जहानाबाद : LPG आपूर्ति पर प्रशासन का दावा मजबूत, लेकिन जमीनी हकीकत में उपभोक्ता परेशान। जहानाबाद : जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को लेकर समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान की संयुक्त अध्यक्षता में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रशासन ने जहां व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त और नियंत्रण में बताया, वहीं जमीनी स्तर पर गैस की किल्लत से आम उपभोक्ता परेशान नजर आ रहे हैं।प्रेस वार्ता में जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और संबंधित पदाधिकारी लगातार गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। जनता दरबार और सोशल मीडिया के माध्यम से मिल रही शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक और प्रखंड विकास पदाधिकारी स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।एलपीजी गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रखंडवार धावा दल का गठन किया गया है। इन टीमों को छापेमारी और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार जिले में 19 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं और कुल 2,30,904 घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें 1,52,194 सामान्य उपभोक्ता और 78,710 उज्ज्वला योजना के लाभार्थी शामिल हैं। प्रतिदिन औसतन 3623 गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और निर्धारित दर पर गैस दी जा रही है।इसके बावजूद, जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों से गैस की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और होम डिलीवरी में भी देरी हो रही है, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।प्रशासन ने एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया है कि बुकिंग के 2-3 दिनों के भीतर गैस की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए और अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि किसी भी समस्या की शिकायत जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06114-223013 पर दर्ज कराएं, जो 24 घंटे सक्रिय है।जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा एजेंसियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और उन्हें सूचना पट्ट पर स्टॉक की स्थिति प्रदर्शित करने व ई-केवाईसी शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याएं यह साफ संकेत दे रही हैं कि व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
जहानाबाद : LPG आपूर्ति पर प्रशासन का दावा मजबूत, लेकिन जमीनी हकीकत में उपभोक्ता परेशान। जहानाबाद : जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को लेकर समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान की संयुक्त अध्यक्षता में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रशासन ने जहां व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त और नियंत्रण में बताया, वहीं जमीनी स्तर पर गैस की किल्लत से आम उपभोक्ता परेशान नजर आ रहे हैं।प्रेस वार्ता में जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और संबंधित पदाधिकारी लगातार गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। जनता दरबार और सोशल मीडिया के माध्यम से मिल रही शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक और प्रखंड विकास पदाधिकारी स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।एलपीजी गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रखंडवार धावा दल का गठन किया गया है। इन टीमों को छापेमारी और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार जिले में 19 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं और कुल 2,30,904 घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें 1,52,194 सामान्य उपभोक्ता और 78,710 उज्ज्वला योजना के लाभार्थी शामिल हैं। प्रतिदिन औसतन 3623 गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और निर्धारित दर पर गैस दी जा रही है।इसके बावजूद, जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों से गैस की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और होम डिलीवरी में भी देरी हो रही है, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।प्रशासन ने एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया है कि बुकिंग के 2-3 दिनों के भीतर गैस की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए और अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि किसी भी समस्या की शिकायत जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06114-223013 पर दर्ज कराएं, जो 24 घंटे सक्रिय है।जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा एजेंसियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और उन्हें सूचना पट्ट पर स्टॉक की स्थिति प्रदर्शित करने व ई-केवाईसी शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याएं यह साफ संकेत दे रही हैं कि व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
- जहानाबाद शहर के देवरिया मोहल्ले से पति से विवाद के बाद लापता हुई एक महिला सूरत में अपने रिश्तेदार के यहां सकुशल बरामद हुई है। घटना को लेकर पहले महिला के मायके पक्ष ने उसके पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए नगर थाना में आवेदन दिया था, जिससे मामला संवेदनशील हो गया था। पुलिस भी इस दिशा में जांच शुरू कर चुकी थी और संभावित ठिकानों पर तलाश जारी थी। इसी बीच सूचना मिली कि महिला गुजरात के सूरत शहर में अपने एक रिश्तेदार के यहां रह रही है। परिजनों के संपर्क में आने के बाद महिला को वापस जहानाबाद लाया गया। नगर थाना पहुंचकर महिला ने अपनी पूरी आपबीती पुलिस को सुनाई और बताया कि वह घरेलू विवाद के कारण स्वयं ही घर छोड़कर चली गई थी।महिला के सुरक्षित मिलने के बाद उसके मायके पक्ष ने पति पर लगाए गए सभी आरोप वापस ले लिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस अब महिला के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।1
- Post by Ramesh Kumar1
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- Bihari Sharma1
- Post by Srikant sharma Srikant sharma1
- जहानाबाद : जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को लेकर समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान की संयुक्त अध्यक्षता में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रशासन ने जहां व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त और नियंत्रण में बताया, वहीं जमीनी स्तर पर गैस की किल्लत से आम उपभोक्ता परेशान नजर आ रहे हैं।प्रेस वार्ता में जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और संबंधित पदाधिकारी लगातार गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। जनता दरबार और सोशल मीडिया के माध्यम से मिल रही शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक और प्रखंड विकास पदाधिकारी स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।एलपीजी गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रखंडवार धावा दल का गठन किया गया है। इन टीमों को छापेमारी और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार जिले में 19 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं और कुल 2,30,904 घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें 1,52,194 सामान्य उपभोक्ता और 78,710 उज्ज्वला योजना के लाभार्थी शामिल हैं। प्रतिदिन औसतन 3623 गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और निर्धारित दर पर गैस दी जा रही है।इसके बावजूद, जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों से गैस की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और होम डिलीवरी में भी देरी हो रही है, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।प्रशासन ने एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया है कि बुकिंग के 2-3 दिनों के भीतर गैस की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए और अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि किसी भी समस्या की शिकायत जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06114-223013 पर दर्ज कराएं, जो 24 घंटे सक्रिय है।जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा एजेंसियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और उन्हें सूचना पट्ट पर स्टॉक की स्थिति प्रदर्शित करने व ई-केवाईसी शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याएं यह साफ संकेत दे रही हैं कि व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।1