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गढ़वा। हाइड्रोलिक मशीन द्वारा कार को ऊपर उठाकर आधुनिक तरीके से कार वॉशिंग सेंटर — मझिआंव रोड, गढ़वा। हाइड्रोलिक मशीन द्वारा कार को ऊपर उठाकर आधुनिक तरीके से कार वॉशिंग सेंटर — मझिआंव रोड, गढ़वा।
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गढ़वा। हाइड्रोलिक मशीन द्वारा कार को ऊपर उठाकर आधुनिक तरीके से कार वॉशिंग सेंटर — मझिआंव रोड, गढ़वा। हाइड्रोलिक मशीन द्वारा कार को ऊपर उठाकर आधुनिक तरीके से कार वॉशिंग सेंटर — मझिआंव रोड, गढ़वा।
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- सलोनी कुमारी का सबसे पहला नशा मुक्ति (शराबबंदी) से जुड़ा गाना सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बोल "नशा छोड़ के ना... दारू ना पीना भैया" (2) वायरल गर्ल सलोनी कुमारी (Viral Girl Saloni Kumari) का दूसरा सबसे ज्यादा चर्चा में आया और वायरल हुआ गीत "पापा के पगड़िया" (Gire Mat Diha Beti, Papa Ke Pagadiya) है। वायरल होने की कहानी स्कूली जीवन: बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली सलोनी कुमारी सबसे पहले अपने सरकारी स्कूल में सुरीली आवाज़ में सामाजिक और नशा-मुक्ति गीत गाकर चर्चा में आई थीं। पहला वीडियो: उनका स्कूल और स्थानीय परिवेश में गाया गया नशा-मुक्ति गीत लोगों को बहुत पसंद आया और वह रातों-रात इंटरनेट पर वायरल हो गईं। अन्य प्रसिद्ध गीत: इसके बाद उनके अन्य गीत जैसे "गिरे मत दिहा बेटी, पापा के पगड़िया" ने भी बहुत लोकप्रियता हासिल की। (2) गीत की मुख्य जानकारीगीत का नाम: पापा के पगड़िया (Papa Ke Pagadiya)गायक: सलोनी कुमारीगीतकार: समुंदर सिंहविषय: यह गीत बेटियों को समाज में संभलकर चलने और पिता की पगड़ी (इज्जत) का हमेशा मान रखने का संदेश देता है।1
- तेज बारिश से रंका के जोलंगा में दो महिलाओं के घर गिरे, बाल-बाल बचे परिवार रंका प्रखंड के तमगा पंचायत अंतर्गत जोलंगा गांव में तेज बारिश के कारण दो ग्रामीण महिलाओं के कच्चे मकान अचानक धराशायी हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घर गिरने के बाद दोनों परिवारों के सामने अब रहने और सिर छुपाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस संबंध में मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे पीड़ित रुबीया देवी ने बताया कि तेज बारिश के दौरान वह अपने परिवार के साथ घर से बाहर थीं। इसी दौरान अचानक उनका घर भरभरा कर गिर गया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के सदस्य उस समय घर के अंदर होते तो मलबे में दबकर जान जाने की आशंका थी। इसी तरह चंद्रावती देवी का घर भी बारिश के कारण गिर गया। घटना के बाद दोनों परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और फिलहाल दूसरे लोगों के घर में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवारों ने आवास की मांग को लेकर पंचायत के मुखिया से भी मुलाकात की। मुखिया ने जल्द ही आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं दक्षिणी भाजपा महामंत्री मनोज कुमार ठाकुर ने भी दोनों पीड़ित महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उन्हें जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा, ताकि दोनों परिवारों को सुरक्षित छत मिल सके और वे अपने घर में सम्मानपूर्वक रह सकें।1
- भाजपा नेता किशोर पांडेय ने विश्रामपुर में चलाया जनसंपर्क अभियान भाजपा के वरिष्ठ नेता सह सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता किशोर पांडेय ने विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। इस क्रम में वे रेहला,बी-मोड़, गोदरमा,शंखा,कुड़ी,कमता,कधवन सहित दर्जन भर गांवों के लोगों से मिलकर उन्हें अभियान से जुड़ने की अपील की।1
