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कोरिया जिले के अंतर्गत आने वाला अमरपुर के आश्रित ग्राम केवादंड में बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौत ।

1 hr ago
user_Manoj shrivastav
Manoj shrivastav
चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

कोरिया जिले के अंतर्गत आने वाला अमरपुर के आश्रित ग्राम केवादंड में बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौत ।

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  • कोरिया जिले के अंतर्गत आने वाला अमरपुर के आश्रित ग्राम केवादंड में बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौत ।
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    कोरिया जिले के अंतर्गत आने वाला अमरपुर के आश्रित ग्राम केवादंड में बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौत ।
    user_Manoj shrivastav
    Manoj shrivastav
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • जब जनप्रतिनिधि ने समझी जिम्मेदारी, तो बदली वार्ड की तस्वीर, सफाई अभियान से वार्ड नंबर 4 में लौटी स्वच्छता की मुस्कान मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। नगर पंचायत नई लेदरी के वार्ड क्रमांक 4 में आज स्वच्छता को लेकर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में वार्ड की निर्दलीय पार्षद श्रीमती सुषमा कुशवाहा ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए स्वयं पहल की और साथियों के सहयोग से वार्ड में फैली झाड़ियों एवं कचरे की सफाई कराकर स्वच्छता का संदेश दिया। किसी भी वार्ड की सुंदरता केवल सड़कों और गलियों से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की जागरूकता और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से निखरती है। वार्ड क्रमांक 4 में चलाया गया यह सफाई अभियान इसी सोच की एक सकारात्मक तस्वीर पेश करता है। पार्षद श्रीमती सुषमा कुशवाहा की पहल से सफाई कार्य को गति मिली और गंदगी से प्रभावित स्थानों को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास किया गया। “स्वस्थ वार्ड-यही हमारा लक्ष्य” के संकल्प के साथ चलाए गए इस अभियान ने यह संदेश भी दिया कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या सफाईकर्मी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधि जब अपने क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं और लोगों के साथ मिलकर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो उसका सकारात्मक असर पूरे वार्ड पर दिखाई देता है। इस अवसर पर आम नागरिकों से भी अपील की गई कि वे अपने घरों के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों को भी स्वच्छ रखें, कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें और स्वच्छता अभियान में अपना सहयोग दें। स्वच्छ वार्ड, स्वस्थ परिवार और सुंदर नगर इसी सामूहिक प्रयास से नई लेदरी को और बेहतर बनाया जा सकता है।
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    जब जनप्रतिनिधि ने समझी जिम्मेदारी, तो बदली वार्ड की तस्वीर, सफाई अभियान से वार्ड नंबर 4 में लौटी स्वच्छता की मुस्कान

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी।
नगर पंचायत नई लेदरी के वार्ड क्रमांक 4 में आज स्वच्छता को लेकर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में वार्ड की निर्दलीय पार्षद श्रीमती सुषमा कुशवाहा ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए स्वयं पहल की और साथियों के सहयोग से वार्ड में फैली झाड़ियों एवं कचरे की सफाई कराकर स्वच्छता का संदेश दिया।
किसी भी वार्ड की सुंदरता केवल सड़कों और गलियों से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की जागरूकता और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से निखरती है। वार्ड क्रमांक 4 में चलाया गया यह सफाई अभियान इसी सोच की एक सकारात्मक तस्वीर पेश करता है। पार्षद श्रीमती सुषमा कुशवाहा की पहल से सफाई कार्य को गति मिली और गंदगी से प्रभावित स्थानों को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास किया गया।
“स्वस्थ वार्ड-यही हमारा लक्ष्य” के संकल्प के साथ चलाए गए इस अभियान ने यह संदेश भी दिया कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या सफाईकर्मी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधि जब अपने क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं और लोगों के साथ मिलकर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो उसका सकारात्मक असर पूरे वार्ड पर दिखाई देता है।
