पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर गांव गांव पद पद यात्रा का शुभारंभ , प्रेस वार्ता कर दी गई जानकारी।। पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर गांव गांव पद पद यात्रा का शुभारंभ। बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में चालू किया गया अभियान। बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व करता जयराम सिंह बछेउरा ने आयोजित की प्रेस कॉन्फ्रेंस। गांव गांव पद पद यात्रा करके लोगों को किया जाएगा जागरूक। 2024 में बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के द्वारा प्रारंभ किया गया था बुंदेलखंड पृथक राज्य के लिए मांग। बुंदेलखंड पृथक राज्य को लेकर पांचवें चरण तक का हो चुका है कार्यक्रम। छठवां चरण बांदा और सातवां चरण चित्रकूट होगा प्रारंभ। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच प्रशासनिक उपेक्षा से मुक्त कराकर बुंदेलखंड पृथक राज्य बनाने की मांग। छठवें चरण के कार्यक्रम को लेकर पूरा रुठ मार्च हुआ तैयार। बुंदेलखंड पृथक राज्य होने से आम जनमानस का होगा विकास। बांदा आवास विकास से जयराम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी।
पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर गांव गांव पद पद यात्रा का शुभारंभ , प्रेस वार्ता कर दी गई जानकारी।। पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर गांव गांव पद पद यात्रा का शुभारंभ। बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में
चालू किया गया अभियान। बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व करता जयराम सिंह बछेउरा ने आयोजित की प्रेस कॉन्फ्रेंस। गांव गांव पद पद यात्रा करके लोगों को किया जाएगा जागरूक। 2024 में बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के द्वारा प्रारंभ किया गया था
बुंदेलखंड पृथक राज्य के लिए मांग। बुंदेलखंड पृथक राज्य को लेकर पांचवें चरण तक का हो चुका है कार्यक्रम। छठवां चरण बांदा और सातवां चरण चित्रकूट होगा प्रारंभ। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच प्रशासनिक उपेक्षा से मुक्त कराकर
बुंदेलखंड पृथक राज्य बनाने की मांग। छठवें चरण के कार्यक्रम को लेकर पूरा रुठ मार्च हुआ तैयार। बुंदेलखंड पृथक राज्य होने से आम जनमानस का होगा विकास। बांदा आवास विकास से जयराम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी।
- पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर गांव गांव पद पद यात्रा का शुभारंभ। बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में चालू किया गया अभियान। बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व करता जयराम सिंह बछेउरा ने आयोजित की प्रेस कॉन्फ्रेंस। गांव गांव पद पद यात्रा करके लोगों को किया जाएगा जागरूक। 2024 में बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के द्वारा प्रारंभ किया गया था बुंदेलखंड पृथक राज्य के लिए मांग। बुंदेलखंड पृथक राज्य को लेकर पांचवें चरण तक का हो चुका है कार्यक्रम। छठवां चरण बांदा और सातवां चरण चित्रकूट होगा प्रारंभ। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच प्रशासनिक उपेक्षा से मुक्त कराकर बुंदेलखंड पृथक राज्य बनाने की मांग। छठवें चरण के कार्यक्रम को लेकर पूरा रुठ मार्च हुआ तैयार। बुंदेलखंड पृथक राज्य होने से आम जनमानस का होगा विकास। बांदा आवास विकास से जयराम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी।4
