कर्तव्य की वेदी पर आरक्षी का बलिदान: टोंक पुलिस ने 12 घंटे में सुलझाया कांस्टेबल हत्याकांड, दो शिकारी गिरफ्तार टोंक टोंक जिले के बनेठा थाना क्षेत्र में फर्ज की राह पर अडिग एक आरक्षी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के कुशल नेतृत्व में पुलिस ने अंधे कत्ल की इस गुत्थी को महज 12 घंटे के भीतर सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों ने शिकार के दौरान टोकने पर आरक्षी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। शहादत की रात: क्या हुआ था उस वक्त? घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस चौकी ककोड में तैनात आरक्षी भागचन्द सैनी 2 मई 2026 की रात को सरकारी मोटरसाइकिल लेकर गश्त पर निकले थे। क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के दौरान उनका सामना कुछ संदिग्धों से हुआ। 3 मई की सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि रूपवास मोड़ के पास एक सुनसान जगह पर भागचन्द सैनी का शव लहूलुहान हालत में पड़ा है। पास ही उनकी सरकारी बाइक भी बरामद हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनकी हत्या ड्यूटी के दौरान की गई है। साहस का परिचय: शिकारियों से अकेले भिड़ गए भागचन्द पुलिस अनुसंधान में जो सच्चाई सामने आई, वह आरक्षी भागचन्द सैनी के अदम्य साहस को दर्शाती है। जांच में पता चला कि आरोपी राजेश मीणा और दिलराज मीणा अवैध टोपीदार बंदूक लेकर जंगल में शिकार (हंटिंग) करने आए थे। रात के अंधेरे में जब भागचन्द ने इन शिकारियों की संदिग्ध गतिविधियों को देखा, तो वे अपनी जान की परवाह किए बिना उनसे भिड़ गए। उन्होंने अपराधियों को रोकने और पकड़ने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख, आरोपियों ने अपनी टोपीदार बंदूक (देशी हथियार) से आरक्षी के सीने पर बिल्कुल सटीक दूरी से गोली मार दी। गोली लगने से जांबाज कांस्टेबल मौके पर ही शहीद हो गए। पुलिस की त्वरित स्ट्राइक: 4 टीमें और 12 घंटे घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी राजेश कुमार मीणा ने तुरंत चार विशेष टीमों का गठन किया। सीओ उनियारा आकांक्षा कुमारी के नेतृत्व में टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक निरीक्षण और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया। 12 घंटों के सघन अभियान के बाद पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा: राजेश (32 वर्ष): निवासी मोट्या की झोपड़ियां, थाना उनियारा। दिलराज (32 वर्ष): निवासी भड़ो का नयागांव, जिला बूंदी। हथियार और गोला-बारूद बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त घातक सामग्री बरामद की है, जिसमें शामिल हैं: हत्या में इस्तेमाल की गई टोपीदार बंदूक। घटना के समय प्रयुक्त मोटरसाइकिल। भारी मात्रा में छर्रे और बारूद। एक धारदार छुरा। कानूनी कार्रवाई बनेठा थाना में इस संबंध में FIR संख्या 74/2026 दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) (हत्या) और 238 (साक्ष्यों को मिटाना) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।
कर्तव्य की वेदी पर आरक्षी का बलिदान: टोंक पुलिस ने 12 घंटे में सुलझाया कांस्टेबल हत्याकांड, दो शिकारी गिरफ्तार टोंक टोंक जिले के बनेठा थाना क्षेत्र में फर्ज की राह पर अडिग एक आरक्षी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के कुशल नेतृत्व में पुलिस ने अंधे कत्ल की इस गुत्थी को महज 12 घंटे के भीतर सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों ने शिकार के दौरान टोकने पर आरक्षी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। शहादत की रात: क्या हुआ था उस वक्त? घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस चौकी ककोड में तैनात आरक्षी भागचन्द सैनी 2 मई 2026 की रात को सरकारी मोटरसाइकिल लेकर गश्त पर निकले थे। क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के दौरान उनका सामना कुछ संदिग्धों से हुआ। 3 मई की सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि रूपवास मोड़ के पास एक सुनसान जगह पर भागचन्द सैनी का शव लहूलुहान हालत में पड़ा है। पास ही उनकी सरकारी बाइक भी बरामद हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनकी हत्या ड्यूटी के दौरान की गई है। साहस का परिचय: शिकारियों से अकेले भिड़ गए भागचन्द पुलिस अनुसंधान में जो सच्चाई सामने आई, वह आरक्षी भागचन्द सैनी के अदम्य साहस को दर्शाती है। जांच में पता चला कि आरोपी राजेश मीणा और दिलराज मीणा अवैध टोपीदार बंदूक लेकर जंगल में शिकार (हंटिंग) करने आए थे। रात के अंधेरे में जब भागचन्द ने इन शिकारियों की संदिग्ध गतिविधियों को देखा, तो