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भानुप्रतापपुर - उजियारा अभियान के तहत कांगेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

2 hrs ago
user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
पत्रकार आशीष कुमार दुबे
Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

भानुप्रतापपुर - उजियारा अभियान के तहत कांगेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • स्वावलंबन की डोर केंद्रीय जेल नरसिंहपुर के बंदियों ने रक्षाबंधन पर बनाईं ख़ास राखियां और आकर्षक हैंड पर्स ​ एंकर- रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार को लेकर केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिल रही है। जेल की चहारदीवारी के भीतर बंद महिला और पुरुष बंदियों ने अपनी रचनात्मकता और हुनर के दम पर त्योहार के रंग में खास मिठास घोल दी है। वीओ 01- महिला बंदियों द्वारा तैयार की गईं पूर्णतः हस्तनिर्मित राखियां इस समय बाजार और लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। रेशमी धागों, मोतियों और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों से सजी ये राखियां न केवल दिखने में बेहद खूबसूरत हैं, बल्कि इनमें बहनों के स्नेह और स्वावलंबन की भावना भी रची-बसी है। जो भी ग्राहक इन राखियों को देख रहा है, वह इनकी फिनिशिंग और डिजाइन की तारीफ किए बिना नहीं रह पा रहा। बाईट 01- पूजा यादव, खरीददार ​वहीं, दूसरी ओर जेल के पुरुष बंदियों ने भी अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया है। पुरुष बंदियों द्वारा तैयार किए गए सुंदर और आकर्षक 'हैंड पर्स' हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। बेहतरीन कारीगरी और मजबूती के साथ बनाए गए ये पर्स रक्षाबंधन पर बहनों को देने के लिए एक बेहतरीन उपहार साबित हो रहे हैं। ​जेल प्रशासन की इस सुधारात्मक और कौशल विकास पहल से बंदियों को आत्मनिर्भर बनने की नई राह मिली है। त्योहार के इस अवसर पर तैयार की गई ये सामग्री यह संदेश देती है कि कला और हुनर सीमाओं में नहीं बंधते। नरसिंहपुर की यह पहल रक्षाबंधन के त्योहार को सामाजिक सरोकार और आत्मीयता के एक नए धरातल पर ले जा रही है। बाईट 02- एडवर्ड स्वामी, जेलर केंद्रीय जेल नरसिंहपुर
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    स्वावलंबन की डोर
केंद्रीय जेल नरसिंहपुर के बंदियों ने रक्षाबंधन पर बनाईं ख़ास राखियां और आकर्षक हैंड पर्स
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एंकर- रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार को लेकर केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिल रही है। जेल की चहारदीवारी के भीतर बंद महिला और पुरुष बंदियों ने अपनी रचनात्मकता और हुनर के दम पर त्योहार के रंग में खास मिठास घोल दी है। 
वीओ 01- महिला बंदियों द्वारा तैयार की गईं पूर्णतः हस्तनिर्मित राखियां इस समय बाजार और लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। रेशमी धागों, मोतियों और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों से सजी ये राखियां न केवल दिखने में बेहद खूबसूरत हैं, बल्कि इनमें बहनों के स्नेह और स्वावलंबन की भावना भी रची-बसी है। जो भी ग्राहक इन राखियों को देख रहा है, वह इनकी फिनिशिंग और डिजाइन की तारीफ किए बिना नहीं रह पा रहा।
बाईट 01- पूजा यादव, खरीददार 
​वहीं, दूसरी ओर जेल के पुरुष बंदियों ने भी अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया है। पुरुष बंदियों द्वारा तैयार किए गए सुंदर और आकर्षक 'हैंड पर्स' हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। बेहतरीन कारीगरी और मजबूती के साथ बनाए गए ये पर्स रक्षाबंधन पर बहनों को देने के लिए एक बेहतरीन उपहार साबित हो रहे हैं। ​जेल प्रशासन की इस सुधारात्मक और कौशल विकास पहल से बंदियों को आत्मनिर्भर बनने की नई राह मिली है। त्योहार के इस अवसर पर तैयार की गई ये सामग्री यह संदेश देती है कि कला और हुनर सीमाओं में नहीं बंधते। नरसिंहपुर की यह पहल रक्षाबंधन के त्योहार को सामाजिक सरोकार और आत्मीयता के एक नए धरातल पर ले जा रही है।
बाईट 02- एडवर्ड स्वामी, जेलर केंद्रीय जेल नरसिंहपुर
