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सतना में हुई बारिश के कारण जिला अस्पताल परिसर में भारी जलभराव हो गया है, जिससे मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने से गंदगी फैलने और संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। इस समस्या को देखते हुए, लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।
अनुपम दाहिया
सतना में हुई बारिश के कारण जिला अस्पताल परिसर में भारी जलभराव हो गया है, जिससे मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने से गंदगी फैलने और संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। इस समस्या को देखते हुए, लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।
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- स्मार्ट सिटी सतना के निवासियों के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है, जहाँ आधुनिक और प्रदूषण मुक्त परिवहन के लिए स्वीकृत 20 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी अचानक निरस्त कर दी गई है। इस निर्णय से शहर में भारी आक्रोश है। इसी आक्रोश के चलते मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए जिला कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और इसे सतना के साथ अन्याय बताया। ये बसें केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना' के तहत सतना के लिए स्वीकृत की गई थीं, जिनके संचालन के लिए नगर निगम स्तर पर तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। हालांकि, ग्वालियर में परिवहन विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद अचानक इन बसों का आवंटन रद्द कर दिया गया। अब इन बसों को भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में संचालित किया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, बसों की मंजूरी निरस्त करने के पीछे विभाग की ओर से कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, जिससे सतना की प्रस्तावित इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा फिलहाल अधर में लटक गई है।1
- सतना में हुई बारिश के कारण जिला अस्पताल परिसर में भारी जलभराव हो गया है, जिससे मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने से गंदगी फैलने और संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। इस समस्या को देखते हुए, लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।1
- उंचेहरा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति सामने आई है, जहाँ छोटा मानिकपुर में दशकों बीत जाने के बाद भी सड़कें चलने लायक नहीं बन पाई हैं। इसी तरह, मतरी पतोरा गाँव में भी नालियों का सही निर्माण न होने के कारण सड़कों पर लगातार जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।2
- मैहर के ताला थाना पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई ग्राम मुकुंदपुर के जंगल में, मुर्जुआ नदी के किनारे छिपाकर रखे गए करीब 1050 किलोग्राम महुआ लाहन को नष्ट करने के लिए की गई। पुलिस ने मौके से 70 प्लास्टिक डिब्बों में भरा लाहन बरामद किया और उसे वहीं पर नष्ट करा दिया। इस दौरान, पुलिस टीम ने ग्रामीणों को अवैध शराब के निर्माण और उसकी बिक्री से दूर रहने के लिए जागरूक भी किया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा ने इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व किया, जिसमें मुकुंदपुर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक नागेश्वर मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजभान सिंह, आरक्षक आशीष मिश्रा और सुंदरलाल शर्मा ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई।1
- कटनी जीआरपी पुलिस ने रेल यात्रियों के कीमती सामान पर हाथ साफ करने वाले एक बड़े अंतर-जिला/राज्य स्तरीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। रेल क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने पांच शातिर चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की, जिनके पास से 10 लाख 30 हजार 848 रुपये कीमत के सोने के जेवरात बरामद किए गए। रेल पुलिस अधीक्षक जबलपुर सुंदर सिंह कनेश ने एक पत्रकार वार्ता में इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कटनी जीआरपी ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों के नाम शरद उर्फ गोलू झारिया, अमित सिंह खंगार, सौरभ कुल्हाड़ा, राहुल ठाकुर और हर्ष खंगार हैं। पुलिस ने चोरों के पास से भारी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद किए, जिसमें एक सोने का हार, तीन सोने के मंगलसूत्र, एक जोड़ी सोने के झुमके, एक जोड़ी सोने के टॉप्स, दो सोने की अंगूठियां और एक सोने की बाली शामिल हैं। पुलिस की तफ्तीश में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पकड़े गए आरोपियों में से दो मुख्य आरोपी पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं। ये दोनों आरोपी कटनी जीआरपी थाना के ही रिकॉर्डेड 'निगरानी बदमाश' हैं, जो लंबे समय से रेल क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस अंधी चोरी और गिरोह का पर्दाफाश करने में कटनी जीआरपी पुलिस की भूमिका बेहद सराहनीय रही, जिसके लिए रेल पुलिस अधीक्षक सुंदर सिंह कनेश ने टीम के उत्कृष्ट कार्य की पीठ थपथपाई और कार्रवाई में शामिल सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।1
- सतना जिले के नागौद ब्लॉक में स्थित छुलहा गांव की सड़क की दुर्दशा को दर्शाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले से पवई जा रही एक महिला के साथ बस में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। पीड़िता रश्मि बागरी ने 'जनक नंदी परिहार' बस के कंडक्टर और क्लीनर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, नागौद से पवई की यात्रा के दौरान, बस में मौजूद कंडक्टर और क्लीनर ने उन्हें अपना बैग बस के अंदर से ऊपर रखने के लिए मजबूर किया, जबकि पीड़िता ने बार-बार मना किया था कि बैग में कीमती सामान है। कंडक्टर ने उन्हें बैग पूरी तरह सुरक्षित पवई तक पहुँचने का भरोसा भी दिया था। पीड़िता का आरोप है कि जब बस पवई के पास एक गड्ढे में रुकी और वह नीचे उतरीं, तो उन्होंने देखा कि उनके बैग की बगल की चेन कटी हुई थी और उसमें रखे सभी कीमती जेवर गायब थे। इस घटना के तुरंत बाद, रश्मि बागरी ने पवई थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्हें प्रतिदिन थाने बुलाकर घंटों इंतजार कराने के बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई के वापस भेज दिया। न्याय की उम्मीद में, परेशान होकर पीड़िता ने पन्ना एसपी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बस स्टाफ पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपने चोरी हुए सामान को वापस दिलाने की मांग की है। इस घटना ने बस में यात्रा करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित ग्राम पंचायत क्यों बेरमा में अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं, और इस विषय पर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ये आरोप क्यों लगे हैं।1