सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन माता-पिता को कंस की जेल से निकालना,सुदामा से मिलना,रूकमणी से शादी के प्रसंग सुनाए नीमराना के समीपवर्ती गांव घीलोठ में श्रीश्याम मंदिर के समीप सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन यजमान राकेश कॉन्ट्रेक्टर विजय सिंह चौहान ने व्यास पीठ की विधिवत पूजा अर्चना कर कथा का शुभारंभ करवाया। कथा में विशिष्ठ अतिथि बजरंग शर्मा भिवानी,विक्की शास्त्री,हेमंत शर्मा,रविन्द्र चौधरी एचएनजी नीमराना रहे।श्रीमद्भागवत कथा के कथावाचक व्यास श्री छेदीलाल ने कथा में श्रीमद्भागवत कथा में आज व्यास पीठ से कथावाचक छेदीलाल महाराज ने श्रीकृष्ण जी द्वारा मथुरा पहुंचकर अत्याचारी राजा कंस (मामा) का वध करने के बाद,माता-पिता को कारागार से मुक्त कराना, वसुदेव-देवकी मिलन,उग्रसेन का राजतिलक,नंद बाबा की विदाई का भावुक प्रसंग,यज्ञोपवीत संस्कार और गुरु आश्रम में शिक्षा,64 दिनों में 64 कलाओं में श्रीकृष्ण और बलराम जी के केवल 64 दिनों में ही चारों वेद और 64 कलाओं की शिक्षा पूरी करने का प्रसंग सुनाया। यहीं पर श्रीकृष्ण जी की सुदामा से मुलाकात,गुरु को दक्षिणा के रूप में श्रीकृष्ण जी ने यमलोक जाकर गुरु के मरे हुए पुत्र को दोबारा जीवित कर उन्हें सौंपने का प्रसंग सुनाया तो श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। मथुरा लौटने के बाद श्रीकृष्ण को ब्रज (गोकुल-वृंदावन) की गोपियों और राधा रानी की याद सताने लगी। उन्होंने अपने परम ज्ञानी मित्र उद्धव को गोपियों को समझाने और सांत्वना देने के लिए ब्रज भेजा। वहां गोपियों के अनन्य प्रेम को देखकर उद्धव का ज्ञान का अहंकार टूट गया और वे खुद भक्ति के रंग में रंग गए।व्यास जी छेदीलाल ने बताया कि श्रीमद्भागवत में इसे "भ्रमरगीत" के नाम से जाना जाता है।वहीं कंस की मृत्यु के बाद उसके ससुर, मगध के राजा जरासंध ने बदला लेने के लिए मथुरा पर 17 बार आक्रमण किया। श्रीकृष्ण ने हर बार उसकी सेना को हरा दिया। जब जरासंध ने 18वीं बार कालयवन नाम के असुर के साथ मिलकर हमला किया, तब श्रीकृष्ण मथुरा छोड़कर भागे (जिसके कारण उनका नाम रणछोड़ पड़ा)। उन्होंने चालाकी से कालयवन को एक गुफा में ले जाकर राजा मुचुकुंद की दृष्टि से भस्म करवाने के बाद द्वारका नगरी का निर्माण और रुक्मिणी विवाह सम्पन्न हुआ।विवाह के बाद श्रीकृष्ण के परम मित्र सुदामा का उनसे मिलने आना और अंत में श्रीकृष्ण जी द्वारा राज-काज सुदामा जी को सौंप देने के बाद महाआरती की गई। कथा के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर संतोष देवी,राधा देवी,विद्या देवी,सुदेश देवी,बेबी देवी,पूजा बाई,लिच्छो कंवर,निशा गोठड़ा,सुदेश बाई,अमरदीप सिंह चौहान,हवलदार वीरेन्द्र सिंह यादव,परमानंद यादव,अनिल सिंह चौहान कोलीला,लखन शर्मा,परसराम गुप्ता,हजारी लाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन माता-पिता को कंस की जेल से निकालना,सुदामा से मिलना,रूकमणी से शादी के प्रसंग सुनाए नीमराना के समीपवर्ती गांव घीलोठ में श्रीश्याम मंदिर के समीप सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन यजमान राकेश कॉन्ट्रेक्टर विजय सिंह चौहान ने व्यास पीठ की विधिवत पूजा अर्चना कर कथा का शुभारंभ करवाया। कथा में विशिष्ठ अतिथि बजरंग शर्मा भिवानी,विक्की शास्त्री,हेमंत शर्मा,रविन्द्र चौधरी एचएनजी नीमराना रहे।श्रीमद्भागवत कथा के कथावाचक व्यास श्री छेदीलाल ने कथा में श्रीमद्भागवत कथा में आज व्यास पीठ से कथावाचक छेदीलाल महाराज ने श्रीकृष्ण जी द्वारा मथुरा पहुंचकर अत्याचारी राजा कंस (मामा) का वध करने के बाद,माता-पिता को कारागार से मुक्त कराना, वसुदेव-देवकी मिलन,उग्रसेन का राजतिलक,नंद बाबा की विदाई का भावुक प्रसंग,यज्ञोपवीत संस्कार और गुरु आश्रम में शिक्षा,64 दिनों में 64 कलाओं में श्रीकृष्ण और बलराम जी के केवल 64 दिनों में
