logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

महसी में एक बार फिर खूनी खेल खेल, खेलने लगा आदमखोर भेड़िया बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों का आतंक एक बार फिर खूनी खेल खेलने लगा है। होली के उल्लास के ठीक अगले दिन, बृहस्पतिवार को महसी के चमारन पुरवा गांव में भेड़ियों ने दिनदहाड़े हमला कर दहशत फैला दी। इस हमले में घास काटने गई 45 वर्षीय महिला और बकरी चराने गई दो मासूम बच्चियां—9 वर्षीय कोमल और 9 वर्षीय मुस्कान—गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना दर्शाती है कि महसी का इलाका एक बार फिर आदमखोर भेड़ियों के जबड़े में है। यहाँ पिछले कुछ वर्षों के घटनाक्रम और विभाग की कार्यप्रणाली महसी में भेड़ियों का खूनी इतिहास (2022-2026) बहराइच का महसी क्षेत्र पिछले 4 सालों से भेड़ियों के आतंक का केंद्र बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में ही 9 लोगों की जान इन हमलों में जा चुकी है। पिछला संघर्ष: पिछले साल जब हमलों ने विकराल रूप लिया था, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया था। उनके निर्देश पर वन विभाग ने 'ऑपरेशन भेड़िया' चलाकर 5 भेड़ियों को पकड़ा था, जिसके बाद कुछ समय के लिए शांति रही। पुनरावृत्ति: ताज़ा हमले ने स्पष्ट कर दिया है कि या तो भेड़ियों का नया झुंड सक्रिय हो गया है या पुराने झुंड के कुछ सदस्य अभी भी खुले घूम रहे हैं।  वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठते गंभीर सवाल  चमारन पुरवा की घटना ने वन विभाग की 'सुस्ती' को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों और विशेषज्ञों ने विभाग पर निम्नलिखित आरोप लगाए हैं: प्रतिक्रियात्मक रवैया: वन विभाग केवल तभी सक्रिय होता है जब कोई बड़ी अनहोनी हो जाती है। घटना से पहले सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं दिखते। सर्वे और रेकी का अभाव: क्या विभाग के पास जंगली जानवरों की गतिविधियों का कोई डेटा है? क्यों समय रहते जानवरों की रेकी या थर्मल ड्रोन से निगरानी नहीं की जाती? दबाव में सक्रियता: यह विडंबना है कि जब मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करते हैं, तभी पिंजरे लगते हैं और टीमें दौड़ती हैं। बिना 'ऊपर' के आदेश के स्थानीय स्तर पर वन विभाग लापरवाह बना रहता है। दिन के उजाले में हमला: बदलता व्यवहार  महसी की ताजा घटना सबसे अधिक चिंताजनक इसलिए है क्योंकि यह दिन के उजाले में हुई है। आमतौर पर भेड़िए रात में हमला करते हैं, लेकिन दिन में इंसानी बस्तियों के इतने करीब आकर हमला करना उनके बढ़ते दुस्साहस और आदमखोर होने की पुष्टि करता है। क्षेत्र में दहशत और सुरक्षा की मांग वर्तमान में पूरे महसी तहसील में लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि: प्रभावित गांवों में तत्काल वन चौकी स्थापित की जाए। पूरे इलाके में थर्मल स्कैनिंग और नाइट विजन कैमरों से भेड़ियों की लोकेशन ट्रेस की जाए। मृतकों और घायलों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ इलाके में गश्त बढ़ाई जाए।  निष्कर्ष: चमारन पुरवा में एक ही परिवार के तीन लोगों पर हमला इस बात की चेतावनी है कि भेड़िए अपनी आमद दर्ज करा चुके हैं। यदि वन विभाग ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो मौतों का आंकड़ा फिर से बढ़ सकता है।

4 hrs ago
user_Himanshu Mishra
Himanshu Mishra
पत्रकार महासी, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago
b736230d-0977-4add-9d0d-87a391c9ecb4