    user_News Chandra Shekher Sonu
    News Chandra Shekher Sonu
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • EXPRESS MP CG NEWS
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    EXPRESS MP CG NEWS
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • नरसिंहपुर जेल में रक्षाबंधन पर भावुक हुए भाई-बहन, बंदी भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी
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    नरसिंहपुर जेल में रक्षाबंधन पर भावुक हुए भाई-बहन, बंदी भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी
    user_NP Ashish Dubey Journalist
    NP Ashish Dubey Journalist
    Advertising agency नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • स्वच्छता प्रहरियों को रक्षा सूत्र बांधकर दिया सम्मान, नशामुक्त और समरस समाज का लिया संकल्प स्वच्छता प्रहरियों को रक्षा सूत्र बांधकर दिया सम्मान, नशामुक्त और समरस समाज का लिया संकल्प साईखेड़ा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सामाजिक समरसता कला मंच, जिला नरसिंहपुर की साईखेड़ा इकाई ने सेवा और सम्मान की अनूठी मिसाल पेश की। स्वामी विवेकानंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, साईखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य केंद्र एवं नगर परिषद में स्वच्छता और सेवा कार्य में जुटे स्वच्छता प्रहरियों को रक्षा सूत्र बांधकर उनके प्रति सम्मान, अपनत्व और कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के पर्व को एक व्यापक सामाजिक संदेश से जोड़ते हुए यह प्रेरणा दी कि समाज की स्वच्छता और व्यवस्था में योगदान देने वाला प्रत्येक व्यक्ति सम्मान का अधिकारी है। रक्षा सूत्र केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग, सुरक्षा और आत्मीयता का भी संदेश देता है। इस अवसर पर उपस्थितजनों ने सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने के साथ नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जब समाज जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनता है, तभी सच्चे अर्थों में सामाजिक समरसता स्थापित होती है। कार्यक्रम में जिला सामाजिक समरसता संयोजक सुनील राय, जिला मीडिया प्रमुख रंजीत तोमर, नगर सामाजिक समरसता संयोजक गोविंद पाराशर सहित आकाश झांझोट, विकास झांझोट, विजय वंशकार, रजनीश, स्वप्निल राय, देवी रजक, अविनाश सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि “सबका सम्मान, सबका सहयोग और नशामुक्त समाज” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाते हुए सामाजिक एकता और समरसता के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।
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    स्वच्छता प्रहरियों को रक्षा सूत्र बांधकर दिया सम्मान, नशामुक्त और समरस समाज का लिया संकल्प
स्वच्छता प्रहरियों को रक्षा सूत्र बांधकर दिया सम्मान, नशामुक्त और समरस समाज का लिया संकल्प
साईखेड़ा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सामाजिक समरसता कला मंच, जिला नरसिंहपुर की साईखेड़ा इकाई ने सेवा और सम्मान की अनूठी मिसाल पेश की। स्वामी विवेकानंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, साईखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य केंद्र एवं नगर परिषद में स्वच्छता और सेवा कार्य में जुटे स्वच्छता प्रहरियों को रक्षा सूत्र बांधकर उनके प्रति सम्मान, अपनत्व और कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के पर्व को एक व्यापक सामाजिक संदेश से जोड़ते हुए यह प्रेरणा दी कि समाज की स्वच्छता और व्यवस्था में योगदान देने वाला प्रत्येक व्यक्ति सम्मान का अधिकारी है। रक्षा सूत्र केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग, सुरक्षा और आत्मीयता का भी संदेश देता है।
इस अवसर पर उपस्थितजनों ने सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने के साथ नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जब समाज जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनता है, तभी सच्चे अर्थों में सामाजिक समरसता स्थापित होती है।
