सहारनपुर की 'खूनी शादी': जब दावत बन गई कुरुक्षेत्र! क्या हम इतने असहिष्णु हो गए हैं ? #Apkiawajdigital सहारनपुर | शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 शादी-ब्याह का अवसर खुशियों और मिलन का प्रतीक होता है, लेकिन सहारनपुर के नागल थाना क्षेत्र में बीती 25 मार्च 2026 की शाम जो हुआ, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया। एक मामूली बात—चाहे वो खाने की प्लेट हो या बैठने की कुर्सी—ने ऐसा 'महाभारत' खड़ा किया कि दूल्हा-दुल्हन ताकते रह गए और बाराती-घराती एक-दूसरे को 'सूतने' में मशगूल हो गए। मर्यादा भूलकर 'पहलवान' बने मेहमान वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग यह भी भूल गए कि सामने कोई बुजुर्ग है या महिला। जिसे जो मिला, उसने उसी पर लात-घूंसे और बेल्ट बरसाना शुरू कर दिया। खौफनाक मंजर: महिलाओं की चीख-पुकार और बुजुर्गों की गुहार के बीच 'युवा खून' अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा था। पुलिस की दस्तक: स्थिति इतनी बेकाबू हुई कि 'शादी-युद्ध' रोकने के लिए भारी पुलिस बल को मोर्चा संभालना पड़ा। जनहित में जागरूक संदेश: 'शादी में मर्यादा न भूलें' यह खबर केवल एक मारपीट की घटना नहीं है, बल्कि हमारे समाज के लिए एक अलार्म है। जागरूक नागरिक होने के नाते हमें इन बातों पर विचार करना चाहिए: क्षण भर का क्रोध, जीवन भर का पछतावा: आवेश में आकर की गई मारपीट न केवल शादी की खुशियां छीन लेती है, बल्कि थानों और कोर्ट-कचहरी के चक्कर में आपका भविष्य भी बर्बाद कर सकती है। नशे और अहंकार से दूरी: शादियों में शराब का सेवन और 'मैं बड़ा या तू बड़ा' का अहंकार अक्सर ऐसे विवादों की जड़ होता है। अपनी खुशी को दूसरों की पीड़ा न बनने दें। मेजबान का सम्मान: याद रखें, शादी का आयोजन करने वाला परिवार महीनों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई लगाता है। आपकी एक छोटी सी लड़ाई उनके मान-सम्मान को मिट्टी में मिला देती है। निष्कर्ष: तमाशा न बनें, इंसान बनें सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लाखों लोग 'मजे' लेकर देख रहे हैं और कमेंट्स में इस शादी का मजाक उड़ाया जा रहा है। "क्या आप चाहेंगे कि आपकी या आपके परिवार की शादी भी इसी तरह 'वायरल' हो? अगर नहीं, तो सार्वजनिक कार्यक्रमों में धैर्य और शालीनता का परिचय दें।" पुलिस की चेतावनी: पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर हुड़दंगियों की पहचान कर रही है। कानून अपना काम करेगा, लेकिन समाज को खुद से सवाल पूछना होगा कि आखिर हम इतने हिंसक क्यों होते जा रहे हैं ?
सहारनपुर की 'खूनी शादी': जब दावत बन गई कुरुक्षेत्र! क्या हम इतने असहिष्णु हो गए हैं ? #Apkiawajdigital सहारनपुर | शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 शादी-ब्याह का अवसर खुशियों और मिलन का प्रतीक होता है, लेकिन सहारनपुर के नागल थाना क्षेत्र में बीती 25 मार्च 2026 की शाम जो हुआ, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया। एक मामूली बात—चाहे वो खाने की प्लेट हो या बैठने की कुर्सी—ने ऐसा 'महाभारत' खड़ा किया कि दूल्हा-दुल्हन ताकते रह गए और बाराती-घराती एक-दूसरे को 'सूतने' में मशगूल हो गए। मर्यादा भूलकर 'पहलवान' बने मेहमान वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग यह भी भूल गए कि सामने कोई बुजुर्ग है या महिला। जिसे जो मिला, उसने उसी पर लात-घूंसे और बेल्ट बरसाना शुरू कर दिया। खौफनाक मंजर: महिलाओं की चीख-पुकार और बुजुर्गों की गुहार के बीच 'युवा खून' अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा था। पुलिस की दस्तक: स्थिति इतनी बेकाबू हुई कि 'शादी-युद्ध' रोकने के लिए भारी पुलिस बल को मोर्चा संभालना पड़ा। जनहित में जागरूक संदेश: 'शादी में मर्यादा न भूलें' यह खबर केवल एक मारपीट की घटना नहीं है, बल्कि हमारे समाज के लिए एक अलार्म है। जागरूक नागरिक होने के नाते हमें इन बातों पर विचार करना चाहिए: क्षण भर का क्रोध, जीवन भर का पछतावा: आवेश में आकर की गई मारपीट न केवल शादी की खुशियां छीन लेती है, बल्कि थानों और कोर्ट-कचहरी के चक्कर में आपका भविष्य भी बर्बाद कर सकती है। नशे और अहंकार से दूरी: शादियों में शराब का सेवन और 'मैं बड़ा या तू बड़ा' का अहंकार अक्सर ऐसे विवादों की जड़ होता है। अपनी खुशी को दूसरों की पीड़ा न बनने दें। मेजबान का सम्मान: याद रखें, शादी का आयोजन करने वाला परिवार महीनों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई लगाता है। आपकी एक छोटी सी लड़ाई उनके मान-सम्मान को मिट्टी में मिला देती है। निष्कर्ष: तमाशा न बनें, इंसान बनें सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लाखों लोग 'मजे' लेकर देख रहे हैं और कमेंट्स में इस शादी का मजाक उड़ाया जा रहा है। "क्या आप चाहेंगे कि आपकी या आपके परिवार की शादी भी इसी तरह 'वायरल' हो? अगर नहीं, तो सार्वजनिक कार्यक्रमों में धैर्य और शालीनता का परिचय दें।" पुलिस की चेतावनी: पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर हुड़दंगियों की पहचान कर रही है। कानून अपना काम करेगा, लेकिन समाज को खुद से सवाल पूछना होगा कि आखिर हम इतने हिंसक क्यों होते जा रहे हैं ?
