गयाजी मगध मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल और मैस की समस्या को लेकर छात्रों में आक्रोश। गयाजी मगध मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल और मैस की समस्या को लेकर छात्रों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। कॉलेज परिसर में छात्रों ने मार्च निकालकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का साफ कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। बल्कि कई सालों से उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि 2022 के बाद से एडमिशन लेने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स को हॉस्टल अलॉट ही नहीं किया गया। मजबूरी में उन्हें बाहर रहना पड़ रहा है। बाहर रहना न सिर्फ महंगा पड़ रहा है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बना हुआ है। छात्रों ने कहा कि कई बार बाहर रहने के दौरान हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं है। छात्राओं ने कहा- हमें सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा छात्राओं की परेशानी और ज्यादा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उनकी ड्यूटी लगती है। कई बार देर रात तक काम करना पड़ता है। ऐसे में बाहर से आना-जाना काफी असुरक्षित लगता है। डर के साये में रहना पड़ता है। इसके बावजूद कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया। सीनियर छात्रों ने भी जूनियर्स का समर्थन किया। उनका कहना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल और मैस जैसी सुविधा बेसिक होती है। लेकिन यहां स्थिति उलटी है। 2022 से लेकर 2025 तक के छात्रों को अब तक हॉस्टल नहीं मिला। जो पुराने हॉस्टल हैं, उनकी हालत भी जर्जर है। छात्र जैसे-तैसे वहां रह रहे हैं। स्टूडेंट्स बोले- कॉलेज मैनेजमेंट से कई बार शिकायत की, सिर्फ आश्वासन मिला छात्रों का आरोप है कि कई बार मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन से शिकायत की गई। हर बार आश्वासन मिला, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। इसी से नाराज होकर अब छात्रों ने सड़क पर उतरने का फैसला लिया है। आंदोलन कर रहे छात्रों ने साफ कहा कि जब तक हॉस्टल और मैस की सुविधा बहाल नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे अलग-अलग तरीके से विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
गयाजी मगध मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल और मैस की समस्या को लेकर छात्रों में आक्रोश। गयाजी मगध मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल और मैस की समस्या को लेकर छात्रों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। कॉलेज परिसर में छात्रों ने मार्च निकालकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का साफ कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। बल्कि कई सालों से उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि 2022 के बाद से एडमिशन लेने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स को हॉस्टल अलॉट ही नहीं किया गया। मजबूरी में उन्हें बाहर रहना पड़ रहा है। बाहर रहना न सिर्फ महंगा पड़ रहा है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बना हुआ है। छात्रों ने कहा कि कई बार बाहर रहने के दौरान हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं है। छात्राओं ने कहा- हमें सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा छात्राओं की परेशानी और ज्यादा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उनकी ड्यूटी लगती है। कई बार देर रात तक काम करना पड़ता है। ऐसे में बाहर से आना-जाना काफी असुरक्षित लगता है। डर के साये में रहना पड़ता है। इसके बावजूद कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया। सीनियर छात्रों ने भी जूनियर्स का समर्थन किया। उनका कहना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल और मैस जैसी सुविधा बेसिक होती है। लेकिन यहां स्थिति उलटी है। 2022 से लेकर 2025 तक के छात्रों को अब तक हॉस्टल नहीं मिला। जो पुराने हॉस्टल हैं, उनकी हालत भी जर्जर है। छात्र जैसे-तैसे वहां रह रहे हैं। स्टूडेंट्स बोले- कॉलेज मैनेजमेंट से कई बार शिकायत की, सिर्फ आश्वासन मिला छात्रों का आरोप है कि कई बार मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन से शिकायत की गई। हर बार आश्वासन मिला, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। इसी से नाराज होकर अब छात्रों ने सड़क पर उतरने का फैसला लिया है। आंदोलन कर रहे छात्रों ने साफ कहा कि जब तक हॉस्टल और मैस की सुविधा बहाल नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे अलग-अलग तरीके से विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
- गयाजी मगध मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल और मैस की समस्या को लेकर छात्रों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। कॉलेज परिसर में छात्रों ने मार्च निकालकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का साफ कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। बल्कि कई सालों से उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि 2022 के बाद से एडमिशन लेने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स को हॉस्टल अलॉट ही नहीं किया गया। मजबूरी में उन्हें बाहर रहना पड़ रहा है। बाहर रहना न सिर्फ महंगा पड़ रहा है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बना हुआ है। छात्रों ने कहा कि कई बार बाहर रहने के दौरान हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं है। छात्राओं ने कहा- हमें सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा छात्राओं की परेशानी और ज्यादा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उनकी ड्यूटी लगती है। कई बार देर रात तक काम करना पड़ता है। ऐसे में बाहर से आना-जाना काफी असुरक्षित लगता है। डर के साये में रहना पड़ता है। इसके बावजूद कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया। सीनियर छात्रों ने भी जूनियर्स का समर्थन किया। उनका कहना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल और मैस जैसी सुविधा बेसिक होती है। लेकिन यहां स्थिति उलटी है। 2022 से लेकर 2025 तक के छात्रों को अब तक हॉस्टल नहीं मिला। जो पुराने हॉस्टल हैं, उनकी हालत भी जर्जर है। छात्र जैसे-तैसे वहां रह रहे हैं। स्टूडेंट्स बोले- कॉलेज मैनेजमेंट से कई बार शिकायत की, सिर्फ आश्वासन मिला छात्रों का आरोप है कि कई बार मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन से शिकायत की गई। हर बार आश्वासन मिला, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। इसी से नाराज होकर अब छात्रों ने सड़क पर उतरने का फैसला लिया है। आंदोलन कर रहे छात्रों ने साफ कहा कि जब तक हॉस्टल और मैस की सुविधा बहाल नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे अलग-अलग तरीके से विरोध दर्ज कराते रहेंगे।1
