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छत्तीसगढ़ के राजपुर में आयोजित कांग्रेस सम्मेलन में टी.एस. सिंहदेव ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा है। सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का अनुभव ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है।
Pradesh Khabar News Network
छत्तीसगढ़ के राजपुर में आयोजित कांग्रेस सम्मेलन में टी.एस. सिंहदेव ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा है। सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का अनुभव ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है।
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- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आसमान में पूरी तरह से घने बादल छाए हुए हैं और चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ है। इस घने बादलों के घेरे को देखकर दिन में ही अंधेरा सा महसूस हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद आज बारिश होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पटना क्षेत्र में एक छोटे बच्चे द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का मामला सामने आया है। यह छोटा बच्चा व्यवस्था में फैले करप्शन का पूरा पिटारा खोल रहा है। जहां आम जनता जुर्म को चुपचाप सहन कर रही है, वहीं इस मासूम बच्चे से यह सब बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने इसके खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। शासन और प्रशासन का असली चेहरा सबके सामने उजागर करने के लिए "बोलने दीजिए साहब, बोलने दीजिए" की पुरजोर मांग की जा रही है।1
- बलरामपुर के जिमराजपुर बलरामपुर मार्ग पर जिगड़ी के महान नदी के पास सड़क खराब होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 343 (NH 343) पर घंटों तक जाम लगा रहा। इस मार्ग पर सड़क की जर्जर स्थिति की वजह से यातायात बाधित हुआ और लोगों को लंबे समय तक जाम से जूझना पड़ा।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कलिया में एक कलयुगी बेटे द्वारा अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के संबंध में मृतक के 30 वर्षीय बेटे अजय कुमार नाग ने 16.07.26 को नारायणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अजय ने बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ खेत में काम करने गया था, जबकि घर पर उसके माता-पिता और उसका अविवाहित बड़ा भाई पूना राम नाग (35 वर्ष) मौजूद थे। शाम करीब 4:00 बजे अजय को उसके बड़े पिताजी के बेटे ने खेत में आकर सूचना दी कि बड़े भाई पूना राम ने पिता बंधु नाग (52 वर्ष) की लकड़ी की फाड़ी से मारकर हत्या कर दी है। जब अजय अपने परिवार के साथ घर पहुंचा, तो उसने देखा कि उसके पिता का शव आंगन में पड़ा हुआ था और उनके सिर से खून बह रहा था। पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी ने बताया कि आरोपी पूना राम शराब के नशे में धुत होकर घर आया था। जब उसके पिता ने उसे काम-धाम नहीं करने को लेकर टोकते हुए कुछ कहा, तो वह विवाद करने लगा। इसी दौरान अत्यधिक आवेश में आकर पूना राम ने आंगन में पड़ी लकड़ी की फाड़ी उठाई और अपने पिता के सिर व कनपटी पर जोरदार हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट के आधार पर नारायणपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया, शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया और आरोपी पूना राम नाग को हिरासत में ले लिया। आरोपी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लकड़ी की फाड़ी को भी जब्त कर लिया है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। जशपुर के डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने मामले की पुष्टि की है। इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी नारायणपुर निरीक्षक कोमल सिंह नेताम, पीएसआई संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक पुरन पटेल, आरक्षक कुलदीप खलखो, नगर सैनिक ओम प्रकाश और वीरेन्द्र भगत की मुख्य भूमिका रही।2
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी में द्रोणाचार्य दुबे को चिरमिरी खड़गवां पत्रकार संघ का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।1
- संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने संसद को लोकतंत्र का मंदिर और सबसे बड़ा मंच बताते हुए कहा कि यहाँ होने वाली सकारात्मक चर्चा देश के विकास तथा 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को नई दिशा देती है। इस मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही अब सभी की नजरें सत्र के दौरान होने वाली महत्वपूर्ण बहसों और सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले अहम विधेयकों पर टिक गई हैं।1
- जशपुर जिले के अजाक थाना में ग्राम टुकूपखना, थाना पत्थलगांव निवासी प्रार्थी संजय बड़ा और उनके परिवार की लिखित शिकायत पर 17 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक, प्रार्थी का परिवार अपनी पैतृक भूमि पर धान की खेती कर जीवन-यापन करता है, जिस पर आरोपियों ने अवैध कब्जा करने की कोशिश की है। घटना 17 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 10:00 बजे की है, जब आरोपी कुदाल, लाठी और अन्य हथियारों से लैस होकर जबरन खेत में घुस आए। आरोपियों ने जातिसूचक गाली-गलौज करते हुए प्रार्थी के परिवार को खेत से बाहर खदेड़ दिया और दो ट्रैक्टरों से खेत में खड़ी धान की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। प्रार्थी की माता ने जब इसका विरोध किया, तो उनके साथ भी मारपीट की गई और उन्हें धक्का देकर नीचे गिरा दिया गया। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची प्रार्थी की बहन के साथ आरोपियों ने अश्लील हरकत करते हुए छेड़छाड़ की और बलात्कार की धमकी देकर उसे जबरन घसीटने का प्रयास किया। प्रार्थी द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपियों ने जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे जान से मारने की धमकी भी दी। प्रार्थी की इस शिकायत पर पुलिस ने आरोपी भगवानों यादव, प्रेमचंद, नरेन्द्र यादव, पदमन, दिलबंधु, जगबंधु, नवीन यादव, बिछी यादव, दसई यादव और सरपंच गरीब साय के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 189, 191, 329, 324, 115, 74, 351(2), 351(3) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। जशपुर पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- छत्तीसगढ़ में 15 जुलाई 2026 को नागपुर से लौटते समय देवरी गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दौरान वहां से गुजर रहीं रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट राजनांदगांव की प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू ने अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत परिचय दिया। हाईवे पर दुर्घटना देखकर उनकी गाड़ी आगे निकल चुकी थी, लेकिन उन्होंने बिना देर किए अपना वाहन वापस मोड़ा और तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। हादसे वाली जगह पर चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था, घायल लोग चीख-पुकार रहे थे और भारी जाम लगा हुआ था। तरुणा साहू ने अपने स्टाफ के साथ मिलकर बिना वक्त गंवाए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने सबसे पहले ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु कराया ताकि एंबुलेंस बिना किसी बाधा के मौके पर पहुंच सके और फिर घायलों को तत्काल देवरी अस्पताल भिजवाया। इसके बाद उन्होंने खुद अस्पताल जाकर डॉक्टरों से घायलों का जल्द से जल्द इलाज शुरू करने का विशेष अनुरोध भी किया। जब उन्हें पता चला कि दुर्घटना का शिकार हुआ परिवार राजनांदगांव का ही रहने वाला है, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी केवल अस्पताल पहुंचाने तक सीमित नहीं रखी। उन्होंने पीड़ित परिवार का सारा सामान अपनी ही गाड़ी से सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई। वर्तमान में कुछ घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। संकट की इस घड़ी में तरुणा साहू ने साबित किया कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का ही नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सेवा का भी प्रतीक है। रेलवे में अपनी ड्यूटी निभाने के साथ-साथ पंडवानी कला के जरिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को देश भर में पहचान दिलाने वाली तरुणा साहू का यह मानवीय कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।1