टोंक पुलिस की बड़ी कार्रवाई: टेलीग्राम के जरिए निवेश के नाम पर ठगी करने वाला शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार. राजस्थान के टोंक जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए उनियारा थाना पुलिस ने टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को चूना लगाने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। क्या है पूरा मामला? पुलिस के अनुसार, आरोपी राहुल मीणा (उम्र 26 वर्ष), जो कि ग्राम लसाड़िया, थाना अलीगढ़ (जिला टोंक) का निवासी है, टेलीग्राम ऐप पर अलग-अलग मोबाइल नंबरों से चैनल बनाकर लोगों को निशाना बनाता था। वह भोले-भाले लोगों को विश्वास में लेकर कम समय में "रुपयों को कई गुना मुनाफा" के साथ वापस करने का झांसा देता था। एक बार जब शिकार उसकी बातों में आ जाता, तो आरोपी ठगी की राशि अपने दोस्तों और परिचितों के बैंक खातों में डलवाता था, जिसके बदले वह उन्हें कमीशन भी देता था। जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे पुलिस की शुरुआती जांच में इस साइबर ठगी के नेटवर्क को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं: ठगी की राशि: आरोपी द्वारा अब तक लगभग 10 लाख रुपये की साइबर ठगी करने की बात सामने आई है। फर्जी सिम और खाते: आरोपी के पास से 8 फर्जी सिम कार्ड और विभिन्न बैंक खातों के उपयोग के प्रमाण मिले हैं। NCRP रिपोर्ट: आरोपी के खिलाफ NCRP पोर्टल पर पहले से ही 8 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस टीम की तत्परता यह कार्रवाई श्री रतनलाल भार्गव (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, टोंक) और श्रीमती आकांक्षा कुमारी (पुलिस उप अधीक्षक, उनियारा) के मार्गदर्शन में की गई। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित सदस्य शामिल थे: श्री कप्तान सिंह (थानाधिकारी, उनियारा) श्री जगदीश (स.उ.नि.) श्री महेन्द्र (का.नि. 138) श्री देवीशंकर (का.नि. 1029) पुलिस की अपील टोंक पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले लुभावने निवेश के प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में आकर अपने बैंक खाते का विवरण साझा न करें और न ही किसी संदिग्ध खाते में पैसे ट्रांसफर करें।
टोंक पुलिस की बड़ी कार्रवाई: टेलीग्राम के जरिए निवेश के नाम पर ठगी करने वाला शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार. राजस्थान के टोंक जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए उनियारा थाना पुलिस ने टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को चूना लगाने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। क्या है पूरा मामला? पुलिस के अनुसार, आरोपी राहुल मीणा (उम्र 26 वर्ष), जो कि ग्राम लसाड़िया, थाना अलीगढ़ (जिला टोंक) का निवासी है, टेलीग्राम ऐप पर अलग-अलग मोबाइल नंबरों से चैनल बनाकर लोगों को निशाना बनाता था। वह भोले-भाले लोगों को विश्वास में लेकर कम समय में "रुपयों को कई गुना मुनाफा" के साथ वापस करने का झांसा देता था। एक बार जब शिकार उसकी बातों में आ जाता, तो आरोपी ठगी की राशि अपने दोस्तों और परिचितों के बैंक खातों में डलवाता था, जिसके बदले वह उन्हें कमीशन भी देता था। जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे पुलिस की शुरुआती जांच में इस साइबर ठगी के नेटवर्क को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं: ठगी की राशि: आरोपी द्वारा अब तक लगभग 10 लाख रुपये की साइबर ठगी करने की बात सामने आई है। फर्जी सिम और खाते: आरोपी के पास से 8 फर्जी सिम कार्ड और विभिन्न बैंक खातों के उपयोग के प्रमाण मिले हैं। NCRP रिपोर्ट: आरोपी के खिलाफ NCRP पोर्टल पर पहले से ही 8 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस टीम की तत्परता यह कार्रवाई श्री रतनलाल भार्गव (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, टोंक) और श्रीमती आकांक्षा कुमारी (पुलिस उप अधीक्षक, उनियारा) के मार्गदर्शन में की गई। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित सदस्य शामिल थे: श्री कप्तान सिंह (थानाधिकारी, उनियारा) श्री जगदीश (स.उ.नि.) श्री महेन्द्र (का.नि. 138) श्री देवीशंकर (का.नि. 1029) पुलिस की अपील टोंक पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले लुभावने निवेश के प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में आकर अपने बैंक खाते का विवरण साझा न करें और न ही किसी संदिग्ध खाते में पैसे ट्रांसफर करें।