कार्यक्रम में जिला सामाजिक समरसता संयोजक सुनील राय, जिला मीडिया प्रमुख रंजीत तोमर, नगर सामाजिक समरसता संयोजक गोविंद पाराशर सहित आकाश झांझोट, विकास झांझोट, विजय वंशकार, रजनीश, स्वप्निल राय, देवी रजक, अविनाश सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि “सबका सम्मान, सबका सहयोग और नशामुक्त समाज” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाते हुए सामाजिक एकता और समरसता के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।
    user_Ranjeet Tomar
    Ranjeet Tomar
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    4 hrs ago
  • *राखी का बंधन... सलाखों के पार भी कायम रहा भाई-बहन का प्यार* एंकर –केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में आज रक्षाबंधन का त्योहार भावुकता और खुशियों के साथ मनाया जा रहा है। जेल से सामने आई तस्वीरों में रक्षाबंधन के इस पवित्र रिश्ते की गहराई साफ नजर आई। बहनें और घर की महिलाएं अपने भाई, बेटे, पिता और अन्य पुरुष बंदियों को राखी बांधने जेल पहुंचीं, तो वहीं महिला बंदियों से राखी बंधवाने उनके भाई भी जेल पहुंचे। इन मुलाकातों के दौरान कई ऐसे भावुक दृश्य सामने आए, जिन्हें देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। कहीं दादा की गोद में बैठी नातिन की आंखों से आंसू छलक पड़े, तो कहीं नाना की आंखों में पोती के लिए प्यार साफ नजर आया। सलाखों के बीच भी अपनों से मिलन की खुशी और बिछड़ने का दर्द दोनों साथ दिखाई दिए। जेल अधीक्षक ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहनों की खुली मुलाकात के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दोपहर तक करीब 800 बंदियों की उनके परिजनों से मुलाकात हो चुकी है, जबकि शाम तक यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। बाइट – आदिति चतुर्वेदी, जेल अधीक्षक, नरसिंहपुर लोकेशन – नरसिंहपुर *राखी का बंधन... सलाखों के पार भी कायम रहा भाई-बहन का प्यार* एंकर –केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में आज रक्षाबंधन का त्योहार भावुकता और खुशियों के साथ मनाया जा रहा है। जेल से सामने आई तस्वीरों में रक्षाबंधन के इस पवित्र रिश्ते की गहराई साफ नजर आई। बहनें और घर की महिलाएं अपने भाई, बेटे, पिता और अन्य पुरुष बंदियों को राखी बांधने जेल पहुंचीं, तो वहीं महिला बंदियों से राखी बंधवाने उनके भाई भी जेल पहुंचे। इन मुलाकातों के दौरान कई ऐसे भावुक दृश्य सामने आए, जिन्हें देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। कहीं दादा की गोद में बैठी नातिन की आंखों से आंसू छलक पड़े, तो कहीं नाना की आंखों में पोती के लिए प्यार साफ नजर आया। सलाखों के बीच भी अपनों से मिलन की खुशी और बिछड़ने का दर्द दोनों साथ दिखाई दिए। जेल अधीक्षक ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहनों की खुली मुलाकात के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दोपहर तक करीब 800 बंदियों की उनके परिजनों से मुलाकात हो चुकी है, जबकि शाम तक यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। बाइट – आदिति चतुर्वेदी, जेल अधीक्षक, नरसिंहपुर
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    *राखी का बंधन... सलाखों के पार भी कायम रहा भाई-बहन का प्यार*

एंकर –केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में आज रक्षाबंधन का त्योहार भावुकता और खुशियों के साथ मनाया जा रहा है। जेल से सामने आई तस्वीरों में रक्षाबंधन के इस पवित्र रिश्ते की गहराई साफ नजर आई। बहनें और घर की महिलाएं अपने भाई, बेटे, पिता और अन्य पुरुष बंदियों को राखी बांधने जेल पहुंचीं, तो वहीं महिला बंदियों से राखी बंधवाने उनके भाई भी जेल पहुंचे।
इन मुलाकातों के दौरान कई ऐसे भावुक दृश्य सामने आए, जिन्हें देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। कहीं दादा की गोद में बैठी नातिन की आंखों से आंसू छलक पड़े, तो कहीं नाना की आंखों में पोती के लिए प्यार साफ नजर आया। सलाखों के बीच भी अपनों से मिलन की खुशी और बिछड़ने का दर्द दोनों साथ दिखाई दिए।
