जिला–कबीरधाम (छत्तीसगढ़) दिनांक–12/04/2026 प्रेस विज्ञप्ति *सूखे नशे के खिलाफ कबीरधाम पुलिस का बड़ा एक्शन, 09 किलो से अधिक गांजा जब्त* कबीरधाम पुलिस द्वारा जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशीष शुक्ला के नेतृत्व में थाना कोतवाली की टीम द्वारा प्रभावी एवं योजनाबद्ध कार्यवाही करते हुए सूखे नशे के खिलाफ बड़ी सफलता प्राप्त की गई है। प्राप्त मुखबिर सूचना पर थाना कोतवाली की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम भागुटोला क्षेत्र में घेराबंदी कर दबिश दी गई। विधिसम्मत कार्यवाही के दौरान आरोपी त्रिलोचन सिंह राजपूत पिता सीताराम राजपूत उम्र 49 वर्ष, साकिन स्थाई पता ग्राम बिरनपुर, चौकी दशरंगपुर तथा हाल पता सुधा देवी सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे जेवडन रोड, ग्राम भागुटोला थाना कवर्धा जिला कबीरधाम के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया। मौके पर की गई जांच में कुल 09 किलो 308 ग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4,50,000 रुपये आंकी गई है। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा गांजा की आपूर्ति चित्रकांत साहू पिता माईकलाल उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम कांपा, दईहान चौक के पास, थाना कवर्धा जिला कबीरधाम द्वारा किया जाना बताया गया। प्राप्त तथ्यों के आधार पर थाना कोतवाली की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चित्रकांत साहू को भी हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों त्रिलोचन सिंह राजपूत एवं चित्रकांत साहू के विरुद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 148/2026 धारा 20(ख), 29 एन.डी.पी.एस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कबीरधाम पुलिस द्वारा विगत कुछ दिनों में मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाहियां की गई हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में गांजा जब्ती एवं आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। जिले में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। कबीरधाम पुलिस द्वारा स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। ऐसे असामाजिक तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। कबीरधाम पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि नशे के विरुद्ध इस अभियान में सहयोग करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उक्त कार्यवाही में थाना कोतवाली की टीम का सराहनीय योगदान रहा।
जिला–कबीरधाम (छत्तीसगढ़) दिनांक–12/04/2026 प्रेस विज्ञप्ति *सूखे नशे के खिलाफ कबीरधाम पुलिस का बड़ा एक्शन, 09 किलो से अधिक गांजा जब्त* कबीरधाम पुलिस द्वारा जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशीष शुक्ला के नेतृत्व में थाना कोतवाली की टीम द्वारा प्रभावी एवं योजनाबद्ध कार्यवाही करते हुए सूखे नशे के खिलाफ बड़ी सफलता प्राप्त की गई है। प्राप्त मुखबिर सूचना पर थाना कोतवाली की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम भागुटोला क्षेत्र में घेराबंदी कर दबिश दी गई। विधिसम्मत कार्यवाही के दौरान आरोपी त्रिलोचन सिंह राजपूत पिता सीताराम राजपूत उम्र 49 वर्ष, साकिन स्थाई पता ग्राम बिरनपुर, चौकी दशरंगपुर तथा हाल पता सुधा देवी सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे जेवडन रोड, ग्राम भागुटोला थाना कवर्धा जिला कबीरधाम के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया। मौके पर की गई जांच में कुल 09 किलो 308 ग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4,50,000 रुपये आंकी गई है। