बरसात और तेज हवा में क्षतिग्रस्त हुआ नेवास का आरसी सेंटर, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल गोरखपुर। पाली क्षेत्र की ग्राम सभा नेवास में निर्मित आरसी सेंटर (रूरल कलेक्शन सेंटर) का टीन शेड तेज बारिश और आंधी के दौरान उड़कर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने और जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में हुई तेज बारिश और आंधी के दौरान आरसी सेंटर का टीन शेड अपनी जगह से उखड़ गया। इससे भवन को नुकसान पहुंचा और केंद्र की उपयोगिता प्रभावित हो गई। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप हुआ होता, तो सामान्य बारिश और तेज हवा में इस प्रकार का नुकसान नहीं होता। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि क्षेत्र में तेज बारिश के साथ आंधी भी आई थी, जिसके कारण टीन शेड उड़ गया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरसी सेंटर के निर्माण में कहीं न कहीं कमी रही होगी, जिसकी वजह से टीन शेड टिक नहीं सका। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने, दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा आरसी सेंटर की शीघ्र मरम्मत कराकर इसे सुरक्षित और उपयोगी बनाने की मांग की है।
बरसात और तेज हवा में क्षतिग्रस्त हुआ नेवास का आरसी सेंटर, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल गोरखपुर। पाली क्षेत्र की ग्राम सभा नेवास में निर्मित आरसी सेंटर (रूरल कलेक्शन सेंटर) का टीन शेड तेज बारिश और आंधी के दौरान उड़कर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने और जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में हुई तेज बारिश और आंधी के दौरान आरसी सेंटर का टीन शेड अपनी जगह से उखड़ गया। इससे भवन को नुकसान पहुंचा और केंद्र की उपयोगिता प्रभावित हो गई। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के
मानकों के अनुरूप हुआ होता, तो सामान्य बारिश और तेज हवा में इस प्रकार का नुकसान नहीं होता। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि क्षेत्र में तेज बारिश के साथ आंधी भी आई थी, जिसके कारण टीन शेड उड़ गया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरसी सेंटर के निर्माण में कहीं न कहीं कमी रही होगी, जिसकी वजह से टीन शेड टिक नहीं सका। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने, दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा आरसी सेंटर की शीघ्र मरम्मत कराकर इसे सुरक्षित और उपयोगी बनाने की मांग की है।
- सहजनवा विकासखंड के नरौली गांव में मनरेगा के तहत कराए गए गोरखपुर: सहजनवा विकासखंड के नरौली गांव में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों की दोबारा जांच की गई। पहले की जांच रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज होने के बाद अधिकारियों की टीम एक बार फिर मौके पर पहुंची और करीब घंटों तक छह विकास कार्यों की नाप-जोख कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे और टीम ने कार्यों की गुणवत्ता व मापदंडों का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में कुछ खामियां मिलने के बाद संबंधित मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- सहजनवा बाल विकास परियोजना कार्यालय में मुख्य सेविका यशवंता देवी को भावभीनी विदाई, नम आंखों से दी गई शुभकामनाएं सहजनवा बाल विकास परियोजना कार्यालय में मुख्य सेविका यशवंता देवी को भावभीनी विदाई, नम आंखों से दी गई शुभकामनाएं सहजनवा, गोरखपुर। बाल विकास परियोजना कार्यालय सहजनवा में शुक्रवार को मुख्य सेविका यशवंता देवी के विदाई अवसर पर भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीपीओ ऋचा पांडेय ने कहा कि यशवंता देवी ने अपने कार्यकाल के दौरान पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया। उनका सहज, सरल और सहयोगी स्वभाव सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उन्होंने नव नियुक्त मुख्य सेविकाओं का मार्गदर्शन कर उन्हें कार्य के प्रति दक्ष बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया गया कि यशवंता देवी वर्ष 2019 से बाल विकास परियोजना कार्यालय सहजनवा में मुख्य सेविका के रूप में कार्यरत थीं। इससे पूर्व उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं और पदोन्नति के बाद मुख्य सेविका बनीं। अपने उत्कृष्ट कार्य, अनुशासन और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण वे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं विभागीय कर्मचारियों के बीच काफी लोकप्रिय रहीं। विदाई समारोह के दौरान सीडीपीओ सहित समस्त कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उनके साथ बिताए गए अनुभव साझा किए। भावुक माहौल में सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सीडीपीओ ऋचा पांडेय, मुख्य सेविका सरिता यादव, साधना सिंह, प्रियदर्शिनी, पूजा, संजली जायसवाल, कार्यालय सहायक शैलेंद्र, धर्मदेव यादव, बीपीएम अनिल मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुष्पा शुक्ला, कंचनपति, रीना यादव, इंदु शुक्ला, मधु सिंह, सावित्री देवी, निर्मला देवी, पद्मावती शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं। समारोह का समापन यशवंता देवी के सम्मान में तालियों की गड़गड़ाहट और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।4