ही चारों वेद और 64 कलाओं की शिक्षा पूरी करने का प्रसंग सुनाया। यहीं पर श्रीकृष्ण जी की सुदामा से मुलाकात,गुरु को दक्षिणा के रूप में श्रीकृष्ण जी ने यमलोक जाकर गुरु के मरे हुए पुत्र को दोबारा जीवित कर उन्हें सौंपने का प्रसंग सुनाया तो श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। मथुरा लौटने के बाद श्रीकृष्ण को ब्रज (गोकुल-वृंदावन) की गोपियों और राधा रानी की याद सताने लगी। उन्होंने अपने परम ज्ञानी मित्र उद्धव को गोपियों को समझाने और सांत्वना देने के लिए ब्रज भेजा। वहां गोपियों के अनन्य प्रेम को देखकर उद्धव का ज्ञान का अहंकार टूट गया और वे खुद भक्ति के रंग में रंग गए।व्यास जी छेदीलाल ने बताया कि श्रीमद्भागवत में इसे "भ्रमरगीत" के नाम से जाना जाता है।वहीं कंस की मृत्यु के बाद उसके ससुर, मगध के राजा जरासंध ने बदला लेने के लिए मथुरा
पर 17 बार आक्रमण किया। श्रीकृष्ण ने हर बार उसकी सेना को हरा दिया। जब जरासंध ने 18वीं बार कालयवन नाम के असुर के साथ मिलकर हमला किया, तब श्रीकृष्ण मथुरा छोड़कर भागे (जिसके कारण उनका नाम रणछोड़ पड़ा)। उन्होंने चालाकी से कालयवन को एक गुफा में ले जाकर राजा मुचुकुंद की दृष्टि से भस्म करवाने के बाद द्वारका नगरी का निर्माण और रुक्मिणी विवाह सम्पन्न हुआ।विवाह के बाद श्रीकृष्ण के परम मित्र सुदामा का उनसे मिलने आना और अंत में श्रीकृष्ण जी द्वारा राज-काज सुदामा जी को सौंप देने के बाद महाआरती की गई। कथा के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर संतोष देवी,राधा देवी,विद्या देवी,सुदेश देवी,बेबी देवी,पूजा बाई,लिच्छो कंवर,निशा गोठड़ा,सुदेश बाई,अमरदीप सिंह चौहान,हवलदार वीरेन्द्र सिंह यादव,परमानंद यादव,अनिल सिंह चौहान कोलीला,लखन शर्मा,परसराम गुप्ता,हजारी लाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
- सिहाली कलां में 200 मीटर सड़क बदहाल, गहरे गड्ढों से हादसे का खतरा मुंडावर। उपखण्ड क्षेत्र के गांव सिहाली कलां में गांव के छोर से कुंदनदास मंदिर मार्ग तक करीब 200 मीटर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख रास्ता है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। इसी मार्ग से विद्यार्थी विद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने के लिए आवागमन करते हैं। इसके अलावा यह सड़क भिवाड़ी, टपूकड़ा और तिजारा क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीण समाजसेवी देवेंद्र सिंह चौहान, कैप्टन रणधीर सिंह, सूबेदार दिलीप सिंह, राजू पंच, जयसिंह, रोहतास सिंह, सुनील, विजेंदर सिंह, इसब खान, मोहर सिंह थानेदार, मिन्नी ठेकेदार, प्रदीप, लक्ष्मण, सियाराम, धर्मेंद्र और शक्ति सिंह के अनुसार इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से एक-दो बार नहीं, बल्कि अनेक बार शिकायत एवं मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा।1
- Haryanvi gayak Ankit Baliyan ki hatyakand Revadi Haryana1
