मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सराहा सीतामढ़ी का मॉडल: 'कालाजार उन्मूलन' की सफलता अब बनेगी 'फाइलेरिया मुक्ति' का आधार (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 20 जनवरी 2026*सीतामढ़ी:-बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दौरान सीतामढ़ी जिले की स्वास्थ्य उपलब्धियों का बारीकी से जायजा लिया। चंदौली, बेलसंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले द्वारा कालाजार उन्मूलन की दिशा में किए गए नवाचारों और अथक प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीतामढ़ी ने जिस तरह से कालाजार पर विजय प्राप्त की है, वह न केवल जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक अनुकरणीय मॉडल भी है।सफलता की गाथा कहती कॉफी टेबल बुक:मुख्यमंत्री के दौरे का मुख्य आकर्षण जिला भीबीडी कार्यालय द्वारा तैयार की गई कॉफी टेबल बुक “कालाजार उन्मूलन:एक सफर,नवाचार एवं सर्वोत्तम प्रथाएं”रही। मुख्यमंत्री ने इस पुस्तक के पन्नों में दर्ज जिले की संघर्ष यात्रा को देखा और समझा कि कैसे एक समय की बड़ी चुनौती रही इस बीमारी को अब खात्मे की कगार पर लाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडे ने भी इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए इसकी प्रति की मांग की। उन्होंने कहा कि सफलताओं को इस प्रकार लिपिबद्ध करना भविष्य के स्वास्थ्य अभियानों के लिए मार्गदर्शक का काम करेगा। नवाचार और जनभागीदारी से मिली बड़ी जीत:सीतामढ़ी की इस सफलता के पीछे केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि सोच में बदलाव और अनूठे प्रयोग शामिल रहे हैं। जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि किस तरह जिले ने तकनीक और समाज को एक साथ जोड़ा। जहाँ एक ओर प्रभावी छिड़काव के लिए मशीनों को विशेष रूप से री-डिजाइन किया गया, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में बच्चों को जागरूक करने के लिए 'सांप-सीढ़ी' जैसे खेलों का सहारा लिया गया। सबसे महत्वपूर्ण कदम धार्मिक स्थलों और धर्मगुरुओं का सहयोग रहा, जिससे समाज के हर वर्ग तक छिड़काव और बचाव का संदेश पहुँचा।आंकड़ों में दर्ज हुई ऐतिहासिक उपलब्धि:विगत आठ वर्षों का रिकॉर्ड जिले की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। वर्ष 2018 में जहाँ कालाजार के 154 मामले सामने आए थे, वहीं निरंतर प्रयासों और कड़ी निगरानी के कारण यह संख्या वर्ष 2025 तक घटकर मात्र 04 रह गई है। यह गिरावट दर्शाती है कि जिला आठ वर्षों से लगातार उन्मूलन की स्थिति को बनाए रखने में सफल रहा है। मरीजों का नियमित फॉलो-अप और प्रभावित परिवारों को मच्छरदानी व कंबल जैसी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराकर प्रशासन ने सुरक्षा का एक मजबूत चक्र तैयार किया है।कालाजार की सफलता अब फाइलेरिया उन्मूलन का बनेगी आधार:मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर न केवल पुरानी सफलताओं को सराहा, बल्कि भविष्य के लक्ष्य भी निर्धारित किए। उन्होंने फाइलेरिया मरीजों के बीच एमएमडीपी किट वितरित करते हुए इस बीमारी के खिलाफ भी निर्णायक जंग का आह्वान किया। डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि "कालाजार उन्मूलन हमारी सफलता है, और अब फाइलेरिया उन्मूलन हमारा संकल्प है।" अब जिले का लक्ष्य कालाजार के दौरान सीखे गए अनुभवों और बेस्ट प्रैक्टिसेज को फाइलेरिया अभियान में लागू करना है ताकि जिले को पूरी तरह व्याधि मुक्त बनाया जा सके।प्रेरणा का स्रोत बनेगी यह यात्रा:डॉ. नीला रमन यादव द्वारा प्रायोजित यह कॉफी टेबल बुक भविष्य की पीढ़ी के लिए एक धरोहर साबित होगी। इस पूरे अभियान में जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षकों का सामूहिक योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जनसहयोग से ही इतनी बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों को मात दी जा सकती है। यह यात्रा केवल आंकड़ों की कमी की नहीं, बल्कि सीतामढ़ी के सामूहिक आत्मविश्वास और स्वास्थ्य विभाग की कर्मठता की कहानी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सराहा