पटना जंक्शन पर बेरोजगार युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा, जिसे केवल हंगामा कहकर नहीं टाला जा सकता। यह उन लाखों युवाओं की पीड़ा और बेबसी की तस्वीर है जो एक नौकरी की उम्मीद में रात-रात भर सफर करने को मजबूर हैं। मद्य निषेध विभाग की परीक्षा देने के लिए दूर-दराज से हजारों अभ्यर्थी पटना पहुंचे थे, लेकिन स्टेशन पर पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था न होने और कई ट्रेनों के घंटों लेट होने के कारण उनका सब्र टूट गया। स्थिति बिगड़ने पर वहां हंगामा, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवा में फायरिंग की, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। अभ्यर्थियों को भी इस दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह घटना व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या हर बार बेरोजगार युवाओं को ही इसकी विफलता का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और क्या उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की बुनियादी सुविधा भी नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि युवाओं का गुस्सा गलत हो सकता है, लेकिन बेरोजगारी, अव्यवस्था और लगातार बढ़ती परेशानियों से उपजे उनके आक्रोश और पीड़ा को अनसुना नहीं किया जा सकता, जो अब सड़कों और स्टेशनों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है।
पटना जंक्शन पर बेरोजगार युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा, जिसे केवल हंगामा कहकर नहीं टाला जा सकता। यह उन लाखों युवाओं की पीड़ा और बेबसी की तस्वीर है जो एक नौकरी की उम्मीद में रात-रात भर सफर करने को मजबूर हैं। मद्य निषेध विभाग की परीक्षा देने के लिए दूर-दराज से हजारों अभ्यर्थी पटना पहुंचे थे, लेकिन स्टेशन पर पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था न होने और कई ट्रेनों के घंटों लेट होने के कारण उनका सब्र टूट गया। स्थिति बिगड़ने पर वहां हंगामा, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवा में फायरिंग की, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। अभ्यर्थियों को भी इस दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह घटना व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या हर बार बेरोजगार युवाओं को ही इसकी विफलता का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और क्या उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की बुनियादी सुविधा भी नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि युवाओं का गुस्सा गलत हो सकता है, लेकिन बेरोजगारी, अव्यवस्था और लगातार बढ़ती परेशानियों से उपजे उनके आक्रोश और पीड़ा को अनसुना नहीं किया जा सकता, जो अब सड़कों और स्टेशनों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है।
- पटना जंक्शन पर बेरोजगार युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा, जिसे केवल हंगामा कहकर नहीं टाला जा सकता। यह उन लाखों युवाओं की पीड़ा और बेबसी की तस्वीर है जो एक नौकरी की उम्मीद में रात-रात भर सफर करने को मजबूर हैं। मद्य निषेध विभाग की परीक्षा देने के लिए दूर-दराज से हजारों अभ्यर्थी पटना पहुंचे थे, लेकिन स्टेशन पर पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था न होने और कई ट्रेनों के घंटों लेट होने के कारण उनका सब्र टूट गया। स्थिति बिगड़ने पर वहां हंगामा, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवा में फायरिंग की, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। अभ्यर्थियों को भी इस दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह घटना व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या हर बार बेरोजगार युवाओं को ही इसकी विफलता का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और क्या उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की बुनियादी सुविधा भी नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि युवाओं का गुस्सा गलत हो सकता है, लेकिन बेरोजगारी, अव्यवस्था और लगातार बढ़ती परेशानियों से उपजे उनके आक्रोश और पीड़ा को अनसुना नहीं किया जा सकता, जो अब सड़कों और स्टेशनों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है।1
- समस्तीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के दिनमनपुर दक्षिणी पंचायत के वार्ड संख्या 8 स्थित खतुआहा गांव में शनिवार सुबह एक दुखद घटना में 19 वर्षीय दिव्यांग युवक की पोखर में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान संतोष राम के पुत्र मुन्ना कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मुन्ना कुमार शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे खतुआहा चौर स्थित पोखर में अपनी भैंस धोने गया था, तभी वह गहरे पानी में चला गया। जन्म से ही एक हाथ और एक पैर से दिव्यांग होने के कारण वह पानी से बाहर नहीं निकल सका और डूब गया। स्थानीय लोगों ने उसे डूबते देखा तो शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद युवक को पानी से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष शिवपूजन कुमार और अपर थानाध्यक्ष पूनम कुमारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, समस्तीपुर भेज दिया। इस संबंध में अंचल अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। घटना के बाद स्थानीय मुखिया गोविंद पासवान, सरपंच लाल बाबू पासवान, समाजसेवी धनंजय कुमार झा समेत कई गणमान्य लोगों ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग की है।1