- #Apkiawajdigital राजसत्ता पोस्ट का वायरल वीडियो..✍️ नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की कथित हत्या के बाद उपजे वैश्विक तनाव के बीच, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' ने अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोला है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि "इतिहास गवाह है, अन्याय करने वालों को धरती का कोई कोना पनाह नहीं देता। अमेरिका और इजरायल को अब दुनिया में कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी।" साम्राज्यवाद के खिलाफ हुंकार: सांसद रावण ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया के ताकतवर मुल्क अपनी दादागिरी के दम पर संप्रभु देशों के नेताओं को निशाना बना रहे हैं, जो पूरी मानवता के लिए खतरा है। उन्होंने इसे 'अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद' करार देते हुए कहा कि मजलूमों और शोषितों की आवाज दबाने वाले इन मुल्कों का अंत निकट है। भारत की भूमिका पर सवाल: चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार से मांग की है कि भारत को गुटनिरपेक्षता की अपनी पुरानी नीति पर कायम रहते हुए इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आज हम चुप रहे, तो कल यह आग किसी भी देश तक पहुँच सकती है। समर्थकों में उत्साह: उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर 'आजाद' के समर्थकों ने इसे 'मजलूमों की आवाज' करार दिया है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस बयान को वैश्विक मंच पर एक दलित नेता की बढ़ती सक्रियता और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी मुखरता के रूप में देखा जा रहा है।1
- Post by Raj Trivedi1
- कस्बा कबरई के राजीव नगर स्थित मां चंद्रिका देवी प्रांगण में बाबा भोलेनाथ की मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अंतर्गत भव्य बारात निकाली गई। इस दौरान घोड़े और हाथियों के साथ निकली बारात मां पांच पहाड़ियों से होते हुए मराठी हनुमान मंदिर पहुंची और पुनः मां चंद्रिका देवी प्रांगण में संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ बारात में भाग लिया और “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम के उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस धार्मिक आयोजन के आयोजक रामचंद्र सिंह एवं सत्येंद्र सिंह रहे, जिनके नेतृत्व में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के इकाई सदस्य ने राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र मिश्रा के निर्देशन में नवयुवक जिला अध्यक्ष चुना गया और उनका फूल और माला से स्वागत सम्मान किया सभी सदस्य गण1
- पारिवारिक कलह के चलते एक मां ने अपनी 5 वर्षीय पुत्री को मरका पुल से यमुना नदी में फेंक दिया था, पुलिस ने आरोपी महिला रूबीना पत्नी राजू को किया गिरफ्तार ।1
- Post by LK Tiwari Ram G1
- #Apkiawajdigital राजसत्ता पोस्ट का वायरल वीडियो तेहरान/दुबई: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस वीडियो में एक ईरानी युवती, जो बिना हिजाब के नजर आ रही है, सत्ता के सबसे शक्तिशाली प्रतीक—सर्वोच्च नेता खामेनेई—की जलती हुई तस्वीर की लौ से बेखौफ होकर अपनी सिगरेट जलाती दिख रही है। विद्रोह का नया चेहरा: यह दृश्य केवल एक व्यक्तिगत जश्न नहीं, बल्कि दशकों से चले आ रहे कड़े धार्मिक और राजनीतिक अंकुश के खिलाफ एक "शक्तिशाली विद्रोह" माना जा रहा है। वीडियो में लड़की के चेहरे पर कोई डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति और जीत की मुस्कान दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तस्वीर आने वाले समय में ईरानी महिलाओं के संघर्ष और वहां बदलती हवाओं का सबसे बड़ा 'आइकन' बन सकती है। जश्न और आक्रोश का माहौल: ईरान के कई शहरों, विशेषकर तेहरान और मशहद से ऐसी खबरें आ रही हैं जहाँ लोग सड़कों पर मिठाइयां बांट रहे हैं और आतिशबाजी कर रहे हैं। इस युवती का वीडियो वायरल होने के बाद, दुनिया भर में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे 'ईरान की नई सुबह' करार दिया है। हालांकि, ईरान की आंतरिक सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के कृत्यों को 'अपराध' मान रही हैं और इंटरनेट पर नियंत्रण कड़ा कर दिया गया है। सांकेतिक महत्व: ईरान के इतिहास में सर्वोच्च नेता की तस्वीर जलाना या उसका अपमान करना मौत की सजा तक का कारण बन सकता था। ऐसे में उस तस्वीर की आग से सिगरेट जलाना यह संदेश देता है कि अब जनता के मन से सत्ता का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है।1