- #Apkiawajdigital मुरादाबाद | शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 कहते हैं कि अगर हौसला बुलंद हो तो आधी आबादी ही पूरी आफत पर भारी पड़ती है। मुरादाबाद के मझोला क्षेत्र में शनिवार (21 मार्च) को कुछ ऐसा ही हुआ। एक गुंडा डॉक्टर के घर में घुसकर दहशत फैलाना चाहता था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसका सामना 'झांसी की रानियों' से होने वाला है। पकड़ा कॉलर और जड़ दिए थप्पड़ वायरल वीडियो में दिख रहा है कि घर की जांबाज लड़कियों ने न केवल उस बदमाश को दबोचा, बल्कि उसकी ऐसी 'धुनाई' की कि वह रहम की भीख मांगने लगा। एक लड़की ने उसका कॉलर पकड़ा तो दूसरी ने चप्पलों की बौछार कर दी। यह मंजर देखकर आसपास के लोग भी दंग रह गए। समाज के लिए बड़ा संदेश यह खबर उन तमाम मनचलों और अपराधियों के लिए चेतावनी है जो महिलाओं को कमजोर समझने की भूल करते हैं। मुरादाबाद की इन बेटियों ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा के लिए केवल पुलिस का इंतजार करना जरूरी नहीं, खुद की मुट्ठियां भी काफी हैं। "डर को डराना ही बहादुरी है। मुरादाबाद की इन बेटियों ने न केवल अपना घर बचाया, बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाओं को सिर उठाकर जीने का हौसला दिया है।"1
- नरैनी पुलिस ने अवैध कच्ची देशी शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।1
- बांदा। दिनांक 02 अप्रैल 2026 को थाना कोतवाली देहात पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय भैंस चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक अभियुक्त के पैर में गोली लगी है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की गई 3 भैंस/पड़िया/पड़ा, 95,000 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त एक पिकअप लोडर, 2 अवैध तमंचे, 2 जिंदा कारतूस तथा 4 खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे पूर्व नियोजित योजना के तहत रात्रि में पिकअप लोडर से विभिन्न स्थानों पर जाकर भैंस चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी की गई भैंसों को जनपद बांदा के थाना बिसंडा, कोतवाली नगर और कोतवाली देहात क्षेत्रों से चुराकर जनपद उन्नाव के स्लॉटर हाउस में बेच दिया जाता था। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई घटनाओं में इनकी संलिप्तता सामने आ रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम को काफी समय से इस गिरोह की तलाश थी, जिसे आज सफलता पूर्वक पकड़ लिया गया। आगे भी पूछताछ जारी है, जिससे अन्य घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है।1
- Post by ARVIND GAUTAM6
- अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गैंगस्टर एक्ट के वांछित गैंग लीडर गिरफ्तार* रिपोर्ट-अल्तमश हुसैन-7054881233 बाँदा।पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु की जा रही कार्यवाही के क्रम में थाना कालिंजर पुलिस द्वारा गिरोह बनाकर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गैंगस्टर एक्ट के वांछित अभियुक्त (गैंग लीडर) को गिरफ्तार कर लिया गया है । गिरफ्तार अभियुक्त एक संगठित रुप से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अतंर्राज्यीय गिरोह का गैंग लीडर है जो अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करता है । जिसके सम्बन्ध में थाना गिरवां में गैंगस्टर एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया था जिसकी विवेचना प्रभारी निरीक्षक थाना कालिंजर द्वारा की जा रही थी और अभियुक्त काफी समय से वांछित चल रहा था जिसे थाना कालिंजर पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के करिया नाला हनुमान मंदिर मोड़ से गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार अभियुक्त मंगल पुत्र नत्थू निवासी मवई थाना कोतवाली नगर जनपद बांदा का निवासी हैं1
