अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र स्थित नाथूथला गांव में मुकेश सिंह रावत का शव घर की चारपाई पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक के गले और आंख पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे उसके भाई ने हत्या की आशंका जताई है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी विमला और एक अन्य युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा आपसी विवाद और घटना की रात एक अज्ञात गाड़ी का फार्म हाउस पर आना मुख्य संदिग्ध कड़ियाँ बनकर सामने आई हैं। मृतक के 12 वर्षीय बेटे नरेश ने खुलासा किया कि रात करीब 12 बजे जब उसकी नींद खुली, तो उसकी मां कमरे में नहीं थी और पास के कमरे से रोने-चीखने की आवाजें आ रही थीं। वहीं ग्रामीणों के अनुसार पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था, जिसे तीन दिन पहले ही समाज के लोगों ने समझाइश कर शांत कराया था। शुरुआती तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पुलिस ने पत्नी को डिटेन किया है। मामले की सघन जांच पीसांगन थानाधिकारी पारुल यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचंद कायल और ग्रामीण वृत्ताधिकारी शमशेर सिंह की निगरानी में की जा रही है। अजमेर के जेएलएन अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और पूरी साजिश का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। मृतक मुकेश अपने पीछे 5 मासूम बच्चों को छोड़ गया है।
अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र स्थित नाथूथला गांव में मुकेश सिंह रावत का शव घर की चारपाई पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक के गले और आंख पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे उसके भाई ने हत्या की आशंका जताई है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी विमला और एक अन्य युवक को हिरासत में ले
लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा आपसी विवाद और घटना की रात एक अज्ञात गाड़ी का फार्म हाउस पर आना मुख्य संदिग्ध कड़ियाँ बनकर सामने आई हैं। मृतक के 12 वर्षीय बेटे नरेश ने खुलासा किया कि रात करीब 12 बजे जब उसकी नींद खुली, तो उसकी मां कमरे में नहीं थी और पास के कमरे
से रोने-चीखने की आवाजें आ रही थीं। वहीं ग्रामीणों के अनुसार पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था, जिसे तीन दिन पहले ही समाज के लोगों ने समझाइश कर शांत कराया था। शुरुआती तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पुलिस ने पत्नी को डिटेन किया है। मामले की सघन जांच पीसांगन थानाधिकारी पारुल यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचंद कायल और
ग्रामीण वृत्ताधिकारी शमशेर सिंह की निगरानी में की जा रही है। अजमेर के जेएलएन अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और पूरी साजिश का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। मृतक मुकेश अपने पीछे 5 मासूम बच्चों को छोड़ गया है।
- राजस्थान के अजमेर जिले में मांगलियावास-पीसांगन थाना क्षेत्र के बख्तावरपुरा गांव में 17 जुलाई को हुई 70 वर्षीय बेवा गांधी देवी की संदिग्ध मौत का मामला गरमा गया है। घटना के सात दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा मामले का खुलासा न किए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और शीघ्र खुलासे की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, 17 जुलाई की सुबह गांधी देवी का शव उनके घर के आंगन में चारपाई पर पड़ा मिला था। घटना के बाद पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण कराया था तथा फॉरेंसिक और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए थे। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मामले का खुलासा नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मामले में पीसांगन पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही "दूध का दूध और पानी का पानी" कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।1