सीतामढ़ी का मॉडल: 'कालाजार उन्मूलन' की सफलता अब बनेगी 'फाइलेरिया मुक्ति' का आधार (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 20 जनवरी 2026*सीतामढ़ी:-बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दौरान सीतामढ़ी जिले की स्वास्थ्य उपलब्धियों का बारीकी से जायजा लिया। चंदौली, बेलसंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले द्वारा कालाजार उन्मूलन की दिशा में किए गए नवाचारों और अथक प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीतामढ़ी ने जिस तरह से कालाजार पर विजय प्राप्त की है, वह न केवल जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक अनुकरणीय मॉडल भी है।सफलता की गाथा कहती कॉफी टेबल बुक:मुख्यमंत्री के दौरे का मुख्य आकर्षण जिला भीबीडी कार्यालय द्वारा तैयार की गई कॉफी टेबल बुक “कालाजार उन्मूलन:एक सफर,नवाचार एवं सर्वोत्तम प्रथाएं”रही। मुख्यमंत्री ने इस पुस्तक के पन्नों में दर्ज जिले की संघर्ष यात्रा को देखा और समझा कि कैसे एक समय की बड़ी चुनौती रही इस बीमारी को अब खात्मे की कगार पर लाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडे ने भी इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए इसकी प्रति की मांग की। उन्होंने कहा कि सफलताओं
को इस प्रकार लिपिबद्ध करना भविष्य के स्वास्थ्य अभियानों के लिए मार्गदर्शक का काम करेगा। नवाचार और जनभागीदारी से मिली बड़ी जीत:सीतामढ़ी की इस सफलता के पीछे केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि सोच में बदलाव और अनूठे प्रयोग शामिल रहे हैं। जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि किस तरह जिले ने तकनीक और समाज को एक साथ जोड़ा। जहाँ एक ओर प्रभावी छिड़काव के लिए मशीनों को विशेष रूप से री-डिजाइन किया गया, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में बच्चों को जागरूक करने के लिए 'सांप-सीढ़ी' जैसे खेलों का सहारा लिया गया। सबसे महत्वपूर्ण कदम धार्मिक स्थलों और धर्मगुरुओं का सहयोग रहा, जिससे समाज के हर वर्ग तक छिड़काव और बचाव का संदेश पहुँचा।आंकड़ों में दर्ज हुई ऐतिहासिक उपलब्धि:विगत आठ वर्षों का रिकॉर्ड जिले की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। वर्ष 2018 में जहाँ कालाजार के 154 मामले सामने आए थे, वहीं निरंतर प्रयासों और कड़ी निगरानी के कारण यह संख्या वर्ष 2025 तक घटकर मात्र 04 रह गई है। यह गिरावट दर्शाती है कि जिला आठ वर्षों से लगातार उन्मूलन की स्थिति को बनाए रखने में सफल रहा है। मरीजों का नियमित फॉलो-अप और प्रभावित परिवारों को मच्छरदानी व कंबल जैसी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध
कराकर प्रशासन ने सुरक्षा का एक मजबूत चक्र तैयार किया है।कालाजार की सफलता अब फाइलेरिया उन्मूलन का बनेगी आधार:मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर न केवल पुरानी सफलताओं को सराहा, बल्कि भविष्य के लक्ष्य भी निर्धारित किए। उन्होंने फाइलेरिया मरीजों के बीच एमएमडीपी किट वितरित करते हुए इस बीमारी के खिलाफ भी निर्णायक जंग का आह्वान किया। डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि "कालाजार उन्मूलन हमारी सफलता है, और अब फाइलेरिया उन्मूलन हमारा संकल्प है।" अब जिले का लक्ष्य कालाजार के दौरान सीखे गए अनुभवों और बेस्ट प्रैक्टिसेज को फाइलेरिया अभियान में लागू करना है ताकि जिले को पूरी तरह व्याधि मुक्त बनाया जा सके।प्रेरणा का स्रोत बनेगी यह यात्रा:डॉ. नीला रमन यादव द्वारा प्रायोजित यह कॉफी टेबल बुक भविष्य की पीढ़ी के लिए एक धरोहर साबित होगी। इस पूरे अभियान में जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षकों का सामूहिक योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जनसहयोग से ही इतनी बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों को मात दी जा सकती है। यह यात्रा केवल आंकड़ों की कमी की नहीं, बल्कि सीतामढ़ी के सामूहिक आत्मविश्वास और स्वास्थ्य विभाग की कर्मठता की कहानी है।
