विकास पानी पर तैरता हुआ मुरादनगर:* उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार की चर्चाएं तो बहुत होती हैं, लेकिन नगर पालिका परिषद मुरादनगर ने "विकास" की एक नई परिभाषा गढ़ दी है। यहां विकास जमीन पर नहीं, पानी पर तैरता हुआ नजर आ रहा है। शायद ही उत्तर प्रदेश के किसी जिले के कस्बे में इतनी "तेजी" से विकास हुआ होगा, जितनी तेजी से मुरादनगर में जलभराव और कचरे के साथ छोटी-छोटी वोटें तैरती दिख रही हैं। तस्वीरें खुद गवाही दे रही हैं कि नालों का पानी सड़कों पर है और सड़कों का पानी घरों में। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही पूरा कस्बा तालाब बन जाता है। नालियों की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई है। नतीजा यह है कि अब लोगों को जरूरी कामों के लिए भी छोटी-छोटी वोटों का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चे स्कूल जाने के लिए और बुजुर्ग दवाइयां लेने के लिए इन्हीं "विकास की वोटों" में बैठकर निकलते हैं। नगर पालिका परिषद के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है। करोड़ों के बजट के बावजूद सीवर, ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। हर बार चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बरसात आते ही सारे दावे पानी में बह जाते हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक मुरादनगर के लोग इस "जल-विकास" को झेलते रहेंगे? कब तक टैक्स के पैसे से सिर्फ कागजों पर विकास होता रहेगा? जनता अब जवाब मांग रही है। पालिका प्रशासन को चाहिए कि वह फोटो सेशन से निकलकर जमीनी स्तर पर काम करे,
विकास पानी पर तैरता हुआ मुरादनगर:* उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार की चर्चाएं तो बहुत होती हैं, लेकिन नगर पालिका परिषद मुरादनगर ने "विकास" की एक नई परिभाषा गढ़ दी है। यहां विकास जमीन पर नहीं, पानी पर तैरता हुआ नजर आ रहा है। शायद ही उत्तर प्रदेश के किसी जिले के कस्बे में इतनी "तेजी" से विकास हुआ होगा, जितनी तेजी से मुरादनगर में जलभराव और कचरे के साथ छोटी-छोटी वोटें तैरती दिख रही हैं। तस्वीरें खुद गवाही दे रही हैं कि नालों का पानी सड़कों
पर है और सड़कों का पानी घरों में। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही पूरा कस्बा तालाब बन जाता है। नालियों की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई है। नतीजा यह है कि अब लोगों को जरूरी कामों के लिए भी छोटी-छोटी वोटों का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चे स्कूल जाने के लिए और बुजुर्ग दवाइयां लेने के लिए इन्हीं "विकास की वोटों" में बैठकर निकलते हैं। नगर पालिका परिषद के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क इन तस्वीरों
में साफ देखा जा सकता है। करोड़ों के बजट के बावजूद सीवर, ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। हर बार चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बरसात आते ही सारे दावे पानी में बह जाते हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक मुरादनगर के लोग इस "जल-विकास" को झेलते रहेंगे? कब तक टैक्स के पैसे से सिर्फ कागजों पर विकास होता रहेगा? जनता अब जवाब मांग रही है। पालिका प्रशासन को चाहिए कि वह फोटो सेशन से निकलकर जमीनी स्तर पर काम करे,
- मोदीनगर गाय प्रकरण दीपा कश्यप के कान का पर्दा फटने की पुष्टि, कश्यप समाज ने रासुका के तहत कार्रवाई की उठाई मांग। गाजियाबाद :- मोदीनगर में दीपा कश्यप और उनकी माता के साथ कथित मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कश्यप समाज ने आरोप लगाया है कि 3 अगस्त को गोकशी का झूठा आरोप लगाकर कुछ लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। 5 अगस्त को समाज के लोगों ने थाना मोदीनगर पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून रासुका सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। वहीं 7 अगस्त को दीपा कश्यप का जिला एमएमजी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें कथित तौर पर उनके कान का पर्दा फटने की पुष्टि होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। कश्यप समाज ने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को समयबद्ध न्याय नहीं मिला तो समाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगा।2
- चलो बाला जी महेंदीपुर जय बाबा की बालाजी के नियम जानने के लिए कमेंट करें1
