संभल में आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर एक पार्टी ने 24 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कई अहम मांगें उठाई हैं। संभल में आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर एक पार्टी ने 24 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कई अहम मांगें उठाई हैं। ज्ञापन में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोटे में अलग हिस्सेदारी, जाति जनगणना और सरकारी नौकरियों में आरक्षित पदों को भरने की मांग की गई है। इसके अलावा न्यायपालिका और शिक्षा में एससी, एसटी और ओबीसी के प्रतिनिधित्व को लेकर भी मांगें रखी गई हैं। VO संभल में दिए गए 24 सूत्रीय ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने और आरक्षित वर्गों के खाली पदों को भरने की मांग की गई। महिला आरक्षण को 50 प्रतिशत करने और एससी, एसटी व ओबीसी महिलाओं के लिए कोटे के अंदर कोटा देने की मांग उठाई गई। स्थानीय निकायों में भी महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई। ज्ञापन में ओबीसी की वास्तविक आबादी का आकलन करने के लिए जाति जनगणना में अलग कॉलम जोड़ने, लोकसभा और विधानसभाओं में ओबीसी को प्रभावी प्रतिनिधित्व देने तथा न्यायपालिका में एससी, एसटी और ओबीसी की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की गई। सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग के पदों को भरने और आउटसोर्सिंग की जगह स्थायी नियुक्तियां करने की मांग भी शामिल है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में एससी-एसटी विद्यार्थियों के लिए आरक्षण व्यवस्था को दोबारा लागू करने और छात्रावासों की सुविधाएं बढ़ाने की मांग की गई।
संभल में आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर एक पार्टी ने 24 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कई अहम मांगें उठाई हैं। संभल में आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर एक पार्टी ने 24 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कई अहम मांगें उठाई हैं। ज्ञापन में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोटे में अलग हिस्सेदारी, जाति जनगणना और सरकारी नौकरियों में आरक्षित पदों को भरने की मांग की गई है। इसके अलावा न्यायपालिका और शिक्षा में एससी, एसटी और
ओबीसी के प्रतिनिधित्व को लेकर भी मांगें रखी गई हैं। VO संभल में दिए गए 24 सूत्रीय ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने और आरक्षित वर्गों के खाली पदों को भरने की मांग की गई। महिला आरक्षण को 50 प्रतिशत करने और एससी, एसटी व ओबीसी महिलाओं के लिए कोटे के अंदर कोटा देने की मांग उठाई गई। स्थानीय निकायों में भी महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई। ज्ञापन में ओबीसी की वास्तविक आबादी का आकलन
करने के लिए जाति जनगणना में अलग कॉलम जोड़ने, लोकसभा और विधानसभाओं में ओबीसी को प्रभावी प्रतिनिधित्व देने तथा न्यायपालिका में एससी, एसटी और ओबीसी की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की गई। सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग के पदों को भरने और आउटसोर्सिंग की जगह स्थायी नियुक्तियां करने की मांग भी शामिल है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में एससी-एसटी विद्यार्थियों के लिए आरक्षण व्यवस्था को दोबारा लागू करने और छात्रावासों की सुविधाएं बढ़ाने की मांग की गई।
- मेरठ कमिश्नर पार्क में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के नेत्र में हर जिले में डीएम कार्यालय पर राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू के नाम ज्ञापन सोपा गया आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के एक आवाहन पर जिलाधिकारी को ज्ञापन वह धरना प्रदर्शन आरक्षण बचाओ के लिए किया गया1