इस अवसर पर आम नागरिकों से भी अपील की गई कि वे अपने घरों के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों को भी स्वच्छ रखें, कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें और स्वच्छता अभियान में अपना सहयोग दें। स्वच्छ वार्ड, स्वस्थ परिवार और सुंदर नगर इसी सामूहिक प्रयास से नई लेदरी को और बेहतर बनाया जा सकता है।
    user_M.D. KASIM
    M.D. KASIM
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • 8 साल की शानदार उपलब्धि का जश्न: पारस इंश्योरेंस सॉल्यूशन ने मनाया भव्य स्थापना दिवस, बिजनेस पार्टनर्स का किया सम्मान रायपुर। विश्वास, सेवा और निरंतर सफलता के 8 गौरवपूर्ण वर्ष पूरे होने पर पारस इंश्योरेंस सॉल्यूशन ने भव्य 8th Anniversary Celebration का आयोजन किया। समारोह में सामाजिक, व्यावसायिक एवं संस्थागत क्षेत्र से जुड़े गणमान्य अतिथियों, बिजनेस पार्टनर्स और टीम सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर संस्था की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को यादगार बनाया। समारोह में विभिन्न सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। JCI Raipur Capital सहित विभिन्न संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में शामिल होकर पारस इंश्योरेंस सॉल्यूशन की सफलता की सराहना की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। सम्मान समारोह रहा खास आकर्षण कार्यक्रम का विशेष आकर्षण Award Ceremony रहा, जिसमें संस्था के साथ निरंतर सहयोग, विश्वास और बेहतर व्यावसायिक सहभागिता के लिए बिजनेस पार्टनर्स देवेंद्र पांडे जी एवं करण साहू जी को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि 8 वर्षों की यह यात्रा विश्वास, मेहनत, समर्पण और टीमवर्क का परिणाम है। संस्था का उद्देश्य आने वाले समय में भी बेहतर सेवाओं के साथ अपने ग्राहकों और बिजनेस पार्टनर्स का भरोसा मजबूत करते हुए सफलता के नए आयाम स्थापित करना है। पारस इंश्योरेंस सॉल्यूशन की 8 वर्षों की उपलब्धि ने सेवा, विश्वास और मजबूत साझेदारी की एक नई मिसाल पेश की।
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    8 साल की शानदार उपलब्धि का जश्न: पारस इंश्योरेंस सॉल्यूशन ने मनाया भव्य स्थापना दिवस, बिजनेस पार्टनर्स का किया सम्मान
रायपुर। विश्वास, सेवा और निरंतर सफलता के 8 गौरवपूर्ण वर्ष पूरे होने पर पारस इंश्योरेंस सॉल्यूशन ने भव्य 8th Anniversary Celebration का आयोजन किया। समारोह में सामाजिक, व्यावसायिक एवं संस्थागत क्षेत्र से जुड़े गणमान्य अतिथियों, बिजनेस पार्टनर्स और टीम सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर संस्था की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को यादगार बनाया।
समारोह में विभिन्न सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। JCI Raipur Capital सहित विभिन्न संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में शामिल होकर पारस इंश्योरेंस सॉल्यूशन की सफलता की सराहना की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सम्मान समारोह रहा खास आकर्षण
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण Award Ceremony रहा, जिसमें संस्था के साथ निरंतर सहयोग, विश्वास और बेहतर व्यावसायिक सहभागिता के लिए बिजनेस पार्टनर्स देवेंद्र पांडे जी एवं करण साहू जी को सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि 8 वर्षों की यह यात्रा विश्वास, मेहनत, समर्पण और टीमवर्क का परिणाम है। संस्था का उद्देश्य आने वाले समय में भी बेहतर सेवाओं के साथ अपने ग्राहकों और बिजनेस पार्टनर्स का भरोसा मजबूत करते हुए सफलता के नए आयाम स्थापित करना है।
पारस इंश्योरेंस सॉल्यूशन की 8 वर्षों की उपलब्धि ने सेवा, विश्वास और मजबूत साझेदारी की एक नई मिसाल पेश की।
    user_रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer Baikunthpur, Korea•
    2 hrs ago
  • Post by Sandeep kushwaha
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    Post by Sandeep kushwaha
    user_Sandeep kushwaha
    Sandeep kushwaha
    सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • सूरजपुर डबल मर्डर केस: चार आरोपी दोषी करार, हेड कांस्टेबल की पत्नी और बेटी की हत्या की थी, हंसते हुए बाहर आया कुलदीप साहू Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में 13 अक्टूबर 2024 की रात हुए डबल मर्डर केस में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में 8 अक्टूबर को कोर्ट फैसला सुनाएगा।
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    सूरजपुर डबल मर्डर केस: चार आरोपी दोषी करार, हेड कांस्टेबल की पत्नी और बेटी की हत्या की थी, हंसते हुए बाहर आया कुलदीप साहू
Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में 13 अक्टूबर 2024 की रात हुए डबल मर्डर केस में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में 8 अक्टूबर को कोर्ट फैसला सुनाएगा।