- पोर्टर का ये घटिया सिस्टम! 😡 कंप्लीशन स्कोर है या ड्राइवरों की गुलामी? | Porter Delivery Update नमस्ते मेरे ड्राइवर भाइयों! मैं अरविंद कुमार, अपना कार्गो पार्टनर से। साथियों, आज की इस वीडियो में हमने बात की है कि कैसे पोर्टर (Porter) जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर 'कंप्लीशन स्कोर' और पेनल्टी के नाम पर ड्राइवरों का शोषण किया जाता है। दूसरी तरफ, मूवर (Mover) और डिलीवर जैसी कंपनियां 0% कमीशन, टोल-एमसीडी की पूरी पारदर्शिता और सिटी-वाइज ऑन/ऑफ बटन जैसे बेहतरीन फीचर्स देती हैं। पोर्टर में ऐसा सिस्टम क्यों नहीं है? इस पर हमारी पूरी चर्चा देखें और वीडियो को लाइक व शेयर जरूर करें! डिस्क्लेमर (Disclaimer): Disclaimer: यह वीडियो केवल ड्राइवरों की दैनिक समस्याओं, पारदर्शिता और जागरूकता के उद्देश्य से बनाई गई है। इसका मकसद किसी भी कंपनी या प्लेटफॉर्म की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि लॉजिस्टिक्स सिस्टम में सुधार और ड्राइवरों के अधिकारों की आवाज़ उठाना है। #PorterDrivers #CargoPartner #DeliveryBhai #DriverIssues #ApnaCargoPartner1
- विकास पानी पर तैरता हुआ मुरादनगर:* उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार की चर्चाएं तो बहुत होती हैं, लेकिन नगर पालिका परिषद मुरादनगर ने "विकास" की एक नई परिभाषा गढ़ दी है। यहां विकास जमीन पर नहीं, पानी पर तैरता हुआ नजर आ रहा है। शायद ही उत्तर प्रदेश के किसी जिले के कस्बे में इतनी "तेजी" से विकास हुआ होगा, जितनी तेजी से मुरादनगर में जलभराव और कचरे के साथ छोटी-छोटी वोटें तैरती दिख रही हैं। तस्वीरें खुद गवाही दे रही हैं कि नालों का पानी सड़कों पर है और सड़कों का पानी घरों में। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही पूरा कस्बा तालाब बन जाता है। नालियों की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई है। नतीजा यह है कि अब लोगों को जरूरी कामों के लिए भी छोटी-छोटी वोटों का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चे स्कूल जाने के लिए और बुजुर्ग दवाइयां लेने के लिए इन्हीं "विकास की वोटों" में बैठकर निकलते हैं। नगर पालिका परिषद के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है। करोड़ों के बजट के बावजूद सीवर, ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। हर बार चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बरसात आते ही सारे दावे पानी में बह जाते हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक मुरादनगर के लोग इस "जल-विकास" को झेलते रहेंगे? कब तक टैक्स के पैसे से सिर्फ कागजों पर विकास होता रहेगा? जनता अब जवाब मांग रही है। पालिका प्रशासन को चाहिए कि वह फोटो सेशन से निकलकर जमीनी स्तर पर काम करे,3
- गाजियाबाद सोशल मीडिया पर वायरल गंदे पानी में केला धोने वाले वीडियो का सच, पुलिस ने किया खुलासा। गाजियाबाद :- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि एक शख्स केले को नाले के गंदे पानी में धोकर बेचने के लिए रख रहा है। इस वीडियो के सामने आते ही हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच SHO लोनी को सौंपी गई। पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि गीतांजलि विहार कॉलोनी में सादिक नाम के व्यक्ति का कोल्ड स्टोरेज है, जहां बाहर से ट्रकों के जरिए केले आते हैं। ट्रक से माल उतारते समय केलों से लदा एक ठेला अचानक पलट गया, जिससे 5 कैरेट केले पास के नाले में जा गिरे। कोल्ड स्टोर मालिक ने उन केलों को नाले से निकलवाकर पीछे एक खाली ग्राउंड में फिंकवा दिया था, न कि उन्हें बेचने के लिए साफ किया था। लोनी के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) राम किशन ने पुष्टि की है कि इन केलों को बिक्री के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया है और मौके का वीडियो भी साक्ष्य के रूप में मौजूद है। पुलिस ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।2
- गाजियाबाद में बारिश का येलो अलर्ट, झमाझम बारिश के चलते सड़कों पर थमी गाड़ियों की रफ्तार1
- वैशाली इलाके में स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट में बंद पड़े फ्लेट में लगी भीषण आग गाजियाबाद में वैशाली स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट में बंद पड़े एक फ्लैट में लगी भीषण आग । आनन फानन में आग लगने की सूचना दमकल विभाग को दी गई। सूचना पर फायर स्टेशन वैशाली से तीन फायर टेंडर सहित दमकल की टीम घटनास्थल स्थल पर पहुंची। मौके पर जाकर देखा तो आग अपार्टमेंट के सैकंड फ्लोर पर एक बंद फ्लैट में लगी हुई थी। तत्काल फायर सर्विस यूनिट ने फ्लैट के गेट के लॉक तोड़कर 2 सीढ़ियो से माध्यम से होज लाईन फैलाकर अग्निशमन कार्य शुरू किया साथ ही अपार्टमेंट के अन्य फ्लैटो में उपस्थित लोगो को सुरक्षित बाहर निकाला गया। लेकिन फ्लैट में आग की लपटे और धुआ बहुत अधिक था, इस दौरान फ्लैट मै रखे एक गैस सिलेंडर में भी ब्लास्ट हुआ है जिसके चलते आसपास के फ्लैटों में भी नुकसान हुआ है। फायर यूनिट ने कड़ी मसक्कत के बाद आग पर काबू पाया है और आग को अन्य फ्लैटो में पहुचने से पहले ही आग को पूर्ण रूप से बुझा दिया। गनीमत यह रही कि इस अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।1