- बौली:। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत दिनांक 09 अप्रैल 2026 को "ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूजडे अभियान" के तहत साइबर अपराधों के संबंध में अध्यक्ष महोदय विकास नेहरा की अध्यक्षता में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालय बौंली में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जहां तालुका अध्यक्ष महोदय द्वारा साइबर अपराधों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विकास नेहरा ने बताया कि साइबर अपराध एक व्यापक शब्द है जो कंप्यूटर, नेटवर्क या अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके की जाने वाली असंख्य आपराधिक गतिविधियों का वर्णन करता है। साइबर अपराध को साइबर अपराधियों द्वारा की जाने वाली अवैध गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला के अंतर्गत आने वाली एक व्यापक परिभाषा के रूप में समझा जा सकता है। इनमें हैकिंग, फ़िशिंग, टिपरिंग, पहचान की चोरी, रैंसमवेयर और मैलवेयर हमले आदि शामिल हैं। परिणामस्वरूप, साइबर अपराधों की प्रभावी ढंग से जांच, अभियोजन और रोकथाम करना एक निरंतर चलने वाला संघर्ष है जिसमें कई गतिशील चुनौतियां शामिल हैं। साइबर अपराध व्यक्तियों, व्यवसायों और सरकारी संस्थाओं के लिए एक गंभीर खतरा है और इसके परिणामस्वरूप भारी वित्तीय हानि, प्रतिष्ठा को नुकसान और रिकॉर्ड का उल्लंघन हो सकता है। जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी आगे बढ़ रही है और अधिक से अधिक लोग दैनिक कार्यों के लिए डिजिटल उपकरणों और नेटवर्क पर निर्भर हो रहे हैं, साइबर अपराध का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे इससे बचाव के उपाय करना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। इससे बचाव का उपाय सावधानी पूर्वक सोशल मीडिया का उपयोग करके किया जा सकता है। पैनल अधिवक्ता मोहम्मद जाहिद शिर्वानी, अनिल कुमार शर्मा, अधिकार मित्र बामचंद भदोरिया द्वारा दैनिक जीवन के विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से साइबर अपराध को समझाया गया और इससे बचाव के उपायों के बारे में बताया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राजेश कुमार योगी, बाल विकास परियोजना विभाग से रेखा कुमारी गुप्ता, तालुका लिपिक गणपत सैनी, विद्यालय के अध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- दिलीप राणावत आपनेता ने इटावा में सोनोग्राफी मशीन को लेकर उठाया मुद्दा1
- पुरे परिवार ने -यह मात्र 7 मिनिट का वीडिओ -एकबार तो मेरी बिनती को मान देकर जरूर देखना --बाद मे -आप खुद इसे बार बार देखना और सभी को दिखाना चाहोगे 🙏🌷👌1
- गोहाटा में सीएम दौरे में गर्माया सियासी माहौल! अंदर जाने से रोकी गईं केशवरायपाटन की पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल,घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल हुई तेज। सवाल ये है—क्या ये सिर्फ सुरक्षा प्रोटोकॉल था या फिर कुछ और? #BundiNews #RajasthanPolitics #CMVisit #ChandrakantaMeghwal #PoliticalDrama #BreakingNews #ViralNews #RajasthanNews #GroundReality #PublicVoice #IndianPolitics #NewsUpdate #TrendingNow #ViralPost #FacebookViral #जनता_की_आवाज #राजनीति #बूंदी #राजस्थान #BreakingNews #CM #BhajanlalSharma #Visit #VIP #BJPGovernment1
- Ek kahani..... YUDDH.1
- सवाई माधोपुर प्रकृति प्रेम का संदेश देने वाले संत शिरोमणि श्री दादू दयाल जी महाराज ने 500 वर्ष पूर्व जीव दया, प्रकृति संरक्षण, मानव कल्याण तथा गौसेवा का संदेश समस्त विश्व में प्रसारित किया था, जिसे आज भी संत समाज सनातन धर्म की रक्षार्थ जन-जन तक पहुँचा रहा है। संत श्री दादूदयाल जी महाराज की मोक्षस्थली श्री भैराणा धाम, बिचून जो "दादूपंथ का हरिद्वार" भी है। जहां पर आज भी हजारों की संख्या में दादूपंथी नागा साधुओं के चरण व समाधि स्थल बने हुए हैं। आज उन पर संकट छाया हुआ हैं। सरकार द्वारा रीको को जमीन आवंटित करने के कारण यहां जीवन जी रहे लगभग 3000 की संख्या में राष्ट्रीय पक्षी मोर, हजारों की संख्या में