    user_Shailendra Patel
    Shailendra Patel
    Local News Reporter सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • सर्व आदिवासी समाज ने पूजा पैकरा के न्याय की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय घेरा दिनांक 26 सितम्बर 2026दिन शनिवार को कोरिया जिले के बैकुंठपुर में सर्व आदिवासी समाज के लोग स्व.पूजा पैकरा के न्याय की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय का हजारों कि संख्या में घेराव किया
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    सर्व आदिवासी समाज ने पूजा पैकरा के न्याय की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय घेरा
दिनांक 26 सितम्बर 2026दिन शनिवार को कोरिया जिले के बैकुंठपुर में सर्व आदिवासी समाज के लोग स्व.पूजा पैकरा के न्याय की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय का हजारों कि संख्या में घेराव किया
    user_Santlal Urre
    Santlal Urre
    Waiter/Waitress सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • भालू विचरण क्षेत्र में झोपड़ियां बनाकर रह रहे बाहरी परिवार परिवार के साथ हुआ हादसा तो कौन होगा जिम्मेदार ? अनूपपुर - एक ओर वन विभाग खांड़ा क्षेत्र को भालू विचरण क्षेत्र मानता है, वहीं दूसरी ओर इसी संवेदनशील इलाके में बाहरी लोगों के झोपड़ियां बनाकर रहने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत खांड़ा के दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के अनुसार यहां शिवपुरी जिले के गोदरी क्षेत्र से आए लोग झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। बताया गया है कि मौके पर परिवार सहित लोग रह रहे हैं और इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में सवाल केवल अवैध रूप से ठहरने का नहीं, बल्कि इन लोगों की जान की सुरक्षा का भी है। ग्राम पंचायत खांड़ा की सरपंच कमला सिंह एवं सचिव गोरेलाल केवट द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पंचनामा में मौके पर मौजूद लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि उन्हें अनूपपुर के ठेकेदार लकी वर्मा द्वारा काम कराने के लिए यहां लाया गया है। *भालू विचरण क्षेत्र में झोपड़ियां किसकी अनुमति से?* मामले ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब यह क्षेत्र भालू विचरण क्षेत्र के रूप में चिन्हित है और यहां पूर्व में भालू के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं, तो आखिर बाहरी लोगों को इस स्थान पर झोपड़ियां बनाकर रहने की स्थिति कैसे बनी? स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जहां ये लोग रह रहे हैं, वह भूमि वनभूमि का हिस्सा है और लोगों को वहां ठहराने की अनुमति किसके द्वारा दी गई, यह जांच का विषय है। यदि भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है तो विभाग की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। *रेंजर को फोन पर दी सूचना, फिर भी कार्रवाई नहीं।रमेश सिंह* पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं संबंधित वन विभाग के रेंजर को टेलीफोन पर इस स्थिति की जानकारी दी और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करने की बात कही। रमेश सिंह का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद मौके पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। रमेश सिंह ने कहा कि भालू विचरण क्षेत्र में छोटे बच्चों और परिवारों के साथ लोगों का इस तरह रहना किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं माना जा सकता। यदि विभाग को स्थिति की जानकारी होने के बाद भी समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए जाते हैं और भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों की होगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग की जिम्मेदारी केवल वन्यजीवों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्रों में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कर कार्रवाई करना चाहिए। *जानकारी के बाद भी चुप्पी क्यों?* इस पूरे मामले में सबसे गंभीर प्रश्न यही है कि यदि वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को लोगों के इस तरह रहने की जानकारी दी जा चुकी थी, तो उसके बाद क्या कार्रवाई की गई? क्या विभाग की टीम मौके पर पहुंची? क्या वहां रहने वाले लोगों को संभावित भालू हमले के खतरे के बारे में चेतावनी दी गई? क्या उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया गया? और सबसे अहम ,यदि यह वनभूमि है तो वहां झोपड़ियां बनने की अनुमति किसने दी? इन सवालों के जवाब अब वन विभाग की जांच से ही सामने आ सकते हैं। *हादसे का इंतजार या सुरक्षा की तैयारी?