महसी में एक बार फिर खूनी खेल खेल, खेलने लगा आदमखोर भेड़िया बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों का आतंक एक बार फिर खूनी खेल खेलने लगा है। होली के उल्लास के ठीक अगले दिन, बृहस्पतिवार को महसी के चमारन पुरवा गांव में भेड़ियों ने दिनदहाड़े हमला कर दहशत फैला दी। इस हमले में घास काटने गई 45 वर्षीय महिला और बकरी चराने गई दो मासूम बच्चियां—9 वर्षीय कोमल और 9 वर्षीय मुस्कान—गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना दर्शाती है कि महसी का इलाका एक बार फिर आदमखोर भेड़ियों के जबड़े में है। यहाँ पिछले कुछ वर्षों के घटनाक्रम और विभाग की कार्यप्रणाली महसी में भेड़ियों का खूनी इतिहास (2022-2026) बहराइच का महसी क्षेत्र पिछले 4 सालों से भेड़ियों के आतंक का केंद्र बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में ही 9 लोगों की जान इन हमलों में जा चुकी है। पिछला संघर्ष: पिछले साल जब हमलों ने विकराल रूप लिया था, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया था। उनके निर्देश पर वन विभाग ने 'ऑपरेशन भेड़िया' चलाकर 5 भेड़ियों को पकड़ा था, जिसके बाद कुछ समय के लिए शांति रही। पुनरावृत्ति: ताज़ा हमले ने स्पष्ट कर दिया है कि या तो भेड़ियों का नया झुंड सक्रिय हो गया है या पुराने झुंड के कुछ सदस्य अभी भी खुले घूम रहे हैं।  वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठते गंभीर सवाल  चमारन पुरवा की घटना ने वन विभाग की 'सुस्ती' को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों और विशेषज्ञों

ने विभाग पर निम्नलिखित आरोप लगाए हैं: प्रतिक्रियात्मक रवैया: वन विभाग केवल तभी सक्रिय होता है जब कोई बड़ी अनहोनी हो जाती है। घटना से पहले सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं दिखते। सर्वे और रेकी का अभाव: क्या विभाग के पास जंगली जानवरों की गतिविधियों का कोई डेटा है? क्यों समय रहते जानवरों की रेकी या थर्मल ड्रोन से निगरानी नहीं की जाती? दबाव में सक्रियता: यह विडंबना है कि जब मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करते हैं, तभी पिंजरे लगते हैं और टीमें दौड़ती हैं। बिना 'ऊपर' के आदेश के स्थानीय स्तर पर वन विभाग लापरवाह बना रहता है। दिन के उजाले में हमला: बदलता व्यवहार  महसी की ताजा घटना सबसे अधिक चिंताजनक इसलिए है क्योंकि यह दिन के उजाले में हुई है। आमतौर पर भेड़िए रात में हमला करते हैं, लेकिन दिन में इंसानी बस्तियों के इतने करीब आकर हमला करना उनके बढ़ते दुस्साहस और आदमखोर होने की पुष्टि करता है। क्षेत्र में दहशत और सुरक्षा की मांग वर्तमान में पूरे महसी तहसील में लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि: प्रभावित गांवों में तत्काल वन चौकी स्थापित की जाए। पूरे इलाके में थर्मल स्कैनिंग और नाइट विजन कैमरों से भेड़ियों की लोकेशन ट्रेस की जाए। मृतकों और घायलों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ इलाके में गश्त बढ़ाई जाए।  निष्कर्ष: चमारन पुरवा में एक ही परिवार के तीन लोगों पर हमला इस बात की चेतावनी है कि भेड़िए अपनी आमद दर्ज करा चुके हैं। यदि वन विभाग ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो मौतों का आंकड़ा फिर से बढ़ सकता है।

  • user_Himanshu Mishra
    Himanshu Mishra
    महासी, बहराइच, उत्तर प्रदेश
    वन विभाग को ध्यान देना चाहिए