वे अपनी जान की परवाह किए बिना उनसे भिड़ गए। उन्होंने अपराधियों को रोकने और पकड़ने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख, आरोपियों ने अपनी टोपीदार बंदूक (देशी हथियार) से आरक्षी के सीने पर बिल्कुल सटीक दूरी से गोली मार दी। गोली लगने से जांबाज कांस्टेबल मौके पर ही शहीद हो गए। पुलिस की त्वरित स्ट्राइक: 4 टीमें और 12 घंटे घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी राजेश कुमार मीणा ने तुरंत चार विशेष टीमों का गठन किया। सीओ उनियारा आकांक्षा कुमारी के नेतृत्व में टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक निरीक्षण और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया। 12 घंटों के सघन अभियान के बाद पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा: राजेश (32 वर्ष): निवासी मोट्या की झोपड़ियां, थाना उनियारा। दिलराज (32 वर्ष): निवासी भड़ो का नयागांव, जिला बूंदी। हथियार और गोला-बारूद बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त घातक सामग्री बरामद की है, जिसमें शामिल हैं: हत्या में इस्तेमाल की गई टोपीदार बंदूक। घटना के समय प्रयुक्त मोटरसाइकिल। भारी मात्रा में छर्रे और बारूद। एक धारदार छुरा। कानूनी कार्रवाई बनेठा थाना में इस संबंध में FIR संख्या 74/2026 दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) (हत्या) और 238 (साक्ष्यों को मिटाना) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।
- टोंक जिले के बनेठा थाना क्षेत्र में फर्ज की राह पर अडिग एक आरक्षी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के कुशल नेतृत्व में पुलिस ने अंधे कत्ल की इस गुत्थी को महज 12 घंटे के भीतर सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों ने शिकार के दौरान टोकने पर आरक्षी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। शहादत की रात: क्या हुआ था उस वक्त? घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस चौकी ककोड में तैनात आरक्षी भागचन्द सैनी 2 मई 2026 की रात को सरकारी मोटरसाइकिल लेकर गश्त पर निकले थे। क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के दौरान उनका सामना कुछ संदिग्धों से हुआ। 3 मई की सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि रूपवास मोड़ के पास एक सुनसान जगह पर भागचन्द सैनी का शव लहूलुहान हालत में पड़ा है। पास ही उनकी सरकारी बाइक भी बरामद हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनकी हत्या ड्यूटी के दौरान की गई है। साहस का परिचय: शिकारियों से अकेले भिड़ गए भागचन्द पुलिस अनुसंधान में जो सच्चाई सामने आई, वह आरक्षी भागचन्द सैनी के अदम्य साहस को दर्शाती है। जांच में पता चला कि आरोपी राजेश मीणा और दिलराज मीणा अवैध टोपीदार बंदूक लेकर जंगल में शिकार (हंटिंग) करने आए थे। रात के अंधेरे में जब भागचन्द ने इन शिकारियों की संदिग्ध गतिविधियों को देखा, तो वे अपनी जान की परवाह किए बिना उनसे भिड़ गए। उन्होंने अपराधियों को रोकने और पकड़ने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख, आरोपियों ने अपनी टोपीदार बंदूक (देशी हथियार) से आरक्षी के सीने पर बिल्कुल सटीक दूरी से गोली मार दी। गोली लगने से जांबाज कांस्टेबल मौके पर ही शहीद हो गए। पुलिस की त्वरित स्ट्राइक: 4 टीमें और 12 घंटे घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी राजेश कुमार मीणा ने तुरंत चार विशेष टीमों का गठन किया। सीओ उनियारा आकांक्षा कुमारी के नेतृत्व में टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक निरीक्षण और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया। 12 घंटों के सघन अभियान के बाद पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा: राजेश (32 वर्ष): निवासी मोट्या की झोपड़ियां, थाना उनियारा। दिलराज (32 वर्ष): निवासी भड़ो का नयागांव, जिला बूंदी। हथियार और गोला-बारूद बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त घातक सामग्री बरामद की है, जिसमें शामिल हैं: हत्या में इस्तेमाल की गई टोपीदार बंदूक। घटना के समय प्रयुक्त मोटरसाइकिल। भारी मात्रा में छर्रे और बारूद। एक धारदार छुरा। कानूनी कार्रवाई बनेठा थाना में इस संबंध में FIR संख्या 74/2026 दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) (हत्या) और 238 (साक्ष्यों को मिटाना) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।1