- समस्तीपुर के मुफ्फसील थाना क्षेत्र के पोखरैरा वार्ड 13 में आयोजित एक मृत्यु भोज में खूनी संघर्ष की घटना सामने आई है। यह विवाद खाने को लेकर शुरू हुआ, जिसमें एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाईयों पर घातक हमला किया।1
- पटना जंक्शन पर ट्रेनें लेट होने और पर्याप्त ट्रेनों की अनुपलब्धता के कारण यात्रियों ने हंगामा किया।1
- समस्तीपुर के हलई थाना क्षेत्र से पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिलें काटकर बेचने वाले एक गिरोह को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया है, जिसमें एक हंटर बुलेट मोटरसाइकिल के खुले हुए पुर्जे शामिल हैं – उसके दोनों चक्के, सीट, टंकी और अन्य कई भाग अलग किए हुए पाए गए। इसके साथ ही, दो ओप्पो कंपनी के मोबाइल फोन, एक टेक्नो कंपनी का मोबाइल फोन, दो खुले हुए मोबाइल फोन, एक 500GB का हार्ड डिस्क, एक माइक का ओटीजी और एक रिचार्जेबल लिथियम आयन बैटरी भी जब्त की गई है। इस मामले में, हलई थाना कांड संख्या 103/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई का खुलासा डीएसपी वीरेंद्र कुमार मेधावी ने किया।1
- समस्तीपुर जिले की मोहनपुर थाना पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिला तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कुल 36 लीटर विदेशी शराब और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ये दोनों महिलाएं काले रंग के पिट्ठू बैग में शराब छिपाकर ले जा रही थीं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 13 जून को मोहनपुर थानाध्यक्ष को एक गुप्त सूचना मिली थी कि दो महिलाएं विदेशी शराब की एक खेप लेकर गुजरने वाली हैं। इस सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने हरे रंग और पीले रंग की साड़ी पहने दो महिलाओं को संदिग्ध अवस्था में देखा, जो अपने-अपने काले पिट्ठू बैग ले जा रही थीं। पुलिस द्वारा रोके जाने और तलाशी लेने पर उनके बैग से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। पकड़ी गई महिलाओं की पहचान मोहनपुर थाना क्षेत्र के दुबौली निवासी 27 वर्षीय साबो देवी और उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद के आजीमनगर थाना क्षेत्र के ककरौआ वार्ड संख्या-12 निवासी 26 वर्षीय अफीला कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान, साबो देवी के बैग से ऑफिसर चॉइस ओरिजिनल व्हिस्की की 180 एमएल वाली 90 बोतलें तथा फ्रूटी की 162 बोतलों में कुल 16.20 लीटर विदेशी शराब मिली। वहीं, अफीला कुमारी के बैग से इसी ब्रांड की 110 बोतलें और फ्रूटी पैक में 19.80 लीटर शराब बरामद की गई, जिससे कुल 36 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। इस संबंध में मोहनपुर थाना में कांड संख्या 100/26 दर्ज कर बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद (संशोधन) अधिनियम 2022 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब इन दोनों महिलाओं के आपराधिक इतिहास और शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि जिले में शराब तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- दरभंगा के बहादुरपुर अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान पुलिस बल की कमी का मामला सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कमी के कारण भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई और व्यवस्था बनाए रखने में बाधाएँ आ रही हैं। अंचलाधिकारी ने बताया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत हर शनिवार को जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, जहाँ बहादुरपुर क्षेत्र के आठ थानों से आने वाले भूमि विवाद के मामलों की सुनवाई होती है। हाल ही में आयोजित जनता दरबार में लगभग 300 से 400 लोग अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे थे। पर्याप्त पुलिस बल न होने से जहाँ एक ओर व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाई हो रही है, वहीं कई बार एक पक्ष के आने और दूसरे पक्ष के अनुपस्थित रहने से मामलों के निष्पादन में भी दिक्कतें आती हैं। सीओ का यह भी कहना है कि यदि पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध हो, तो जनता दरबार को और बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार, राज्य सरकार द्वारा संचालित अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं से अलग है और इसका मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समाधान करना है। शनिवार को कुल छह मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से कुछ का आपसी सहमति से और शेष का विधि सम्मत तरीके से निपटारा किया गया।1
- बिहार पुलिस के मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का यह आक्रोश पर्याप्त ट्रेन व्यवस्था न होने के कारण था। इस दौरान, गुस्साई भीड़ ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोक दिया, साथ ही पथराव भी किया और एक एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ भी की।1