    4 hrs ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • महसी। बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत एकघरा ग्राम पंचायत के बाजपुरवा गांव में गुरुवार शाम करीब 5 बजे के आसपास तेंदुए ने एक 7 वर्षीय बालिका आफरीन पुत्री तसव्वर पर अचानक हमला कर दिया। बच्ची के चीखने पर आसपास के लोग दौड़े और हाका लगाया। जिससे बच्ची की जान तो बच गई लेकिन बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन इलाज के लिए सीएचसी शिवपुर लेकर आए जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया। डॉ विकास सिंह ने बताया कि आफरीन पुत्री तसव्वर उम्र करीब 7 वर्ष अस्पताल में आई थी। जिसकी हालत खराब थी। बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। परिजनों ने वन विभाग को दूरभाष पर सूचना दी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना के वक्त बच्ची द्वार पर खेल रही थी। डी एफ ओ ने बताया कि जंगली जानवर द्वारा एक बच्ची को काटने की सूचना मिली है जिसकी वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है तथा जानवर को पकड़ने के लिए 2 पिंजड़े भी लगाए है ऐसी सूचना है कि उस क्षेत्र में 1 या 2 तेंदुए है जिनको जल्द से जल्द पकड़ने का प्रयास किया जाएगा ।
    1
    महसी। बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत एकघरा ग्राम पंचायत के बाजपुरवा गांव में गुरुवार शाम करीब 5 बजे के आसपास तेंदुए ने एक 7 वर्षीय बालिका आफरीन पुत्री तसव्वर पर अचानक हमला कर दिया। बच्ची के चीखने पर आसपास के लोग दौड़े और हाका लगाया। जिससे बच्ची की जान तो बच गई लेकिन बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन इलाज के लिए सीएचसी शिवपुर लेकर आए जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया। डॉ विकास सिंह ने बताया कि आफरीन पुत्री तसव्वर उम्र करीब 7 वर्ष अस्पताल में आई थी। जिसकी हालत खराब थी। बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। परिजनों ने वन विभाग को दूरभाष पर सूचना दी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना के वक्त बच्ची द्वार पर खेल रही थी।
डी एफ ओ ने बताया कि जंगली जानवर द्वारा एक बच्ची को काटने की सूचना मिली है जिसकी वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है तथा जानवर को पकड़ने के लिए 2 पिंजड़े भी लगाए है ऐसी सूचना है कि उस क्षेत्र में 1 या 2 तेंदुए है जिनको जल्द से जल्द पकड़ने का प्रयास किया जाएगा ।
    user_अंकित अवस्थी
    अंकित अवस्थी
    मैं एक पत्रकार हूं जनता की सेवा करता हूं महासी, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों का आतंक एक बार फिर खूनी खेल खेलने लगा है। होली के उल्लास के ठीक अगले दिन, बृहस्पतिवार को महसी के चमारन पुरवा गांव में भेड़ियों ने दिनदहाड़े हमला कर दहशत फैला दी। इस हमले में घास काटने गई 45 वर्षीय महिला और बकरी चराने गई दो मासूम बच्चियां—9 वर्षीय कोमल और 9 वर्षीय मुस्कान—गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना दर्शाती है कि महसी का इलाका एक बार फिर आदमखोर भेड़ियों के जबड़े में है। यहाँ पिछले कुछ वर्षों के घटनाक्रम और विभाग की कार्यप्रणाली महसी में भेड़ियों का खूनी इतिहास (2022-2026) बहराइच का महसी क्षेत्र पिछले 4 सालों से भेड़ियों के आतंक का केंद्र बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में ही 9 लोगों की जान इन हमलों में जा चुकी है। पिछला संघर्ष: पिछले साल जब हमलों ने विकराल रूप लिया था, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया था। उनके निर्देश पर वन विभाग ने 'ऑपरेशन भेड़िया' चलाकर 5 भेड़ियों को पकड़ा था, जिसके बाद कुछ समय के लिए शांति रही। पुनरावृत्ति: ताज़ा हमले ने स्पष्ट कर दिया है कि या तो भेड़ियों का नया झुंड सक्रिय हो गया है या पुराने झुंड के कुछ सदस्य अभी भी खुले घूम रहे हैं।  वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठते गंभीर सवाल  चमारन पुरवा की घटना ने वन विभाग की 'सुस्ती' को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों और विशेषज्ञों ने विभाग पर निम्नलिखित आरोप लगाए हैं: प्रतिक्रियात्मक रवैया: वन विभाग केवल तभी सक्रिय होता है जब कोई बड़ी अनहोनी हो जाती है। घटना से पहले सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं दिखते। सर्वे और रेकी का अभाव: क्या विभाग के पास जंगली जानवरों की गतिविधियों का कोई डेटा है? क्यों समय रहते जानवरों की रेकी या थर्मल ड्रोन से निगरानी नहीं की जाती? दबाव में सक्रियता: यह विडंबना है कि जब मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करते हैं, तभी पिंजरे लगते हैं और टीमें दौड़ती हैं। बिना 'ऊपर' के आदेश के स्थानीय स्तर पर वन विभाग लापरवाह बना रहता है। दिन के उजाले में हमला: बदलता व्यवहार  महसी की ताजा घटना सबसे अधिक चिंताजनक इसलिए है क्योंकि यह दिन के उजाले में हुई है। आमतौर पर भेड़िए रात में हमला करते हैं, लेकिन दिन में इंसानी बस्तियों के इतने करीब आकर हमला करना उनके बढ़ते दुस्साहस और आदमखोर होने की पुष्टि करता है। क्षेत्र में दहशत और सुरक्षा की मांग वर्तमान में पूरे महसी तहसील में लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि: प्रभावित गांवों में तत्काल वन चौकी स्थापित की जाए। पूरे इलाके में थर्मल स्कैनिंग और नाइट विजन कैमरों से भेड़ियों की लोकेशन ट्रेस की जाए। मृतकों और घायलों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ इलाके में गश्त बढ़ाई जाए।  निष्कर्ष: चमारन पुरवा में एक ही परिवार के तीन लोगों पर हमला इस बात की चेतावनी है कि भेड़िए अपनी आमद दर्ज करा चुके हैं। यदि वन विभाग ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो मौतों का आंकड़ा फिर से बढ़ सकता है।
    2
    बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों का आतंक एक बार फिर खूनी खेल खेलने लगा है। होली के उल्लास के ठीक अगले दिन, बृहस्पतिवार को महसी के चमारन पुरवा गांव में भेड़ियों ने दिनदहाड़े हमला कर दहशत फैला दी। इस हमले में घास काटने गई 45 वर्षीय महिला और बकरी चराने गई दो मासूम बच्चियां—9 वर्षीय कोमल और 9 वर्षीय मुस्कान—गंभीर रूप से घायल हो गईं।
यह घटना दर्शाती है कि महसी का इलाका एक बार फिर आदमखोर भेड़ियों के जबड़े में है। यहाँ पिछले कुछ वर्षों के घटनाक्रम और विभाग की कार्यप्रणाली 
महसी में भेड़ियों का खूनी इतिहास (2022-2026)
बहराइच का महसी क्षेत्र पिछले 4 सालों से भेड़ियों के आतंक का केंद्र बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में ही 9 लोगों की जान इन हमलों में जा चुकी है।
पिछला संघर्ष: पिछले साल जब हमलों ने विकराल रूप लिया था, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया था। उनके निर्देश पर वन विभाग ने 'ऑपरेशन भेड़िया' चलाकर 5 भेड़ियों को पकड़ा था, जिसके बाद कुछ समय के लिए शांति रही।
पुनरावृत्ति: ताज़ा हमले ने स्पष्ट कर दिया है कि या तो भेड़ियों का नया झुंड सक्रिय हो गया है या पुराने झुंड के कुछ सदस्य अभी भी खुले घूम रहे हैं। 
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठते गंभीर सवाल 
चमारन पुरवा की घटना ने वन विभाग की 'सुस्ती' को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों और विशेषज्ञों ने विभाग पर निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
प्रतिक्रियात्मक रवैया: वन विभाग केवल तभी सक्रिय होता है जब कोई बड़ी अनहोनी हो जाती है। घटना से पहले सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं दिखते।
सर्वे और रेकी का अभाव: क्या विभाग के पास जंगली जानवरों की गतिविधियों का कोई डेटा है? क्यों समय रहते जानवरों की रेकी या थर्मल ड्रोन से निगरानी नहीं की जाती?
