मध्य प्रदेश के सतना जिले से पवई जा रही एक महिला के साथ बस में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। पीड़िता रश्मि बागरी ने 'जनक नंदी परिहार' बस के कंडक्टर और क्लीनर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, नागौद से पवई की यात्रा के दौरान, बस में मौजूद कंडक्टर और क्लीनर ने उन्हें अपना बैग बस के अंदर से ऊपर रखने के लिए मजबूर किया, जबकि पीड़िता ने बार-बार मना किया था कि बैग में कीमती सामान है। कंडक्टर ने उन्हें बैग पूरी तरह सुरक्षित पवई तक पहुँचने का भरोसा भी दिया था। पीड़िता का आरोप है कि जब बस पवई के पास एक गड्ढे में रुकी और वह नीचे उतरीं, तो उन्होंने देखा कि उनके बैग की बगल की चेन कटी हुई थी और उसमें रखे सभी कीमती जेवर गायब थे। इस घटना के तुरंत बाद, रश्मि बागरी ने पवई थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्हें प्रतिदिन थाने बुलाकर घंटों इंतजार कराने के बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई के वापस भेज दिया। न्याय की उम्मीद में, परेशान होकर पीड़िता ने पन्ना एसपी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बस स्टाफ पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपने चोरी हुए सामान को वापस दिलाने की मांग की है। इस घटना ने बस में यात्रा करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मध्य प्रदेश के सतना जिले से पवई जा रही एक महिला के साथ बस में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। पीड़िता रश्मि बागरी ने 'जनक नंदी परिहार' बस के कंडक्टर और क्लीनर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, नागौद से पवई की यात्रा के दौरान, बस में मौजूद कंडक्टर और क्लीनर ने उन्हें अपना बैग बस के अंदर से ऊपर रखने के लिए मजबूर किया, जबकि पीड़िता ने बार-बार मना किया था कि बैग में कीमती सामान है। कंडक्टर ने उन्हें बैग पूरी तरह सुरक्षित पवई तक पहुँचने का भरोसा भी दिया था। पीड़िता का आरोप है कि जब बस पवई के पास एक गड्ढे में रुकी और वह नीचे उतरीं, तो उन्होंने देखा कि उनके बैग की बगल की चेन कटी हुई थी और उसमें रखे सभी कीमती जेवर गायब थे। इस घटना के तुरंत बाद, रश्मि बागरी ने पवई थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्हें प्रतिदिन थाने बुलाकर घंटों इंतजार कराने के बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई के वापस भेज दिया। न्याय की उम्मीद में, परेशान होकर पीड़िता ने पन्ना एसपी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बस स्टाफ पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपने चोरी हुए सामान को वापस दिलाने की मांग की है। इस घटना ने बस में यात्रा करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- स्मार्ट सिटी सतना के निवासियों के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है, जहाँ आधुनिक और प्रदूषण मुक्त परिवहन के लिए स्वीकृत 20 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी अचानक निरस्त कर दी गई है। इस निर्णय से शहर में भारी आक्रोश है। इसी आक्रोश के चलते मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए जिला कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और इसे सतना के साथ अन्याय बताया। ये बसें केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना' के तहत सतना के लिए स्वीकृत की गई थीं, जिनके संचालन के लिए नगर निगम स्तर पर तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। हालांकि, ग्वालियर में परिवहन विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद अचानक इन बसों का आवंटन रद्द कर दिया गया। अब इन बसों को भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में संचालित किया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, बसों की मंजूरी निरस्त करने के पीछे विभाग की ओर से कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, जिससे सतना की प्रस्तावित इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा फिलहाल अधर में लटक गई है।1
- सतना में हुई बारिश के कारण जिला अस्पताल परिसर में भारी जलभराव हो गया है, जिससे मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने से गंदगी फैलने और संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। इस समस्या को देखते हुए, लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।1
- उंचेहरा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति सामने आई है, जहाँ छोटा मानिकपुर में दशकों बीत जाने के बाद भी सड़कें चलने लायक नहीं बन पाई हैं। इसी तरह, मतरी पतोरा गाँव में भी नालियों का सही निर्माण न होने के कारण सड़कों पर लगातार जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।2