- बांदा: राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद रजि० की बांदा इकाई की नवीन कार्यकारिणी का गठन गुरुवार, 02 अप्रैल 2026 को किया गया। इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा के निर्देशन में कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें कई पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई। इस बैठक का आयोजन नगर क्षेत्र के मंडलायुक्त कार्यालय के सामने राज निवास परिषद जिला कार्यालय में किया गया। बैठक में परिषद के सभी सदस्य, अन्य पत्रकार संगठन के पदाधिकारी और पत्रकार साथी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों की सर्वसम्मति से नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया।नवनियुक्त पदाधिकारी: अनवर रजा रानू – मंडल महासचिव नीरज निगम – जिलाध्यक्ष आसिफ अली – जिला प्रभारी श्रीकांत श्रीवास्तव – युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष अमोद कुमार – युवा प्रकोष्ठ जिला प्रभारी सत्यनारायण निषाद – जिला उपाध्यक्ष मितेश कुमार – जिला महासचिव एवं मीडिया प्रभारी नंदूराम चतुर्वेदी – जिला महासचिव गौरव सिंह चौहान – जिला सचिव प्रभंजन कुमार – तहसील प्रभारी, बबेरू अन्य सदस्यों और पदाधिकारियों के पद पूर्ववत रखे गए। नवनियुक्त पदाधिकारियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। सभी ने परिषद की सफलता और विकास के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त की।नवनियुक्त पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा जताया गया विश्वास उनके लिए प्रेरणास्रोत है। वे परिषद की नीतियों के तहत मिलकर इसे और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास करेंगे।राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को उत्साहवर्धन करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और सभी से अपेक्षा की कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा में सदैव तत्पर रहें। उन्होंने कहा कि परिषद हमेशा पत्रकारों के हितों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेगी और सभी को एकजुट होकर परिषद को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करना होगा।इस अवसर पर परिषद के तमाम पदाधिकारी, सदस्यगण एवं अन्य पत्रकार साथी उपस्थित रहे।1
- Post by Raj dwivedi1
- #Apkiawajdigital सहारनपुर | शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 शादी-ब्याह का अवसर खुशियों और मिलन का प्रतीक होता है, लेकिन सहारनपुर के नागल थाना क्षेत्र में बीती 25 मार्च 2026 की शाम जो हुआ, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया। एक मामूली बात—चाहे वो खाने की प्लेट हो या बैठने की कुर्सी—ने ऐसा 'महाभारत' खड़ा किया कि दूल्हा-दुल्हन ताकते रह गए और बाराती-घराती एक-दूसरे को 'सूतने' में मशगूल हो गए। मर्यादा भूलकर 'पहलवान' बने मेहमान वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग यह भी भूल गए कि सामने कोई बुजुर्ग है या महिला। जिसे जो मिला, उसने उसी पर लात-घूंसे और बेल्ट बरसाना शुरू कर दिया। खौफनाक मंजर: महिलाओं की चीख-पुकार और बुजुर्गों की गुहार के बीच 'युवा खून' अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा था। पुलिस की दस्तक: स्थिति इतनी बेकाबू हुई कि 'शादी-युद्ध' रोकने के लिए भारी पुलिस बल को मोर्चा संभालना पड़ा। जनहित में जागरूक संदेश: 'शादी में मर्यादा न भूलें' यह खबर केवल एक मारपीट की घटना नहीं है, बल्कि हमारे समाज के लिए एक अलार्म है। जागरूक नागरिक होने के नाते हमें इन बातों पर विचार करना चाहिए: क्षण भर का क्रोध, जीवन भर का पछतावा: आवेश में आकर की गई मारपीट न केवल शादी की खुशियां छीन लेती है, बल्कि थानों और कोर्ट-कचहरी के चक्कर में आपका भविष्य भी बर्बाद कर सकती है। नशे और अहंकार से दूरी: शादियों में शराब का सेवन और 'मैं बड़ा या तू बड़ा' का अहंकार अक्सर ऐसे विवादों की जड़ होता है। अपनी खुशी को दूसरों की पीड़ा न बनने दें। मेजबान का सम्मान: याद रखें, शादी का आयोजन करने वाला परिवार महीनों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई लगाता है। आपकी एक छोटी सी लड़ाई उनके मान-सम्मान को मिट्टी में मिला देती है। निष्कर्ष: तमाशा न बनें, इंसान बनें सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लाखों लोग 'मजे' लेकर देख रहे हैं और कमेंट्स में इस शादी का मजाक उड़ाया जा रहा है। "क्या आप चाहेंगे कि आपकी या आपके परिवार की शादी भी इसी तरह 'वायरल' हो? अगर नहीं, तो सार्वजनिक कार्यक्रमों में धैर्य और शालीनता का परिचय दें।" पुलिस की चेतावनी: पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर हुड़दंगियों की पहचान कर रही है। कानून अपना काम करेगा, लेकिन समाज को खुद से सवाल पूछना होगा कि आखिर हम इतने हिंसक क्यों होते जा रहे हैं ?1