- भीषण सड़क हादसा: बिजली पोल से टकराई बाइक, दो बच्चे गंभीर हेमंत कुमारकी रिपोर्ट चिनिया थाना क्षेत्र के चिनिया-रंका मुख्य सड़क पर बड़का नाला से कुछ दूरी ऊपर मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे भीषण मोटरसाइकिल दुर्घटना में दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार डंडई थाना क्षेत्र के बालेखाड़ गांव निवासी दयाशंकर सिंह अपने बहनोई चिनिया थाना क्षेत्र के सरोइदोहर निवासी सुरेश सिंह और अपने भांजे के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बिजली के पोल से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार सभी लोग घायल हो गए, जबकि दो बच्चे मनीष कुमार उम्र 4 वर्ष तथा अंशु कुमारी 3 वर्ष की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, दोनों के सर पर गंभीर चोटे आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को चिनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही चिनिया थाना प्रभारी विकु कुमार रजक के निर्देश पर एएसआई काशी भूषण पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा भेजने में सहयोग किया।1
- थाना दुद्धी क्षेत्रान्तर्गत अमवार बंधे में डूबने से एक युवती की मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकार दुद्धी सोनभद्र श्री विनय प्रभाकर साहनी की बाइट- थाना दुद्धी क्षेत्रान्तर्गत अमवार बंधे में डूबने से एक युवती की मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकार दुद्धी सोनभद्र श्री विनय प्रभाकर साहनी की बाइट-1
- बारिश और जल निकासी के विवाद में जर्जर हुआ गरीब महिला का आशियाना, घर गिरने का मंडरा रहा खतरा विंढमगंज सोनभद्र/घिवही। लगातार हो रही बारिश ने घिवही टोला बैरियाखाड़ निवासी बसंती देवी पत्नी अनिल राम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उनका कच्चा मकान लगातार बारिश और आसपास पानी जमा होने के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुका है। परिवार को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो मकान कभी भी गिर सकता है। ऐसे में महिला ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधान से तत्काल संज्ञान लेकर उनके आशियाने को बचाने की गुहार लगाई है। बसंती देवी का आरोप है कि उनके छोटे ससुर सुबेदार राम द्वारा अपने घर का पानी बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण पानी उनके मकान की ओर जमा हो रहा है। महिला का कहना है कि कच्ची दीवारें लगातार पानी की चपेट में आने से कमजोर हो गई हैं। यदि मकान गिर गया तो वह अपने परिवार के साथ कहां रहेंगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। महिला के मुताबिक, घर से पानी बाहर निकालने के लिए रास्ता बनाया गया था, लेकिन आरोप है कि सुबेदार राम ने पानी निकासी के उस रास्ते को दोबारा मिट्टी डालकर बंद कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों की मौजूदगी में पानी निकासी के लिए मिट्टी काटकर करहा बनाने का प्रयास किया गया, ताकि बारिश का पानी मकान से दूर निकल सके। विवाद बढ़ने पर बसंती देवी ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद दोनों पक्षों को विंढमगंज थाने बुलाया गया। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में जल निकासी की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाना जरूरी है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासन, ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधि मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जल निकासी की व्यवस्था कराएं और गरीब महिला के जर्जर मकान को गिरने से बचाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं—यही पीड़ित परिवार की मांग है।4
- राष्ट्रीय महिला फुटबॉल फेडरेशन की वार्षिक आम सभा जमशेदपुर में हुआ सम्पन्न,कांग्रेसी नेता सह पूर्व विस प्रत्याशी हुये शामिल राष्ट्रीय महिला फुटबॉल फेडरेशन की वार्षिक सामान्य सभा की बैठक जमशेदपुर में पूरे हर्षोल्लास एवं गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। सभा में विश्रामपुर विधानसभा के पूर्व विस प्रत्याशी सह वरीय कांग्रेसी नेता सुधीर कुमार चंद्रवंशी शामिल हुये।1
- मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं। राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है। पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए। सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा? मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं। राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है। पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए। सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा?1