- खैरथल वार्ड 33 में चुनावी सरगर्मियां तेज, निशा बालानी ने शुरू किया जनसंपर्क अभियान वार्ड 33 में चुनावी सरगर्मियां तेज, निशा बालानी ने शुरू किया जनसंपर्क अभियान खैरथल। स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों के साथ ही वार्डों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रत्याशियों ने मतदाताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में खैरथल की आनंदनगर कॉलोनी स्थित वार्ड नंबर 33 से प्रत्याशी निशा बालानी ने भी अपना जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। निशा बालानी वार्ड के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से मुलाकात कर रही हैं और क्षेत्र की समस्याओं एवं विकास की जरूरतों को लेकर लोगों से संवाद कर रही हैं। जनसंपर्क के दौरान निशा बालानी ने मतदाताओं को अपने चुनावी एजेंडे और वार्ड के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से संवाद करते हुए वार्ड के बेहतर विकास, मूलभूत सुविधाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करने की बात कही। जनसंपर्क के दौरान स्थानीय लोगों से मिलते हुए निशा बालानी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे वार्ड में लोगों से संपर्क करती और समर्थन की अपील करती नजर आ रही हैं।1
- *टपूकड़ा में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, करीब 220 किलो मिठाई कराई नष्ट* खैरथल-तिजारा, 26 अगस्त। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में मिलावटी एवं खराब खाद्य पदार्थों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने टपूकड़ा कस्बे में कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि स्थानीय शिकायत के आधार पर टीम टपूकड़ा कस्बे पहुंची। त्योहारी सीजन के दौरान बाहर से आकर ठेलों एवं अस्थायी दुकानों के माध्यम से मिठाइयों की बिक्री करने वाले विक्रेताओं की जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कई ऐसे विक्रेता भी सामने आए, जिनके पास खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक फूड रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया। कार्रवाई के दौरान नरेश कुमार पुत्र श्री विजय सिंह, निवासी खोहरी खुर्द, टपूकड़ा की दुकान से कलाकंद, रसगुल्ला एवं बर्फी के खाद्य नमूने लिए गए। सभी नमूनों को अग्रिम जांच के लिए खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला भिजवाया गया। निरीक्षण के दौरान दुकान में रखी मिठाइयों में दुर्गंध एवं फफूंद पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर ही करीब 220 किलो मिठाइयों को नष्ट करवाया। विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता को लेकर विक्रेताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव के साथ महिपाल सिंह एवं सुभाष यादव मौजूद रहे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।3
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- आप सभी देशवासियों को रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं सतीश कुमार शर्मा पत्रकार महेंद्रगढ़ हरियाणा2
- सिहाली कलां में 200 मीटर सड़क बदहाल, गहरे गड्ढों से हादसे का खतरा मुंडावर। उपखण्ड क्षेत्र के गांव सिहाली कलां में गांव के छोर से कुंदनदास मंदिर मार्ग तक करीब 200 मीटर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख रास्ता है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। इसी मार्ग से विद्यार्थी विद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने के लिए आवागमन करते हैं। इसके अलावा यह सड़क भिवाड़ी, टपूकड़ा और तिजारा क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीण समाजसेवी देवेंद्र सिंह चौहान, कैप्टन रणधीर सिंह, सूबेदार दिलीप सिंह, राजू पंच, जयसिंह, रोहतास सिंह, सुनील, विजेंदर सिंह, इसब खान, मोहर सिंह थानेदार, मिन्नी ठेकेदार, प्रदीप, लक्ष्मण, सियाराम, धर्मेंद्र और शक्ति सिंह के अनुसार इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से एक-दो बार नहीं, बल्कि अनेक बार शिकायत एवं मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा।3