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सराहा सीतामढ़ी का मॉडल: 'कालाजार उन्मूलन' की सफलता अब बनेगी 'फाइलेरिया मुक्ति' का आधार (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 20 जनवरी 2026*सीतामढ़ी:-बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दौरान सीतामढ़ी जिले की स्वास्थ्य उपलब्धियों का बारीकी से जायजा लिया। चंदौली, बेलसंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले द्वारा कालाजार उन्मूलन की दिशा में किए गए नवाचारों और अथक प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीतामढ़ी ने जिस तरह से कालाजार पर विजय प्राप्त की है, वह न केवल जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक अनुकरणीय मॉडल भी है।सफलता की गाथा कहती कॉफी टेबल बुक:मुख्यमंत्री के दौरे का मुख्य आकर्षण जिला भीबीडी कार्यालय द्वारा तैयार की गई कॉफी टेबल बुक “कालाजार उन्मूलन:एक सफर,नवाचार एवं सर्वोत्तम प्रथाएं”रही। मुख्यमंत्री ने इस पुस्तक के पन्नों में दर्ज जिले की संघर्ष यात्रा को देखा और समझा कि कैसे एक समय की बड़ी चुनौती रही इस बीमारी को अब खात्मे की कगार पर लाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडे ने भी इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए इसकी प्रति की मांग की। उन्होंने कहा कि सफलताओं को इस प्रकार लिपिबद्ध करना भविष्य के स्वास्थ्य अभियानों के लिए मार्गदर्शक का काम करेगा। नवाचार और जनभागीदारी से मिली बड़ी जीत:सीतामढ़ी की इस सफलता के पीछे केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि सोच में बदलाव और अनूठे प्रयोग शामिल रहे हैं। जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि किस तरह जिले ने तकनीक और समाज को एक साथ जोड़ा। जहाँ एक ओर प्रभावी छिड़काव के लिए मशीनों को विशेष रूप से री-डिजाइन किया गया, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में बच्चों को जागरूक करने के लिए 'सांप-सीढ़ी' जैसे खेलों का सहारा लिया गया। सबसे महत्वपूर्ण कदम धार्मिक स्थलों और धर्मगुरुओं का सहयोग रहा, जिससे समाज के हर वर्ग तक छिड़काव और बचाव का संदेश पहुँचा।आंकड़ों में दर्ज हुई ऐतिहासिक उपलब्धि:विगत आठ वर्षों का रिकॉर्ड जिले की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। वर्ष 2018 में जहाँ कालाजार के 154 मामले सामने आए थे, वहीं निरंतर प्रयासों और कड़ी निगरानी के कारण यह संख्या वर्ष 2025 तक घटकर मात्र 04 रह गई है। यह गिरावट दर्शाती है कि जिला आठ वर्षों से लगातार उन्मूलन की स्थिति को बनाए रखने में सफल रहा है। मरीजों का नियमित फॉलो-अप और प्रभावित परिवारों को मच्छरदानी व कंबल जैसी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराकर प्रशासन ने सुरक्षा का एक मजबूत चक्र तैयार किया है।कालाजार की सफलता अब फाइलेरिया उन्मूलन का बनेगी आधार:मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर न केवल पुरानी सफलताओं को सराहा, बल्कि भविष्य के लक्ष्य भी निर्धारित किए। उन्होंने फाइलेरिया मरीजों के बीच एमएमडीपी किट वितरित करते हुए इस बीमारी के खिलाफ भी निर्णायक जंग का आह्वान किया। डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि "कालाजार उन्मूलन हमारी सफलता है, और अब फाइलेरिया उन्मूलन हमारा संकल्प है।" अब जिले का लक्ष्य कालाजार के दौरान सीखे गए अनुभवों और बेस्ट प्रैक्टिसेज को फाइलेरिया अभियान में लागू करना है ताकि जिले को पूरी तरह व्याधि मुक्त बनाया जा सके।प्रेरणा का स्रोत बनेगी यह यात्रा:डॉ. नीला रमन यादव द्वारा प्रायोजित यह कॉफी टेबल बुक भविष्य की पीढ़ी के लिए एक धरोहर साबित होगी। इस पूरे अभियान में जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षकों का सामूहिक योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जनसहयोग से ही इतनी बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों को मात दी जा सकती है। यह यात्रा केवल आंकड़ों की कमी की नहीं, बल्कि सीतामढ़ी के सामूहिक आत्मविश्वास और स्वास्थ्य विभाग की कर्मठता की कहानी है।3