- मैहर के ताला थाना पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई ग्राम मुकुंदपुर के जंगल में, मुर्जुआ नदी के किनारे छिपाकर रखे गए करीब 1050 किलोग्राम महुआ लाहन को नष्ट करने के लिए की गई। पुलिस ने मौके से 70 प्लास्टिक डिब्बों में भरा लाहन बरामद किया और उसे वहीं पर नष्ट करा दिया। इस दौरान, पुलिस टीम ने ग्रामीणों को अवैध शराब के निर्माण और उसकी बिक्री से दूर रहने के लिए जागरूक भी किया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा ने इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व किया, जिसमें मुकुंदपुर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक नागेश्वर मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजभान सिंह, आरक्षक आशीष मिश्रा और सुंदरलाल शर्मा ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई।1
- मैहर स्थित माँ शारदा शक्तिपीठ में आज दिनांक 02 जुलाई 2026, गुरुवार को दिव्य प्रातःकालीन दर्शन और आरती की गई। इस पावन अवसर पर देवी माँ का विशेष दिव्य श्रंगार भी किया गया। जय माई की।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले से पवई जा रही एक महिला के साथ बस में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। पीड़िता रश्मि बागरी ने 'जनक नंदी परिहार' बस के कंडक्टर और क्लीनर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, नागौद से पवई की यात्रा के दौरान, बस में मौजूद कंडक्टर और क्लीनर ने उन्हें अपना बैग बस के अंदर से ऊपर रखने के लिए मजबूर किया, जबकि पीड़िता ने बार-बार मना किया था कि बैग में कीमती सामान है। कंडक्टर ने उन्हें बैग पूरी तरह सुरक्षित पवई तक पहुँचने का भरोसा भी दिया था। पीड़िता का आरोप है कि जब बस पवई के पास एक गड्ढे में रुकी और वह नीचे उतरीं, तो उन्होंने देखा कि उनके बैग की बगल की चेन कटी हुई थी और उसमें रखे सभी कीमती जेवर गायब थे। इस घटना के तुरंत बाद, रश्मि बागरी ने पवई थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्हें प्रतिदिन थाने बुलाकर घंटों इंतजार कराने के बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई के वापस भेज दिया। न्याय की उम्मीद में, परेशान होकर पीड़िता ने पन्ना एसपी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बस स्टाफ पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपने चोरी हुए सामान को वापस दिलाने की मांग की है। इस घटना ने बस में यात्रा करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत के निर्देश पर प्रदेशभर में चल रहे अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान के बावजूद, मैहर जिले के अमदरा थाना क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों से अवैध शराब बिक्री के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि उनके गांवों में खुलेआम शराब बेची जा रही है और इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। ग्रामीणों के अनुसार, सफेद रंग की एक बोलेरो गाड़ी के ज़रिए अलग-अलग गांवों में शराब पहुँचाई जाती है, और एक कथित वीडियो भी सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिसमें दुकानों पर शराब बिकती दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह कारोबार लंबे समय से जारी है, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे इस नेटवर्क को मिल रहे कथित संरक्षण पर सवाल उठ रहे हैं। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो आवकारी विभाग की भूमिका की निष्पक्ष जांच की माँग की गई है। जब संबंधित कंपनी के मैनेजर धीरज सिंह से इस मामले पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि उनके पास सभी आवश्यक लाइसेंस हैं। हालांकि, इस पर बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या आबकारी विभाग ने वास्तव में संबंधित कंपनी या उसके अधिकृत विक्रेताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में गांव-गांव शराब बेचने की अनुमति दी है? यदि ऐसी अनुमति नहीं है, तो फिर यह सप्लाई किस आधार पर की जा रही है, और यदि है, तो उसकी शर्तें क्या हैं? एक ओर मैहर पुलिस अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर अमदरा थाना क्षेत्र के गांवों में शराब की कथित बिक्री के ये आरोप प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहे हैं। इस पूरे मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मैहर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में यह कथित अवैध शराब कारोबार आबकारी विभाग की मिलीभगत से संचालित हो रहा है, या यह केवल स्थानीय लोगों का आरोप है। इसका जवाब निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फ़िलहाल, इस पूरे मामले की तथ्यपरक और निष्पक्ष पड़ताल जारी रहेगी। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि कहीं अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, तो उस पर कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।1