- समाचार एक, दो मई की रात्रि को ककोड़ नाके पर तैनात पुलिसकर्मी भागचंद सैनी की रूपवास के जंगल में हत्या का मामला सामने आया था इस पर पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने चार टीमों का गठन कर शीघ्र आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही थी। समाज के लोगों ने टोंक चिकित्सालय के बाद धरना प्रदर्शन किया था इसके बाद पुलिसकर्मी अपने टास्क पर लग गए थे इसमें उन्होंने बताया कि आरोपी मोटिस की झोपड़ियां निवासी राजेश पुत्र बजरंग लाल मीणा उम्र 32 वर्ष एवं दिलराज पुत्र सोहन मीणा उम्र 32 वर्ष निवासी बद्दो का नया गांव नैनवा जो दोनों रिश्ते में जीजा साले लगते हैं रुपवास के जंगल में शिकार करने गए थे तभी भागचंद सैनी को वहां देखने पर उन्होंने इस पर गोली दाग दी और धारदार हथियार से सीने पर वार किया। उसके बाद वहां से दोनों फरार हो गए। इस पर जब ग्रामीण सुबह उधर निकले तब उन्हें एक लाश पड़ी हुई मिली। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी पुलिस ने लाश को कब्जे में कर पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों के सुपुर्द किया। दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनियारा न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें रिमांड पर भेजा गया है।4
- औंधे मुँह गिरा हेलिकॉप्टर मैक्सिकन नेवी का हेलीकॉप्टर सिनालोआ के माज़ातलान में टेकऑफ़ के तुरंत बाद क्रैश हो गया1
- सवाई माधोपुर से खबर खबर का असर शासन , प्रशासन आया हरकत में। सड़कों को खोदकर भूले, आम जनता परेशान, हाउसिंग बोर्ड बस स्टैंड, सेक्टर 2, श्याम वाटिका रोड पर सड़क निर्माण कार्य एवं सीवरेज का कार्य 3 महीने से था प्रभावित। दो दिन पहले की थी खबर प्रकाशित। लगभग 3 महीने बीत जाने के बाद आज मंगलवार को एक बार फिर रुडिप द्वारा सीवरेज का किया जा रहा कार्य चालू। स्थानीय लोगों को एवं स्कूल में जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को गड्ढे एवं गंदगी से मिलेगी निजात।1
- गोवा जाने के लिए तैयार एक युवक की फ्लाइट उड़ान भरने से पहले ही उसकी निजी जिंदगी का "राज" खुल गया। बताया जा रहा है कि युवक अपनी एक गर्लफ्रेंड के साथ ट्रिप पर जा रहा था, तभी अचानक उसकी दूसरी और फिर तीसरी सीक्रेट पार्टनर भी सामने आ गई। देखते ही देखते एयरपोर्ट का माहौल गर्म हो गया और वहां बहस व हंगामे की स्थिति बन गई। यह पूरा घटनाक्रम अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।1
- यही हैं वो 'दरिंदे' जिन्होंने सिपाही भागचंद को गोली मारी! टोंक पुलिस ने 12 घंटे में चटाई धूल। इनके साथ क्या सलूक होना चाहिए? कमेंट में लिखें! #Tonk #Rajasthan #RajasthanNews #Tonkpolice #RajasthanPolice1
- चौथ का बरवाड़ा। कस्बे में स्थित चौथ माता मंदिर में मंगलवार को ज्येष्ठ माह की चतुर्थी पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां चौथ भवानी के दर्शन करने पहुंचे और खुशहाल जीवन की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। दूर-दराज से आए पैदल यात्रियों ने जयकारों के साथ मंदिर परिसर को दिनभर भक्तिमय बनाए रखा। कई श्रद्धालु नंगे पैर पैदल चलकर पहुंचे, वहीं कुछ भक्त कनक दंडवत करते हुए माता के दरबार में पहुंचे। नवविवाहित जोड़ों ने भी विशेष रूप से माता के दर्शन कर सुखी दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद मांगा। महिलाओं ने व्रत रखकर परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए माता को भोग अर्पित किया और चौथ की कथा सुनी। मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था संभालने में जुटा रहा। हालांकि पार्किंग व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने से चौथ माता मार्ग पर अव्यवस्था नजर आई और मुख्य बाजार में कई बार जाम की स्थिति बनी रही। गर्मी में राहत के इंतजामभीषण गर्मी को देखते हुए चौथमाता ट्रस्ट और पंचायत प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए कई स्थानों पर ठंडे पानी की प्याऊ लगवाई। हर मार्ग पर पेयजल की व्यवस्था की गई। संपत पहाड़िया द्वारा भी चौथ माता मार्ग पर विशेष प्याऊ की व्यवस्था करवाई गई। कस्बे के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग करते हुए बर्फ और फिल्टर पानी की व्यवस्था की। मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के लिए छाया के विशेष प्रबंध भी किए, जिससे तेज गर्मी में भक्तों को राहत मिली। ज्येष्ठ चतुर्थी पर उमड़ी इस आस्था ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भीषण गर्मी भी श्रद्धालुओं की भक्ति को कम नहीं कर सकी।1
- ACC Limited की लाखेरी फैक्ट्री (Lakheri Cement Works) राजस्थान के बूंदी जिले के लाखेरी में स्थित एक बहुत ही ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सीमेंट प्लांट है। इसे एशिया की सबसे पुरानी चल रही सीमेंट फैक्ट्रियों में गिना जाता है।1