- रियान बड़ी उपखंड क्षेत्र के लुगिया गांव निवासी मेघवाल परिवार ने अपनी पुश्तैनी अनुसूचित जाति (एससी) भूमि के कथित फर्जी नामांतरण का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है। ज्ञापन में नाथूराम मेघवाल, धारूराम मेघवाल और उनकी बहनों चुका देवी व सोहनी देवी ने बताया कि ग्राम बीजाथल स्थित खसरा नंबरों की भूमि पर उनके पूर्वज, जैसे शिवरण पुत्र घिसा, राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 लागू होने से पहले से ही काश्तकार रहे हैं। नाथूराम मेघवाल के अनुसार, उनके पिता ने आर्थिक तंगी के कारण जमीन उगमाराम जाट को केवल बटाई पर दी थी। आरोप है कि पिता के निधन के बाद उगमाराम जाट ने कूटचित दस्तावेजों के आधार पर बिना वैधानिक रूपांतरण के एससी वर्ग की भूमि ओबीसी वर्ग में अपने नाम करवा ली। वहीं, सुगनचंद जैन पर आरोप है कि उन्होंने बंटवारे के दौरान पिता की जाति गलत तरीके से जैन दर्ज करवाकर अवैध रूप से भूमि अपने नाम कर ली। पीड़ित पक्ष का दावा है कि प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से सैकड़ों बीघा भूमि का रिकॉर्ड बदला गया है, जबकि नियमतः बिना रूपांतरण के एससी भूमि किसी अन्य वर्ग के नाम दर्ज नहीं की जा सकती। परिवार ने जिला प्रशासन से दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने और पुश्तैनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। इस संबंध में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने ज्ञापन मिलने की बात स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि मामले की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- अजमेर में इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 6.50 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी के संबंध में पीड़ित राजकुमार हेड़ा ने केस दर्ज कराया है।1
- अजमेर से मुंबई जाने वाली ट्रेन को बारिश के कारण रद्द कर दिया गया है। इस संबंध में तुरंत अपडेट जारी करते हुए ट्रेन रद्द होने की जानकारी दी गई है।1
- अजमेर जिले के पीसांगन उपखंड क्षेत्र स्थित लीडी ग्राम पंचायत के पाबूथान राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने छात्रों और शिक्षकों को विद्यालय से बाहर निकाला और मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। घटना की जानकारी मिलने पर पीसांगन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी वीणा अग्रावत, पीआईओ भारती जाटव और सरपंच प्रतिनिधि भंवर लाल चौधरी मौके पर पहुंचे और वार्ता की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि विद्यालय भवन तालाब की गैर मुमकिन पाल पर स्थित होने के कारण इस पर सरकारी पैसा खर्च नहीं किया जा सकता। नसीराबाद विधायक की अनुशंसा पर डी एम एम टी फंड से दो कमरों के लिए स्वीकृत लगभग ₹14 लाख की राशि भी इसी कारण उपयोग में नहीं लाई जा सकी थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खेल मैदान और स्कूल भवन के लिए स्वीकृत आठ बीघा जमीन पर नए कक्षा-कक्ष बनाए जाएंगे और जब तक नया भवन तैयार नहीं होता, तब तक विद्यालय इसी भवन में संचालित रहेगा। इस सहमति के बाद सुबह करीब 10:30 बजे ताला खोला गया, जिसके बाद मल्लाराम गुर्जर, बलवीर, जितेंद्र, टीकम और जगदीश समेत ग्रामीणों ने अधिकारियों का आभार जताया।1
- अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र स्थित नाथूथला गांव में मुकेश सिंह रावत का शव घर की चारपाई पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक के गले और आंख पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे उसके भाई ने हत्या की आशंका जताई है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी विमला और एक अन्य युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा आपसी विवाद और घटना की रात एक अज्ञात गाड़ी का फार्म हाउस पर आना मुख्य संदिग्ध कड़ियाँ बनकर सामने आई हैं। मृतक के 12 वर्षीय बेटे नरेश ने खुलासा किया कि रात करीब 12 बजे जब उसकी नींद खुली, तो उसकी मां कमरे में नहीं थी और पास के कमरे से रोने-चीखने की आवाजें आ रही थीं। वहीं ग्रामीणों के अनुसार पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था, जिसे तीन दिन पहले ही समाज के लोगों ने समझाइश कर शांत कराया था। शुरुआती तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पुलिस ने पत्नी को डिटेन किया है। मामले की सघन जांच पीसांगन थानाधिकारी पारुल यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचंद कायल और ग्रामीण वृत्ताधिकारी शमशेर सिंह की निगरानी में की जा रही है। अजमेर के जेएलएन अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और पूरी साजिश का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। मृतक मुकेश अपने पीछे 5 मासूम बच्चों को छोड़ गया है।4