- नहर किनारे दुकानदार पर चाकू से हमला, तीन के खिलाफ तहरीर दी जोया।नहर किनारे दुकानदार पर चाकू से हमला, तीन के खिलाफ तहरीर डिडौली थाना क्षेत्र के नवादा के पास नहर किनारे खड़े दुकानदार पर चाकू से हमला कर घायल करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। आदेश सैनी पुत्र छगोमल सिंह निवासी मलियापुरा, थाना अमरोहा देहात ने तहरीर में बताया कि गुरूवार को शाम करीब 6 बजे वह अपने मित्र उत्तम सैनी की गाड़ी के साथ डिडौली थाने के गांव मछुआपुरा नवादा के पास नहर के किनारे आइसक्रीम वेंडर बैंक करा रहा था। तभी नहर की पटरी पर खड़े यान सिंह पुत्र कमलू सिंह निवासी नवादा अपने दो-तीन साथियों के साथ आया और उसके साइड गजाधर सिंह के ऊपर डंडों, हथियार व चाकू से हमला कर दिया। हमले में साइड के पेट व गले और कंधे पर चाकू लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।2
- कॉकरेज जनता पार्टी का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे में इस्तीफा देने का अल्टीमेटम... कॉकरेज जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे में इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया है। CJP चीफ अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा और इसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस देश के सबसे बड़े गद्दार हैं। उन्होंने SIR के जरिए देश में 13 करोड़ से ज्यादा वोट डिलीट किए। लोगों से वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है। दीपके ने कहा- लोकतंत्र का मतलब है कि जनता अपनी सरकार चुने। लेकिन जब से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं, तब से सरकार यह तय कर रही है कि कौन वोट करेगा और कौन नहीं। दरअसल, बुधवार को इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR को लेकर पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया।1
- i love you................................... .......... i love you................................... ..........1
- जहरीले कीड़े के काटने से मासूम की हालत नाजुक, जिला अस्पताल पर लापरवाही का आरोप जहरीले कीड़े के काटने से मासूम की हालत नाजुक, जिला अस्पताल पर लापरवाही का आरोप सम्भल में जहरीले कीड़े के काटने से पांच वर्षीय मासूम की हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों के मुताबिक, घर में मिट्टी से कंचा निकालते समय बच्चे की उंगली में किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के बाद तबीयत और बिगड़ने का आरोप है। परिजनों का यह भी आरोप है कि हालत गंभीर होने के बाद दोबारा जिला अस्पताल पहुंचने पर बच्चे को भर्ती नहीं किया गया। फिलहाल मासूम का शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालांकि, जिला अस्पताल पर लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सम्भल के थाना कैलादेवी क्षेत्र के ईसापुर मूसापुर गांव में करीब पांच वर्षीय अदीब के साथ यह घटना हुई। सोमवार दोपहर अदीब घर में मिट्टी के अंदर कंचे खेल रहा था। एक कंचा मिट्टी में चला गया, जिसे निकालने के दौरान बच्चे की उंगली में किसी कीड़े ने काट लिया। कीड़े के काटने के कुछ ही देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल सम्भल लेकर पहुंचे। परिजनों के मुताबिक, वहां बच्चे को इंजेक्शन और दवा दी गई। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद बच्चे की हालत में सुधार होने के बजाय और बिगाड़ हो गया। हालत गंभीर होने पर जब वे बच्चे को दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो आरोप है कि उसे भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद परिजन बच्चे को शहर के हसीना बेगम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। परिजनों के अनुसार बच्चे की हालत नाजुक है और वह कोमा जैसी स्थिति में है। वहीं, जिला अस्पताल के उपचार को लेकर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग या जिला अस्पताल की ओर से भी मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बाइट- अब्दुल हसन (बच्चे के पिता) बाइट- तबारक हुसैन (बच्चे के चाचा)1