- सूर्यांश न्यूज़ 24 के तरफ से सभी देशवासियों को श्रावण मास की हार्दिक शुभकामनाएं1
- साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मिली बड़ी राहत, मेहदावल साइबर सेल ने वापस कराए 30 हजार रुपये मोबाइल फोन गुम होने के बाद खाते से निकाले गए थे 51,900 रुपये, त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को वापस मिली धनराशि संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में संचालित 'क्रैक साइबर क्राइम' अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए जनपद पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को 30,000 रुपये की धनराशि वापस कराकर बड़ी राहत प्रदान की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना मेहदावल क्षेत्र के ग्राम एवं पोस्ट सांडे खुर्द निवासी जयनाथ पुत्र रामायन का मोबाइल फोन गुम हो गया था। मोबाइल फोन गुम होने के बाद अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर बैंक खाते से 51,900 रुपये की धनराशि धोखाधड़ी कर निकाल ली। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी शिकायत संख्या 23103260042828 पंजीकृत की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। आरक्षी संदीप कुमार गौतम एवं आरक्षी सौरभ कुमार ने संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से धोखाधड़ी की गई धनराशि को होल्ड कराया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पीड़ित के खाते में 30,000 रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ित ने संतकबीरनगर पुलिस एवं साइबर सेल टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की। पीड़ित एवं उनके परिजनों ने थाना मेहदावल पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इस सराहनीय कार्यवाही में प्रभारी निरीक्षक थाना मेहदावल राकेश कुमार सिंह, प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक संजय कुमार वर्मा, आरक्षी संदीप कुमार गौतम, आरक्षी सौरभ कुमार तथा रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जनता से अपील : जनपद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल अथवा संदेश पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति रिश्तेदार या मित्र बनकर धनराशि की मांग करे तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना पैसे न भेजें। साइबर अपराधी अक्सर आवाज बदलकर अथवा भावनात्मक दबाव बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर लेनदेन की शिकायत तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं।1
- श्रावण कावड़ यात्रा 2026: गोरखपुर पुलिस अलर्ट | SP Traffic अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया डायवर्जन प्लान व सुरक्षा व्यवस्था1
- गोसेवा को जनआंदोलन बना रही योगी सरकार, संतकबीरनगर की 12 गोशालाओं में 1369 निराश्रित गोवंश सुरक्षित-महेश शुक्ला सीसीटीवी निगरानी, गोपालकों को आर्थिक सहायता और पारदर्शी व्यवस्था से मजबूत हो रहा गो-संरक्षण अभियान संतकबीरनगर।। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गो-संरक्षण अभियान जनपद संतकबीरनगर में लगातार प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर देखभाल के लिए जिले में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जनपद की 12 गो-आश्रय स्थलों में 1369 निराश्रित गोवंश का सुरक्षित संरक्षण किया जा रहा है।जिला प्रशासन के अनुसार गो-आश्रय स्थलों पर गोवंश को नियमित चारा, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सकीय सुविधाएं तथा सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार प्रत्येक निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की दर से धनराशि उपलब्ध करा रही है। 22 सीसीटीवी कैमरों से हो रही 24 घंटे निगरानी गोशालाओं के संचालन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिले की 12 गोशालाओं में 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे गोवंश की सुरक्षा, देखभाल और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। गोपालकों को भी मिल रहा आर्थिक सहयोग मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत जिले में 229 गोवंश को 139 इच्छुक एवं जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किया गया है। सरकार इन गोवंशों के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की सहायता राशि सीधे गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेज रही है। इससे गोपालकों की आय बढ़ने के साथ-साथ गो-संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है। गोवंश की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोवंश की सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गो-तस्करी और गोवंश से जुड़े अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अफवाह फैलाकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि गो-संरक्षण से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर प्रशासन को अवगत कराएं। सरकार गोसेवा को सामाजिक सहभागिता और सुशासन का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए निरंतर कार्य कर रही है।1
- गोरखपुर जिला कारागार से दुष्कर्म का आरोपी फरार, जेल प्रशासन में मचा हड़कंप,पेड़ पर चढ़कर दीवार फांदी, पॉक्सो आरोपी जेल से हुआ फरार.....1