सरगुजा में 20 से 22 मई तक मनाया जाएगा हजरत बाबा मुराद शाह व बाबा मोहब्बत शाह का सालाना उर्स, तैयारियां शुरू सरगुजा में 20 से 22 मई तक मनाया जाएगा हजरत बाबा मुराद शाह व बाबा मोहब्बत शाह का सालाना उर्स, तैयारियां शुरू सरगुजा संभाग में हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध हजरत बाबा मुराद शाह एवं हजरत बाबा मोहब्बत शाह (रह.) का सालाना उर्स इस वर्ष 20, 21 और 22 मई 2026 को तकिया मजार शरीफ में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस तीन दिवसीय आयोजन को लेकर अंजुमन कमेटी द्वारा व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में जायरीन और श्रद्धालुओं शामिल होंगे। उर्स की शुरुआत 20 मई को शाम 4 बजे जामा मस्जिद से चादर संदल जुलूस के साथ होगी। यह जुलूस धुमाल पार्टी और आतिशबाजी के साथ निकलेगा, जिसमें सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। जुलूस तकिया मजार शरीफ पहुंचकर चादरपोशी और संदल की रस्म अदा करेगा। इसके बाद उलेमाओं द्वारा धार्मिक तकरीरें पेश की जाएंगी। उसी रात 9 बजे से आल इंडिया मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के नामचीन शायर, कवि और कवयित्रियां अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उर्स के दूसरे और तीसरे दिन यानी 21 और 22 मई को कव्वाली का भव्य मुकाबला आयोजित होगा। देशभर के मशहूर कव्वाल इसमें अपनी सूफियाना कलाम से समां बांधेंगे। अंजुमन कमेटी द्वारा विभिन्न कव्वालों को आमंत्रण भेजा जा चुका है और आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस महोत्सव में सरगुजा संभाग ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचते हैं, जिससे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन जाता है। अंजुमन कमेटी ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी सुरक्षा, यातायात, पेयजल, बिजली और सड़क व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। कार्यक्रम में हर साल की तरह इस बार भी कई मंत्री, विधायक और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। कमेटी द्वारा उन्हें आमंत्रण भेजा गया है, जिनमें से कई ने अपनी उपस्थिति की सहमति भी दे दी है। इस वर्ष उर्स के कार्यक्रम के संयोजक के रूप में अंजुमन कमेटी के सदर जनाब इरफान सिद्दीकी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमेटी ने सभी धर्मों के लोगों से इस महाकुंभ में शामिल होकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देने की अपील की है।
सरगुजा में 20 से 22 मई तक मनाया जाएगा हजरत बाबा मुराद शाह व बाबा मोहब्बत शाह का सालाना उर्स, तैयारियां शुरू सरगुजा में 20 से 22 मई तक मनाया जाएगा हजरत बाबा मुराद शाह व बाबा मोहब्बत शाह का सालाना उर्स, तैयारियां शुरू सरगुजा संभाग में हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध हजरत बाबा मुराद शाह एवं हजरत बाबा मोहब्बत शाह (रह.) का सालाना उर्स इस वर्ष 20, 21 और 22 मई 2026 को तकिया मजार शरीफ में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस तीन दिवसीय आयोजन को लेकर अंजुमन कमेटी द्वारा व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में जायरीन और श्रद्धालुओं शामिल होंगे। उर्स की शुरुआत 20 मई को शाम 4 बजे जामा मस्जिद से चादर संदल जुलूस के साथ होगी। यह जुलूस धुमाल पार्टी और आतिशबाजी के साथ निकलेगा, जिसमें सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। जुलूस तकिया मजार शरीफ पहुंचकर चादरपोशी और संदल की रस्म अदा करेगा। इसके बाद उलेमाओं द्वारा धार्मिक तकरीरें पेश की जाएंगी। उसी रात 9 बजे से आल इंडिया मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के नामचीन शायर, कवि और कवयित्रियां अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उर्स के दूसरे और तीसरे दिन यानी 21 और 22 मई को कव्वाली का भव्य मुकाबला आयोजित होगा। देशभर के मशहूर कव्वाल इसमें अपनी सूफियाना कलाम से समां बांधेंगे। अंजुमन कमेटी द्वारा विभिन्न कव्वालों को आमंत्रण भेजा जा चुका है और आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस महोत्सव में सरगुजा संभाग ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचते हैं, जिससे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन जाता है। अंजुमन कमेटी ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी सुरक्षा, यातायात, पेयजल, बिजली और सड़क व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। कार्यक्रम में हर साल की तरह इस बार भी कई मंत्री, विधायक और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। कमेटी द्वारा उन्हें आमंत्रण भेजा गया है, जिनमें से कई ने अपनी उपस्थिति की सहमति भी दे दी है। इस वर्ष उर्स के कार्यक्रम के संयोजक के रूप में अंजुमन कमेटी के सदर जनाब इरफान सिद्दीकी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमेटी ने सभी धर्मों के लोगों से इस महाकुंभ में शामिल होकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देने की अपील की है।
- सरगुजा में 20 से 22 मई तक मनाया जाएगा हजरत बाबा मुराद शाह व बाबा मोहब्बत शाह का सालाना उर्स, तैयारियां शुरू सरगुजा संभाग में हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध हजरत बाबा मुराद शाह एवं हजरत बाबा मोहब्बत शाह (रह.) का सालाना उर्स इस वर्ष 20, 21 और 22 मई 2026 को तकिया मजार शरीफ में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस तीन दिवसीय आयोजन को लेकर अंजुमन कमेटी द्वारा व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में जायरीन और श्रद्धालुओं शामिल होंगे। उर्स की शुरुआत 20 मई को शाम 4 बजे जामा मस्जिद से चादर संदल जुलूस के साथ होगी। यह जुलूस धुमाल पार्टी और आतिशबाजी के साथ निकलेगा, जिसमें सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। जुलूस तकिया मजार शरीफ पहुंचकर चादरपोशी और संदल की रस्म अदा करेगा। इसके बाद उलेमाओं द्वारा धार्मिक तकरीरें पेश की जाएंगी। उसी रात 9 बजे से आल इंडिया मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के नामचीन शायर, कवि और कवयित्रियां अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उर्स के दूसरे और तीसरे दिन यानी 21 और 22 मई को कव्वाली का भव्य मुकाबला आयोजित होगा। देशभर के मशहूर कव्वाल इसमें अपनी सूफियाना कलाम से समां बांधेंगे। अंजुमन कमेटी द्वारा विभिन्न कव्वालों को आमंत्रण भेजा जा चुका है और आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस महोत्सव में सरगुजा संभाग ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचते हैं, जिससे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन जाता है। अंजुमन कमेटी ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी सुरक्षा, यातायात, पेयजल, बिजली और सड़क व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। कार्यक्रम में हर साल की तरह इस बार भी कई मंत्री, विधायक और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। कमेटी द्वारा उन्हें आमंत्रण भेजा गया है, जिनमें से कई ने अपनी उपस्थिति की सहमति भी दे दी है। इस वर्ष उर्स के कार्यक्रम के संयोजक के रूप में अंजुमन कमेटी के सदर जनाब इरफान सिद्दीकी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमेटी ने सभी धर्मों के लोगों से इस महाकुंभ में शामिल होकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देने की अपील की है।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है… जहां एक परिवार पिछले 20 सालों से सामाजिक बहिष्कार का दर्द झेल रहा है। वजह सिर्फ इतनी कि उन्होंने कथित तौर पर ढाई सौ रुपए का सामाजिक जुर्माना नहीं भरा। अब हालात ऐसे हैं कि परिवार के बच्चों की शादी तक नहीं हो पा रही है। वीओ,01 ये मामला शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के आमगांव का है… जहां रहने वाला महाबीर प्रसाद गुप्ता का परिवार बीते दो दशकों से समाज से अलग-थलग कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि एक सामाजिक बैठक में शामिल न होने पर परिवार पर 250 रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया था… जिसे न चुकाने पर पूरे परिवार का बहिष्कार कर दिया गया। वीओ,02 समय बीतता गया… लेकिन बहिष्कार खत्म नहीं हुआ। अब इस फैसले का असर परिवार की नई पीढ़ी पर पड़ रहा है। बच्चे बड़े हो चुके हैं… लेकिन उनकी शादी की बात जहां भी चलती है, समाज से बहिष्कृत होने की खबर पहले ही पहुंच जाती है… और रिश्ते टूट जाते हैं। बाइट- महाबीर प्रसाद गुप्ता, पीड़ित बाइट-पुत्री, पीड़िता बाइट-पुत्र, पीड़ित वीओ, 03 गाँव वाले भी यह स्वीकार कर रहे हैं कि इन्हें