* खांड़ा क्षेत्र में मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष की आशंका को देखते हुए मामला बेहद संवेदनशील है। यदि संबंधित लोगों के पास वास्तव में रहने की वैध अनुमति नहीं है तो प्रशासन को उसकी जांच करनी होगी और यदि उन्हें किसी काम के लिए ठेकेदार द्वारा लाया गया है तो उनके सुरक्षित आवास की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। वहीं, यदि वन विभाग को पहले से इस स्थिति की जानकारी थी और इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो यह विभागीय स्तर पर गंभीर लापरवाही के आरोपों की जांच का विषय बनता है। फिलहाल ग्राम पंचायत के पंचनामा और रमेश सिंह द्वारा वन विभाग को दी गई सूचना के बाद गेंद संबंधित विभाग के पाले में है। अब देखना यह है कि वन विभाग किसी संभावित हादसे से पहले कार्रवाई करता है या फिर किसी अप्रिय घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने की कवायद शुरू होती है। *इनका कहना है* “जानकारी मिलते ही संबंधित लोगों को वहां से हटकर गांव में सुरक्षित स्थान पर मकान लेकर रहने के निर्देश दिए गए हैं।” स्वर्ण गौरव सिंह रेंजर, वन विभाग अनूपपुर
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    भालू विचरण क्षेत्र में 
झोपड़ियां बनाकर रह रहे बाहरी परिवार
परिवार के साथ हुआ हादसा तो कौन होगा जिम्मेदार ? 
अनूपपुर  -  
एक ओर वन विभाग खांड़ा क्षेत्र को भालू विचरण क्षेत्र मानता है, वहीं दूसरी ओर इसी संवेदनशील इलाके में बाहरी लोगों के झोपड़ियां बनाकर रहने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत खांड़ा के दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के अनुसार यहां शिवपुरी जिले के गोदरी क्षेत्र से आए लोग झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। बताया गया है कि मौके पर परिवार सहित लोग रह रहे हैं और इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में सवाल केवल अवैध रूप से ठहरने का नहीं, बल्कि इन लोगों की जान की सुरक्षा का भी है।
ग्राम पंचायत खांड़ा की सरपंच कमला सिंह एवं सचिव गोरेलाल केवट द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पंचनामा में मौके पर मौजूद लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि उन्हें अनूपपुर के ठेकेदार लकी वर्मा द्वारा काम कराने के लिए यहां लाया गया है।
*भालू विचरण क्षेत्र में झोपड़ियां किसकी अनुमति से?*
मामले ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब यह क्षेत्र भालू विचरण क्षेत्र के रूप में चिन्हित है और यहां पूर्व में भालू के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं, तो आखिर बाहरी लोगों को इस स्थान पर झोपड़ियां बनाकर रहने की स्थिति कैसे बनी?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जहां ये लोग रह रहे हैं, वह भूमि वनभूमि का हिस्सा है और लोगों को वहां ठहराने की अनुमति किसके द्वारा दी गई, यह जांच का विषय है। यदि भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है तो विभाग की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
*रेंजर को फोन पर दी सूचना, फिर भी कार्रवाई नहीं।रमेश सिंह*
पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं संबंधित वन विभाग के रेंजर को टेलीफोन पर इस स्थिति की जानकारी दी और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करने की बात कही। रमेश सिंह का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद मौके पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
रमेश सिंह ने कहा कि भालू विचरण क्षेत्र में छोटे बच्चों और परिवारों के साथ लोगों का इस तरह रहना किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं माना जा सकता। यदि विभाग को स्थिति की जानकारी होने के बाद भी समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए जाते हैं और भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों की होगी।
उन्होंने कहा कि वन विभाग की जिम्मेदारी केवल वन्यजीवों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्रों में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कर कार्रवाई करना चाहिए।
*जानकारी के बाद भी चुप्पी क्यों?*
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर प्रश्न यही है कि यदि वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को लोगों के इस तरह रहने की जानकारी दी जा चुकी थी, तो उसके बाद क्या कार्रवाई की गई? क्या विभाग की टीम मौके पर पहुंची? क्या वहां रहने वाले लोगों को संभावित भालू हमले के खतरे के बारे में चेतावनी दी गई? क्या उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया गया? और सबसे अहम ,यदि यह वनभूमि है तो वहां झोपड़ियां बनने की अनुमति किसने दी?