- आजाद समाज पार्टी काशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नियम अनुसार आज मेरठ कमिश्नर पार्क पर धरना प्रदर्शन व राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू के नाम ज्ञापन शोपा गया 24 सितंबर दिल्ली जंतर मंतर पर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया जाना था जिसकी सरकार द्वारा परमिशन कैंसल कर दी थी उसी को लेकर आज हर जिले में जिले अधिकारी को आरक्षण बचाओ विज्ञापन और धरना प्रदर्शन किया गया1
- NHAI और यातायात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, दुकानों के बाहर लगे टीन शेड और अवैध कब्जे किए ध्वस्त लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे चौपला चौराहे पर आखिरकार बड़ी कार्रवाई सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाकर कराया गया रास्ता साफ, वाहन चालकों और राहगीरों को मिलेगी राहत। अब सवाल—कार्रवाई के बाद क्या चौपला चौराहा हमेशा के लिए अतिक्रमण मुक्त रहेगा? अमरोहा जनपद के गजरौला चौपला चौराहे पर चला बुलडोजर, अतिक्रमणकारियों में मचा हड़कंप!1
- अमरोहा गैंगरेप केस में बड़ा अपडेट: चारों आरोपी पुलिसकर्मियों के जेल जाने का वीडियो आया सामने अमरोहा गैंगरेप केस में बड़ा अपडेट: चारों आरोपी पुलिसकर्मियों के जेल जाने का वीडियो आया सामने1
- यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में भीषण अग्निकांड: 9 की मौत, उरई के हासिम खान ने जान पर खेलकर बचाई 13-14 यात्रियों की जान यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने यात्रियों की जिंदगी को पलभर में मौत के मुहाने पर खड़ा कर दिया। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस के अंदर धुआं भरने और आग की लपटें उठने से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री बुरी तरह झुलस गए। हादसे के दौरान उरई के लहरिया पुरवा निवासी हासिम खान ने अपनी जान की परवाह किए बिना करीब 13 से 14 यात्रियों को बस से बाहर निकालकर उनकी जिंदगी बचाई। हादसे के बाद से वह उस खौफनाक मंजर को भुला नहीं पा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुई स्लीपर बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। बस का नंबर BR32 PA8647 बताया गया है। यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है, जिसकी बसें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के विभिन्न मार्गों पर संचालित होती हैं। इस भयावह हादसे में उरई के मोहल्ला लहरिया पुरवा निवासी हासिम खान ने जो साहस दिखाया, वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे यात्रियों के लिए उम्मीद बन गया। हासिम खुद बस में सवार थे और हादसे के प्रत्यक्षदर्शी हैं। हासिम खान ने बताया कि वह नोएडा से बस में सवार हुए थे। बस कुछ ही दूरी चली थी कि अचानक आग लगने की जानकारी हुई। उनके मुताबिक, आग लगने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर बस को रोककर बाहर निकल गए। इसके बाद यात्रियों के बीच जान बचाने के लिए अफरा-तफरी मच गई। हासिम ने बताया कि बस में आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल रहा था। पीछे की सीटों पर बैठे यात्रियों के लिए हालात और भी भयावह हो गए थे। चारों तरफ धुआं और आग की लपटें उठ रही थीं। ऐसे में उन्होंने हिम्मत जुटाई और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। उनके मुताबिक, उन्होंने करीब 13 से 14 लोगों को बस से बाहर निकालने में मदद की। इस दौरान उनकी अपनी जान भी खतरे में थी, लेकिन बस में फंसे लोगों की चीख-पुकार सुनकर वह उन्हें बचाने में जुटे रहे।हासिम खान ने बताया कि बचाव के दौरान उनके ऊपर भी कुछ यात्री गिर गए, जिससे उनकी कमर में अंदरूनी चोटें आईं। आग की लपटें लगातार तेज हो रही थीं और बस के टायर फटने जैसी आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। हादसे के समय बस में यात्रियों के सामान के साथ अन्य सामान भी रखा हुआ था, जिससे आग की भयावहता और बढ़ गई। हासिम ने बताया कि उनका बैग भी बस में था, जिसमें करीब 1 लाख 14 हजार रुपये रखे हुए थे। इसके बावजूद उन्होंने सामान की परवाह नहीं की और अपनी जान बचाने के साथ-साथ दूसरे यात्रियों को बाहर निकालने में जुटे रहे। हासिम के अनुसार, बस में पीछे की तरफ फंसे कई यात्री बाहर नहीं निकल पाए। कुछ लोग आग की चपेट में आ गए।4