जेल अधीक्षक ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहनों की खुली मुलाकात के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दोपहर तक करीब 800 बंदियों की उनके परिजनों से मुलाकात हो चुकी है, जबकि शाम तक यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
बाइट – आदिति चतुर्वेदी, जेल अधीक्षक, नरसिंहपुर
लोकेशन – नरसिंहपुर
*राखी का बंधन... सलाखों के पार भी कायम रहा भाई-बहन का प्यार*
एंकर –केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में आज रक्षाबंधन का त्योहार भावुकता और खुशियों के साथ मनाया जा रहा है। जेल से सामने आई तस्वीरों में रक्षाबंधन के इस पवित्र रिश्ते की गहराई साफ नजर आई। बहनें और घर की महिलाएं अपने भाई, बेटे, पिता और अन्य पुरुष बंदियों को राखी बांधने जेल पहुंचीं, तो वहीं महिला बंदियों से राखी बंधवाने उनके भाई भी जेल पहुंचे।
इन मुलाकातों के दौरान कई ऐसे भावुक दृश्य सामने आए, जिन्हें देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। कहीं दादा की गोद में बैठी नातिन की आंखों से आंसू छलक पड़े, तो कहीं नाना की आंखों में पोती के लिए प्यार साफ नजर आया। सलाखों के बीच भी अपनों से मिलन की खुशी और बिछड़ने का दर्द दोनों साथ दिखाई दिए।
जेल अधीक्षक ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहनों की खुली मुलाकात के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दोपहर तक करीब 800 बंदियों की उनके परिजनों से मुलाकात हो चुकी है, जबकि शाम तक यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
बाइट – आदिति चतुर्वेदी, जेल अधीक्षक, नरसिंहपुर
    user_Bablu Choudhary.
    Bablu Choudhary.
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Sourabh Kumar nath
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    Post by Sourabh Kumar nath
    user_Sourabh Kumar nath
    Sourabh Kumar nath
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • नरसिंहपुर - महिला बंदियों के द्वारा हस्तनिर्मित राखी बनी आकर्षण का केंद्र केन्द्री जेल नरसिंहपुर में महिला बंदियों द्वारा तैयार की गईं पूर्णतः हस्तनिर्मित राखियां इस समय बाजार और लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। रेशमी धागों, मोतियों और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों से सजी ये राखियां न केवल दिखने में बेहद खूबसूरत हैं, बल्कि इनमें बहनों के स्नेह और स्वावलंबन की भावना भी रची-बसी है। जो भी ग्राहक इन राखियों को देख रहा है, वह इनकी फिनिशिंग और डिजाइन की तारीफ किए बिना नहीं रह पा रहा।खरीददार पूजा यादव ने राखी ख़रीदते समय बताया कि ये राखियां दूसरी फैंसी राखियों से खास है ये हाथों से बनाई गई है वही उन्होंने अन्य लोगो से भी राखी खरीदने की अपील की
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    नरसिंहपुर - महिला बंदियों के द्वारा हस्तनिर्मित राखी बनी आकर्षण का केंद्र
केन्द्री जेल नरसिंहपुर में महिला बंदियों द्वारा तैयार की गईं पूर्णतः हस्तनिर्मित राखियां इस समय बाजार और लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। रेशमी धागों, मोतियों और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों से सजी ये राखियां न केवल दिखने में बेहद खूबसूरत हैं, बल्कि इनमें बहनों के स्नेह और स्वावलंबन की भावना भी रची-बसी है। जो भी ग्राहक इन राखियों को देख रहा है, वह इनकी फिनिशिंग और डिजाइन की तारीफ किए बिना नहीं रह पा रहा।खरीददार पूजा यादव ने राखी ख़रीदते समय बताया कि ये राखियां दूसरी फैंसी राखियों से खास है ये हाथों से बनाई गई है वही उन्होंने अन्य लोगो से भी राखी खरीदने की अपील की
    user_SATISH DUBEY
    SATISH DUBEY
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    9 hrs ago
  • भानुप्रतापपुर - उजियारा अभियान के तहत कांगेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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    भानुप्रतापपुर - उजियारा अभियान के तहत कांगेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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