इन सवालों के जवाब अब वन विभाग की जांच से ही सामने आ सकते हैं।
*हादसे का इंतजार या सुरक्षा की तैयारी?*
खांड़ा क्षेत्र में मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष की आशंका को देखते हुए मामला बेहद संवेदनशील है। यदि संबंधित लोगों के पास वास्तव में रहने की वैध अनुमति नहीं है तो प्रशासन को उसकी जांच करनी होगी और यदि उन्हें किसी काम के लिए ठेकेदार द्वारा लाया गया है तो उनके सुरक्षित आवास की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
वहीं, यदि वन विभाग को पहले से इस स्थिति की जानकारी थी और इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो यह विभागीय स्तर पर गंभीर लापरवाही के आरोपों की जांच का विषय बनता है।
फिलहाल ग्राम पंचायत के पंचनामा और रमेश सिंह द्वारा वन विभाग को दी गई सूचना के बाद गेंद संबंधित विभाग के पाले में है। अब देखना यह है कि वन विभाग किसी संभावित हादसे से पहले कार्रवाई करता है या फिर किसी अप्रिय घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने की कवायद शुरू होती है।
*इनका कहना है*     
“जानकारी मिलते ही संबंधित लोगों को वहां से हटकर गांव में सुरक्षित स्थान पर मकान लेकर रहने के निर्देश दिए गए हैं।”
स्वर्ण गौरव सिंह
रेंजर, वन विभाग अनूपपुर
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कलेक्टर ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में 58 आवेदनों पर की सुनवाई अनूपपुर - कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में प्राप्त 58 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने भी आवेदकों से उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही की। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए पात्रतानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्राम भोलगढ़, तहसील अनूपपुर निवासी संतोष पटेल ने बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार ग्राम कटकोना, तहसील कोतमा निवासी रामलाल कोल ने आर्थिक सहायता दिलाए जाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम वेंकटनगर के ग्रामीण प्रार्थियों ने उनके पूर्वजों के नाम दर्ज संपूर्ण आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कराकर स्वामित्व योजना के अंतर्गत पट्टा दिलाए जाने की मांग की। इसी प्रकार ग्राम पंचायत खजूरवार, तहसील पुष्पराजगढ़ के निवासियों ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में सड़क निर्माण कराए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलबीर रमन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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    कलेक्टर ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में 58 आवेदनों पर की सुनवाई
अनूपपुर  -  
कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में प्राप्त 58 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने भी आवेदकों से उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही की। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए पात्रतानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में ग्राम भोलगढ़, तहसील अनूपपुर निवासी संतोष पटेल ने बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार ग्राम कटकोना, तहसील कोतमा निवासी रामलाल कोल ने आर्थिक सहायता दिलाए जाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम वेंकटनगर के ग्रामीण प्रार्थियों ने उनके पूर्वजों के नाम दर्ज संपूर्ण आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कराकर स्वामित्व योजना के अंतर्गत पट्टा दिलाए जाने की मांग की। इसी प्रकार ग्राम पंचायत खजूरवार, तहसील पुष्पराजगढ़ के निवासियों ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में सड़क निर्माण कराए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।
जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलबीर रमन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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