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शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
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- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मध्य प्रदेश भोपाल 99747788632
- सलैया पहुंच मार्ग देश को आजादी तो 1947 में मिल गई थी पर भदवार के समीप सलैया गांव के ग्रामीणों को आज भी आजादी नहीं मिली आज भी सलैया के स्थानीय नागरिक पत्थर पर चलने को मजबूर है ।1
- 💥 *बड़ी खबर*💥 *गोवा में स्टंट पड़ा भारी: समुद्र की लहरों में फंसी पर्यटकों की फॉर्च्यूनर* गोवा के वागाटर बीच पर गुजरात से आए पर्यटकों को हुड़दंग करना महंगा पड़ गया। अपनी फॉर्च्यूनर एसयूवी को समुद्र किनारे दौड़ाते समय कार अचानक तेज लहरों की चपेट में आ गई। लहरों के खिंचाव के कारण गाड़ी रेत में बुरी तरह धंस गई और डूबने की कगार पर पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से कार को बाहर निकाला जा सका।1
- निषाद जयंती समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रम में उपस्थित कटनी विधायक श्री संदीप जायसवाल जी ने लोगों को संबोधित करते हुए शिक्षा व्यवसाय एवम रोजगार के विषय में अपने विचार व्यक्त किया आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद1
- पनपथा बफर में तेंदुए की दर्दनाक मौत कुएँ मे गिरने से हुई मौत उमरिया । बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम महरोई में एक चार वर्षीय नर तेंदुए की कुएं में गिरकर हुई मौत ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल के राजा कहे जाने वाले इस दुर्लभ वन्यजीव का इस तरह असहाय होकर दम तोड़ना न केवल पीड़ादायक है बल्कि जिम्मेदार व्यवस्थाओं की अनदेखी का भी प्रमाण है। शनिवार को सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के शव को बाहर निकाला। औपचारिकता के तहत डॉग स्क्वाड एवं मेटल डिटेक्टर से जांच कराई गई लेकिन सच्चाई यह है कि खुले और असुरक्षित कुएं लगातार वन्यजीवों के लिए मौत का जाल बनते जा रहे हैं जिस पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। शव परीक्षण में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया जिससे स्पष्ट है कि यह हादसा पूरी तरह मानवीय लापरवाही का परिणाम है। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है—आखिर कब तक इस तरह वन्यजीव यूं ही असुरक्षित ढांचों की भेंट चढ़ते रहेंगे? ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों खुले कुएं बिना मुंडेर और सुरक्षा के मौजूद हैं जो न सिर्फ वन्यजीवों बल्कि इंसानों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। यदि समय रहते इन पर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो ऐसे हादसे भविष्य में और बढ़ सकते हैं। यह घटना प्रशासन और वन विभाग के लिए चेतावनी है कि केवल कागजी कार्यवाही से काम नहीं चलेगा बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे ताकि जंगल की इस अमूल्य धरोहर को बचाया जा सके।2
- Post by ARVINDRA SINGH MARKO1
- Post by Ratan singh1
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