Shuru
Apke Nagar Ki App…
रंका । बघटवा खैर मोड़ के पास बाइक अनियंत्रित होकर गिरी, पिता समेत दो पुत्र गंभीर रूप से हुए घायल आज रविवार सुबह लगभग 9:00 बजे रंका से चिनिया की ओर जा रहे एक ग्रामीण परिवार के साथ सड़क हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार दरोगा लोहार अपने दो पुत्रों के साथ बाइक से चिनिया राजबंश अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान बघटवा खैर मोड़ के पास सड़क पर खेल रहे दो बच्चों को बचाने के प्रयास में उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और वे तीनों सड़क पर गिर पड़े।
Sunil singh
रंका । बघटवा खैर मोड़ के पास बाइक अनियंत्रित होकर गिरी, पिता समेत दो पुत्र गंभीर रूप से हुए घायल आज रविवार सुबह लगभग 9:00 बजे रंका से चिनिया की ओर जा रहे एक ग्रामीण परिवार के साथ सड़क हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार दरोगा लोहार अपने दो पुत्रों के साथ बाइक से चिनिया राजबंश अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान बघटवा खैर मोड़ के पास सड़क पर खेल रहे दो बच्चों को बचाने के प्रयास में उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और वे तीनों सड़क पर गिर पड़े।
More news from झारखंड and nearby areas
- गढ़वा के आश्मासन घाट के पास एक गाड़ी में आग लग गई जानकारी के अनुसार लोगों ने बताया कि इन दोनों अधिक तापमान है जिसके वजह से आग लग गई फायर विकेट गाड़ी आकर आग पर काबू पाया तब तक कार बुरी तरीका से जल गई थी1
- गढ़वा से रवि प्रकाश केशरी की रिपोर्ट!1
- सरगुजा में 20 से 22 मई तक मनाया जाएगा हजरत बाबा मुराद शाह व बाबा मोहब्बत शाह का सालाना उर्स, तैयारियां शुरू सरगुजा संभाग में हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध हजरत बाबा मुराद शाह एवं हजरत बाबा मोहब्बत शाह (रह.) का सालाना उर्स इस वर्ष 20, 21 और 22 मई 2026 को तकिया मजार शरीफ में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस तीन दिवसीय आयोजन को लेकर अंजुमन कमेटी द्वारा व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में जायरीन और श्रद्धालुओं शामिल होंगे। उर्स की शुरुआत 20 मई को शाम 4 बजे जामा मस्जिद से चादर संदल जुलूस के साथ होगी। यह जुलूस धुमाल पार्टी और आतिशबाजी के साथ निकलेगा, जिसमें सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। जुलूस तकिया मजार शरीफ पहुंचकर चादरपोशी और संदल की रस्म अदा करेगा। इसके बाद उलेमाओं द्वारा धार्मिक तकरीरें पेश की जाएंगी। उसी रात 9 बजे से आल इंडिया मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के नामचीन शायर, कवि और कवयित्रियां अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उर्स के दूसरे और तीसरे दिन यानी 21 और 22 मई को कव्वाली का भव्य मुकाबला आयोजित होगा। देशभर के मशहूर कव्वाल इसमें अपनी सूफियाना कलाम से समां बांधेंगे। अंजुमन कमेटी द्वारा विभिन्न कव्वालों को आमंत्रण भेजा जा चुका है और आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस महोत्सव में सरगुजा संभाग ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचते हैं, जिससे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन जाता है। अंजुमन कमेटी ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी सुरक्षा, यातायात, पेयजल, बिजली और सड़क व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। कार्यक्रम में हर साल की तरह इस बार भी कई मंत्री, विधायक और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। कमेटी द्वारा उन्हें आमंत्रण भेजा गया है, जिनमें से कई ने अपनी उपस्थिति की सहमति भी दे दी है। इस वर्ष उर्स के कार्यक्रम के संयोजक के रूप में अंजुमन कमेटी के सदर जनाब इरफान सिद्दीकी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमेटी ने सभी धर्मों के लोगों से इस महाकुंभ में शामिल होकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देने की अपील की है।1
- Post by SK Paswan1