भेड़िये, सियार, लोमड़ियां, नील गाय, झाउचूहा, खरगोश, सेही, लाखों तोते तथा अनेक प्रकार की चिड़ियाऐं, गौमाता, पशु-पक्षी, मधुमक्खियां एवं विलुप्त हो रही प्रजातियों के लाखों जीव-जन्तुओं का जीवन संकट में है। यहां औद्योगिक क्षेत्र के आने से लाखों पेड़-पोधे तथा दुर्लभ प्रजाति की आयुर्वेदिक औषधीय महत्व की वनस्पतियां नष्ट हो जायेगी, जिसका प्रभाव यहाँ रहने वाले लाखों पशु-पक्षियोंऔर भूमिगत रहने वाले जीव-जन्तुओं पर भी पड़ेगा। आसपास रहने वाले ग्रामीण निम्न आय वर्ग के है, जिनका मुख्य साधन भेड़ बकरी पालन, पशु पालन है, औद्योगिक क्षेत्र आने से उनका जीवन भी संकट में पड़ जायेगा। प्रकृति संरक्षण हेतु जीवन न्योछावर करने वाले महान संत की मोक्षस्थली से जीव जंतुओं का विनाश होने से भविष्य में अकाल पड़ने, प्राकृतिक आपदायें जैसे भूकंप, अनावृष्टि एवं महामारियां बढेगी तथा मानव जीवन पर संकट आ जायेगा। जिसको लेकर रीको को किया गया आवंटन निरस्त किया जाकर संत समाज की अनमोल धरोहर एवं पुरातत्व महत्व की सम्पदा भैराणा धाम, बिचून जिला जयपुर की रक्षा की जावे।1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- बौली: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं श्रीमान अध्यक्ष व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत दिनांक 07 अप्रैल 2026 को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विशेष रूप से स्वच्छता, पोषण, रोग निवारण एवं मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों, मातृ स्वास्थ्य मुद्दों, मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों एवं ट्रांसफर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर साइबर दुर्व्यवहार के संबंध में अध्यक्ष विकास नेहरा की अध्यक्षता में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बौंली में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तालुका अध्यक्ष द्वारा ट्रांसफर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर साइबर दुर्व्यवहार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विकास नेहरा ने बताया कि साइबर अपराध एक व्यापक शब्द है जो कंप्यूटर, नेटवर्क या अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके की जाने वाली असंख्य आपराधिक गतिविधियों का वर्णन करता है। साइबर अपराध को साइबर अपराधियों द्वारा की जाने वाली अवैध गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला के अंतर्गत आने वाली एक व्यापक परिभाषा के रूप में समझा जा सकता है। इनमें हैकिंग, फ़िशिंग, टिपरिंग, पहचान की चोरी, रैंसमवेयर और मैलवेयर हमले आदि शामिल हैं। परिणामस्वरूप, साइबर अपराधों की प्रभावी ढंग से जांच, अभियोजन और रोकथाम करना एक निरंतर चलने वाला संघर्ष है जिसमें कई गतिशील चुनौतियां शामिल हैं। साइबर अपराध व्यक्तियों, व्यवसायों और सरकारी संस्थाओं के लिए एक गंभीर खतरा है और इसके परिणामस्वरूप भारी वित्तीय हानि, प्रतिष्ठा को नुकसान और रिकॉर्ड का उल्लंघन हो सकता है। जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी आगे बढ़ रही है और अधिक से अधिक लोग दैनिक कार्यों के लिए डिजिटल उपकरणों और नेटवर्क पर निर्भर हो रहे हैं, साइबर अपराध का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे इससे बचाव के उपाय करना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। इससे बचाव का उपाय सावधानी पूर्वक सोशल मीडिया का उपयोग करके किया जा सकता है। पैनल अधिवक्ता अनिल कुमार शर्मा, मोहम्मद जाहिद शिर्वानी, गणपत लाल गुर्जर और अधिकार मित्र बामचंद भदोरिया द्वारा विशेष रूप से स्वच्छता, पोषण, रोग निवारण एवं मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों, मातृ स्वास्थ्य मुद्दों, मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों संबंध में एवं साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी दी गई। विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 का विषय "सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए वैश्विक कार्रवाई" है। विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्थापना के अवसर पर विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना तथा सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवा की दिशा में काम करना है1