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उत्तराखंड में एक पति ने अपनी पत्नी को डंडों से बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया है। घटना के विस्तृत विवरण में फिलहाल और जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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उत्तराखंड में एक पति ने अपनी पत्नी को डंडों से बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया है। घटना के विस्तृत विवरण में फिलहाल और जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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- उत्तराखंड में एक पति ने अपनी पत्नी को डंडों से बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया है। घटना के विस्तृत विवरण में फिलहाल और जानकारी उपलब्ध नहीं है।1
- सीईओ अजय गुप्ता और उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा ने संयुक्त रूप से ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ नामक पुस्तक का पूजन किया।1
- नैनीताल में झील के किनारे अपने अद्भुत जादुई हुनर से पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देने वाले एक छोटे बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अपनी कम उम्र के बावजूद, यह बच्चा जिस निपुणता से जादू दिखाता है, उससे दर्शक दंग रह जाते हैं और हर ट्रिक के साथ तालियाँ अपने आप बजने लगती हैं। इस मासूम बच्चे के हुनर ने न सिर्फ इंटरनेट यूजर्स को भावुक कर दिया है, बल्कि देश के जाने-माने उद्योगपति और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा भी उसके टैलेंट के मुरीद हो गए हैं। आनंद महिंद्रा ने अपने एक्स (X) अकाउंट पर इस बच्चे का लगभग 1 मिनट 39 सेकंड का वीडियो साझा करते हुए उसकी मदद करने की इच्छा व्यक्त की है। वीडियो में, बच्चा अत्यंत आत्मविश्वास और मासूमियत के साथ जादू प्रदर्शित करता दिखाई देता है, और उसकी कला, प्रस्तुति तथा चेहरे के हावभाव ने हर किसी को गहराई से प्रभावित किया है। वीडियो के साथ आनंद महिंद्रा ने लिखा है कि यह बच्चा बेहद प्रतिभाशाली है और वे न केवल उसकी पढ़ाई में मदद करना चाहते हैं, बल्कि जादू के प्रति उसकी रुचि को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं, ताकि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ जादूगरों में से एक बन सके। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या वह अक्सर नैनीताल की सड़कों पर प्रदर्शन करता है। आनंद महिंद्रा की इस संवेदनशील पहल की सोशल मीडिया पर भारी सराहना हो रही है। अब तक हजारों लोगों ने इस वीडियो को पसंद किया है, जबकि बड़ी संख्या में यूजर्स ने टिप्पणी और साझा कर बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। नैनीताल की सड़कों पर अपने छोटे-छोटे हाथों से जादू दिखाने वाला यह बच्चा अब उम्मीद, प्रतिभा और सपनों की एक नई मिसाल बन गया है, जो सोशल मीडिया की उस खूबसूरती को उजागर करता है जहाँ गुमनाम प्रतिभाओं को पहचान मिलती है और किसी का भविष्य बदलने के लिए मदद के हाथ आगे बढ़ते हैं।1
- उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के कपकोट ब्लॉक स्थित विश्व प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर में ट्रैकिंग के दौरान नोएडा निवासी 28 वर्षीय अभिषेक चौहान के लापता हुए एक हफ़्ते से अधिक का समय बीत चुका है। उनकी खोज के लिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी है, जिसके तहत खाती गाँव से आगे पिंडारी घाटी के दुर्गम इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी बागेश्वर के निर्देशन में, गुमशुदा अभिषेक की तलाश के लिए कपकोट पुलिस, स्थानीय ग्रामीणों, SDRF, NDRF, फायर ब्रिगेड और वन विभाग की टीमें संयुक्त रूप से एक व्यापक अभियान चला रही हैं। क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए, गहरी घाटियों, जंगलों और अत्यंत कठिन रास्तों में सुराग लगाने के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरों और डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है। टीमें घटना स्थल के आसपास के प्रत्येक हिस्से की बारीकी से छानबीन कर रही हैं। इसके साथ ही, पुलिस टीम अभिषेक के परिवार के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है और उनके दोस्तों, करीबियों तथा रिश्तेदारों से संपर्क कर हर संभावित इनपुट जुटाया जा रहा है। बागेश्वर पुलिस ने गुमशुदा के सुरक्षित बरामदगी के हर संभव प्रयास के तहत आसपास के सभी जनपदों और थानों को उनके पंपलेट भेजकर सूचित किया है। लापता युवक अभिषेक चौहान की पहचान 28 वर्षीय अभिषेक चौहान के रूप में हुई है, जिनके पिता का नाम रघुराज चौहान है। वह वर्तमान में नोएडा (दिल्ली एनसीआर) के निवासी हैं और मूल रूप से ग्राम शेखूपूरा, पोस्ट कन्डेला, तहसील कैराना, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं। बागेश्वर पुलिस गुमशुदा की सुरक्षित बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।1
- पीलीभीत जिले के अमरिया में एसडीएम ने फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। जनसुनवाई के दौरान एसडीएम ने शिकायतकर्ताओं द्वारा बताई गई विभिन्न परेशानियों पर गौर किया। इसके बाद, उन्होंने इन समस्याओं के तत्काल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए।1
- एक हैंडपंप काफी लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके आसपास घास और कूड़ा-कचरा जमा हो गया है। यह हैंडपंप एक धार्मिक स्थल के पास स्थित है। इसे जल्द से जल्द ठीक कराने की अनुमति और मरम्मत कराने की अपील की गई है, ताकि इस समस्या का समाधान हो सके।1
- चम्पावत में मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को लेकर एक सिविल-मिलिट्री समन्वय बैठक का आयोजन किया गया।1
- अमरिया पुलिस ने 'मिशन शक्ति अभियान' के तहत महिलाओं को जागरूक करने का कार्य किया। इस पहल के अंतर्गत, पुलिस कर्मियों ने महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पंपलेट भी वितरित किए।1
- पीलीभीत जिले के गजरौला कला थाना क्षेत्र के जैतपुर गांव में पिछले दो दिनों से ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना एक आक्रामक लंगूरी बंदर आखिरकार वन विभाग की पकड़ में आ गया। इस बंदर के लगातार हमलों से गांव में दहशत का माहौल था और कई ग्रामीण घायल हो चुके थे, जिसके कारण लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे थे। बंदर के आतंक से पिछले दो दिनों में सात से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें भी आईं। शनिवार को सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची, जहाँ बंदर ने उन्हें भी हमला करने की कोशिश की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, डीएफओ भारत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष अभियान चलाया गया। टीम ने बंदर की गतिविधियों पर लगातार नज़र रखते हुए काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित रूप से पकड़ लिया। इस दौरान, हुकुमचंद मौर्य गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि रामबहादुर, आकाश, अजय, जागीर और जलालुद्दीन सहित अन्य ग्रामीण भी चोटिल हुए। सभी घायल ग्रामीणों का उपचार कराया गया है और उनकी स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। आक्रामक बंदर के पकड़े जाने से जैतपुर गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग ने यह भी बताया है कि वह क्षेत्र में आगे भी निगरानी बनाए रखेगा ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1