दबाव में सक्रियता: यह विडंबना है कि जब मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करते हैं, तभी पिंजरे लगते हैं और टीमें दौड़ती हैं। बिना 'ऊपर' के आदेश के स्थानीय स्तर पर वन विभाग लापरवाह बना रहता है।
दिन के उजाले में हमला: बदलता व्यवहार 
महसी की ताजा घटना सबसे अधिक चिंताजनक इसलिए है क्योंकि यह दिन के उजाले में हुई है। आमतौर पर भेड़िए रात में हमला करते हैं, लेकिन दिन में इंसानी बस्तियों के इतने करीब आकर हमला करना उनके बढ़ते दुस्साहस और आदमखोर होने की पुष्टि करता है।
क्षेत्र में दहशत और सुरक्षा की मांग
वर्तमान में पूरे महसी तहसील में लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि:
प्रभावित गांवों में तत्काल वन चौकी स्थापित की जाए।
पूरे इलाके में थर्मल स्कैनिंग और नाइट विजन कैमरों से भेड़ियों की लोकेशन ट्रेस की जाए।
मृतकों और घायलों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ इलाके में गश्त बढ़ाई जाए। 
निष्कर्ष: चमारन पुरवा में एक ही परिवार के तीन लोगों पर हमला इस बात की चेतावनी है कि भेड़िए अपनी आमद दर्ज करा चुके हैं। यदि वन विभाग ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो मौतों का आंकड़ा फिर से बढ़ सकता है।
    user_Himanshu Mishra
    Himanshu Mishra
    पत्रकार महासी, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • महसी: टीकान पुरवा मोड के पास दो बाइकों में जोरदार टक्कर, चार लोग गंभीर घायल, लखनऊ रेफर
    1
    महसी: टीकान पुरवा मोड के पास दो बाइकों में जोरदार टक्कर, चार लोग गंभीर घायल, लखनऊ रेफर
    user_आशीष मिश्र बहराइच
    आशीष मिश्र बहराइच
    TV News Anchor महासी, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश,बहराइच।-नानपारा में होली समिति के तत्वावधान में शिवालय बाग मंदिर मैदान में होली मिलन समारोह का आयोजन गुरुवार को किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नानपारा विधायक रामनिवास वर्मा रहे समारोह में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। अबीर,रंग-गुलाल, होली गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आपसी मिलन के साथ लोगों ने उत्सव का आनंद लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। मुख्य अतिथी विधायक रामनिवास वर्मा ने जनसमूह को संबोधित करते हुए होली पर्व को प्रेम, सौहार्द और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया l समिति के अध्यक्ष अतुल कुमार जायसवाल ने सभी का आभार जताया,महामंत्री मनोज कुमार गुप्ता ने आयोजन में सहयोग देने वालों का आभार जताया l दूसरी ओर नानपारा जिला बनाओ समिति के वॉलिंटियर इनचीफ़ मनोज तिवारी के आवास एवं अधिवक्ता एवं पत्रकार डीपी श्रीवास्तव के आवास पर सर्व धर्म के लोगों ने होली मिलकर एक दुसरे को बधाई दी प्रमुख रूप से पत्रकार सरफराज सिद्दीकी, शुभम तिवारी,शकील अंसारी,विवेक श्रीवास्तव, हलीम अंसारी,डॉक्टर सैयद ख बीर, रोशन ज़मीर आदि थे l
    2
    उत्तर प्रदेश,बहराइच।-नानपारा में होली समिति के तत्वावधान में शिवालय बाग मंदिर मैदान में होली मिलन समारोह का आयोजन गुरुवार को किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नानपारा विधायक रामनिवास वर्मा रहे  समारोह में  सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
