फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने वाले 2 युवक गिरफ्तार, राजधानी भोपाल में बड़ा खुलासा.... फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने वाले 2 युवक गिरफ्तार, राजधानी भोपाल में बड़ा खुलासा.... ♦️ भोपाल समाचार राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी पुलिस बनकर राहगीरों से वसूली करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी सिविल ड्रेस में चौराहे पर वाहन रोककर खुद को पुलिसकर्मी बताते थे और हेलमेट व ट्रैफिक नियमों के नाम पर लोगों को डराकर रुपये वसूलने का आरोप है। मामला तब खुला जब मौजूद लोगों ने दोनों को घेरकर पूछा, "कौन से थाने से हो? आईडी कार्ड दिखाओ।" संतोषजनक जवाब न मिलने पर शाहपुरा पुलिस को सूचना दी गई। रात करीब 9:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमान खान और एलएलबी छात्र कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान अमान खान की कमर से एक नकली पिस्टल बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने खुद को कोहेफिजा थाने का पुलिसकर्मी बताया, लेकिन जांच में उनका दावा झूठा निकला। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने इसे "प्रैंक" बताया, जिसे पुलिस ने स्वीकार नहीं किया। फिलहाल दोनों के खिलाफ फर्जी पुलिस बनकर वसूली, धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की सीडीआर और पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने वाले 2 युवक गिरफ्तार, राजधानी भोपाल में बड़ा खुलासा.... फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने वाले 2 युवक गिरफ्तार, राजधानी भोपाल में बड़ा खुलासा.... ♦️ भोपाल समाचार राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी पुलिस बनकर राहगीरों से वसूली करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी सिविल ड्रेस में चौराहे पर वाहन रोककर खुद को पुलिसकर्मी बताते थे और हेलमेट व ट्रैफिक नियमों के नाम पर लोगों को डराकर रुपये वसूलने का आरोप है। मामला तब खुला जब मौजूद लोगों ने दोनों को घेरकर पूछा, "कौन से थाने से हो? आईडी कार्ड दिखाओ।" संतोषजनक जवाब न मिलने पर शाहपुरा पुलिस को सूचना दी गई। रात करीब 9:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमान खान और एलएलबी छात्र कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान अमान खान की कमर से एक नकली पिस्टल बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने खुद को कोहेफिजा थाने का पुलिसकर्मी बताया, लेकिन जांच में उनका दावा झूठा निकला। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने इसे "प्रैंक" बताया, जिसे पुलिस ने स्वीकार नहीं किया। फिलहाल दोनों के खिलाफ फर्जी पुलिस बनकर वसूली, धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की सीडीआर और पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
- गुढ़ में पुलिस विभाग की जन चौपाल नागरिकों को साइबर अपराध डिजिटल अरेस्ट और नशा मुक्ति के प्रति किया जागरूक गुढ़ में पुलिस विभाग की जन चौपाल नागरिकों को साइबर अपराध डिजिटल अरेस्ट और नशा मुक्ति के प्रति किया जागरूक *डीआईजी हेमंत चौहान एवं डीएसपी हिमाली पाठक की उपस्थिति में हुआ सीधा संवाद साइबर हेल्पलाइन और महिला सुरक्षा पर दिया विशेष जोर* *♦️रीवा : गुढ़ समाचार* पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने तथा समाज में बढ़ते अपराधों के प्रति आमजन को सतर्क करने के उद्देश्य से रीवा पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान आपकी पुलिस आपके द्वार के अंतर्गत गुढ़ नगर स्थित श्री भागवत पैलेस में एक भव्य जन चौपाल का आयोजन किया गया।इस जन चौपाल में मुख्य अतिथि के रूप में रीवा संभाग के पुलिस उप महानिरीक्षक हेमंत चौहान और विशेष अतिथि के रूप में डीएसपी हिमाली पाठक उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता थाना प्रभारी गुढ़ पुष्पेन्द्र यादव ने की। *डीआईजी हेमंत चौहान का नागरिकों से सीधा संवाद* जन चौपाल को संबोधित करते हुए डीआईजी हेमंत चौहान ने कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी सिर्फ अपराध नियंत्रण ही नहीं बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा करना भी है।उन्होंने उपस्थित लोगों से सीधे संवाद करते हुए उनकी स्थानीय समस्याओं यातायात और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।डीआईजी चौहान ने कहा आज का दौर डिजिटल क्रांति का है लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध भी तेजी से बढ़े हैं।पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है लेकिन नागरिकों की जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। *डीएसपी ने डिजिटल अरेस्ट और बैंक धोखाधड़ी पर दी चेतावनी* डीएसपी हिमाली पाठक ने वर्तमान में तेजी से उभर रहे डिजिटल अरेस्ट जैसे फ्रॉड के तरीकों से नागरिकों को सावधान किया।उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिस सीबीआई या जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार या बंधक नहीं बनाती है।यदि इस प्रकार की कोई संदिग्ध कॉल आती है तो घबराएं नहीं और तुरंत पुलिस को सूचित करें।इसके साथ ही उन्होंने महिला सुरक्षा पर बात करते हुए महिलाओं से किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या अपराध की स्थिति में निसंकोच पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की अपील की। *थाना प्रभारी ने बताए साइबर सुरक्षा के मूल मंत्र* कार्यक्रम के दौरान गुढ़ थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र यादव ने साइबर अपराधों की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनजाने नंबरों से आने वाले लिंक पर क्लिक न करें अपने बैंक ओटीपी पासवर्ड या पिन किसी के साथ साझा न करें। लॉटरी नौकरी का झांसा देने वाले और फर्जी बैंक कॉल्स से सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई।साथ ही चौपाल में उपस्थित युवाओं और बुजुर्गों से समाज को नशा मुक्त बनाने की अपील की गई।पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है बल्कि अपराध की जननी भी है। पुलिस विभाग द्वारा नशे के अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।अंतिम क्षण में अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और सीधा संवाद कर उनका त्वरित समाधान करने का भरोसा दिलाया।इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से जनप्रतिनिधि समाजसेवी सुरक्षा समिति के सदस्य एवं पुलिस स्टाफ मौजूद रहा।1
- विश्व मानव तस्करी निरोधक दिवस पर थाना समान पुलिस ने आमजन को किया जागरूक, थाने के सामने आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम1
- Rewa : 1 अगस्त का इतिहास | भारत और विश्व की प्रमुख घटनाएँ 1 अगस्त का इतिहास | भारत और विश्व की प्रमुख घटनाएँ 1920 – महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ असहयोग आंदोलन की शुरुआत की। 1957 – भारत में नेशनल बुक ट्रस्ट (National Book Trust) की स्थापना हुई। 1975 – शेख मुजीबुर रहमान ने बांग्लादेश में एक-दलीय शासन व्यवस्था लागू की। 1995 – भारत में पहली बार सार्वजनिक रूप से इंटरनेट सेवा शुरू हुई, जिसे Videsh Sanchar Nigam Limited ने लॉन्च किया। 🎂 1 अगस्त को जन्मे प्रमुख व्यक्ति 1920 – बलबीर सिंह सीनियर, महान भारतीय हॉकी खिलाड़ी। 1952 – मीना कुमारी का नाम कई सूचियों में आता है, लेकिन उनकी वास्तविक जन्मतिथि 1 अगस्त नहीं है—ऐसी सूचनाओं से सावधानी रखें। 🌍 1 अगस्त के प्रमुख दिवस विश्व स्तनपान सप्ताह (World Breastfeeding Week) की शुरुआत (1–7 अगस्त)। यॉर्कशायर डे (Yorkshire Day) (यूके)।1
- अगस्त 2026 की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें: एलपीजी दामों में राहत: कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (Commercial LPG) की कीमतों में कटौती की गई है, जिससे व्यापारिक क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। नियमों में बदलाव: आज 1 अगस्त से रेलवे बुकिंग, क्रेडिट कार्ड नियमों और पासपोर्ट फीस (जिसमें 14 साल बाद बढ़ोतरी हुई है) समेत कई नए नियम लागू हो गए हैं। मौसम का हाल: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, यूपी समेत देश के 19 राज्यों में भारी बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का अलर्ट जारी किया है। खेल: कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। विदेश/दुनिया: स्पेन के सेउटा सीमा पर प्रवासियों की भारी घुसपैठ के कारण यूरोप में तनाव बढ़ा है, जिसके चलते इटली ने स्पेन के साथ शेंगेन समझौते को फिलहाल निलंबित कर दिया है। 1 August ki. mukhya khabar 20261
- *रीठी में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान: थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, नशा मुक्ति, साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा का दिया संदेश* *शासकीय माध्यमिक शाला रीठी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर खेल और शिक्षा से जुड़ने की प्रेरणा; साइबर ठगी से बचाव के बताए प्रभावी उपाय* *अविनाश चतुर्वेदी ✍️* रीवा। युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की लत से दूर रखने तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से रीवा पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत बिछिया थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने