दरभंगा के बहादुरपुर अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान पुलिस बल की कमी का मामला सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कमी के कारण भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई और व्यवस्था बनाए रखने में बाधाएँ आ रही हैं। अंचलाधिकारी ने बताया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत हर शनिवार को जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, जहाँ बहादुरपुर क्षेत्र के आठ थानों से आने वाले भूमि विवाद के मामलों की सुनवाई होती है। हाल ही में आयोजित जनता दरबार में लगभग 300 से 400 लोग अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे थे। पर्याप्त पुलिस बल न होने से जहाँ एक ओर व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाई हो रही है, वहीं कई बार एक पक्ष के आने और दूसरे पक्ष के अनुपस्थित रहने से मामलों के निष्पादन में भी दिक्कतें आती हैं। सीओ का यह भी कहना है कि यदि पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध हो, तो जनता दरबार को और बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार, राज्य सरकार द्वारा संचालित अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं से अलग है और इसका मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समाधान करना है। शनिवार को कुल छह मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से कुछ का आपसी सहमति से और शेष का विधि सम्मत तरीके से निपटारा किया गया।
दरभंगा के बहादुरपुर अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान पुलिस बल की कमी का मामला सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कमी के कारण भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई और व्यवस्था बनाए रखने में बाधाएँ आ रही हैं। अंचलाधिकारी ने बताया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत हर शनिवार को जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, जहाँ बहादुरपुर क्षेत्र के आठ थानों से आने वाले भूमि विवाद के मामलों की सुनवाई होती है। हाल ही में आयोजित जनता दरबार में लगभग 300 से 400 लोग अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे थे। पर्याप्त पुलिस बल न होने से जहाँ एक ओर व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाई हो रही है, वहीं कई बार एक पक्ष के आने और दूसरे पक्ष के अनुपस्थित रहने से मामलों के निष्पादन में भी दिक्कतें आती हैं। सीओ का यह भी कहना है कि यदि पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध हो, तो जनता दरबार को और बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार, राज्य सरकार द्वारा संचालित अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं से अलग है और इसका मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समाधान करना है। शनिवार को कुल छह मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से कुछ का आपसी सहमति से और शेष का विधि सम्मत तरीके से निपटारा किया गया।
- दरभंगा के बहादुरपुर अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान पुलिस बल की कमी का मामला सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कमी के कारण भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई और व्यवस्था बनाए रखने में बाधाएँ आ रही हैं। अंचलाधिकारी ने बताया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत हर शनिवार को जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, जहाँ बहादुरपुर क्षेत्र के आठ थानों से आने वाले भूमि विवाद के मामलों की सुनवाई होती है। हाल ही में आयोजित जनता दरबार में लगभग 300 से 400 लोग अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे थे। पर्याप्त पुलिस बल न होने से जहाँ एक ओर व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाई हो रही है, वहीं कई बार एक पक्ष के आने और दूसरे पक्ष के अनुपस्थित रहने से मामलों के निष्पादन में भी दिक्कतें आती हैं। सीओ का यह भी कहना है कि यदि पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध हो, तो जनता दरबार को और बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार, राज्य सरकार द्वारा संचालित अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं से अलग है और इसका मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समाधान करना है। शनिवार को कुल छह मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से कुछ का आपसी सहमति से और शेष का विधि सम्मत तरीके से निपटारा किया गया।1