अबीर,रंग-गुलाल, होली गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आपसी मिलन के साथ लोगों ने उत्सव का आनंद लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अतिथी विधायक  रामनिवास वर्मा ने जनसमूह को संबोधित करते हुए होली पर्व को प्रेम, सौहार्द और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया l
समिति के अध्यक्ष अतुल कुमार जायसवाल ने सभी  का आभार जताया,महामंत्री मनोज कुमार गुप्ता ने आयोजन में सहयोग देने वालों का  आभार जताया l
दूसरी ओर नानपारा जिला बनाओ समिति के वॉलिंटियर इनचीफ़  मनोज तिवारी के आवास एवं अधिवक्ता एवं पत्रकार डीपी श्रीवास्तव के आवास पर सर्व धर्म के लोगों ने होली मिलकर एक दुसरे को बधाई दी प्रमुख रूप से पत्रकार सरफराज सिद्दीकी, शुभम तिवारी,शकील अंसारी,विवेक श्रीवास्तव, हलीम अंसारी,डॉक्टर सैयद ख बीर, रोशन ज़मीर आदि थे l
    user_Shakil Ansari, News Riporter
    Shakil Ansari, News Riporter
    रिपोर्टर बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बहराइच: खैरीघाट थाना क्षेत्र के बाजपुरवा में गुरुवार शाम करीब 5 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां तेंदुए ने 7 वर्षीय बालिका पर अचानक हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बच्ची अपने घर के द्वार पर खेल रही थी, तभी झाड़ियों की ओर से आए तेंदुए ने उस पर झपट्टा मार दिया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और हाका लगाकर तेंदुए को भगाया। ग्रामीणों की तत्परता से बच्ची की जान तो बच गई, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया। सीएचसी शिवपुर के डॉ. विकास सिंह ने बताया कि आफरीन पुत्री तसव्वर (उम्र करीब 7 वर्ष) गंभीर अवस्था में अस्पताल लाई गई थी। बेहतर इलाज के लिए उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। घटना की सूचना परिजनों द्वारा वन विभाग को दूरभाष पर दी गई है। रेंजर पीयूष गुप्ता ने बताया कि मौके पर टीम भेजी गई है। रात का समय होने के कारण पगचिह्न स्पष्ट नहीं दिख पा रहे हैं। एहतियातन ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को अकेला बाहर न छोड़ने की सलाह दी गई है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की बात कही गई
    4
    बहराइच: खैरीघाट थाना क्षेत्र के बाजपुरवा में गुरुवार शाम करीब 5 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां तेंदुए ने 7 वर्षीय बालिका पर अचानक हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बच्ची अपने घर के द्वार पर खेल रही थी, तभी झाड़ियों की ओर से आए तेंदुए ने उस पर झपट्टा मार दिया।
बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और हाका लगाकर तेंदुए को भगाया। ग्रामीणों की तत्परता से बच्ची की जान तो बच गई, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया।
सीएचसी शिवपुर के डॉ. विकास सिंह ने बताया कि आफरीन पुत्री तसव्वर (उम्र करीब 7 वर्ष) गंभीर अवस्था में अस्पताल लाई गई थी। बेहतर इलाज के लिए उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
घटना की सूचना परिजनों द्वारा वन विभाग को दूरभाष पर दी गई है। रेंजर पीयूष गुप्ता ने बताया कि मौके पर टीम भेजी गई है। रात का समय होने के कारण पगचिह्न स्पष्ट नहीं दिख पा रहे हैं। एहतियातन ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को अकेला बाहर न छोड़ने की सलाह दी गई है।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की बात कही गई
    user_Anurag Sharma
    Anurag Sharma
    नानपारा, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Ludhiana ke Happy Holi 🫟 up Wale khelte Hain jila Bahraich 🙏 video
