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बांका जिले के चांदन प्रखंड स्थित असोढ़ा गांव में जीविका से जुड़ी शिकायतों की जांच करने पहुंचे प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) आशीष कुमार सिंह के साथ कथित रूप से बदसलूकी और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। जानकारी के अनुसार, जीविका संबंधी शिकायत मिलने के बाद बीपीएम आशीष कुमार सिंह जांच के लिए असोढ़ा गांव गए थे। आरोप है कि इस दौरान वहां मौजूद जीविका सीएम के पति कासिम अंसारी ने जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया और अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक की। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति, जो खुद को कासिम अंसारी बता रहा है, कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "मैं ही हूं कासिम, जाओ जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते हो।" वीडियो में जांच को लेकर बहस और तनावपूर्ण माहौल भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस घटना के बाद कई ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है, तो ऐसे मामलों में पुरुषों का हस्तक्षेप क्यों हो रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि किसी शिकायत की निष्पक्ष जांच में बाधा डालना उचित नहीं है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान अधिकारियों पर दबाव बनाने और प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। कुछ ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में जीविका विभाग के वरीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, वायरल वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें सबसे प्रमुख यह है कि यदि शिकायत की जांच करने गए अधिकारियों को ही विरोध और दबाव का सामना करना पड़े, तो योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी। अब देखना होगा कि जीविका विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और वायरल वीडियो की जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है।

19 hrs ago
user_Umakant poddar 9709500512
Umakant poddar 9709500512
Software Developer बांका, बांका, बिहार•
19 hrs ago

बांका जिले के चांदन प्रखंड स्थित असोढ़ा गांव में जीविका से जुड़ी शिकायतों की जांच करने पहुंचे प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) आशीष कुमार सिंह के साथ कथित रूप से बदसलूकी और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। जानकारी के अनुसार, जीविका संबंधी शिकायत मिलने के बाद बीपीएम आशीष कुमार सिंह जांच के लिए असोढ़ा गांव गए थे। आरोप है कि इस दौरान वहां मौजूद जीविका सीएम के पति कासिम अंसारी ने जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया और अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक की। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति, जो खुद को कासिम अंसारी बता रहा है, कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "मैं ही हूं कासिम, जाओ जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते हो।" वीडियो में जांच को लेकर बहस और तनावपूर्ण माहौल भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस घटना के बाद कई ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को

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आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है, तो ऐसे मामलों में पुरुषों का हस्तक्षेप क्यों हो रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि किसी शिकायत की निष्पक्ष जांच में बाधा डालना उचित नहीं है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान अधिकारियों पर दबाव बनाने और प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। कुछ ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में जीविका विभाग के वरीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, वायरल वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें सबसे प्रमुख यह है कि यदि शिकायत की जांच करने गए अधिकारियों को ही विरोध और दबाव का सामना करना पड़े, तो योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी। अब देखना होगा कि जीविका विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और वायरल वीडियो की जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है।

More news from बिहार and nearby areas
  • राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार के बांका जिला मुख्यालय में महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध के खिलाफ एक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में राजद नेता और कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए, जिन्होंने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजद नेताओं ने कहा कि महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है, जबकि बेरोजगारी और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। पार्टी ने जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और अपनी मांगों का एक ज्ञापन जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला को सौंपा। इस धरना-प्रदर्शन में पूर्व मंत्री डॉ. जावेद इकबाल अंसारी, पूर्व विधायक रामदेव यादव, चाणक्य प्रकाश रंजन, संजय चौहान, विशाल यादव, निजाम दुर्रानी, देवेंद्र यादव, कंचन कुमारी, अर्जुन ठाकुर और ललन साहू सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार के बांका जिला मुख्यालय में महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध के खिलाफ एक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में राजद नेता और कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए, जिन्होंने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

राजद नेताओं ने कहा कि महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है, जबकि बेरोजगारी और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। पार्टी ने जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और अपनी मांगों का एक ज्ञापन जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला को सौंपा।