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा गांजा की आपूर्ति चित्रकांत साहू पिता माईकलाल उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम कांपा, दईहान चौक के पास, थाना कवर्धा जिला कबीरधाम द्वारा किया जाना बताया गया। प्राप्त तथ्यों के आधार पर थाना कोतवाली की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चित्रकांत साहू को भी हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों त्रिलोचन सिंह राजपूत एवं चित्रकांत साहू के विरुद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 148/2026 धारा 20(ख), 29 एन.डी.पी.एस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कबीरधाम पुलिस द्वारा विगत कुछ दिनों में मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाहियां की गई हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में गांजा जब्ती एवं आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। जिले में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। कबीरधाम पुलिस द्वारा स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। ऐसे असामाजिक तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। कबीरधाम पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि नशे के विरुद्ध इस अभियान में सहयोग करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उक्त कार्यवाही में थाना कोतवाली की टीम का सराहनीय योगदान रहा।
- छत्तीसगढ़ी भाषा — पहचान, खासियत और आगे क्या होना चाहिए 🇮🇳 1. अभी तक छत्तीसगढ़ी की पहचान और खासियत क्या है? भाषाई पहचान: 1. लिपि: देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। पहले "ओड़िया लिपि" का भी असर था, पर अब हिंदी जैसी देवनागरी ही मान्य है। 2. परिवार: पूर्वी हिंदी की बोली मानी जाती है। अवधी और बघेली की करीबी बहन है। 3. बोलने वाले: 2026 में अनुमानित 2 करोड़+ लोग। छत्तीसगढ़ की 55%+ आबादी की मातृभाषा। 4. राजकीय दर्जा: 2007 में छत्तीसगढ़ राजभाषा अधिनियम के तहत हिंदी के साथ द्वितीय राजभाषा का दर्जा मिला। सरकारी कामकाज में उपयोग की अनुमति है। सांस्कृतिक खासियत: 1. सरलता और मिठास: "कैसे हस", "का करत हस", "बढ़िया हवय" जैसे वाक्य। "हस", "हवय", "ग" का प्रयोग इसे अलग बनाता है। 2. साहित्य: लोकराम यादव, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. विनय कुमार पाठक जैसे साहित्यकार। "मोर संग चलव", "छत्तीसगढ़ी गीत" लोक में बहुत लोकप्रिय। 3. उपबोलियां: लरिया, खल्टाही, सदरी, बिलासपुरी — इलाके के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा बदलाव। 4. लोक कला से जुड़ाव: पंडवानी, भरथरी, राउत नाचा, सुआ गीत सब छत्तीसगढ़ी में ही हैं। भाषा = संस्कृति। संवैधानिक स्थिति: अभी तक 8वीं अनुसूची में शामिल नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार के स्तर पर आधिकारिक भाषा का दर्जा नहीं मिला। 2. जनगणना 2026 में "छत्तीसगढ़ी" लिखवाना क्यों जरूरी है? जनगणना में भाषा का कॉलम सबसे बड़ा सबूत होता है। सरकार उसी आधार पर तय करती है कि: 1. 8वीं अनुसूची में शामिल करना है या नहीं— 1 करोड़ से ज्यादा बोलने वाले होने पर दावा मजबूत होता है। 2. स्कूल में पढ़ाई, नौकरी में आरक्षण, अनुवाद आदि सुविधाएं मिलेंगी या नहीं। 3. भविष्य का बजट — भाषा विकास बोर्ड, अकादमी, साहित्य पुरस्कार के लिए। अगर लोग "हिंदी" लिखवा देंगे तो छत्तीसगढ़ी बोलने वालों की संख्या कम दिखेगी और मान्यता का केस कमजोर होगा। 3. अभी क्या कमी है और क्या होना चाहिए? अभी स्थिति** क्या होना चाहिए** 8वीं अनुसूची में नहीं है संसद में बिल पास करके 8वीं अनुसूची में शामिल हो। भोजपुरी, राजस्थानी के साथ इसकी भी मांग है स्कूलों में पढ़ाई नहीं प्राथमिक स्तर पर छत्तीसगढ़ी मीडियम/विषय के रूप में विकल्प मिले। NCERT जैसी किताबें बनें मानक व्याकरण/शब्दकोश कम छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा मानक व्याकरण, शब्दकोश, कीबोर्ड तैयार हो सरकारी कामकाज में कम उपयोग कलेक्टर कार्यालय, पंचायत के नोटिस, फॉर्म छत्तीसगढ़ी में भी छपें युवाओं में हीनभावना "गंवई भाषा" का टैग हटे। IAS-IPS अफसर छत्तीसगढ़ी में भाषण दें तो गर्व बढ़ेगा आप क्या कर सकते हैं: 1. जनगणना में: मातृभाषा वाले कॉलम में "छत्तीसगढ़ी/Chhattisgarhi" ही लिखवाएं। "हिंदी" बिल्कुल न लिखें। 2. परिवार में: बच्चों से घर में छत्तीसगढ़ी बोलें। भाषा तभी बचेगी। 3. मांग करें: अपने विधायक-सांसद से 8वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए आवाज़ उठाएं। एक लाइन में: छत्तीसगढ़ी सिर्फ बोली नहीं, छत्तीसगढ़ की पहचान, अस्मिता और संस्कृति की रीढ़ है। जनगणना इसे "भाषा" का दर्जा दिलाने का सबसे बड़ा मौका है। जय जोहार, जय छत्तीसगढ़ 🙏1