- पलामू: जिले के पांडू थाना क्षेत्र अंतर्गत तीसीबार दरुआ गांव निवासी एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के प्रखंड संयोजक बाबूलाल मेहता ने स्थानीय पुलिस पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। बाबूलाल मेहता के अनुसार, उनके भाई रामलाल मेहता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह देर रात तक घर नहीं लौटे थे। इसी कारण वह उनकी तलाश में निकले थे। खोजबीन के बाद रात करीब 10 बजे घर लौटते समय वे रास्ते में नदी किनारे शौच के लिए रुके। इस दौरान सड़क की ओर से उन पर बार-बार टॉर्च की रोशनी डाली गई। विरोध करने पर, कथित रूप से मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें बाहर बुलाकर बिना किसी कारण मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया, जिसे बाद में लौटा दिया गया। साथ ही, संबंधित कर्मियों के नशे में होने का भी आरोप लगाया है। मामले को लेकर ओबीसी मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप मेहता ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में अवैध बालू खनन, शराब व अन्य माफियाओं की गतिविधियां जारी हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में पांडू थाना प्रभारी बिगेश कुमार राय ने कहा कि रात में पेट्रोलिंग टीम क्षेत्र में गई थी, लेकिन किसी के साथ मारपीट नहीं की गई है। > इधर, भुक्तभोगी के शरीर पर मौजूद चोट के निशान पूरे मामले को और गंभीर बना रहे हैं। पुलिस के इनकार से संदेह और गहरा गया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या रात में वर्दीधारी कर्मियों द्वारा ही क्षेत्र का माहौल खराब किया जा रहा है? अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना और अपनी स्थिति स्पष्ट करना प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है।2
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है… जहां एक परिवार पिछले 20 सालों से सामाजिक बहिष्कार का दर्द झेल रहा है। वजह सिर्फ इतनी कि उन्होंने कथित तौर पर ढाई सौ रुपए का सामाजिक जुर्माना नहीं भरा। अब हालात ऐसे हैं कि परिवार के बच्चों की शादी तक नहीं हो पा रही है। वीओ,01 ये मामला शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के आमगांव का है… जहां रहने वाला महाबीर प्रसाद गुप्ता का परिवार बीते दो दशकों से समाज से अलग-थलग कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि एक सामाजिक बैठक में शामिल न होने पर परिवार पर 250 रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया था… जिसे न चुकाने पर पूरे परिवार का बहिष्कार कर दिया गया। वीओ,02 समय बीतता गया… लेकिन बहिष्कार खत्म नहीं हुआ। अब इस फैसले का असर परिवार की नई पीढ़ी पर पड़ रहा है। बच्चे बड़े हो चुके हैं… लेकिन उनकी शादी की बात जहां भी चलती है, समाज से बहिष्कृत होने की खबर पहले ही पहुंच जाती है… और रिश्ते टूट जाते हैं। बाइट- महाबीर प्रसाद गुप्ता, पीड़ित बाइट-पुत्री, पीड़िता बाइट-पुत्र, पीड़ित वीओ, 03 गाँव वाले भी यह स्वीकार कर रहे हैं कि इन्हें समाज से बहिष्कृत किया गया है, पूरा परिवार 20 सालो से इस बहिष्कार का दंस झेल रहे है, पीड़ित परिवार ने समाज से विनती भी की समाज के बैठक में भी शामिल हुए पर बैठक में मोबाइल बंद कर दिया गया और उन्हें बाहर निकाल दिया गया पीड़ित द्वारा उसे दौरान का वीडियो भी बना लिया है, बाइट, रामा शंकर राम पैकरा, ग्रामीण पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत थाने में भी की… लेकिन वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब परिवार न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। कानून के जानकारों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति या परिवार का सामाजिक बहिष्कार करना गैरकानूनी माना जा सकता है… और यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में प्रशासन को हस्तक्षेप कर कार्रवाई करनी चाहिए। सवाल यह है कि आखिर 250 रुपए के विवाद ने कैसे एक पूरे परिवार की जिंदगी पर 20 साल का ग्रहण लगा दिया… और कब मिलेगा इस परिवार को न्याय? फिलहाल देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है… और क्या इस परिवार को समाज में दोबारा सम्मान के साथ जगह मिल पाएगी या नहीं।1
- गढ़वा पुरानी बाजार अस्मशान घाट के पास एक गाड़ी में उसे वक्त आग लग गई जिस समय गाड़ी मालिक गाड़ी खड़ा कर पुरानी बाजार स्थित कुछ सामान लेने गए थे आज काफी खतरनाक स्थिति में था थर्ड विकेट की गाड़ी आकर आग पर काबू पा लिया गया है आसपास के लोगों में हड़कंप मचा हुआ है1
- गढ़वा से रवि प्रकाश केशरी की रिपोर्ट!1
- Post by SK Paswan1