इस धरना-प्रदर्शन में पूर्व मंत्री डॉ. जावेद इकबाल अंसारी, पूर्व विधायक रामदेव यादव, चाणक्य प्रकाश रंजन, संजय चौहान, विशाल यादव, निजाम दुर्रानी, देवेंद्र यादव, कंचन कुमारी, अर्जुन ठाकुर और ललन साहू सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Banka Today News
    Banka Today News
    पत्रकार बांका, बांका, बिहार•
    18 hrs ago
  • बांका जिले के चांदन प्रखंड स्थित असोढ़ा गांव में जीविका से जुड़ी शिकायतों की जांच करने पहुंचे प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) आशीष कुमार सिंह के साथ कथित रूप से बदसलूकी और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। जानकारी के अनुसार, जीविका संबंधी शिकायत मिलने के बाद बीपीएम आशीष कुमार सिंह जांच के लिए असोढ़ा गांव गए थे। आरोप है कि इस दौरान वहां मौजूद जीविका सीएम के पति कासिम अंसारी ने जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया और अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक की। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति, जो खुद को कासिम अंसारी बता रहा है, कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "मैं ही हूं कासिम, जाओ जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते हो।" वीडियो में जांच को लेकर बहस और तनावपूर्ण माहौल भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस घटना के बाद कई ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है, तो ऐसे मामलों में पुरुषों का हस्तक्षेप क्यों हो रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि किसी शिकायत की निष्पक्ष जांच में बाधा डालना उचित नहीं है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान अधिकारियों पर दबाव बनाने और प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। कुछ ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में जीविका विभाग के वरीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, वायरल वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें सबसे प्रमुख यह है कि यदि शिकायत की जांच करने गए अधिकारियों को ही विरोध और दबाव का सामना करना पड़े, तो योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी। अब देखना होगा कि जीविका विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और वायरल वीडियो की जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है।
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    बांका जिले के चांदन प्रखंड स्थित असोढ़ा गांव में जीविका से जुड़ी शिकायतों की जांच करने पहुंचे प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) आशीष कुमार सिंह के साथ कथित रूप से बदसलूकी और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, जीविका संबंधी शिकायत मिलने के बाद बीपीएम आशीष कुमार सिंह जांच के लिए असोढ़ा गांव गए थे। आरोप है कि इस दौरान वहां मौजूद जीविका सीएम के पति कासिम अंसारी ने जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया और अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक की। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति, जो खुद को कासिम अंसारी बता रहा है, कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "मैं ही हूं कासिम, जाओ जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते हो।" वीडियो में जांच को लेकर बहस और तनावपूर्ण माहौल भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

इस घटना के बाद कई ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है, तो ऐसे मामलों में पुरुषों का हस्तक्षेप क्यों हो रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि किसी शिकायत की निष्पक्ष जांच में बाधा डालना उचित नहीं है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान अधिकारियों पर दबाव बनाने और प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। कुछ ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, इस संबंध में जीविका विभाग के वरीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, वायरल वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें सबसे प्रमुख यह है कि यदि शिकायत की जांच करने गए अधिकारियों को ही विरोध और दबाव का सामना करना पड़े, तो योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी। अब देखना होगा कि जीविका विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और वायरल वीडियो की जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है।
    user_Umakant poddar 9709500512
    Umakant poddar 9709500512
    Software Developer बांका, बांका, बिहार•
    19 hrs ago
  • तारापुर प्रखंड परिसर में गुरुवार को आयोजित सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित कुल 168 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में से 102 का मौके पर ही निष्पादन कर लाभार्थियों को तुरंत राहत प्रदान की गई, जबकि शेष 66 आवेदनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के पास भेजा गया है। शिविर में सबसे अधिक 68 लाभार्थियों के लिए आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए। इसके अलावा, आयुष्मान वय वंदन कार्ड के 7, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 8, प्रधानमंत्री आवास योजना के 12, जी-रामजी योजना के 2 और कामगार कल्याण बोर्ड से जुड़े 3 आवेदनों का भी मौके पर ही निष्पादन किया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों ने अलग-अलग काउंटर स्थापित कर लोगों की समस्याओं को सुना और उन्हें योजनाओं से संबंधित जानकारी दी। बीडीओ प्रशांत कुमार ने शिविर का निरीक्षण करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँचे। उन्होंने लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का भी निर्देश दिया।
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    तारापुर प्रखंड परिसर में गुरुवार को आयोजित सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित कुल 168 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में से 102 का मौके पर ही निष्पादन कर लाभार्थियों को तुरंत राहत प्रदान की गई, जबकि शेष 66 आवेदनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के पास भेजा गया है।