    1
    Ludhiana ke  Happy Holi 🫟 
up Wale khelte Hain jila Bahraich 🙏 video
    user_Shankar nishad
    Shankar nishad
    बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Kasim
    1
    Post by Kasim
    user_Kasim
    Kasim
    Local News Reporter Bahraich, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में एक बार फिर भेड़िए के हमले ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। होली के ठीक दूसरे दिन बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत महसी के चमारन पूरवा में घास काटने गई 45 वर्षीय महिला सुषमा व 9 वर्षीय कोमल एवं 9 वर्षीय मुस्कान पर भेड़िए ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। यह घटना महसी तहसील क्षेत्र में विगत 4 सालों से आदमखोर भेड़ियों के खौफ को दर्शाती है। पिछले दो वर्षों में 9 लोगों की जान भेड़ियों के हमले में गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तब मामले का संज्ञान लिया था और 5 भेड़ियों को पकड़ा गया था। लेकिन इसके बावजूद भी भेड़ियों के हमले नहीं रुके। वन विभाग पर आरोप है कि वे घटना के बाद ही सक्रिय होते हैं, लेकिन घटना से पहले वे क्यों नहीं सक्रिय होते? क्यों वे जानवरों का सर्वे नहीं करवाते? क्यों वे जानवरों की रेकी नहीं करते? यह सवाल उठता है कि जब सूबे के मुख्यमंत्री स्वयं मामले का संज्ञान लेते हैं तो वन विभाग एक्टिव हो जाता है और भेड़िए पकड़े जाने लगते हैं। महसी के चमारन पुरवा में एक ही परिवार के तीन लोगों पर दिन के उजाले में भेड़िए का हमला यह बताता है कि क्षेत्र के लोग सतर्क हो जाएं क्योंकि भेड़िए अपनी आमद दर्ज कर चुके हैं। वन विभाग को चाहिए कि वे भेड़ियों के हमले को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाएं।
    2
    बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में एक बार फिर भेड़िए के हमले ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। होली के ठीक दूसरे दिन बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत महसी के चमारन पूरवा में घास काटने गई 45 वर्षीय महिला सुषमा व 9 वर्षीय कोमल एवं 9 वर्षीय मुस्कान पर भेड़िए ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
यह घटना महसी तहसील क्षेत्र में विगत 4 सालों से आदमखोर भेड़ियों के खौफ को दर्शाती है। पिछले दो वर्षों में 9 लोगों की जान भेड़ियों के हमले में गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तब मामले का संज्ञान लिया था और 5 भेड़ियों को पकड़ा गया था। लेकिन इसके बावजूद भी भेड़ियों के हमले नहीं रुके।
वन विभाग पर आरोप है कि वे घटना के बाद ही सक्रिय होते हैं, लेकिन घटना से पहले वे क्यों नहीं सक्रिय होते? क्यों वे जानवरों का सर्वे नहीं करवाते? क्यों वे जानवरों की रेकी नहीं करते? यह सवाल उठता है कि जब सूबे के मुख्यमंत्री स्वयं मामले का संज्ञान लेते हैं तो वन विभाग एक्टिव हो जाता है और भेड़िए पकड़े जाने लगते हैं।
महसी के चमारन पुरवा में एक ही परिवार के तीन लोगों पर दिन के उजाले में भेड़िए का हमला यह बताता है कि क्षेत्र के लोग सतर्क हो जाएं क्योंकि भेड़िए अपनी आमद दर्ज कर चुके हैं। वन विभाग को चाहिए कि वे भेड़ियों के हमले को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाएं।
    user_Himanshu Mishra
    Himanshu Mishra
    पत्रकार महासी, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.