“ब्राह्मणों को जो सताएगा, सत्ता से साफ हो जाएगा—2027” गोरखपुर— कहां है योगी सरकार के कानून व्यवस्था के दावे ठेकेदार शिवकुमार तिवारी दिनदहाडे हत्याकांड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। “ब्राह्मणों को जो सताएगा, सत्ता से साफ हो जाएगा—2027” गोरखपुर— कहां है योगी सरकार के कानून व्यवस्था के दावे ठेकेदार शिवकुमार तिवारी दिनदहाडे हत्याकांड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद ब्राह्मण समाज में सरकार के प्रति जबरदस्त आक्रोश है। जब वोट चाहिए तो ब्राह्मण याद आते हैं। लेकिन हत्या और उत्पीड़न के समय सरकार की संवेदनाएं क्यों मर जाती हैं। प्रदेश में पिछले एक दशक से ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ लगातार हो रही घटनाओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार में ‘गांधारी’ बने बैठे मंत्री और नेताओं की आंखों से आखिर पट्टी कब हटेगी? ब्राह्मण समाज के लोगों को न्याय और सुरक्षा कब मिलेगी
“ब्राह्मणों को जो सताएगा, सत्ता से साफ हो जाएगा—2027” गोरखपुर— कहां है योगी सरकार के कानून व्यवस्था के दावे ठेकेदार शिवकुमार तिवारी दिनदहाडे हत्याकांड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। “ब्राह्मणों को जो सताएगा, सत्ता से साफ हो जाएगा—2027” गोरखपुर— कहां है योगी सरकार के कानून व्यवस्था के दावे ठेकेदार शिवकुमार तिवारी दिनदहाडे हत्याकांड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद ब्राह्मण समाज में सरकार के प्रति जबरदस्त आक्रोश है। जब वोट चाहिए तो ब्राह्मण याद आते हैं। लेकिन हत्या और उत्पीड़न के समय सरकार की संवेदनाएं क्यों मर जाती हैं। प्रदेश में पिछले एक दशक से ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ लगातार हो रही घटनाओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार में ‘गांधारी’ बने बैठे मंत्री और नेताओं की आंखों से आखिर पट्टी कब हटेगी? ब्राह्मण समाज के लोगों को न्याय और सुरक्षा कब मिलेगी
- डीएम के पहले दौरे में सीएचसी और तहसील का औचक निरीक्षण, दो सेंटर सीज बदलापुर। जौनपुर के नवागत जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन ने मंगलवार की दोपहर बदलापुर में अपने पहले दौरे के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और तहसील का औचक निरीक्षण किया। डीएम के अचानक पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। सीएचसी के निरीक्षण के बाद डीएम ने अस्पताल के सामने संचालित मेडिकल स्टोरों के साथ एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की भी जांच कराई। कार्रवाई के दौरान एक एक्स-रे सेंटर और एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सीज किए जाने की जानकारी सामने आई। डीएम की छापेमारी की सूचना मिलते ही कुछ मेडिकल स्टोर और जांच केंद्रों के संचालक दुकानें व सेंटर बंद कर मौके से चले गए। इसके बाद डीएम ने बदलापुर तहसील का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम न्यायालय, तहसीलदार न्यायालय, जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण व्यवस्था समेत कार्यालयों की कार्यप्रणाली और साफ-सफाई का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इसी दौरान डीएम से मिलने के लिए तहसील परिसर में खड़े कुछ अधिवक्ताओं और फरियादियों को पुलिस एवं स्कॉर्ट टीम के लोगों ने रोक दिया। इसको लेकर अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। कुछ देर तक तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति संभाली। डीएम के पहले दौरे और अचानक हुई कार्रवाई को लेकर पूरे दिन तहसील और स्वास्थ्य विभाग में चर्चा बनी रही।1
- प्रतापगढ़: मकान हादसे में 6 की मौत पर कायस्थ समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष का सवाल, बोले - सिस्टम हादसे का इंतजार कर रहा था?`1
- जौनपुर: CEIR पोर्टल की मदद से 200 गुम मोबाइल बरामद, अब तक 1,941 फोन मिले अरुण कुमार दुबे नैमिष टुडे ब्यूरो चीफ जौनपुर जौनपुर। जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस और विभिन्न थानों की साइबर सेल को गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से करीब 45 लाख रुपये कीमत के 200 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक कुल 1,941 गुम मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 3.90 करोड़ रुपये है। बरामद मोबाइल उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार समेत कई राज्यों से बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए मोबाइल में वनप्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी और पोको समेत विभिन्न कंपनियों के फोन शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह ने बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। मोबाइल वापस मिलने पर स्वामियों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। जौनपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि फोन को ट्रेस कर बरामद करने की कार्रवाई की जा सके। वहीं, साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।1