- Post by जन सेवक1
- भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर भाजपा नेता डॉक्टर मनीष पंकज मिश्रा ने अपने आवास सहित शाहमीर तकिया रविदास टोला में पार्टी का झंडा फहराकर स्थापना दिवस मनाया तथा बच्चों को कॉपी ,कलम ,मिठाई बाटकर बच्चो को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।इस अवसरपरउन्होंने पार्टी के इतिहास ,और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। डॉ मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना वर्ष 1980 में महान नेता और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेई सहित अनेक राष्ट्रवादी नेताओं के प्रयास से हुई थी। उन्होंने बताया कि पार्टी ने अपने स्थापना काल से ही राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास को अपना मूल मंत्र बनाया है। भाजपा ने देश की राजनीति में एक नई दिशा प्रदान की और आज यह संगठन विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित हो चुका है।उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मेहनत तथा जनता के विश्वास के कारण पार्टी निरंतर आगे बढ़ती रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में देश ने सुशासन और विकास का नया दौर देखा। वर्तमान में देश के प्रधानमंत्रीश्री नरेंद्र भाई मोदीके नेतृत्व में भारत विश्व स्तर पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, आधारभूत संरचना, डिजिटल तकनीक, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भर भारत जैसे अनेक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। आज कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तथा कई राज्यों में सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार चल रही है।उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी कीविचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करें। स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने देश के उज्ज्वल भविष्य, संगठन की मजबूती और समाज के सर्वांगीणविकास के लिए सभी कार्यकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। आज स्थापना दिवस पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता,संतोष ठाकुर,गोपाल प्रसाद यादव, राणा रंजीत सिंह, वार्ड पार्षद राजीव कुमार सिन्हा,विजय प्रसाद उर्फ काला नाग,मंटू कुमार,महेश यादव,बबलू गुप्ता,सुनील रविदास,दारा रविदास,प्रदीप,शंकर,अनिल, बुलाकी, शिवनी देवी,सुमित्रा देवी,मीना देवी,सुनीता देवी सहित सैकड़ों की संख्या में उपस्थित होकर स्थापना दिवस मनाया।1
- गया शहर के वार्ड 44 के महादलित टोला खजुरिया रोड़ में मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के अंतर्गत लगभग 1 करोड़ 14 लाख की लागत से खजुरिया रोड में पथ एवं नाली का निर्माण कार्य जारी है। यह रोड का स्थिति इतना जर्जर था कि लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। यहां पर किसी समय दो पहिया वाहन टोटो रिक्शा आदि दुर्घटनाग्रस्त हो जाता था। इस रोड बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना नहीं पड़ेगा।रोड निर्माण कार्य शुरू होने से लोगो में खुशी का लहर।1
- गयाजी शहर के केदारनाथ मार्केट, गया नगर निगम परिसर स्थित देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा स्थल पर फल- सब्जियों के बोरियों, कार्टून, गंदगी का ढेर एवं उनके नाम पर बने जवाहर टाउन हॉल जो गया नगर निगम का सहित कई चीजों का स्टोर बना हुआ है, जहां पहले शहर के सभी मुख्य कार्यक्रम आयोजित होते थे। दुसरी ओर गयाजी शहर के सबसे भी आई पी इलाका अनुग्रह पूरी कॉलोनी आशा सिंह मोड़ स्थित देश के प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर बने इंदिरा गाँधी इंडोर स्टेडियम पूरी तरह जर्जर हो गया है, वहां इंदिरा गांधी की प्रतिमा को गंदे कपड़े से ओढ़ा कर जर्जर भवन में गंदगी में रखा हुआ है । बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कॉंग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, विशाल कुमार, टिंकू गिरी, धर्मेंद्र कुमार निराला, विशाल कुमार, शिव कुमार चौरसिया, सुनील कुमार पासवान, आदि ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं गयावासियों के लगातार मांग के बाद भी आधुनिक भारत के निर्माता देश के प्रथम प्रधानमंत्री का प्रतिमा एवं जवाहर टाउन हॉल तथा इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का जीर्णोद्धार राज्य सरकार,स्थानीय प्रशासन, गया नगर निगम द्वारा नहीं करने से गयाजी वासियों में भयानक आक्रोश है । नेताओं ने राज्य सरकार एवं गया नगर निगम से सवाल पूछा है कि आखिर देश के दो- दो प्रधानमंत्रियों की प्रतिमा एवं उनके नाम पर बने संस्थानों की इतनी घोर उपेक्षा क्यों किया जा रहा है। नेताओं ने सरकार एवं जिला प्रशासन से अविलंब दोनों प्रतिमा स्थलों को बेहतर बनाने तथा जवाहर टाउन हॉल एवं इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का जीर्णोद्धार कराने की मांग दोहराई है। भवदीय विजय कुमार मिट्ठू1
- असम में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह पारंपरिक धनुष-बाण से तीर चलाते दिख रहे हैं. तीर के कमान से छूटते ही राहुल गांधी का रिएक्शन खूब वायरल हो रहा है.1
- Post by Pawan Raj1
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