- गलती सिस्टम की, सज़ा शिक्षक को? दरमाहा स्कूल के 71 छात्रों का भविष्य दांव पर”** ऑपरेटर नहीं था, व्यवस्था फेल हुई सस्पेंशन समाधान नहीं #दरमाहा_माध्यमिक_विद्यालय #दरमाहा #कल्याणपुर #पूर्वी_चंपारण #71_छात्र #एडमिट_कार्ड_संकट #शिक्षा_व्यवस्था_फेल #सिस्टम_की_गलती #शिक्षक_नहीं_व्यवस्था_दोषी #सस्पेंशन_नहीं_सुधार #बिहार_शिक्षा #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1
- जयसिंगपुर गोकुल1
- Post by Santosh kumar1
- Post by Jitendar Kumar Jitendar Kumar1
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- हैलो दोस्तों1
- *अरविंद कुमार अनुमंडल अग्निक पदाधिकारी पकड़ीदयाल चनर देवी माई स्थान की कल 21 जनवरी 2026 को ढलाई कार्यक्रम को लेकर पंचायत वासियों से अपनी सहभागिता निभाने हेतु किया अपील।* *--सिरहा पंचायत भ्रमण के दौरान दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार कार्यालय में बैठक के दौरान ईश्वरीय शक्ति की हुई चर्चा, सिरहा पंचायत के वार्ड सदस्य त्रिभुवन पासवान ने कहा माता-पिता ही है भगवान।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सिरहाकोठी 20 जनवरी 2026 सिरहाकोठी:-पकड़ीदयाल अनुमंडल अग्निक पदाधिकारी श्री अरविंद कुमार ने दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार को बताया कि सिरहा पंचायत में स्थित चनर देवी माई स्थान पर बन रहे मंदिर का अंतिम ढलाई 21 जनवरी 2026 को संपन्न होगी। उन्होंने सिरहा पंचायत के सभी प्राणियों से निवेदन किया कि आप अपनी सहभागिता निभाने हेतु निश्चित रूप से चनर देवी माई स्थान पर जरूर पहुंचे। यह वही अरविंद कुमार अनुमंडल अग्निक पदाधिकारी हैं जिन्होंने मठिया के सतीबारी पोखरा पर मंदिर का निर्माण का इतिहास रचने का कार्य किया है। आज के दौर में एक तरफ कुछ ऐसे अधिकारियों के द्वारा भ्रष्टाचार जैसे घिनौने कार्य किया जा रहे हैं तो दूसरी तरफ अधिकारियों के श्रेणी में आने वाले अरविंद कुमार के द्वारा इस तरह का मंदिर बनवा कर अपनी एक अलग पहचान बनाने का मार्ग को अपनाया है जो काबिले तारीफ है। चनर देवी माई स्थान निर्माण के लिए पंचायत के स्टार से काफी प्रयास किया गया, किंतु सफलता नहीं मिली। तीन-तीन बार कमेटी बनी थी, तीनों कमेटी फेल हो गई। किंतु अरविंद कुमार दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार के संपादक रवि कुमार भार्गव के साथ एक बार उस स्थान पर पहुंचे और वह स्थान अरविंद कुमार के हृदय में विराजमान हो गया और वहां पर उन्होंने ग्रामीणों की पुनः बैठक बुलवाई और सफलता प्राप्त करते हुए आज मंदिर ढलाई कार्य तक पुरा हो गई। आज बैठक के दौरान ईश्वरीय चर्चा हुई जिसमें यह विषय वस्तु आया कि भगवान है या नहीं, इस पर सभी लोगों ने अपनी-अपने विचारधारा को रखा। किंतु त्रिभुवन पासवान सिरहा पंचायत के वार्ड सदस्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि मैं भगवान का दर्शन किया है। वह भगवान है मुझे जन्म देने वाले मेरे माता-पिता। इस पर दैनिक अध्ययन टाइम्स बिहार के संपादक रवि कुमार भार्गव ने हृदय से उन्हें प्रणाम करते हुए धन्यवाद अर्पित किया। माता-पिता से बड़ा भगवान कोई धरती पर मिला ही नहीं और ना ही मिलने वाला है। रवि कुमार भार्गव ने ईश्वरीय शक्ति का बखान किया और उदाहरण भी प्रस्तुत किया। बैठक में सिरहा पंचायत के विकास मित्र रामकिशोर कुमार राम, बी एल ओ संतोष कुमार चौधरी सिरहा पंचायत के वार्ड सदस्य त्रिभुवन कुमार समाजसेवी प्रैक्टिशनर डॉक्टर बिगन सहनी आदि लोगों ने अपनी अपनी विचारधारा को रखा। अनुमंडल अग्निक पदाधिकारी अरविंद कुमार पकड़ीदयाल ने पुनः अनुरोध करते हुए मंदिर की ढलाई कार्यक्रम में सहभागिता निभाने हेतु पंचायत वासियों एवं क्षेत्र वासियों से अपील किया। दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव ने अपने पंचायत वासियों से प्रार्थना किया कि आप सभी लोग मंदिर की छत ढलाई कार्यक्रम में निश्चित रूप से भाग लेकर अपनी सहभागिता निभाएं ताकि इसका इतिहास आने वाला पीढ़ी देख सके। रवि कुमार भार्गव ने अनुमंडल अग्निक पदाधिकारी अरविंद कुमार के द्वारा इस तरह का पुनीत कार्य किए जाने को लेकर कहा कि आप जो कार्य कर रहे हो यह आपके भविष्य का उज्जवल संकेत है और आप ऊंचे दर्जे तक पहुंच कर जन जन की सेवा कर अपने इतिहास बनाने का कार्य करेंगे।1