- मुंगेली जिले के थाना चिल्फी क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी पर चरित्र शंका करते हुए उस पर डीजल डालकर आग लगा दी। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मुंगेली पुलिस की इस तेज कार्रवाई से एक गंभीर अपराध में जल्द न्याय की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। #Mungeli #ChhattisgarhNews #BreakingNews #CrimeNews #PoliceAction #HindiNews #ViralNews #CrimeReport #IndiaNews #NewsUpdate #TrendingNews #MungeliPolice1
- एक बार ओर B A करलो फिर जन्ता-जंक्शन1
- दुर्ग में संभागीय न्यायिक सेमिनार संपन्न, 92 न्यायिक अधिकारियों ने लिया हिस्सा, 12 अप्रैल रविवार को दोपहर 3 बजे खैरागढ़ कलेक्ट्रेट कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा जिला न्यायालय दुर्ग में एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें दुर्ग संभाग के पाँच जिलों से कुल 92 न्यायिक अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दीप प्रज्वलन कर किया। सेमिनार में न्यायमूर्ति रजनी दुबे एवं न्यायमूर्ति रवीन्द्र कुमार अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य न्यायाधीश ने नव अधिनियमित आपराधिक कानूनों को न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी कदम बताते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के बढ़ते महत्व और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में विभिन्न विधिक विषयों जैसे परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138, सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधान, ई साक्ष्य एवं निष्पादन प्रकरणों के त्वरित निपटारे पर चर्चा की गई। साथ ही “मध्यस्थता 2.0” प्रकाशन का विमोचन भी किया गया। स्वागत भाषण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग द्वारा दिया गया, वहीं अकादमी के निदेशक ने सेमिनार के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- अवैध रेत, मुरुम व गिट्टी परिवहन पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 हाइवा व 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त आज रविवार की दोपहर 3:00 बजे पी आर ओ द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर 2 हाइवा और 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत कुल 8 वाहनों को जब्त किया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार एवं उप संचालक खनिज के मार्गदर्शन में जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 10 अप्रैल एवं 12 अप्रैल 2026 को खनिज विभाग की टीम द्वारा चकरभाठा, रहंगी-बिल्हा, दगोरी, उमरिया, उड़गन, उड़नताल, खपरी, कोहरौदा, बर्तोरी, सेलर, पिपरा और खैरा क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान उड़नताल क्षेत्र में अवैध रूप से रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया। वहीं उमरिया क्षेत्र में ईंट-मिट्टी का परिवहन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े गए। खैरा क्षेत्र से मुरुम का अवैध परिवहन करते 1 हाइवा वाहन को जब्त किया गया, जबकि अशोक नगर क्षेत्र में गिट्टी का परिवहन करते 1 हाइवा वाहन को भी कब्जे में लिया गया। इसके अलावा पिपरा क्षेत्र में रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गईं।इस प्रकार कुल 8 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पुलिस थाना बिल्हा एवं कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- अगर आप नेशनल हाईवे मे सफर कर रहे है तो इस एंबुलेंस के बारे मे आपको जानकारी होना चाहिए #Nationalhighway49 #1033 #chhattisgarhnews #bilaspurnews1