शासकीय माध्यमिक शाला रीठी में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में नशा मुक्ति, साइबर क्राइम, डिजिटल धोखाधड़ी, महिला सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में नशा और साइबर अपराध दोनों ही समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। नशा युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना देता है, जबकि साइबर अपराध एक छोटी-सी लापरवाही से आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं जागरूक रहें बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इन अपराधों के प्रति जागरूक करें। *साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के बताए आसान उपाय* थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या पासवर्ड साझा न करें। संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना और नौकरी या इनाम के नाम पर ठगी करना आज साइबर अपराधियों के प्रमुख हथकंडे हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देना सबसे उचित कदम है। *नशा छोड़कर खेल और शिक्षा से जुड़ने का दिया संदेश* कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि स्वस्थ शरीर और उज्ज्वल भविष्य के लिए नशे से दूरी बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने का भी आह्वान किया। *सरपंच रामसेवक पटेल ने भी किया जागरूकता अभियान का समर्थन* ग्राम पंचायत रीठी के सरपंच रामसेवक पटेल (मुखिया) ने पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस जनजागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने सभी से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया। *इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति* कार्यक्रम में शासकीय माध्यमिक शाला रीठी के प्राचार्य राजकुमार सिंह, सरपंच रामसेवक पटेल (मुखिया), राजेंद्र सिंह, प्रभाकर सिंह, ललित साकेत, विशाल शुक्ला, रामकृष्ण द्विवेदी, पुष्पा दुबे, अंजू थापर, सतीश ताम्रकार, अमर सिंह पटेल, बृजेश कोल सहित विद्यालय के शिक्षकगण, अभिभावक, ग्रामीणजन एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।1
- nali ka kam nahi hua bataiye aayesa bharasta char hon raha hai1
- फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने वाले 2 युवक गिरफ्तार, राजधानी भोपाल में बड़ा खुलासा.... फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने वाले 2 युवक गिरफ्तार, राजधानी भोपाल में बड़ा खुलासा.... ♦️ भोपाल समाचार राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी पुलिस बनकर राहगीरों से वसूली करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी सिविल ड्रेस में चौराहे पर वाहन रोककर खुद को पुलिसकर्मी बताते थे और हेलमेट व ट्रैफिक नियमों के नाम पर लोगों को डराकर रुपये वसूलने का आरोप है। मामला तब खुला जब मौजूद लोगों ने दोनों को घेरकर पूछा, "कौन से थाने से हो? आईडी कार्ड दिखाओ।" संतोषजनक जवाब न मिलने पर शाहपुरा पुलिस को सूचना दी गई। रात करीब 9:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमान खान और एलएलबी छात्र कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान अमान खान की कमर से एक नकली पिस्टल बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने खुद को कोहेफिजा थाने का पुलिसकर्मी बताया, लेकिन जांच में उनका दावा झूठा निकला। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने इसे "प्रैंक" बताया, जिसे पुलिस ने स्वीकार नहीं किया। फिलहाल दोनों के खिलाफ फर्जी पुलिस बनकर वसूली, धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की सीडीआर और पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।1
- लोकेशन रीवा। हाथ में ग्लूकोज की बोतल, कंधों पर बुजुर्ग... रीवा अस्पताल की बदहाल व्यवस्था का वीडियो वायरल। रीवा के संजय गांधी अस्पताल से सामने आई एक तस्वीर ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज के दौरान एक बुजुर्ग मरीज को परिजन हाथ में ग्लूकोज की बोतल पकड़कर जांच के लिए ले जाते दिखे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक युवक अपने बुजुर्ग परिजन को अस्पताल के एक विभाग से दूसरे विभाग तक ले जाता दिखाई दे रहा है। इस दौरान ग्लूकोज की बोतल स्टैंड पर नहीं, बल्कि युवक के हाथ में है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा और मरीजों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी खुद संघर्ष करना पड़ रहा है। करीब एक हजार बिस्तरों वाले विंध्य के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल की इस तस्वीर ने वार्ड बॉय, मरीज सहायता और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।1