- 9 जून 2026 को दरभंगा में अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और किसान महासभा के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों गरीब, वासहीन और भूमिहीनों ने एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च पोलो मैदान धरना स्थल से शुरू होकर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने एनएच-27 स्थित मब्बी इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर चक जमाल बाजार समिति के किनारे बरसों से बसे परिवारों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, साथ ही बुल्डोजर कार्रवाई बंद करने और सभी वासहीनों को 5 डिसमिल जमीन व पक्का मकान उपलब्ध कराने की जोरदार नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा ने सरकार पर दलितों और गरीबों के आशियाने पर बुल्डोजर चलाने का आरोप लगाया और कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुरजोर मांग की कि जिन भूमिहीनों के पास सरकारी पर्चा है, उन्हें तुरंत जमीन पर दखल-कब्जा दिलाया जाए, और सरकार को पहले बसाने फिर हटाने की नीति अपनानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, धीरेन्द्र झा ने सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक को अविलंब वापस लेने और किसानों का मालिकाना हक बहाल करने की भी मांग की। मार्च का नेतृत्व भाकपा माले और खेग्रामस के नेता अभिषेक कुमार, सत्यनारायण पासवान, शनिचरी देवी, पप्पू कुमार पासवान और हरि पासवान संयुक्त रूप से कर रहे थे। नेताओं ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि बिना उचित पुनर्वास के गरीबों को उनके घरों से उजाड़ा गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अशोक पासवान, विश्वनाथ पासवान, पप्पू खां, अवधेश कुमार सिंह, विनोद सिंह, सुमित्रा देवी और जमाल उद्दीन सहित कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे।1
- पटना जंक्शन पर ट्रेनें लेट होने और पर्याप्त ट्रेनों की अनुपलब्धता के कारण यात्रियों ने हंगामा किया।1
- समस्तीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के दिनमनपुर दक्षिणी पंचायत के वार्ड संख्या 8 स्थित खतुआहा गांव में शनिवार सुबह एक दुखद घटना में 19 वर्षीय दिव्यांग युवक की पोखर में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान संतोष राम के पुत्र मुन्ना कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मुन्ना कुमार शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे खतुआहा चौर स्थित पोखर में अपनी भैंस धोने गया था, तभी वह गहरे पानी में चला गया। जन्म से ही एक हाथ और एक पैर से दिव्यांग होने के कारण वह पानी से बाहर नहीं निकल सका और डूब गया। स्थानीय लोगों ने उसे डूबते देखा तो शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद युवक को पानी से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष शिवपूजन कुमार और अपर थानाध्यक्ष पूनम कुमारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, समस्तीपुर भेज दिया। इस संबंध में अंचल अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। घटना के बाद स्थानीय मुखिया गोविंद पासवान, सरपंच लाल बाबू पासवान, समाजसेवी धनंजय कुमार झा समेत कई गणमान्य लोगों ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग की है।1
- दरभंगा में एक शोरूम मैनेजर की निर्मम हत्या के बाद राजद के एक नेता ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। नेता ने इस घटना पर बयान देते हुए कहा कि क्षेत्र में हत्या और बलात्कार की वारदातें रोज़ाना हो रही हैं, और इसके लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया।1
- पटना जंक्शन पर बेरोजगार युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा, जिसे केवल हंगामा कहकर नहीं टाला जा सकता। यह उन लाखों युवाओं की पीड़ा और बेबसी की तस्वीर है जो एक नौकरी की उम्मीद में रात-रात भर सफर करने को मजबूर हैं। मद्य निषेध विभाग की परीक्षा देने के लिए दूर-दराज से हजारों अभ्यर्थी पटना पहुंचे थे, लेकिन स्टेशन पर पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था न होने और कई ट्रेनों के घंटों लेट होने के कारण उनका सब्र टूट गया। स्थिति बिगड़ने पर वहां हंगामा, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवा में फायरिंग की, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। अभ्यर्थियों को भी इस दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह घटना व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या हर बार बेरोजगार युवाओं को ही इसकी विफलता का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और क्या उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की बुनियादी सुविधा भी नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि युवाओं का गुस्सा गलत हो सकता है, लेकिन बेरोजगारी, अव्यवस्था और लगातार बढ़ती परेशानियों से उपजे उनके आक्रोश और पीड़ा को अनसुना नहीं किया जा सकता, जो अब सड़कों और स्टेशनों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है।1
- समस्तीपुर जिले के खतुआहा गांव में एक युवक की गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।1
- पाटलिपुत्र में अभी-अभी एक छात्र का निधन हो गया है। इस घटना को लोग देख सकते हैं।1