- कबीरधाम। जिले के भालूचुआ ग्राम में जमीन विवाद को लेकर एक परिवार लगातार दबंगों के आतंक का सामना कर रहा है। पीड़ित जितेन्द्र गेंन्द्रे ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि गांव के ही रामसाहायता, रामखिलावन, सोमदत्त, ईश्वर और अमित नामक व्यक्तियों द्वारा बार-बार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 को पहली बार आरोपियों ने उसके निजी खेत में घुसकर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत थाना भोरमदेव में की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 9 अप्रैल को फिर से आरोपियों ने घटना दोहराई, जिसकी शिकायत दोबारा पुलिस को दी गई, पर इस बार भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि 11 अप्रैल 2026 को एक बार फिर सभी नामजद आरोपी खेत में घुस आए और गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। पीड़ित ने बताया कि ये सभी आरोपी पूर्व में भी मारपीट की घटना को अंजाम दे चुके हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद उनके हौसले बुलंद हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस के द्वारा समझाने के बाद भी आरोपियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। परिवार के बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और छोटे बच्चे लगातार भय के साये में जी रहे हैं। आवेदन में पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी आरोपियों के साथ-साथ प्रशासन की भी होगी।1
- 🔥 “डीहपारा में फिर धधकी तबाही! ट्रांसफॉर्मर की चिंगारी से लाखों का नुकसान, फायर ब्रिगेड नदारद — ग्रामीणों में आक्रोश” धमधा थाना क्षेत्र के ग्राम डीहपारा में एक बार फिर भीषण आगजनी की घटना सामने आई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। डॉ. जोहन वर्मा के खेत में लगे ट्रांसफॉर्मर से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल आग का रूप ले लिया। इस आग में सागौन पेड़ों की बॉडी, ड्रिप पाइप और अन्य कृषि सामग्री सहित लगभग 5 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग की लपटें आसपास के खेतों तक फैल गईं और कई किसानों की पलारी भी इसकी चपेट में आ गई। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल साबित हुआ। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं से किसान भयभीत हैं और प्रशासन से त्वरित व ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- ग्राम भैंसबोड में शराबी पति ने पराठा रोटी खाने की जिद्द पर पत्नी के साथ की मारपीट बिल्हा थाना में मामला दर्ज शनिवार की रात 9:30 पर बिल्हा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थीया - श्रीमती सरिता डहरिया पति हरिश डहरिया उम्र 30 वर्ष साकिन भैसबोड थाना बिल्हा जिला बिलासपुर छ.ग. ने शनिवार की साम 5 बजे के करीब थाना बिल्हा उपस्थित हो कर रिपोर्ट दर्ज कराई की विववरण – मैं उक्त पते पर रहती हॅू, गृहणी हूं, मेरे दो बच्चे है मेरा पति आये दिन शराब पीता है और गाली गलौज करता है शनिवार दिनांक 11.04.2026 को 01.00 बजे मेरा पति शराब पीकर आया और मेरे लिये पराठा रोटी बनाओ बोलकर मां बहन की गदी गदी गाली गलौज करने लगा जिसे मेरे द्वारा मना कर घर मे पहले से सादा रोटी बना है उसे खा लो कहने पर बासी रोटी खाने को बोलते हो करकर जान से मारने की धमकी देते हुए मां बहन की अश्लील गाली कर हाथ मुक्का व लात से मारपीट किया है झगडा को देख कर मेरी सास सगीता डहरिया एवं ससुर भूष्ण डहरिया देखे सूने व बीच बचाव किये है मारपीट करने से शरीर के सभी जगह दर्द होना कहती है रिपोर्ट करती हूं कार्यवाही की जावे प्रार्थी की रिपोर्ट पर बिल्हा पुलिस ने अपराध धारा- 296, 115(2), 351(3) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है1