शिविर में सबसे अधिक 68 लाभार्थियों के लिए आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए। इसके अलावा, आयुष्मान वय वंदन कार्ड के 7, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 8, प्रधानमंत्री आवास योजना के 12, जी-रामजी योजना के 2 और कामगार कल्याण बोर्ड से जुड़े 3 आवेदनों का भी मौके पर ही निष्पादन किया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों ने अलग-अलग काउंटर स्थापित कर लोगों की समस्याओं को सुना और उन्हें योजनाओं से संबंधित जानकारी दी। बीडीओ प्रशांत कुमार ने शिविर का निरीक्षण करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँचे। उन्होंने लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का भी निर्देश दिया।
    user_SUMIT KUMAR
    SUMIT KUMAR
    Press advisory तारापुर, मुंगेर, बिहार•
    7 hrs ago
  • बिहार के भोजपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस पर भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। यह घटना सीधे तौर पर सम्राट चौधरी से संबंधित पुलिस पर सवाल खड़े कर रही है।
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    बिहार के भोजपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस पर भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। यह घटना सीधे तौर पर सम्राट चौधरी से संबंधित पुलिस पर सवाल खड़े कर रही है।
    user_THE LIVE Munger
    THE LIVE Munger
    तारापुर, मुंगेर, बिहार•
    7 hrs ago
  • झारखंड के गोड्डा जिले के जमुआ गांव, गोड्डा कॉलेज गोड्डा ब्लॉक के पास, ग्रामीणों को सड़क की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय विधायक प्रदीप यादव और सांसद निशिकांत दुबे पिछले 10 सालों से इसी मोहल्ले में रह रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक सड़क नहीं मिली है। ग्रामीणों ने अपनी इस समस्या को लेकर अपनी दिक्कत जाहिर की है।
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    झारखंड के गोड्डा जिले के जमुआ गांव, गोड्डा कॉलेज गोड्डा ब्लॉक के पास, ग्रामीणों को सड़क की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय विधायक प्रदीप यादव और सांसद निशिकांत दुबे पिछले 10 सालों से इसी मोहल्ले में रह रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक सड़क नहीं मिली है। ग्रामीणों ने अपनी इस समस्या को लेकर अपनी दिक्कत जाहिर की है।
    user_Vikash kumar
    Vikash kumar
    गोड्डा, गोड्डा, झारखंड•
    12 hrs ago
  • बिहार के कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर बिना सोख्ता निर्माण के ही ₹84 लाख (चौरासी लाख रुपये) की अवैध निकासी कर ली गई। यह राशि जियो टैग किए बिना ही निकाल ली गई, और आरोप है कि भभुआ प्रखंड के जेई और बीडीओ की मिलीभगत से लाखों रुपये नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गटक लिए गए। प्रखंड भभुआ की सभी पंचायतों में कुल 439 सोख्ता का निर्माण किया जाना था, लेकिन इन्हें बिना बनाए ही यह राशि अपने चहेते वेंडरों में वितरित कर दी गई। जाँच में यह भी सामने आया है कि ग्राम पंचायत के मुखिया की स्वीकृति के बिना ही अवैध तरीके से राशि का गबन किया गया। बताया गया कि 70% राशि स्वच्छता मद से और 30% ग्राम पंचायत से भुगतान की जानी थी, लेकिन मुखिया के अधिकारों का हनन करते हुए यह बड़ी अनियमितता की गई। जब यह खबर मीडिया में चली, तो आनन-फानन में कुछ सोख्ता का निर्माण कराया जाने लगा, लेकिन वे भी मानक के अनुरूप नहीं थे, जिसका वीडियो भी सामने आया है। पत्रकारों द्वारा इस अनियमितता पर जिला समन्वयक नरेंद्र कुमार और ब्लॉक कॉर्डिनेटर भभुआ से फोन पर बात की गई तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि कार्य के बिना ही राशि निकाल ली गई है। कई ग्राम पंचायत मुखियाओं ने बताया कि उन्हें सोख्ता निर्माण की जानकारी ही नहीं थी, और कुछ ने वेंडरों से पूछने पर यह जवाब पाया कि यह जिले की योजना है, पंचायत की नहीं। विगत कई दिनों से मीडिया में यह खबर चल रही है, लेकिन अभी तक किसी भी वरीय पदाधिकारी द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है और न ही कोई कार्रवाई हुई है।
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    बिहार के कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर बिना सोख्ता निर्माण के ही ₹84 लाख (चौरासी लाख रुपये) की अवैध निकासी कर ली गई। यह राशि जियो टैग किए बिना ही निकाल ली गई, और आरोप है कि भभुआ प्रखंड के जेई और बीडीओ की मिलीभगत से लाखों रुपये नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गटक लिए गए। प्रखंड भभुआ की सभी पंचायतों में कुल 439 सोख्ता का निर्माण किया जाना था, लेकिन इन्हें बिना बनाए ही यह राशि अपने चहेते वेंडरों में वितरित कर दी गई।