समाज से बहिष्कृत किया गया है, पूरा परिवार 20 सालो से इस बहिष्कार का दंस झेल रहे है, पीड़ित परिवार ने समाज से विनती भी की समाज के बैठक में भी शामिल हुए पर बैठक में मोबाइल बंद कर दिया गया और उन्हें बाहर निकाल दिया गया पीड़ित द्वारा उसे दौरान का वीडियो भी बना लिया है, बाइट, रामा शंकर राम पैकरा, ग्रामीण पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत थाने में भी की… लेकिन वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब परिवार न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। कानून के जानकारों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति या परिवार का सामाजिक बहिष्कार करना गैरकानूनी माना जा सकता है… और यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में प्रशासन को हस्तक्षेप कर कार्रवाई करनी चाहिए। सवाल यह है कि आखिर 250 रुपए के विवाद ने कैसे एक पूरे परिवार की जिंदगी पर 20 साल का ग्रहण लगा दिया… और कब मिलेगा इस परिवार को न्याय? फिलहाल देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है… और क्या इस परिवार को समाज में दोबारा सम्मान के साथ जगह मिल पाएगी या नहीं।1
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- गढ़वा थाना में विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी जी के विरोध पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने एक मामला दर्ज करते हुए कहा कि सार्वजनिक रूप से विधायक जी मेरा राजनीतिक छवि खराब करने में लगे हुए हैं1
- गांधीनगर थाना प्रभारी के संरक्षण में चल रहा जुआ का कारोबार?, जुवारियों की पहली पसंद बन रही गांधीनगर थाना क्षेत्र सरगुजा अंबिकापुर में लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा हैँ आए दिन यहाँ कुछ ना कुछ घटना घटते रहती हैँ जो की आम नागरिकों से छूपा नहीं हैँ। इसी क्रम में एक मामला सामने आया हैँ की गांधीनगर थाना क्षेत्र में लगातार जुवारियों का हौसला बुलंद हैँ इनके मन की अगर बात की जाए तों यह जुवारियों की पहली पसंद गांधीनगर थाना क्षेत्र माना जा सकता हैँ। विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चिखलाडीह में जुवारियों के द्वारा बाकायदा तम्बू लगाकर खुलेआम जुआ खेला जा रहा हैँ जिसपर किसी प्रकार की कार्यवाही सम्बंधित थाना प्रभारी के द्वारा नहीं की जा रही हैँ। अब इन तमाम जुवारियों पर प्रभारी महोदय के द्वारा कार्यवाही ना करना एवं अपना आशीर्वाद बनाते हुए संरक्षण प्रदान करने के पीछे का कारण क्या हैँ यह तों थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी महोदय ही जान सकते हैँ. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अंबिकापुर एक ऐसा स्थल बन गया हैँ जहाँ अंतर्राजिय जुवारियों का जमावड़ा लगने लगा हैँ एवं लाखों रूपए के फर बड़े आराम से निडर होकर सजी रहे हैँ। सरगुजा संभाग जहाँ सरगुजा रेंज आईजी की भी मौजूदगी हैँ उनके नाक के निचे गांधीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चिखलाडीह में खुलेआम बेखौफ होकर जुआ खेलना एवं सम्बंधित थाना के द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही ना करना अत्यंत गंभीर मुद्धा माना जा सकता हैँ। अब देखने वाली बात यह हैँ की उक्त मामले में पुलिस विभाग के उच्चधिकारी क्या कार्यवाही करते हैँ या फिर कार्यवाही होती भी हैँ की नहीं यह भी विचारणीय बात हैँ क्योंकि सम्बंधित जुवारियों के द्वारा बेखौफ होकर जिस प्रकार तम्बू लगा जुआ खेला जा रहा हैँ उसी यह माना जा सकता हैँ की सम्बंधित थाना प्रभारी का संरक्षण प्राप्त होगा?1
- नरेन्द्र मोदी जी जुबानी हमले झाल मुरही ने भी कुछ लोगों को छन्नाटेदार चटका दिया है1
- ब्रेकिंग बलरामपुर बलरामपुर के विकासखंड रामचंद्रपुर में भीषण आग पण्डो परिवार का आशियाना जलकर राख ग्राम चूना पत्थर में बीती रात पुरनलाल पण्डो के घर में लगी आग, बाल-बाल बचे पाँच सदस्य। शॉर्ट सर्किट की आशंका घर के साथ 10 बोरी धान, 8 बोरी गेहूं और सरसों का भंडार जलकर स्वाहा हुआ सोते समय बिस्तर पर अंगारे गिरने से खुली नींद ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित निकाले गए बच्चे और परिजन... पिता के साये के बिना बड़ी मुश्किल से बनाया था घर, अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हुआ परिवार.. पूरा मामला बलरामपुर जिले के चूना पत्थर गांव का है1