-साथ समाज को नशामुक्त बनाने के प्रति लोगों को जागरूक करना था। रैली में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने हाथों में नशा मुक्ति संबंधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर हिस्सा लिया। उन्होंने लोगों से शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया और स्वस्थ, सुरक्षित व सशक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। यह रैली विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। रैली के समापन के बाद, सभी उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी प्रतिभागियों ने स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार, पड़ोस व समाज के अन्य लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस दौरान पंचायतों के विकास में जनभागीदारी बढ़ाने और महिलाओं की सक्रिय भूमिका को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम), सीसी, एसी, एमबीके सोनी कुमारी सहित प्रखंड क्षेत्र की बड़ी संख्या में जीविका दीदियां मौजूद रहीं। सभी ने एकजुट होकर पंचायत विकास और नशा मुक्ति अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे जन जागरूकता कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़े और पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह कार्यक्रम रविवार दोपहर 12 बजे शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- श्राद्ध के माध्यम से आत्मा की तृप्ति के प्रचलित दावे पर गंभीर सवाल उठाया गया है, जिसमें इस मान्यता पर गहन विचार और आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।1
- डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान 28 जून 2026 को एक विवाह उत्सव में शामिल हुए। यह उत्सव माया मैरिज हॉल में ग्राम मिल्की पर निवासी धनराज यादव की पुत्री के विवाह के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।1