जाँच में यह भी सामने आया है कि ग्राम पंचायत के मुखिया की स्वीकृति के बिना ही अवैध तरीके से राशि का गबन किया गया। बताया गया कि 70% राशि स्वच्छता मद से और 30% ग्राम पंचायत से भुगतान की जानी थी, लेकिन मुखिया के अधिकारों का हनन करते हुए यह बड़ी अनियमितता की गई। जब यह खबर मीडिया में चली, तो आनन-फानन में कुछ सोख्ता का निर्माण कराया जाने लगा, लेकिन वे भी मानक के अनुरूप नहीं थे, जिसका वीडियो भी सामने आया है। पत्रकारों द्वारा इस अनियमितता पर जिला समन्वयक नरेंद्र कुमार और ब्लॉक कॉर्डिनेटर भभुआ से फोन पर बात की गई तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि कार्य के बिना ही राशि निकाल ली गई है। कई ग्राम पंचायत मुखियाओं ने बताया कि उन्हें सोख्ता निर्माण की जानकारी ही नहीं थी, और कुछ ने वेंडरों से पूछने पर यह जवाब पाया कि यह जिले की योजना है, पंचायत की नहीं।

विगत कई दिनों से मीडिया में यह खबर चल रही है, लेकिन अभी तक किसी भी वरीय पदाधिकारी द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है और न ही कोई कार्रवाई हुई है।
    user_SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    Teacher सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार•
    7 hrs ago
  • बिहार के बांका जिले के बाराहाट प्रखंड अंतर्गत हिजरार गांव में आयोजित जन कल्याण सह सहयोग शिविर में एक जमीन विवाद का मामला चर्चा का विषय बन गया। गांव निवासी गुड्डू राय ने जिला बंदोबस्त पदाधिकारी के समक्ष आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनकी पूर्वजों की लगभग 60 वर्ष पुरानी खतियानी जमीन पर कुछ लोग फर्जी कागजात के आधार पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि इस मामले की शिकायत बाराहाट थाना, अंचल कार्यालय, जनता दरबार और भूमि उप समाहर्ता तक की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विवाद का समाधान नहीं हो सका है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में लंबित है। सहयोग शिविर में पहुंचे पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित न्याय दिलाने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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    बिहार के बांका जिले के बाराहाट प्रखंड अंतर्गत हिजरार गांव में आयोजित जन कल्याण सह सहयोग शिविर में एक जमीन विवाद का मामला चर्चा का विषय बन गया। गांव निवासी गुड्डू राय ने जिला बंदोबस्त पदाधिकारी के समक्ष आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनकी पूर्वजों की लगभग 60 वर्ष पुरानी खतियानी जमीन पर कुछ लोग फर्जी कागजात के आधार पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।

पीड़ित ने बताया कि इस मामले की शिकायत बाराहाट थाना, अंचल कार्यालय, जनता दरबार और भूमि उप समाहर्ता तक की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विवाद का समाधान नहीं हो सका है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में लंबित है। सहयोग शिविर में पहुंचे पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित न्याय दिलाने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
    user_Banka Today News
    Banka Today News
    पत्रकार बांका, बांका, बिहार•
    21 hrs ago
  • महागामा प्रखंड के नरैनी कब्रिस्तान के पास एक बाइक दुर्घटना में बाइक सवार बाल-बाल बच गया। यह हादसा उस समय हुआ जब बाइक सवार गोरगावां से नरैनी की ओर जा रहा था, और इस दुर्घटना में किसी भी बड़ी अनहोनी से बचाव हो गया, जो एक राहत की बात रही। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, और स्थानीय लोगों ने तत्परता से मदद कर स्थिति को संभाला। हालांकि, इस दुर्घटना में बाइक को नुकसान पहुंचने की सूचना है। फिलहाल, हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने सड़क पर चलने वाले सभी वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
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    महागामा प्रखंड के नरैनी कब्रिस्तान के पास एक बाइक दुर्घटना में बाइक सवार बाल-बाल बच गया। यह हादसा उस समय हुआ जब बाइक सवार गोरगावां से नरैनी की ओर जा रहा था, और इस दुर्घटना में किसी भी बड़ी अनहोनी से बचाव हो गया, जो एक राहत की बात रही।

हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, और स्थानीय लोगों ने तत्परता से मदद कर स्थिति को संभाला। हालांकि, इस दुर्घटना में बाइक को नुकसान पहुंचने की सूचना है। फिलहाल, हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने सड़क पर चलने वाले सभी वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
    user_M M APNA BHARAT
    M M APNA BHARAT
    Media Consultant कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    10 hrs ago
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