- *तिरंगा यात्रा को लेकर भाजपा में फूट, जिला महामंत्री विजय त्रिपाठी के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे* *शेड्यूल बदलने का आरोप,समर्थकों ने चौकिया चौराहे पर किया विरोध* *लम्भुआ, सुलतानपुर।* बुधवार को सर्वोदय इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा निकाली गई तिरंगा यात्रा भाजपा नेताओं के नेतृत्व में देशभक्ति के जज्बे के साथ संपन्न हुई। हाथों में तिरंगा लेकर बच्चों ने पूरे मार्ग में देशभक्ति का संदेश दिया। यात्रा सर्वोदय इंटर कॉलेज परिसर से शुरू होकर लम्भुआ बाजार होते हुए दियरा रोड से गुजरी और वापस कॉलेज पहुंचकर समाप्त हुई। यात्रा में विधायक सीताराम वर्मा, जिला महामंत्री व तिरंगा यात्रा के जिला संयोजक विजय त्रिपाठी, प्रभारी मनोज श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष शेर बहादुर सिंह, संजीव पांडेय, हरिओम व प्रधानाचार्य गुलाब सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-छात्र मौजूद रहे। सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। *शेड्यूल बदलने को लेकर हुआ विवाद* यात्रा संपन्न होने के बाद चौकिया चौराहे पर समर्थकों ने जिला महामंत्री विजय त्रिपाठी का विरोध किया और मुर्दाबाद के नारे लगाए। समर्थकों का आरोप है कि तय शेड्यूल के अनुसार यात्रा को चौकिया चौराहे स्थित शहीद वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण और राष्ट्रगान के बाद कॉलेज में समाप्त होना था। लेकिन आरोप है कि विजय त्रिपाठी ने राजनीतिक व चुनावी रंजिश के चलते विजय त्रिपाठी द्वारा यात्रा को दियरा चौराहे से ही मोड़कर सीधे कॉलेज ले गए। नगर पंचायत अध्यक्ष अवनीश सिंह अंगद व समर्थकों ने कहा कि चौकिया मोड़ पर भाजपा के शीर्ष नेताओं द्वारा कार्यक्रम दिए जाने के बाद ही तिरंगा यात्रा में शामिल होने वाले सैकड़ों कार्यकर्ताओं और स्कूली बच्चों के लिए भोजन व फूल माला की व्यवस्था की गई थी,लेकिन यात्रा वहां न पहुंचने से सभी समर्थक मायूस हो गए।1
- युवती जेवर लेकर प्रेमी संग फरार; फोन पर बात करने से टोकने पर उठाया कदम, केस दर्ज सुलतानपुर जिले के मोतिगरपुर थाना क्षेत्र में एक युवती के घर से लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि फोन पर बात करने से टोकने पर युवती नाराज हो गई और पड़ोस के युवक के साथ चली गई। पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक गांव के निवासी लड़की के पिता ने पुलिस को बताया कि 9 अगस्त की शाम करीब 3 बजे उनकी 19 वर्षीय बेटी पड़ोस के शेखर उर्फ डीके से मोबाइल पर बात कर रही थी। जब पिता ने इसका विरोध किया, तो लड़की घर से कहीं चली गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन लड़की का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 10 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे आरोपी युवक शेखर के पिता ने लड़की के पिता को फोन कर बताया कि उनका बेटा शेखर, उनकी लड़की को अपने साथ लेकर भाग गया है। सूचना मिलने पर जब परिजनों ने घर की जांच की, तो पता चला कि शादी के लिए बनवाए गए सोने की चेन, अंगूठी, झाली तथा चांदी की पायल और पावजेब जैसे लाखों रुपये के गहने भी गायब थे। पीड़ित पिता की तहरीर पर मोतिगरपुर पुलिस ने 12 अगस्त को संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। उपनिरीक्षक अशोक कुमार वर्मा को मामले की विवेचना सौंपी गई है। पुलिस आरोपी युवक और युवती की तलाश में जुट गई है।1
- संदिग्ध पदार्थ खाने से चार छात्रों की हालत बिगड़ी, तीन जिला अस्पताल रेफर पट्टी। कस्बे के प्राथमिक विद्यालय प्रथम में बुधवार को संदिग्ध पदार्थ खाने से कक्षा तीन के चार छात्रों की हालत बिगड़ गई। विद्यालय प्रशासन ने सभी बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने आर्यन, मयंक और प्रिंस को जिला मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ रेफर कर दिया।बताया गया कि आर्यन, मयंक, प्रिंस और आदर्श ने विद्यालय में किसी छात्र द्वारा पुड़िया में लाए गए संदिग्ध पदार्थ का सेवन कर लिया। आर्यन पुत्र बबलू ने बताया कि साथ पढ़ने वाला एक छात्र पुड़िया में कुछ लेकर आया था। उसने स्वयं खाने के बाद अन्य छात्रों को भी वह पदार्थ खिला दिया। कुछ देर बाद चारों बच्चों की हालत बिगड़ने लगी।जानकारी होने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक शिवपूजन पांडेय सहायक अध्यापकों के साथ सभी बच्चों को लेकर सीएचसी पट्टी पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने बच्चों का उपचार शुरू किया। इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. अखिलेश जायसवाल ने बताया कि बच्चों की हालत देखने से किसी नशीले पदार्थ के सेवन की आशंका प्रतीत हो रही है। हालांकि बच्चों ने किस पदार्थ का सेवन किया, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।बच्चों की हालत गंभीर होने पर आर्यन, मयंक और प्रिंस को बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे एक ही एंबुलेंस से जिला मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी के बाद विद्यालय और स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई।एबीएसए गुलाबचंद सोनकर ने बताया कि बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। बच्चों की तबीयत किस वजह से खराब हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।1